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बोकारो में 47 किलो गांजा बरामद:नया मोड़ बस स्टैंड से जब्त, बस...

बोकारो पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नया मोड़ बस स्टैंड से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर लगभग 47 किलोग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 5 से 6 लाख रुपए है। इस मामले में शामिल तस्करों की तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, 9 मई की शाम पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा को सूचना मिली थी कि बीएस सिटी थाना क्षेत्र स्थित नया मोड़ बस स्टैंड से बस के जरिए गांजे की एक बड़ी खेप बिहार भेजी जाने वाली है। विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया सूचना मिलते ही एसपी के निर्देश पर सिटी डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने नया मोड़ बस स्टैंड स्थित पवनसुत बस पड़ाव के चबूतरे पर संदिग्ध अवस्था में रखे दो प्लास्टिक के बोरों की तलाशी ली। सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने बताया कि जांच के दौरान दोनों बोरों से 47 पैकेट में बंधा लगभग 47 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, तस्कर इसे बस के माध्यम से बिहार भेजने की तैयारी में थे। इस मामले में बीएस सिटी थाना में कांड संख्या 89/26 दर्ज करते हुए एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b)(ii)(C) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान दो संदिग्ध तस्करों के नाम सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। Source link

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गर्मी में ठंडी, सर्दी में गर्म! बोकारो मेले में बनारसी खेतान सिल्क...

Last Updated:May 11, 2026, 13:40 IST Bokaro Swadeshi Craft Banarasi Sarees: बोकारो के एलआईसी मैदान में स्वदेशी शिल्प महोत्सव लगा है. यहां साड़ियों की बहुत सी रेंज है जिसमें खासतौर पर वाराणसी की बनारसी साड़ियां काफी पसंद की जा रही हैं. इनमें कई सारी वैरायटी हैं जो हर किसी की बजट में फिट हो सकती हैं. ख़बरें फटाफट बोकारो. सुहाग और पवित्रता का प्रतीक माने जाने वाला वट सावित्री पर्व महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है. इस अवसर पर महिलाएं सज-धज कर पूजा करती हैं. ऐसे में अगर आप अपनी पत्नी को वट सावित्री के मौके पर खूबसूरत बनारसी साड़ी गिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं, तो बोकारो के सेक्टर-4 स्थित एलआईसी मैदान में आयोजित स्वदेशी शिल्प महोत्सव मेले में आपके लिए शानदार कलेक्शन देखने को मिलेगा. महिलाओं को आ रही पसंदउत्तर प्रदेश के बनारस से आए विक्रेता संघर्ष तिवारी बताते हैं कि वे बनारसी साड़ियों का आकर्षक कलेक्शन लेकर पहुंचे हैं. उनके पास 1000 रुपये में ट्रेडिशनल बनारसी साड़ियां उपलब्ध हैं, जो अपने खूबसूरत रंग, हाथों की बारीक कारीगरी और बेहतरीन रेशमी क्वालिटी के लिए प्रसिद्ध हैं. इन साड़ियों का डिजाइन और लुक इतना आकर्षक है कि महिलाओं को यह सबसे अधिक पसंद आ रहा है. गर्मियों के लिए खास साड़ीवहीं गर्मियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए यहां सिंपल और सोबर डिजाइन वाली साड़ियों के साथ-साथ बारीक बूटी और आकर्षक डिजाइन वाली साड़ियां भी उपलब्ध हैं. इनकी कीमत करीब 2850 रुपये से शुरू होती है. ये साड़ियां देखने में बेहद यूनिक और स्टाइलिश लगती हैं, जो किसी खास फंक्शन और रोजाना पहनने के लिए भी बेहतर विकल्प हैं. सर्दी में गर्म, गर्मी में ठंडीइसके अलावा यहां प्रीमियम रेंज में खास तौर पर बनारसी खेतान सिल्की साड़ियों का भी शानदार कलेक्शन मौजूद है. इन साड़ियों में असम के मूंगा रेशम का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे ये सर्दियों में गर्म और गर्मियों में ठंडी महसूस होती हैं. ये पहनने में भी काफी आरामदायक होती हैं. इनकी सबसे खास बात यह है कि इन्हें आयरन करने की जरूरत नहीं पड़ती और धोने के बाद भी ये सिकुड़ती नहीं हैं. इन साड़ियों की कीमत 5000 रुपये से शुरू है. वर्तमान में रोजाना यहां करीब 50 से 60 साड़ियों की बिक्री हो रही है. लोगों में बनारसी साड़ियों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. वहीं उनकी दुकान का संचालन 7 जून तक किया जाएगा, जहां ग्राहक सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक खरीदारी कर सकते हैं. हर खरीदारी पर 20% तक का अतिरिक्त डिस्काउंट भी दिया जा रहा है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

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पलामू फोरलेन पर हादसा, शिक्षक की पत्नी की मौत:मेदिनीनगर-रांची मार्ग पर तेज...

