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बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत की खुशी में मिठाई का...

धालभूमगढ़ | पश्चिम बंगाल तथा आसाम विधानसभा चुनाव में भाजपा की लगातार बढ़त को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। नरसिंहगढ़ बाजार धालभूमगढ़ में दोपहर बाद से ही चारों ओर पटाखे की आवाज गूंजना शुरू हो गया। शाम के समय लोगों के बीच मिठाई तथा झालमूढ़ी का वितरण कर खुशी जाहिर की गई। मौके पर पिंटू कुमार, प्रदीप महतो, विश्वनाथ बेहरा, समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे। Source link

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भाजपा की जीत की खुशी में धालभूमगढ़ में मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व...

धालभूमगढ़ | असम, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल के प्रचंड बहुमत मिलने की खुशी में धालभूमगढ़ भाजपा मंडल अध्यक्ष काकुली सिंह ने अपने मंडल में कार्यकर्ताओं और लोगो के बीच मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की। इस दौरान जमकर पटाखा भी फोड़ा गया। मौके पर भाजपा के जिला महामंत्री हराधन सिंह, जिला मंत्री गीता मुर्मू, मधुमिता साव, रवीना बाल्मीकी, दीपू शर्मा, दीपू अधिकारी, बिमल सिंह मुंडा, जयप्रकाश सिंह, संजय सिंह, अभिषेक नामाता, ऋतिक देहुरी, बापी राउत, पपूण देहुरी, राहुल जेना, उत्तम सौराल, संजय सिंह आदि उपस्थित थे। Source link

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कोयल नदी में पत्थर से टकराया जेसीबी बकेट तो हुआ अद्भुत चमत्कार!...

