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जमीन के लालच में बेटे-बहू ने की पिता की हत्या:आरोपी गिरफ्तार, बेटियों...

चतरा जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के लारालुटुदाग गांव में जमीन के विवाद को लेकर एक बेटे और बहू ने अपने पिता की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दंपती को 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान कुलेश्वर यादव उर्फ कुली यादव के रूप में हुई है। आरोप है कि उनके बेटे भोला यादव और बहू पूनम देवी के साथ जमीन को लेकर लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था। रविवार रात करीब 10 बजे यह विवाद बढ़ गया, जिसके बाद घर के अंदर ही हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। सिर और शरीर पर कई वार किए पुलिस के अनुसार, भोला और पूनम ने अन्य लोगों के साथ मिलकर पहले कुलेश्वर यादव का गला दबाया। इसके बाद, पास पड़ी लोहे की पाइप से उनके सिर और शरीर पर कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही चतरा पुलिस हरकत में आई और महज 12 घंटे के भीतर आरोपी बेटे और बहू को गिरफ्तार कर लिया। सदर एसडीपीओ संदीप कुमार सुमन ने इस हत्याकांड का खुलासा किया। बेटियों की शादी के लिए जमीन बेचना चाहते थे पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि विवाद की मुख्य वजह जमीन थी। मृतक कुलेश्वर यादव ने दो विवाह किए थे। उनकी पहली पत्नी से एक बेटा (आरोपी भोला) था, जबकि दूसरी पत्नी से तीन बेटियां हैं। कुलेश्वर यादव अपनी बेटियों की शादी के लिए जमीन का एक हिस्सा बेचना चाहते थे, जिस पर बेटा और बहू आपत्ति जता रहे थे। उन्हें डर था कि संपत्ति उनके हाथ से निकल जाएगी। इसी लालच में अंधे होकर उन्होंने अपने पिता को ही रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। Source link

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किसानों के लिए मुनाफे वाली खेती, G9 केले की करें खेती, 1...

होमफोटोकृषि किसानों के लिए मुनाफे वाली खेती, G9 केले की करें खेती, लाखों में होगी कमाई Last Updated:May 11, 2026, 17:54 IST Banana Cultivation Best Variety: झारखंड और बिहार जैसे कृषि प्रधान इलाकों में खेती-बाड़ी आज भी बड़ी आबादी की आजीविका का मुख्य सहारा है. खासकर देवघर जैसे क्षेत्रों में अधिकांश किसान पारंपरिक तरीके से खेती करते आए हैं. हालांकि, समय के साथ खेती की लागत बढ़ी है और पारंपरिक फसलों से होने वाली आमदनी कई बार किसानों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पाती. ऐसे में अब किसानों के बीच बदलाव की सोच विकसित हो रही है. कई किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ नए प्रयोग कर रहे हैं. कोई जल्दी तैयार होने वाली फसलों की ओर बढ़ रहा है, तो कोई लंबी अवधि में ज्यादा मुनाफा देने वाली बागवानी की तरफ रुख कर रहा है. खाली पड़ी जमीन पर आम, अमरूद और अन्य फलदार पौधों की खेती भी तेजी से बढ़ रही है. इसी कड़ी में केले की बागवानी किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रही है. लेकिन अक्सर किसानों के मन में यह सवाल रहता है कि उनके इलाके की मिट्टी और मौसम के हिसाब से कौन-सी केले की किस्म सबसे ज्यादा लाभदायक होगी. इस विषय पर देवघर के कृषि विशेषज्ञ वकील यादव बताते हैं कि झारखंड में सबसे ज्यादा सफल और लोकप्रिय किस्म G9 (ग्रैंड नैन) है. यह किस्म खास तौर पर किसानों के लिए फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि इसमें रोगों से लड़ने की क्षमता ज्यादा होती है और यह ऊंचे तापमान को भी आसानी से सहन कर लेती है. यही कारण है कि गर्मी के मौसम में भी इसकी खेती अच्छी तरह हो जाती है. Add News18 as Preferred Source on Google G9 केले की एक और खासियत यह है कि इसमें पानी की जरूरत अपेक्षाकृत कम होती है, जिससे उन किसानों को भी फायदा होता है जिनके पास सिंचाई की सीमित सुविधा है. एक पौधे में अच्छी संख्या में घने फल (घौंध) निकलते हैं, जिससे उत्पादन ज्यादा होता है और किसान को बेहतर आमदनी मिलती है. केले की मांग सालभर बनी रहती है, चाहे वह ताजा फल के रूप में हो या फिर किसी प्रोसेस्ड उत्पाद के रूप में. इसलिए इसकी खेती बाजार के लिहाज से भी सुरक्षित मानी जाती है. इसके अलावा किसान नेंद्रन, कारपुरावल्ली और ड्वार्फ (छोटे कद वाले) किस्म जैसे अन्य वैरायटी भी लगा सकते है. जो अलग-अलग उपयोग और बाजार की मांग के हिसाब से फायदेमंद साबित हो सकती हैं. केले की खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें वैल्यू एडिशन की भी काफी संभावनाएं हैं. किसान केले से चिप्स, केला पाउडर, सूखे केले (अंजीर की तरह), और अन्य उत्पाद बनाकर बाजार में बेच सकते हैं, जिससे उनकी आमदनी कई गुना बढ़ सकती है. अगर लागत और मुनाफे की बात करें, तो एक एकड़ में G9 केले की खेती पर लगभग 40 से 45 हजार रुपये तक का खर्च आता है. वहीं सही देखभाल और प्रबंधन के साथ किसान करीब 1.5 लाख से 2 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा सकते हैं. इसमें अच्छी गुणवत्ता के पौधे, समय पर खाद और सिंचाई, तथा रोग-कीट नियंत्रण का ध्यान रखना जरूरी होता है. जब भी केला की बागवानी करें तो क्यारी बनाकर एक सीधी लाइन में करें, इससे आपका जगह की भी बचत होगी. Source link