पलामू में मेदिनीनगर-रांची फोरलेन पर रविवार रात हुए एक सड़क हादसे में एक शिक्षक की पत्नी की मौत हो गई। मृतका की पहचान सतबरवा थाना क्षेत्र के बारी गांव स्थित मिडिल स्कूल के शिक्षक मो. अशरफ अंसारी की पत्नी नसीमा खातून के रूप में हुई है। यह हादसा जोरकट टोल नाका के पास उस समय हुआ, जब शिक्षक अपनी पत्नी और पांच वर्षीय बेटी के साथ बाइक से अपने गांव झाबर लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार, पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार अनियंत्रित बुलेट बाइक ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। सिर में गंभीर चोट लगने से हुई मौत टक्कर इतनी भीषण थी कि नसीमा खातून उछलकर डिवाइडर से जा टकराईं। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शिक्षक मो. अशरफ अंसारी को पैर में हल्की चोटें आईं, जबकि उनकी पांच वर्षीय बेटी सुरक्षित बच गई। बेटी को शिक्षक ने गमछे से कमर में बांध रखा था। मो. अशरफ परिवार के साथ चैनपुर के शाहपुर में बन रहे अपने नए मकान का काम देखने गए थे और रविवार शाम को लौट रहे थे। सदर थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बुलेट बाइक को जब्त कर लिया है। बताया जा रहा है कि टक्कर मारने वाला युवक शहर के एक व्यवसायी का पुत्र है, जिसे भी चोटें आई हैं। मृतका के शव का सोमवार को पोस्टमार्टम कराया गया। नसीमा खातून अपने पीछे 12, 8 और 5 वर्ष के तीन बच्चों को छोड़ गई हैं। Source link

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रिटायर्ड कर्मी ने की परिवार के तीन सदस्यों की हत्या:पत्नी, गर्भवती बेटी...

जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह तिहरे हत्याकांड का मामला सामने आया है। टाटा स्टील के एक रिटायर्ड कर्मचारी ने अपनी पत्नी, गर्भवती बेटी और बेटे की धारदार हथियार से हत्या कर दी। यह घटना एग्रिको रोड नंबर-2 स्थित क्वार्टर संख्या एल5-13 में हुई। मृतकों की पहचान 55 वर्षीय सरिता सिंह, 31 वर्षीय सुप्रिया सिंह और अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। सुप्रिया शादीशुदा थीं और करीब तीन महीने की गर्भवती थी। पुलिस ने घटनास्थल से आरोपी को लिया हिरासत में यह घटना सोमवार तड़के करीब 4 बजे हुई। आरोपी रविंद्र सिंह ने वारदात को अंजाम देने के बाद खुद पुलिस को फोन कर सूचना दी। सिदगोड़ा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने पर कमरे में चारों ओर खून फैला हुआ था और आरोपी वहीं मौजूद था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। रविवार रात तक परिवार में सब कुछ सामान्य था स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों के अनुसार, रविवार रात तक परिवार में सब कुछ सामान्य था। देर रात तक परिवार के सदस्यों से बातचीत हुई थी और किसी विवाद की कोई जानकारी नहीं मिली थी। इस अचानक हुई घटना से सभी हैरान हैं। जानकारी के मुताबिक, आरोपी रविंद्र सिंह हाल ही में टाटा स्टील से रिटायर हुए थे। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। Source link

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डायनासोर और जलपरी ने मचाया धमाल… बच्चे हुए दीवाने, रांची में लगा...