Last Updated:April 27, 2026, 07:56 IST Radha Krishna idol found in koyel river: झारखंड के चाईबासा में प्रकृति के आंचल से कुछ ऐसा बाहर आया है जिसने सनातन आस्था को नई ऊर्जा दे दी है. भीषण गर्मी में प्यासी धरती की प्यास बुझाने के लिए जब कोयल नदी की खुदाई शुरू हुई तो किसी ने नहीं सोचा था कि रेत की परतों के नीचे कोई ‘दिव्य शक्ति’ प्रकट होने की प्रतीक्षा कर रही है. दोपहर के सन्नाटे में जब मशीनों के लोहे से टकराने की गूंज हुई तो लोग सहम गए, लेकिन जो बाहर निकला उसे देखकर हर कोई नतमस्तक हो गया. ख़बरें फटाफट कोयल नदी में बालू के नीचे मिली राधा-कृष्ण की मूर्ति, दर्शन के लिए उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़. चाईबासा. पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर और आनंदपुर के सीमावर्ती इलाके में स्थित कोयल नदी में पानी के लिए जेसीबी से चार फीट गहरा गड्ढा खोदा जा रहा था. अचानक दोपहर डेढ़ बजे एक तेज आवाज के साथ खुदाई कर रही मशीन का पंजा किसी बेहद कठोर वस्तु से टकराकर ठिठक गया. ड्राइवर ने कोशिश की, लेकिन मशीन आगे बढ़ने को तैयार नहीं थी. पहले लगा कि कोई बड़ा पत्थर या चट्टान है, लेकिन जैसे ही वहां से बालू हटाई गई, वहां मौजूद लोगों की आंखें फटी की फटी रह गईं. अंधेरी गहराइयों से भगवान राधा-कृष्ण की युगल प्रतिमा मुस्कुराती हुई प्रकट हुई. ग्रामीण इसे अद्भुत घटना मान रहे हैं. कोयल नदी के गर्भ से भगवान राधा-कृष्ण की एक अत्यंत सुंदर प्रतिमा बालू के करीब चार फीट नीचे दबी थी. खुदाई में यह सुंदर मूर्ति जैसे ही बाहर निकली, पूरे इलाके में यह खबर आग की तरह फैल गई. देखते ही देखते नदी का तट एक अस्थायी मंदिर के रूप में तब्दील हो गया है. लोग इसे एक मूर्ति की खोज नहीं, बल् एक साक्षात सनातन चमत्कार मान रहे हैं जिसने पल भर में नदी के सूखे तट को भक्ति के सरोवर में बदल दिया है. जेसीबी की खुदाई के दौरान मिली प्रतिमा मिली जानकारी के अनुसार, भीषण गर्मी के कारण कोयल नदी का जलस्तर काफी नीचे चला गया है. ग्रामीणों की प्यास बुझाने और पास के गांव तक पानी पहुंचाने के लिए नदी में जेसीबी मशीन से खुदाई का काम चल रहा था. रविवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे, खुदाई के दौरान मशीन अचानक किसी ठोस चीज से टकराकर रुक गई. जब सावधानी से उस जगह की दोबारा खुदाई की गई तो बालू के नीचे से राधा-कृष्ण की युगल प्रतिमा निकली. मूर्ति के निकलते ही वहां मौजूद लोग जयकारे लगाने लगे. झारखंड चमत्कार: खुदाई के दौरान कोयल नदी से निकली भगवान राधा-कृष्ण की प्रतिमा, ग्रामीणों ने बनाया अस्थायी मंदिर. श्रद्धालुओं ने बनाया अस्थायी दरबार मूर्ति मिलने की सूचना मिलते ही मनोहरपुर और आनंदपुर प्रखंड के गांवों से सैकड़ों की संख्या में लोग कोयल नदी के तट पर पहुंचने लगे. लोगों की आस्था इतनी गहरी है कि उन्होंने तुरंत उस स्थान पर भगवा झंडा गाड़ दिया. भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से भगवान को बचाने के लिए ग्रामीणों ने लकड़ी और पेड़ों की टहनियों से एक अस्थायी छत (शेड) भी बना दी है. अब यहां सुबह से शाम तक पूजा-अर्चना और कीर्तन का दौर चल रहा है. मंदिर स्थापना की तैयारी में ग्रामीण नदी के बीचों-बीच मिली इस प्रतिमा को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी उत्साह है. कई ग्रामीणों का मानना है कि यह कोई साधारण घटना नहीं बल्कि ईश्वरीय संकेत है. गांव की प्रबंध समिति और बुजुर्ग अब इस प्रतिमा को विधि-विधान के साथ किसी सुरक्षित स्थान या नवनिर्मित मंदिर में स्थापित करने की योजना बना रहे हैं. फिलहाल, वनशक्ति देवी मंदिर के पास स्थित यह नदी क्षेत्र एक तीर्थ स्थल बन गया है. About the Author Vijay jha पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chaibasa,Pashchimi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 27, 2026, 07:56 IST Source link

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Asthma is becoming a ‘silent epidemic’, with 34 million patients in the...