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रामगढ़ पुलिस ने अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया:दो गिरफ्तार, भारी मात्रा...

रामगढ़ पुलिस ने गोला थाना क्षेत्र के उपर खखरा टोला, पत्थलगढ़ा में एक अवैध विदेशी शराब निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, साथ ही भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब और उसके निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री बरामद की गई है। पुलिस अधीक्षक, रामगढ़ को गुप्त सूचना मिली थी कि गोला थाना अंतर्गत ग्राम-उपर खखरा टोला, पत्थलगढ़ा में एक बंद घर में अवैध विदेशी शराब का निर्माण और भंडारण कर आसपास के क्षेत्रों में उसकी तस्करी की जा रही है। इस सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक ने पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, रामगढ़, श्री चंदन वत्स के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। गठित एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त स्थान पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान अवैध विदेशी शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री में संलिप्त दो व्यक्तियों को पकड़ा गया। इनकी पहचान मनोज मुर्मू (उम्र लगभग 26 वर्ष), पिता भगतु मांझी, ग्राम-ऊपर खखरा टोला, पत्थलगढ़ा, थाना-गोला और भदरू सिंह (उम्र लगभग 42 वर्ष), पिता श्री शंभु सिंह, ग्राम-चोपादारू, थाना-गोला, जिला-रामगढ़ के रूप में हुई है। पकड़े गए व्यक्तियों की निशानदेही पर तीन घरों में छापेमारी की गई। इन छापों में भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब, शराब बनाने से संबंधित सामग्री और अन्य उपकरण बरामद किए गए। आरोपी अवैध रूप से शराब का निर्माण कर उस पर फर्जी होलोग्राम लगाकर उसका भंडारण और तस्करी कर रहे थे। इस संबंध में गोला थाना में कांड संख्या 51/2026, दिनांक 10.05.2026 को भारतीय संहिता, 2023 की धारा 111(2)(इ), 111(3), 111(4), 340(2), 342(2), 274, 275, 292 और उत्पाद अधिनियम की धारा 47(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। Source link

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गिरिडीह में बंद घर में चोरी, परिवार गया था तारापीठ:लकड़ी का दरवाजा...