Last Updated:May 11, 2026, 05:47 IST Ranchi Jurassic Park Mela: रांची के धुर्वा शहीद मैदान में जुरासिक पार्क मेला, नकली डायनासोर और जलपरी की वजह से मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यहां एंट्री फीस 30 रुपये है. इसके अलावा जलपरी शो 100 रुपये में आप देख सकते हैं. बता दें कि यह मेला 10 दिनों तक लगेगा. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची में खासतौर पर बच्चों के लिए जुरासिक पार्क मेला लगाया गया है. इस मेले की खास बात यह है कि यहां पर कई सारे जानवर देखने को मिलेंगे और यह जानवर चलते भी हैं. एक नजर में देखकर आपको लगेगा की ओरिजिनल हैं और बच्चों के बीच काफी एक्साइटमेंट बना हुआ है. रांची में ऐसा पहली बार हुआ है कि कोई जानवर बच्चों को मनोरंजन कर रहा है. आइये जानते हैं इस पार्क के बारे में रांची के जुरासिक पार्क मेले में डायनासोर से लेकर एनाकोंडा और कई दुर्लभ प्रजाति के नकली जानवर जो दिखने में बिल्कुल असली और चलते-फिरते नजर आ रहे हैं, लेकिन यहां पर जो सबसे सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बना हुआ है, वह है जलपरी. जी हां! लोग इसको देखने के लिए ₹100 खर्च कर रहे हैं. एकदम ओरिजिनल पानी के अंदर कई सारे करतब दिखाते हुए नजर आ रही है. जलपरी बनी बच्चों का फेवरेट यहां पर आपको 8 फीट गहरा पानी देखने को मिलेगा और यहां पर दो जलपरी आपको एंटरटेन करते हुए नजर आएगी. आपको लगेगा कि आप सपनों की दुनिया में आ गए है. यहां पर घुसने का तरीका भी बड़ा ही दिलचस्प है. आप घुसेंगे तो लगेगा आप गुफा में आ गए है. यहां पर झरना, पेड़, पहाड़, जानवर सब कुछ देखने को मिलेगा. गुफा और सुरंग से होते हुए जलपरी तक जाने का रास्ता है. यहां बच्चों के लिए हैं अनोखे झूले इसे देखने के लिए आपको ₹100 खर्च करने पड़ेंगे. इसके अलावा यहां पर बच्चे जलपरी के साथ सेल्फी ले रहे हैं. इतना ही नहीं, यहां पर आपको कई सारे झूले भी देखने को मिलेंगे. 360 डिग्री झूला, बिजली झूला, डिस्को डांस व कई तरह के हेलीकॉप्टर, जंपिंग, मिकी माउस. यानी की 5 साल के बच्चे से लेकर बड़ों के लिए यहां पर झूले मौजूद हैं. जानें कैसे आ सकते हैं यहां पार्क यहां आने के लिए आपको सबसे पहले धुर्वा का शहीद मैदान आना होगा. यहां पर यह मेला लगा हुआ है. अभी यह मेला आने वाले 10 दिनों तक लगा रहेगा. यहां पर इंट्री फीस ₹30 है और पार्किंग शुल्क भी ₹30 है. जंगल और जलपरी देखने का ₹100 चार्ज है. अंदर खाने पीने का भी बढ़िया इंतजाम है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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निशुल्क चिकित्सा शिविर में 52 लोग हुए लाभान्वित

लोहरदगा|जिला सेवा भारती के द्वारा चुन्नीलाल स्कूल परिसर में लगातार 204वें सप्ताह निशुल्क स्वास्थ्य व चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ जिला अध्यक्ष दीपक सर्राफ, हड्डी व नस के विशेषज्ञ डॉ. मृत्युंजय कुमार, सचिव संजय चौधरी व राजेश गुप्ता ने भारत माता की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित व पुष्पअर्पित कर किया। शिविर में 52 लोगों ने अपने स्वास्थ्य से संबंधित जांच कराकर लाभान्वित हुए। वहीं शिविर में हीमोग्लोबिन, यूरिक एसिड, ब्लड ग्रुप, ब्लड शुगर, बीपी, वजन, हार्टबीट व ऑक्सीजन लेवल जैसी महत्वपूर्ण जांच को गई। इसके अलावा अन्य सभी जटिल जांचें आधे खर्च पर कराई गई। जिला अध्यक्ष ने कहा कि हम सभी का एक ही उद्देश्य है हर जरूरतमंदों तक सेवा पहुंचना। नर सेवा ही नारायण सेवा है। डॉ. मृत्युंजय कुमार चक्रवर्ती ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग नहीं रहते। मौके पर अतुल सर्राफ, शंभू शर्मा, अंजलि सर्राफ, शोभा देवी, राजेश गुप्ता, हेमंत प्रजापति, मो. सोनू, अशोक अग्रवाल, श्याम महतो, सीमा देवी, कांति देवी, शोभा देवी, मेरी देवी, सच्चिदानंद अग्रवाल, शिमला देवी, अमृत देवी, हरि उरांव, सत्यप्रकाश कुमार, वीरेंद्र सहदेव, संध्या देवी, राजेश गुप्ता, रामजी प्रसाद, अशोक अग्रवाल, मीना देवी, शंभू सिंह, उदय कसेरा, दीपिका साहू, राजेश साहू, प्रभा देवी, राजेश अग्रवाल, रमेश शर्मा, प्रकाश गुप्ता, तपेश्वर अग्रवाल, किशोर अग्रवाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे। Source link

