भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

झारखंड

झारखंड

Sadar Hospital in bad condition… Milk bank not opened due to lack...

. सदर अस्पताल, बोकारो में करीब तीन वर्ष पहले 40 लाख रुपए की लागत से मिल्क बैंक बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था, जो अब ठंडे बस्ते में चला गया है। विदित हो कि सदर अस्पताल के एसएनसीयू के समीप एक कमरे में मिल्क बैंक खोलने का प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने जांच में कमरे को छोटा पाया, तो अस्पताल प्रबंधन को दूसरी जगह तलाश करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दूसरी बार भी प्रस्ताव भेजने के लिए कहा, तो अस्पताल प्रबंधन जगह उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए हाथ खड़े कर दिए। इससे योजना पूरी तरह अधर में लटक गई। इस वजह से यहां मिल्क बैंक का निर्माण कार्य आज तक चालू नहीं हो पाया है। सदर अस्पताल में इस मिल्क बैंक के खुलने से जिन महिलाओं में बच्चों को दूध पिलाने के बाद जो सरप्लस दूध बच जाता है। उस दूध को मिल्क बैंक में स्टोर करके रखने का प्रस्ताव था। ताकि जिन महिलाओं को दूध नहीं होता है, उनके नवजात बच्चों को दूध देकर उनकी जान बचाई जा सके। रजिस्ट्रेशन काउंटर के ऊपर लगाए गए स्क्रीन डिस्प्ले बोर्ड बंद रहने के कारण मरीजों को चिकित्सकों से जुड़ी जानकारी का पता नहीं चलता है। इस कारण मरीज परेशान रहते हैं। मरीज व परिजन अस्पताल के अंदर भटकते रह जाते हैं। जब चिकित्सक का पता नहीं चल पाता है, तो थककर मरीज निजी अस्पतालों में इलाज के लिए चले जा रहे हैं। ऐसे प्रत्येक दिन 10 से 12 मरीज आते हैं, जिनको चिकित्सकों के बारे में सही जानकारी ही नहीं मिल पाती है। इस वजह से उनका इलाज नहीं हो पाता है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी दूर-दराज से आने वाले मरीजों को होती है, जिन्हें महज चिकित्सक की सही जानकारी नहीं मिलने के कारण लौटना पड़ रहा है। जो सुविधा लंबित है, शीघ्र ही चालू कराई जाएगी डिस्प्ले बोर्ड शीघ्र चालू कर दिया जाएगा। मिल्क बैंक के लिए अभी कोई स्थान नहीं मांगा गया है। अगर मांगा जाएगा तो अवश्य स्थान दिया जाएगा और जो-जो जांच की सुविधा नहीं है, उसकी मशीन भी शीघ्र ही मंगाई जा रही है। – डॉ. एनपी सिंह, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल बोकारो। चिकित्सकों के रोस्टर की नहीं मिलती जानकारी जांच केंद्र बंद होने से मरीजों की बढ़ी परेशानियां करार खत्म होने के कारण सदर अस्पताल में 2017 से जांच कर रही एजेंसी एसआरएल का जांच केंद्र बंद हो गया। इससे आम मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन 25 से 30 मरीजों को जांच के बिना लौटना पड़ रहा है। जबकि यहां करोड़ों रुपए खर्च कर अत्याधुनिक लैब तो बना दिया गया है, पर उसमें महत्वपूर्ण जांच की सुविधा ही उपलब्ध नहीं है, सिर्फ नॉर्मल जांच हो रही है। विदित हो कि एसआरएल में गंभीर से गंभीर बीमारियों के मरीजों की जांच जहां सस्ते दरों पर ही हो जाती थी, अब इसके लिए काफी पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। इसमें तो कई ऐसी बीमारी है, जिनकी जांच एसआरएल में होती थी, पर सदर अस्पताल में उन जांच की कोई सुविधा ही नहीं है। जैसे थायराइड, विटामिन डी, हॉर्ट से जुड़ा एचसीवी, विटामिन बी12, एचबीसी-1, बायप्सी टेस्ट सहित हारमोनल के लगभग 50 तरह के जांच बंद हो गए हैं। सबसे बड़ी परेशानी की वजह वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों को हो रही है। Source link

झारखंड

रात में स्कूटर गैंग सक्रिय : अवैध कोयला तस्करी से बढ़ा हादसों...