Hindi News Local Jharkhand Ranchi Asthma Is Becoming A ‘silent Epidemic’, With 34 Million Patients In The Country; The Rise In Children And Hidden Cases Is Raising Concerns. रांची23 घंटे पहलेलेखक: अमन मिश्रा कॉपी लिंक प्रदूषण से बढ़ रहा अस्थमा, झारखंड की 12% आबादी को सांस की बीमारी वर्ल्ड अस्थमा डे के मौके पर अस्थमा को लेकर चिंताजनक ट्रेंड सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी अब सिर्फ मौसमी नहीं रही, बल्कि तेजी से बढ़ती हुई क्रॉनिक पब्लिक हेल्थ समस्या बन चुकी है। पल्मोनोलॉजिस्ट से बातचीत में सामने आया कि झारखंड में करीब 11 से 12% आबादी श्वास संबंधित बीमारी की चपेट में है। इनमें अधिकतर अस्थमा से पीड़ित हैं। रिम्स टीबी एंड चेस्ट विभाग के हेड डॉ. ब्रजेश मिश्रा बताते हैं कि अस्थमा के केस पहले की तुलना में तेजी से बढ़े हैं। अब यह हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रहा है, खासकर शहरी इलाकों में इसका असर ज्यादा दिख रहा है। एक रिसर्च के अनुसार, झारखंड में औसतन 415 मरीज प्रति एक लाख आबादी में अस्थमा से प्रभावित हैं। शहरी इलाकों में यह दर ज्यादा (524 प्रति लाख) है। विशेषज्ञों के मुताबिक, झारखंड के कुछ शहरों में पिछले 5 वर्षों में अस्थमा के मामलों में 25% तक वृद्धि हुई है। सबसे ज्यादा प्रभावित जिले… साहिबगंज: 501-700 प्रति लाख धनबाद: 600+ प्रति लाख तक केस पाकुड़: 501-600 प्रति लाख कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका: 401-500 प्रति लाख (ये जिले अस्थमा के मामले में हाई रिस्क जोन में हैं) अन्य प्रभावित क्षेत्र… बोकारो, पलामू, चतरा, गढ़वा: 301-400 प्रति लाख (ये मध्यम स्तर वाले जिले हैं) रांची, पूर्वी सिंहभूम, गुमला, प. सिंहभूम, लोहरदगा: 201–300 प्रति लाख (ये जिले सबसे कम, लेकिन स्थिर स्तर पर हैं) किस तरह का ट्रेंड दिख रहा है? प्रदूषण सबसे बड़ा ट्रिगर: डॉ. ब्रजेश मिश्रा के अनुसार, धूल और प्रदूषण के कारण एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ रहे हैं। धुआं अस्थमा के मामलों को तेजी से बढ़ा रहा है। नए मरीजों की संख्या में तेजी: अब ऐसे लोग भी अस्थमा की चपेट में आ रहे हैं, जिन्हें पहले कभी सांस की समस्या नहीं थी। बच्चों व युवाओं में बढ़ता असर: अस्थमा अब बच्चों और युवाओं में तेजी से फैल रहा है। फास्ट फूड, मोटापा, कम शारीरिक गतिविधि और बढ़ता प्रदूषण इसके बड़े कारण हैं। अंडर डायग्नोसिस: करीब 70% तक मामलों का सही समय पर डायग्नोसिस नहीं हो पाता। लोग लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। क्या आपको सांस की बीमारी है? ऐसे करें खुद की जांच… 1. 3S फॉर्मूला: अगर ये 3 लक्षण बार-बार दिखें तो सतर्क हो जाएं छींक/एलर्जी (स्नीज) सांस फूलना (शॉर्टनेस ऑफ ब्रीद) सीटी जैसी आवाज (व्हिस्लिंग साउंड) (खासकर रात या सुबह ज्यादा हो तो यह अस्थमा का संकेत हो सकता है) 2. पांच मिनट एक्टिविटी टेस्ट 5 मिनट तेज चलें या सीढ़ियां चढ़ें। देखें: क्या सांस सामान्य से ज्यादा फूल रही है? अगर जल्दी थकान और सांस फूलती हो तो फेफड़ों की जांच जरूरी है। 3. 2T फॉर्मूला (टाइम एंड ट्रिगर) टाइम: क्या समस्या मौसम बदलने या रात में बढ़ती है? ट्रिगर: धूल, धुआं या एक्सरसाइज से परेशानी बढ़ती है? (अगर हां, तो यह एलर्जिक या अस्थमा का संकेत हो सकता है) 4. सात दिन पैटर्न रूल 1 हफ्ते तक लक्षण नोट करें। अगर हफ्ते में 2-3 बार खांसी, सांस फूलना या सीने में जकड़न हो, तो इसे नजरअंदाज न करें, डॉक्टर से जांच कराएं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

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हरमू नदी की होगी विशेष सफाई:नगर निगम की अपील- हरमू नदी में...