गिरिडीह नगर थाना क्षेत्र के न्यू बरगंडा स्थित तिलकधारी प्रसाद रोड पर एक बंद घर में लाखों रुपये की चोरी हुई है। चोरों ने घर का ताला और पीछे का लकड़ी का दरवाजा तोड़कर प्रवेश किया। वे करीब 10 से 12 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए। गृहस्वामी अमित कुमार सिन्हा, जो स्वर्गीय रंधीर कुमार सिन्हा के पुत्र हैं, अपने परिवार के साथ पश्चिम बंगाल के तारापीठ में पूजा-अर्चना के लिए गए हुए थे। उनकी अनुपस्थिति में चोरों ने सुनसान घर को निशाना बनाया। चोरों ने घर के पीछे का लकड़ी का दरवाजा तोड़कर प्रवेश किया और सभी कमरों की तलाशी ली। चोरों ने अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण, लगभग 60 से 70 हजार रुपए नगद और अन्य कीमती सामान चुरा लिए। गुल्लक तोड़कर उसमें रखे पैसे भी निकाल लिए चोरी की वारदात को अंजाम देने के दौरान चोरों ने घर में रखी मिठाई और खाने-पीने की चीजें भी खाईं। उन्होंने बच्चों की गुल्लक तोड़कर उसमें रखे पैसे भी निकाल लिए। परिवार के घर लौटने पर उन्हें पीछे का दरवाजा टूटा हुआ मिला और घर का सामान बिखरा हुआ था। इसके बाद तत्काल नगर थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और घटनास्थल का मुआयना किया। अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच-पड़ताल जारी है। Source link

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बोकारो के युवा किसान ने पढ़ाई संग की भिंडी की खेती, मल्चिंग...

होमफोटोकृषि बोकारो के युवा किसान ने पढ़ाई संग की भिंडी की खेती, कमा रहा लाखों Last Updated:May 11, 2026, 17:46 IST Bhindi Farming: बोकारो जिले के पेटरवार प्रखंड के अबांडीह गांव के युवा किसान शशि कुमार पढ़ाई के साथ-साथ खेती को अपनाकर एक मिसाल पेश कर रहे हैं. शशि एक एकड़ के क्षेत्र में मल्चिंग विधि से भिंडी की खेती कर लाख रुपये आमदनी हासिल कर दूसरे किसानों को प्रेरित कर रहे हैं. लोकल 18 से खास बातचीत में किसान शशि ने बताया कि वह किसान परिवार से हैं और सोशल मीडिया से प्रेरित होकर खेती शुरू की है और अब सफलतापूर्वक खेती कर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं. किसान शशि ने आगे बताया कि उन्होंने 15 जनवरी के आसपास भिंडी की बुवाई की थी और यह फसल 45 से 50 दिन में तैयार हो जाती है और पूरे सीजन 90 से 100 दिनों तक लगातार तोड़ाई हासिल की जा सकती है. चूंकि भिंडी की मांग लगभग साल भर होती है और किसान एक एकड़ में भिंडी की खेती कर पूरे सीजन में 50 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. भिंडी की तोड़ाई के बाद वह स्थानीय व्यापारी और पेटरवार हाट में बेचते हैं, जहां मंडी में उन्हें थोक भाव 30 से 40 रुपये तक मिलता है. किसान को एक एकड़ में भिंडी की खेती पर लगभग 50 हजार रुपये तक का लागत आता है. वहीं किसान पूरे सीजन इससे 30 रुपये प्रति किलो के औसत भाव से 1,50,000 रुपये की आमदनी और 1 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google आखिर में किसान शशि ने सलाह दी है कि भिंडी की खेती में फल छेदक कीड़ों का बहुत अधिक प्रकोप होता है, जिससे भिंडी का उत्पादन प्रभावित होता है. ऐसे में समय पर जैविक कीटनाशक के प्रयोग करने से बेहतर उत्पादन और फसल सुरक्षित रहती है. वहीं अपनी पढ़ाई-लिखाई को लेकर शशि ने बताया कि वह फिलहाल पांचवें सेमेस्टर में आर्ट्स विषय, विनोद बिहारी महतो कोलांचल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं और खेती के साथ पढ़ाई को भी मैनेज कर लेते हैं. Source link

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पलामू में रेलकर्मी के घर 8 लाख की चोरी:चोरों ने दीवार में...