फुसरो नगर क्षेत्र और गांधीनगर थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध कोयला तस्करी का नया तरीका सामने आया है। तस्करों ने अब पुराने स्कूटर और बाइक को कोयला ढुलाई का साधन बना लिया है। रात के अंधेरे में ये वाहन भारी मात्रा में कोयला लोड कर बालीडीह स्थित बियाडा के बंद पड़े प्लांट और कुछ चालू प्लांटों तक पहुंचा रहे हैं। यहां से जाली पेपर बनाकर ट्रकों से बाहर कोयला भेजा जाता है। जानकारी के अनुसार तस्कर बड़े-बड़े बोरे में कोयला भरकर स्कूटर और बाइक में दोनों ओर लटका लेते हैं, जिससे वाहन असंतुलित हो जाता है। कम रोशनी और ओवरलोडिंग के कारण ये वाहन सड़क पर चल रहे अन्य लोगों को स्पष्ट दिखाई नहीं देते। इससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय सामने से आने वाली चारपहिया वाहनों की तेज रोशनी से बाइक चालकों की आंखें चौंधिया जाती है। ऐसी स्थिति में कोयला लदा स्कूटर और बाइक अचानक सामने आ जाती है, जिससे टक्कर का खतरा रहता है। साथ ही कई बार सड़क जाम भी होता है। लेकिन इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। अवैध कोयला लदे बाइक से एक की हो चुकी है मौत नावाडीह क्षेत्र में पिछले दिनों अवैध कोयला ढो रही बाइक से हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में चल रहे अवैध कोयला कारोबार की खतरनाक सच्चाई को उजागर कर दिया है। रात के समय अवैध कोयला लदक बाइक तेज रफ्तार से जा रही थी। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर एक राहगीर को टक्कर मार दी। हादसे में राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया था। स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से ही लोगों में आक्रोश है और प्रशासन से अवैध कोयला कारोबार पर रोक लगाने की मांग उठ रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। संकरी गलियों व कच्चे रास्तों का करते हैं उपयोग सूत्रों के अनुसार यह अवैध कारोबार संगठित तरीके से संचालित हो रहा है, जिसमें कई स्थानों से कोयला चोरी कर अलग-अलग रूट के जरिए पहुंचाया जा रहा है। स्कूटर और बाइक का उपयोग इसलिए बढ़ा है, क्योंकि ये संकरी गलियों और कच्चे रास्तों से आसानी से निकल जाते हैं और पुलिस की नजर से बचना भी आसान होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध तस्करी पर रोक नहीं लगाई गई, तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। कोयला तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाए जाने के बावजूद तस्कर नए तरीके अपनाकर पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। सटीक जानकारी मिलते ही की जाएगी कार्रवाई – वशिष्ठ नारायण सिंह, एसडीपीओ, बेरमो। स्कूटर से अवैध कोयला बालीडीह की ओर ले जाता तस्कर। Source link

झारखंड

लाल मिट्टी की ईंट, पुआल-टाइल से बनी छत, फर्श पर मिट्टी-गोबर…ऐसे बनते...