अपर नगर आयुक्त संजय कुमार ने सोमवार को हरमू नदी और लालपुर-कोकर मार्ग स्थित वेंडर मार्केट का निरीक्षण कर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने मॉनसून से पहले नदी में विशेष सफाई अभियान चलाने और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने हरमू नदी की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और अधिक सफाई मित्रों की तैनाती के साथ आधुनिक मशीनों से वर्षों से जमा प्लास्टिक, गाद व अन्य कचरा हटाने का निर्देश दिया। उद्यान शाखा को नदी किनारे बागवानी कर क्षेत्र का सौंदर्य बढ़ाने और नदी का प्राकृतिक प्रवाह बहाल करने को कहा। लोगों से नदी में कचरा या गंदा पानी नहीं डालने की अपील भी की। लालपुर- कोकर मार्ग स्थित वेंडर मार्केट के औचक निरीक्षण में साफ-सफाई बनाए रखने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। सड़क किनारे से अवैध ठेला-खोमचा हटाकर यातायात सुगम बनाने को कहा गया। बाजार सड़क के किनारे नहीं लगे, इसका ध्यान रखने का निर्देश अपर नगर आयुक्त ने दिया। उन्होंने कहा कि पहली बार चेतावनी दें, लेकिन दोबारा दुकान लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। केवल सामान जब्त करने से कुछ नहीं होता। इस दौरान अभियंता, नगर प्रबंधक और अन्य कर्मी मौजूद रहे। Source link

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कन्या राशि वालों के आज सफलता के प्रबल योग, मकान-जमीन और वाहन...

Last Updated:May 06, 2026, 03:30 IST व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी आज का दिन लाभकारी रहेगा. चारों ओर से आमदनी के नए स्रोत बन सकते हैं और पुराने रुके हुए काम भी आज पूरे हो सकते हैं. व्यापार में विस्तार के बारे में सोच रहे हैं तो आज योजना बनाने और उसे लागू करने के लिए अच्छा समय है. आर्थिक स्थिति… परमजीत/देवघर: आज का दिन कन्या राशि वालों के लिए बेहद खास और शुभ संकेत लेकर आया है. ऋषिकेश पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और सिद्ध योग का संयोग बन रहा है, जो अपने आप में एक सकारात्मक ऊर्जा का संकेत देता है. वहीं चन्द्रमा का धनु राशि में संचार आपके आत्मविश्वास और कार्यक्षमता को बढ़ाने वाला रहेगा. देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल ने लोकल 18 को बताया कि ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति यह दर्शाती है कि आज का दिन कन्या राशि वालों के लिए नए अवसरों और सफलता के द्वार खोल सकता है. सुबह से ही मन में एक अलग तरह की प्रसन्नता बनी रहेगी और आप अपने कार्यों को पूरे उत्साह के साथ करने के लिए प्रेरित होंगे. नौकरी मे प्रमोशन का चांसकार्यक्षेत्र की बात करें तो आज आपको अपने काम के लिए सराहना मिल सकती है. ऑफिस में आपके प्रयासों और मेहनत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, बल्कि आपके वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से प्रभावित हो सकते हैं. यदि आप लंबे समय से प्रमोशन या नई जिम्मेदारी का इंतजार कर रहे थे, तो आज उस दिशा में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं. जो लोग नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं, उनके लिए आज का दिन निर्णय लेने के लिए अनुकूल रहेगा. नए अवसर मिल सकते हैं और भविष्य के लिए बेहतर विकल्प सामने आ सकते हैं. कर सकते हैं व्यापार विस्तारव्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी आज का दिन लाभकारी रहेगा. चारों ओर से आमदनी के नए स्रोत बन सकते हैं और पुराने रुके हुए काम भी आज पूरे हो सकते हैं. व्यापार में विस्तार के बारे में सोच रहे हैं तो आज योजना बनाने और उसे लागू करने के लिए अच्छा समय है. आर्थिक स्थिति मजबूत होती नजर आएगी, जिससे मन में संतोष बना रहेगा. शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए भी आज का दिन ठीक-ठाक संकेत दे रहा है. सोच-समझकर किया गया निवेश आगे चलकर अच्छा मुनाफा दे सकता है. रिश्तों में मधुरता आएगीपारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो आज आपको किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है, जिससे घर का माहौल खुशनुमा बना रहेगा. परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी. यदि आप लंबे समय से कोई बड़ी खरीदारी जैसे भूमि, भवन या वाहन लेने की सोच रहे हैं, तो आज का दिन इसके लिए शुभ माना जा रहा है. सही निर्णय लेने पर भविष्य में इसका अच्छा लाभ मिल सकता है. स्वास्थ्य के लिहाज से दिन सामान्य रहेगा, लेकिन मानसिक रूप से आप काफी हल्का और खुश महसूस करेंगे. दिनभर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी और आप खुद को तरोताजा महसूस करेंगे. खान-पान की बात करें तो आज आपको स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेने का मौका मिलेगा, जिससे दिन और भी खास बन जाएगा. कुल मिलाकर आज का दिन कन्या राशि वालों के लिए सफलता, खुशी और नए अवसरों से भरा रहने वाला है, बस जरूरत है इस समय का सही उपयोग करने की. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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वीसी ने शुल्क वापसी का निर्देश दिया:पीएचडी एंट्रेंस नहीं करा सकी आरयू,...