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पारंपरिक स्वशासन और सरना धर्म संरक्षण पर जोर

भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा, जिले के सभी पहान, महतो व पूजारों की वार्षिक कार्यशाला रविवार को झखरा कुम्बा सभागार में आयोजित की गई। कार्यशाला में पेसा कानून, ग्राम सभा की शक्तियों, आदिवासी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था तथा धार्मिक-सांस्कृतिक संरक्षण के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता पूर्व पंचायती राज निदेशक सह आयकर आयुक्त निशा उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज अपनी मूल सामाजिक परंपराओं, धार्मिक प्रथाओं और कस्टमरी लॉ से जुड़ा हुआ है। ग्राम सभा केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि आदिवासियों के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्र भी है। उन्होंने कहा कि पेसा कानून ग्राम सभा को विशेष अधिकार प्रदान करता है तथा संविधान और पेसा कानून आदिवासी रूढ़िजन्य कानूनों को मान्यता देता है। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान, हातू मुंडा, पड़हा राजा समेत पारंपरिक पदधारियों की जिम्मेदारी रीति-रिवाज, धर्म और परंपराओं की रक्षा करना है। सरना धर्म, जतरा और देसावली पूजा, देवी पूजा, हड़गड़ी पूजा एवं डांगरी पूजा जैसी पारंपरिक पूजा-पद्धतियों को संरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक आदिवासी धार्मिक पदों पर धर्मांतरित व्यक्तियों को नहीं रहना चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 25, 26 एवं 29 तथा पेसा कानून की धारा 4(घ) और पेसा नियमावली धारा 23(1) के तहत ग्राम सभा सामाजिक एवं धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिए निर्णय ले सकती है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि यदि पहान धर्मांतरण कर लेता है तो वह धार्मिक दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से नहीं कर पाएगा। पहनाई भूमि समुदाय सेवा, खेती और धार्मिक कार्यों के लिए दी जाती है, यह किसी की निजी संपत्ति नहीं होती। इस दौरान जालेश्वर उरांव ने पेसा नियमावली पर चर्चा करते हुए कहा कि जिले के पहान, पूजार और महतो की पारंपरिक शक्तियों को कमजोर किया गया है। उन्होंने कहा कि मौजा, थाना नंबर और अंचल के पंजी-2 में पारंपरिक व्यवस्था दर्ज होने के बावजूद सीमांकन और मान्यता को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। भूमि वापसी के मामलों में भी अनियमितता का आरोप लगाया गया। कार्यशाला में निर्णय लिया गया कि पेसा नियमावली के विभिन्न बिंदुओं का अध्ययन कर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आंदोलन चलाने की बात कही गई। कार्यक्रम में राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा जिला समिति, परंपरा स्वशासन पड़हा के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी उपस्थित थे। Source link

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IIT-ISM धनबाद से MBA करने का मौका, नौकरी के साथ घर बैठे...