Last Updated:April 27, 2026, 09:01 IST Jharkhand Home’s Special Construction: झारखंड के गांवों और आदिवासी इलाकों में गर्मी से बचने के लिए कूलर तो छोड़ें, कई बार पंखा भी नहीं होता. ऐसे में ये लोग अपने घर को कुछ इस तरह से बनाते हैं कि ये नेचुरली अंदर से ठंडा रहता है. इनकी ईंट से लेकर, छत और फर्श तक का मैटीरियल आम घरों से जुदा होता है. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. झारखंड के गांवों की खासियत सिर्फ उनकी संस्कृति और परंपरा ही नहीं, बल्कि वहां के घरों की अनोखी बनावट भी है. जहां शहरों में गर्मी आते ही लोग एसी और कूलर पर निर्भर हो जाते हैं, वहीं गांवों में बिना किसी मशीन के ही घर अंदर से ठंडे रहते हैं. यह सब संभव होता है वहां के पारंपरिक और वैज्ञानिक तरीके से बनाए गए घरों के कारण. बाहरी हिस्सों पर की जाती है पेंटिंगछोटा तालसा गांव की रहने वाली शकुंतला मुर्मू बताती हैं कि झारखंड में घर बनाने की प्रक्रिया बहुत सोच-समझकर की जाती है. सबसे पहले घर के बाहरी हिस्से को सुंदर बनाने के लिए सोहराय पेंटिंग की जाती है. यह पेंटिंग न सिर्फ घर की सुंदरता बढ़ाती है, बल्कि यह झारखंड की संस्कृति और परंपरा को भी दर्शाती है. रंग-बिरंगे प्राकृतिक रंगों से बनी ये कलाकृतियां घर को जीवंत बना देती हैं. इस खास मिट्टी का होता है इस्तेमालअब अगर घर की बनावट की बात करें तो यहां सीमेंट और बालू का इस्तेमाल बहुत कम या बिल्कुल नहीं किया जाता. इसके बजाय लाल मिट्टी से ईंट तैयार की जाती है, जिसे स्थानीय भाषा में ‘एटा’ कहा जाता है. लाल मिट्टी में प्राकृतिक ठंडक बनाए रखने की क्षमता होती है, जिससे घर के अंदर का तापमान बाहर के मुकाबले 4 से 5 डिग्री तक कम रहता है. दीवारों को मजबूत और चिकना बनाने के लिए लाल मिट्टी, गोबर और थोड़ा सा व्हाइट सीमेंट मिलाकर लेप किया जाता है. यह मिश्रण दीवारों को ठंडा रखने के साथ-साथ उन्हें टिकाऊ भी बनाता है. गोबर में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जिससे घर स्वच्छ और सुरक्षित भी रहता है. फर्श और छत पर क्या होता है खासफर्श यानी जमीन को भी इसी तरह से तैयार किया जाता है. लाल मिट्टी और गोबर का मिश्रण जमीन पर लगाया जाता है, जिससे फर्श ठंडा और चिकना हो जाता है. यह गर्मी के दिनों में नंगे पैर चलने पर भी ठंडक का एहसास देता है. घर की छत भी बहुत खास होती है. इसे पुआल (सूखी घास) और टाइल (टाली) से बनाया जाता है. पुआल एक प्राकृतिक इंसुलेटर की तरह काम करता है, जो सूरज की तेज किरणों को सीधे अंदर आने से रोकता है. इससे घर के अंदर का तापमान संतुलित बना रहता है. घर की डिजाइन भी होती है खाससबसे दिलचस्प बात घर की डिजाइन है. कई घरों को त्रिकोण आकार या ढलानदार छत के साथ बनाया जाता है. यह डिजाइन न सिर्फ बारिश के पानी को आसानी से बहने में मदद करता है, बल्कि गर्म हवा को ऊपर की ओर जाने और बाहर निकलने का रास्ता भी देता है. इससे घर के अंदर ठंडक बनी रहती है. झारखंड के गांवों के घर पारंपरिक ज्ञान और प्रकृति के साथ तालमेल का बेहतरीन उदाहरण हैं. बिना बिजली के उपकरणों के भी ये घर गर्मी में ठंडक और सुकून का अनुभव कराते हैं, जो आज के आधुनिक घरों के लिए भी एक सीख है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 27, 2026, 09:01 IST Source link

झारखंड

भाजपा की जीत पर सिटी सेंटर में मनाई खुशियां

बोकारो | भाजपा का पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद बोकारो में जश्न का माहौल देखा गया। सेक्टर-4 सिटी सेंटर में भाजपा समर्थकों ने एकत्र होकर जोरदार उत्सव मनाया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशी जाहिर की और पटाखे छोड़कर जीत का जश्न मनाया। साथ ही मिठाई बांटकर आम लोगों के बीच भी खुशियां साझा की गईं। Source link

झारखंड

गरगा नदी को स्वच्छ बनाने की दिशा में चास नगर निगम ने...