रांची यूनिवर्सिटी (आरयू) की पीएचडी एंट्रेंस परीक्षा-2024 का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। करीब ढाई साल पहले विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीएचडी कोर्स में एडमिशन के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे, लेकिन प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं करा सका। इस बीच वर्ष 2025 में राज्यपाल सह कुलाधिपति द्वारा राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने पर रोक लगा दी गई। अब विश्वविद्यालय प्रशासन आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुल्क मद में जमा राशि वापस करेगा। सोमवार को कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने प्रवेश परीक्षा से संबंधित अधिकारियों को शुल्क वापसी की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। राशि किस प्रक्रिया से लौटाई जाएगी, इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन मंथन कर रहा है। रांची यूनिवर्सिटी ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा-2024 के लिए नोटिफिकेशन जारी कर आवेदन आमंत्रित किए थे। इसके तहत विभिन्न विषयों की 463 सीटों पर एडमिशन होना था। इन सीटों के लिए 2374 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।प्रत्येक अभ्यर्थी से 2000 रुपए आवेदन शुल्क लिया गया था। इस तरह विश्वविद्यालय ने कुल 47.48 लाख रुपए शुल्क के रूप में जमा किए थे, जिसे अब लौटाया जाएगा। प्रक्रिया बदली… अब ऐसे होगा पीएचडी में एडमिशन विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, अब यूजीसी नेट, जेआरएफ और पीएचडी एंट्रेंस क्वालिफाई अभ्यर्थियों को पीएचडी की रिक्त सीटों पर एडमिशन दिया जाएगा।इसके अलावा जेपीएससी द्वारा आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को भी पीएचडी कोर्स में प्रवेश मिलेगा। भविष्य में विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा झारखंड पात्रता परीक्षा आयोजित की जाएगी। फैसले से अभ्यर्थियों में नाराजगी… शुल्क वापसी के निर्णय से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि वर्ष 2024 में जब आवेदन मंगाए गए थे, तब लोकभवन द्वारा पीएचडी प्रवेश परीक्षा पर कोई रोक नहीं थी। अभ्यर्थियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन समय पर परीक्षा आयोजित कराने में विफल रहा। यदि समय पर परीक्षा हो जाती, तो बाद में लगी रोक का असर नहीं पड़ता। पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने विश्वविद्यालय में कई बार धरना-प्रदर्शन भी किया था। Source link

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गर्मी पर सीएम ने की वीडियो कांफ्रेंसिंग:कहा- पानी, बिजली और इलाज की...