पलामू के पंडवा थाना क्षेत्र के गाड़ीखास गांव में रेलकर्मी के घर से करीब आठ लाख रुपये की संपत्ति चोरी हो गई। इस संबंध में रेलकर्मी के पिता बीरबल मेहता ने पंडवा थाना में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। बीरबल मेहता के दो बेटे रेलवे में कार्यरत हैं, जिनमें से एक की पोस्टिंग बरवाडीह में और दूसरे की रांची में है। घटना के समय घर में केवल बीरबल मेहता और उनकी पत्नी मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, बीरबल मेहता रविवार रात करीब तीन बजे बाथरूम जाने के लिए उठे। उन्होंने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था, जबकि उनकी पत्नी जिस कमरे में सो रही थीं, उसका दरवाजा बाहर से बंद था। शक होने पर उन्होंने घर के अन्य कमरों की जांच की, जहां सामान बिखरा पड़ा मिला। बक्से और सूटकेस गायब थे और दीवान पलंग का बॉक्स भी खुला हुआ था। पीड़ित ने बताया कि चोरों ने घर के बाहरी दरवाजे की सिटकिनी के पास छेद किया था। आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने उसी छेद के सहारे दरवाजा खोलकर वारदात को अंजाम दिया। चोरी हुए सामानों में सोने की चेन, अंगूठी, कंगन, नथिया पिन, चांदी के पायल, कटोरा, बिछिया, बेरा समेत करीब 20 हजार रुपए नगद शामिल हैं। चोरों ने जेवर निकालने के बाद बक्से और सूटकेस को घर से आधा किलोमीटर दूर नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने जांच के दौरान नदी के बालू पर बिखरे बक्से और सूटकेस बरामद किए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। Source link

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पाकुड़ में सियार के हमले में बच्चा घायल:दो दिन पहले सियार ने...

पाकुड़ मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के लखीनारायणपुर गांव में सियार के हमले से एक पांच वर्षीय बच्चा घायल हो गया। बच्चे का नाम जुबैर शेख है और उसका इलाज किया गया है। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। यह घटना सोमवार को हुई, जब जुबैर शेख सोया हुआ था। सियार ने उस पर हमला कर दिया। बच्चे के चिल्लाने पर उसके परिजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद सियार वहां से भाग गया। बच्चे के पिता सदीकुल शेख ने बताया कि हमले में जुबैर के गर्दन और चेहरे पर चोटें आई हैं।लखीनारायणपुर गांव में सियार का आतंक लगातार बढ़ रहा है। बीते शुक्रवार को भी सियार के हमले में तीन माह की एक बच्ची की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य बच्ची घायल हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि सियार गांव के पास एक कब्रिस्तान में सैकड़ों की संख्या में रहते हैं। सियार ने कई बकरियों को भी अपना निशाना बनाया है ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय सियार का आतंक बढ़ जाता है। वे मवेशियों पर भी हमला करने से नहीं चूकते हैं। सियार ने कई बकरियों को भी अपना निशाना बनाया है, जिससे गांव के लोग काफी परेशान हैं। इधर, सोमवार को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री मिसफिका हसन ने गांव का दौरा किया और घायल बच्चे का हालचाल जाना। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताया और कहा कि वन विभाग को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। मिसफिका हसन ने वन विभाग के अधिकारियों से मिलकर इस समस्या के ठोस समाधान पर चर्चा करने की बात कही। Source link

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बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की अनोखी मशीन, मकई के दाने अलग कर 10...