Last Updated:May 11, 2026, 05:58 IST IIT-ISM धनबाद ने कामकाजी पेशेवरों के लिए दो वर्षीय ‘एक्जीक्यूटिव एमबीए’ सत्र 2026-28 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इसकी कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी, जिससे नौकरी के साथ पढ़ाई संभव होगी. इच्छुक अभ्यर्थी 31 मई तक आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं. चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा. ख़बरें फटाफट IIT-ISM धनबाद धनबाद: यदि आप कामकाजी पेशेवर हैं और अपनी नौकरी के साथ-साथ प्रबंधन की बारीकियों को सीखना चाहते हैं, तो देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT-ISM धनबाद ने आपके लिए रास्ते खोल दिए हैं. संस्थान ने सत्र 2026–28 के लिए अपने एक्जीक्यूटिव एमबीए कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं. वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए खास डिजाइनप्रबंधन अध्ययन एवं औद्योगिक अभियंत्रण विभाग के अध्यक्ष प्रो. संदीप मंडल ने बताया कि यह दो वर्षीय (चार सेमेस्टर) कार्यक्रम विशेष रूप से अधिकारियों, उद्यमियों और सेवारत पेशेवरों के लिए तैयार किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य पेशेवरों में नेतृत्व क्षमता, रणनीतिक निर्णय लेने की समझ और आधुनिक प्रबंधन कौशल विकसित करना है. ऑनलाइन क्लास और फ्लेक्सिबल टाइमिंगनौकरीपेशा लोगों की व्यस्तता को देखते हुए इस कोर्स की कक्षाएं ऑनलाइन मोड में संचालित की जाएंगी: बुधवार से शनिवार: शाम 7:00 बजे से रात 9:50 बजे तक. रविवार: सुबह 10:00 बजे से शाम 5:50 बजे तक. हालांकि, मिड-सेमेस्टर और एंड-सेमेस्टर परीक्षाएं ऑफलाइन होंगी, जिसके लिए धनबाद, कोलकाता और दिल्ली में केंद्र बनाए जाएंगे. चयन प्रक्रिया प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को IIT-ISM द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा देनी होगी, जिसमें प्रबंधकीय क्षमता और सामान्य जागरूकता का परीक्षण किया जाएगा। लिखित परीक्षा में सफल होने वालों को ऑनलाइन इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। महत्वपूर्ण तिथि आवेदन की अंतिम तिथि – 31 मई 2026 लिखित परीक्षा – 14 जून 2026 ऑनलाइन साक्षात्कार – 16 और 17 जून 2026 परिणाम (संभावित) – 03 जुलाई 2026 नामांकन प्रक्रिया – 06 से 13 जुलाई 2026 कक्षाएं शुरू – 25 जुलाई 2026 कितनी सीटें उपलब्ध?इस कार्यक्रम में कुल 100 सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें भारत सरकार के आरक्षण नियमों का पालन किया जाएगा. संस्थान की प्रतिष्ठा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूर्व में कोल इंडिया, सेल, टाटा स्टील, रेलवे, ओएनजीसी, एसबीआई और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों के अधिकारी यहाँ से ट्रेनिंग ले चुके हैं. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Dhanbad,Jharkhand Source link

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दो साल बाद जेल से बाहर आएंगे आलमगीर आलम:टेंडर कमीशन घोटाला में...

टेंडर कमीशन घोटाला मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम दो साल बाद जेल से बाहर आएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। आज सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जस्टिस एम एम सुंदरेश्वर और जस्टिस एन कोटीश्वर सिंह की बेंच में जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। इससे पहले उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी थी। जिसे 11 जुलाई 2025 को जमानत याचिका को खारिज करते हुए उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलमगीर आलम हेमंत सोरेन की पूर्ववर्ती सरकार में ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री थे। Source link

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पटरियों पर लेटा युवक; मालगाड़ी से कटकर गई जान..VIDEO:पलामू के युवक को...

पलामू जिले के डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन पर एक युवक ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान चैनपुर थाना क्षेत्र के पूर्वडीहा गांव निवासी 30 वर्षीय रंजीत कुमार दुबे के रूप में हुई है। वह हरेंद्रनाथ दुबे का इकलौता बेटा था। घटना रविवार की है। सुसाइड करने का वीडियो अब सामने आया है। जानकारी के अनुसार, रंजीत रविवार सुबह घर से निकले और स्टेशन पहुंचे। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर कुछ देर खड़े रहने के बाद करीब 10:30 बजे उन्होंने अप लाइन पर आ रही मालगाड़ी को देखा। जैसे ही ट्रेन नजदीक आई। वह प्लेटफॉर्म से उतरकर ट्रैक पर चले गए। पहले कुछ देर खड़े रहे, फिर पटरी पर सिर रखकर लेट गए। प्लेटफॉर्म के छोर पर होने के कारण कोई भी समय रहते उन्हें बचा नहीं सका। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। CCTV में कैद हुई पूरी घटना इस पूरी घटना का वीडियो रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। हादसे के तुरंत बाद रेलवे सुरक्षा बल की टीम मौके पर पहुंची। रंजीत को उठाकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इधर, परिजन रात तक उनकी तलाश करते रहे। बाद में घटना की जानकारी मिलने पर वे एमएमसीएच पहुंचे और शव की शिनाख्त की। आज पोस्टमार्टम कराया गया। नौकरी नहीं मिलने से डिप्रेशन में था परिजनों के अनुसार, रंजीत कुमार दुबे पढ़ाई में काफी अच्छे थे। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय तथा संत जेवियर कॉलेज, रांची से शिक्षा प्राप्त की थी। बावजूद इसके उन्हें स्थायी नौकरी नहीं मिल पाई। जिससे वे काफी समय से मानसिक तनाव में थे। बताया गया कि वर्ष 2018 में भी उन्होंने ट्रेन से कटकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हुए थे। कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उनकी जान बची थी। इस बार उन्होंने फिर वही कदम उठाया और अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। Source link

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