निर्देश- ट्रांसफॉर्मर खराब होने, बार-बार बिजली कटने जैसी शिकायतों का तुरंत निपटारा हो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर राज्य के वरीय अधिकारियों और सभी उपायुक्तों के साथ बैठक कर बढ़ती गर्मी और हीट वेव की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस भीषण गर्मी में किसी भी जिले में पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए। सभी जल स्रोतों जैसे चापाकल, जलापूर्ति योजनाएं और पानी टैंकर की नियमित निगरानी की जाए। जहां भी पानी की समस्या सामने आए, वहां तुरंत समाधान किया जाए। लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है। ट्रांसफॉर्मर खराब होने, बार-बार बिजली कटने या सप्लाई बाधित होने जैसी शिकायतों का तुरंत निपटारा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीट वेव और लू से प्रभावित मरीजों के इलाज की पूरी व्यवस्था हो। तेज हवा व थंडरिंग से फिर बिजली उपकरण को नुकसान, कई क्षेत्रों में बिजली गुल रही राजधानी में शाम को मौसम ने फिर से बिजली वितरण सिस्टम को प्रभावित किया। इसके कारण कई स्थानों पर बिजली नहीं रही। तेज हवा, थंडरिंग के कारण कई स्थानों पर लोकल फॉल्ट आए। इसके कारण शाम और देर रात तक कई क्षेत्रों में बिजली कटी रही। शहर में लोकल फॉल्ट इतना ज्यादा था कि देर रात तक बिजली कर्मी उन्हें दुरुस्त करने में जुटे रहे। रांची एसई डीएन साहू ने बताया कि खराब मौसम के कारण बिजली उपकरणों को कुछ जगहों पर नुकसान पहुंचा है। कुछ इलाकों में आंशिक रूप से बिजली बहाल कर दी गई है। कई स्थानों पर आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। Source link

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प्रोटीन-आयरन से लबालब, स्वाद में मटन को ढकेले पीछे, तालाब से चुनते...

Last Updated:April 27, 2026, 08:12 IST Ghonga Lovers In Ranchi: रांची की सड़कों पर अक्सर लोग घोंघा बेचते नजर आ जाएंगे. नॉनवेज लवर्स का फेवरेट ये आइटम 250 रुपये किलो तक बिकता है. चिकन, मटन की ही तरह इसे बनाया जाता है और स्वाद गजब होता है. डिमांड इतनी है कि दुकान लगने के कुछ घंटे के अंदर ही पूरा माल बिक जाता है. ख़बरें फटाफट रांची. रांची की सड़कों पर आपको खासतौर पर एक खास तरह का आइटम देखने को मिलेगा, जिसे नॉनवेज लवर्स बहुत पसंद करते हैं. इसे घोन्घा या स्थानीय भाषा में डोका भी कहते हैं. इसे यहां के आदिवासी भी खूब पसंद करते हैं. ये प्रोटीन का काफी अच्छा सोर्स माना जाता है और मटन चिकन के विकल्प के तौर पर भी खाया जाता है. इसे पसंद करने वालों का कहना है कि टेस्ट भी एकदम जबरदस्त आता है. फटाफट खत्म होता स्टॉकग्रामीण खासतौर पर तालाब में चुनकर लाते हैं और यह ₹200 से 250 केजी तक मिलता है. कई बार कीमत और ऊपर जाती है. शेल निकालकर जो बेचते हैं, उसकी कीमत और अधिक होती है. इसे बेचने वाले रमेश बताते हैं कि हम घोंघा तालाब से चुनते हैं और फिर दोपहर के 2:00 बजे बाजार में आकर बैठ जाते हैं. एक-दो घंटे में ही यह पूरा खत्म हो जाता है. इसके अपने ही ऐसे कस्टमर होते हैं, जो इंतजार करते हैं और जैसे देखते हैं कि दुकान सज गई है, वैसे ही आकर यह तुरंत ले जाते हैं. तालाब और खेत से चुनकर लातेरमेश बताते हैं, हम लोग खासतौर पर तालाब और खेत से भी चुनते हैं. जहां पर पानी का जमाव ज्यादा होता है, वहां पर यह आसानी से मिल जाता है, वहीं पर ये पनपता है. हम लोग से कई बार दवा बनाने वाली जो कंपनी होती है, वह भी लेकर जाती है. वह कहते हैं कि आंख में डालने वाला जो ड्रॉप होता है, उसमें यह काम आता है. इसमें प्रोटीन और ल्युटिन जैसे पोषक तत्व होते हैं. खरीदार ऐसा बताते हैं और हमसे खरीद कर ले जाते हैं. खाने में चिकन मटन फेल हैउन्होंने आगे बताया कि खाने में चिकन मटन फेल है. जैसे चिकन मटन का स्वाद आता है, एकदम टेस्टी उससे अधिक ही आएगा, कम नहीं. बनाया भी बिल्कुल वैसे ही जाता है. जैसे आप चिकन बनाते हैं, अधिक प्याज तेल मसाले के साथ. उसी स्टाइल में इसे भी बनाया जाता है. बिल्कुल भी अलग नहीं, हम लोग इसे हमेशा खाते हैं और आज तक आंख में चश्मा लगाने की जरूरत नहीं पड़ी. स्वाद के साथ-साथ की कमाई का भी जरियायह हमारा रोजगार का भी बढ़िया विकल्प है. क्योंकि, इसके लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ता. बस खेत और तालाब से चुनकर लाना पड़ता है और एक दिन में आराम से 1000 तक की बिक्री हो जाती है और कभी-कभी तो 2000 तक भी. मतलब जितना क्वांटिटी अधिक चुनकर ले आएं, उतनी ही बिक्री. बरसात के मौसम में तो अधिक पानी जमता है. ऐसे में एक दिन में 2500 तक की बिक्री हो जाती है. तो यह स्वाद के साथ-साथ की कमाई का भी बढ़िया जरिया है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 27, 2026, 08:09 IST Source link