Last Updated:May 11, 2026, 16:45 IST Birsa Agriculture University Machine: झारखंड की बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी द्वारा खासतौर पर एक मशीन तैयार की गई है. इसकी खासियत यह है कि यह मकई के दाने को अलग तो करेगा ही. इसके अलावा यह पॉपकॉर्न भी बना कर देगा. ये कोयला से चलता है और मात्र 5 से 10 मिनट में 3 केजी तक पॉपकॉर्न निकाल देगा. यानी अगर आप इसका भी बिजनेस करना चाहते हैं, तो यह मशीन बढ़िया विकल्प है. आइये जानते हैं इसके बारे में. बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कृषि वैज्ञानिक निशांत बताते हैं कि हम स्टूडेंट ने मिलकर इस यंत्र को तैयार किया है. खास तौर पर मकई की खेती रांची के आसपास के जिलों में काफी अधिक होती है. खूंटी, औरमांझी, नगरी यहां पर लोग 5-6 एकड़ में एक-एक व्यक्ति इसकी खेती कर रहे हैं. ऐसे में उनका खासतौर पर दाने निकालना और पॉपकॉर्न के बिजनेस से जोड़ने के लिए यह मशीन तैयार की गई है. इस मशीन की सबसे खास बात यह है कि इसमें एक तरफ एक खुली जगह है. जहां पर आप या तो लकड़ी डाल सकते हैं या कोयल डाल सकते हैं. आप दोनों में से कुछ भी एक चीज डाल सकते हैं और दोनों को जला देना है. यह मशीन पूरी तरह मजबूत लोहे की है. इसे कुछ नहीं होने वाला है. इसके बाद यहां पर एक हैंडल है, जिसको आपको अपने हाथों से चलाना है. इससे दाने भी अलग हो जाएंगे और यह सीधा पॉपकॉर्न बनकर निकलेगा. Add News18 as Preferred Source on Google ऐसे में आपका काम इससे काफी आधा हो जाएगा. निशांत बताते हैं कि वैसे किसान जो पॉपकॉर्न का भी बिजनेस करने की सोच रहे हैं या अपने गांव में एक छोटा व्यापार या आसपास की दुकान मे भी पॉपकॉर्न बनाकर और पैकेजिंग करके बेचने का काम कर सकते हैं. 5 से 10 मिनट में यह 3 केजी तक पॉपकॉर्न निकाल देगा. अगर आप भी इस यंत्र को लेना चाहते हैं तो आ सकते हैं रांची के बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कृषि यंत्र विभाग में. इस मशीन की कीमत लगभग 20 से 25000 रुपए के बीच में है. हालांकि यहां पर आपको कुछ डिस्काउंट भी मिल सकता है. इस यंत्र के अलावा यहां पर और भी कृषि यंत्र है, जिसकी जानकारी आप ले सकते हैं. Source link

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देवघर पुलिस ने मोबाइल झपट्टा गिरोह का किया खुलासा:चार अपराधी गिरफ्तार, 11...

देवघर पुलिस ने शहर में सक्रिय मोबाइल झपट्टा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से एक लैपटॉप, 11 महंगे मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पिछले कुछ समय से शहर के विभिन्न इलाकों में मोबाइल छीनने की लगातार घटनाओं से लोगों में भय का माहौल था। हाल ही में सत्संग मोड़ और पटेल चौक के पास हुई घटनाओं के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर और एसडीपीओ देवघर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी जांच और लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने इस गिरोह का खुलासा किया। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों से मोबाइल छीनने की वारदातों को अंजाम देता था। चोरी किए गए मोबाइल को देवघर की एक दुकान में ले जाकर लैपटॉप और विशेष सॉफ्टवेयर का उपयोग करके उनका लॉक तोड़ा जाता था। लॉक तोड़ने के बाद इन मोबाइल फोन को अन्य लोगों को बेच दिया जाता था। कुछ चोरी के मोबाइल का इस्तेमाल साइबर अपराधों में भी किया जा रहा था। अनिकेत का रहा है पहले से आपराधिक इतिहास गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अनिकेत कुमार, विजय कुमार, अमन चौधरी और विकी महता के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, अनिकेत कुमार का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक लैपटॉप, 11 महंगे मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई से शहरवासियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। Source link

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गिरिडीह में अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत:ससुराल जाते वक्त...

गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र में सोमवार को एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक सूरज यादव की मौत हो गई। अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने गांवा-तिसरी मुख्य मार्ग जाम कर दिया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद आवागमन बहाल हो सका। मृतक की पहचान खटपोक निवासी रामेश्वर यादव के पुत्र सूरज यादव के रूप में हुई है। सूरज अपनी बाइक से अपने ससुराल ककनी जा रहा था। गांवा की ओर से गिरिडीह जा रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने केंवटाटांड़ पुल के पास उसकी बाइक को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सूरज गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा, जबकि चालक वाहन सहित फरार हो गया। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तिसरी थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से घायल युवक को तुरंत ऑटो से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिसरी पहुंचाया गया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम वहां डॉ. महेश्वरम और जैनेंद्र ने प्राथमिक उपचार किया। हालांकि, गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में शोक छा गया। आक्रोशित परिजन और स्थानीय ग्रामीण सड़क पर उतर आए और गांवा-तिसरी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलने पर तिसरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया। काफी मशक्कत के बाद सड़क जाम हटाया गया, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात वाहन की पहचान तथा चालक की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। Source link

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