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सीयूजे के छात्र ने फांसी लगा किया सुसाइड:नोट में लिखा – सॉरी...

रातू थाना क्षेत्र के तिलता स्थित किराए के घर में सोमवार को झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूजे) के बीटेक के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृत छात्र का नाम साकेत कुमार है और वह मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद स्थित बख्तियारपुर का रहने वाला था। तिलता में रहकर सीयूजे से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहा था। आत्महत्या करने से पहले छात्र ने सुसाइड नोट में लिखा – सॉरी पापा, हम खुद को संभाल नहीं सके। लाइफ बहुत ज्यादा बोझ लगने लगा। हर एक सेकंड घुट-घुट कर जी रहे थे। इसके अलावा छात्र ने सुसाइड नोट में एक युवती के नाम का भी जिक्र करते हुए अपने पिता से कहा है कि उसे कुछ नहीं होने दीजिएगा। छात्र के आत्महत्या किए जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली। प्रेम-प्रसंग के एंगल से पूरे मामले की जांच की जा रही है। सुबह 9 बजे तक साकेत कमरे से बाहर नहीं निकला तो मकान मालिक ने आवाज दी। काफी आवाज देने पर भी दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद आस-पास के लोगों को बुलाकर गेट की कुंडी तोड़ी तो देखा कि वह फंदे से झूल रहा है। इसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। उसके भाई के बयान पर पुलिस ने यूडी का केस दर्ज किया है। जिसके बाद भाई परिजनों के साथ शव लेकर बिहार स्थित औरंगाबाद चला गया, जहां उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। कंप्यूटर साइंस में चौथे वर्ष के छात्र साकेत के कमरे से मिले सुसाइड नोट को पुलिस ने जब्त कर लिया है। जिसको फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा, ताकि साकेत की हैंडराइटिंग से उसका मिलान कराया जा सके। इसके अलावा पुलिस ने मृतक का मोबाइल भी जब्त किया है। परीक्षा से एक दिन पहले साकेत ने आत्महत्या क्यों की, पुलिस अब टेक्निकल टीम के सहारे स्पष्ट कारण खंगाल रही है। उसके कॉल डिटेल से जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। Source link

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