​सिटी रिपोर्टर|बोकारो चास नगर निगम क्षेत्र में सीवरेज जल के उचित निस्तारण और गरगा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में नालियों से बहने वाले सीवरेज जल के नियंत्रित बहाव एवं निस्तारण के लिए कुल 16 स्क्वायरिंग चैंबर और स्टील चैंबर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। वार्ड संख्या 12 एवं 19 में युगल सिंह के घर से दामोदर सिंह के घर तक, प्लास्टिक फैक्ट्री के पास से विजय महथा के घर तक, बिस्कुट रोड स्थित पुलिया, बिहार कॉलोनी मोड़ स्थित सावित्री सदन तक तथा मंजू निवास से पंचवटी मैरिज हॉल पार्किंग तक पीसीसी सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास महापौर भोलू पासवान ने किया। कार्यक्रम में उपमहापौर पूजा कुमारी, वार्ड 12 के पार्षद विष्णु कुमार मिश्रा तथा वार्ड 19 की पार्षद मुक्ता कुमारी भी मौजूद रहीं। महापौर ने कहा कि यह सीवरेज सिस्टम नगर निगम की दूरदर्शी योजना का हिस्सा है। इसके तहत गर्ग नदी में सीधे गिरने वाले नाली के पानी को पहले सीवरेज सिस्टम के माध्यम से फिल्टर किया जाएगा, फिर नदी में छोड़ा जाएगा। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ चास-बोकारो की लाइफलाइन मानी जाने वाली गरगा नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में मदद मिलेगी। Source link

झारखंड

रांची से रोड ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो बेस्ट हैं ये...

Last Updated:April 27, 2026, 09:42 IST Ranchi Road Trips: रांची से रोड ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो इन जगहों पर जा सकते हैं. यहां दूरी के हिसाब से कुछ घंटों में पहुंचा जा सकता है और नजारा इतना सुंदर है कि आपका वापस आने का दिल नहीं करेगा. पतरातू घाटी, पलामू किला, मेकलुकसीगंज, पारसनाथ और नेतरहाट कुछ नाम हैं जहां आप जा सकते हैं. हालांकि कुछ जगहों के लिए आपको वन नाइट स्टे करना पड़ेगा. ख़बरें फटाफट रांची. रांची से अगर आप एक दो घंटे का रोड ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो इन पांच जगहों पर जाना ना बिल्कुल भी ना भूलें. सबसे पहले तो रांची से पतरातू, जोकि 30 किलोमीटर की दूरी पर है. इसके अलावा रांची से पलामू किला 160 किलोमीटर की दूरी पर, मैकलुकसीगंज 66 किलोमीटर. इसके अलावा नेतरहाट और पारसनाथ 160 व 180 किलोमीटर की दूरी पर हैं. इन सभी जगहों को आप विजिट कर सकते हैं. अक्सर लोग रोड ट्रिप पर यहां पर निकलते हैं, 2 घंटे में ही पहुंच जाते हैं. ऐसे में सबसे पहले बात करें पतरातू घाटी की. यहां पर चारों तरफ पहाड़ और बीच में दिल शेप की घाटी आपका दिल खुश कर देगी. यहां पर लोग फोटो खिंचाने आते हैं और सेल्फी लेना नहीं भूलते. यहां जाने का रास्ता भी काफी खूबसूरत है. एकदम घुमावदार सड़क, दोनों तरफ घने जंगल और ठंडी हवा. यही कारण है रोड ट्रिप के लिए परफेक्ट रास्ता बन जाता है. आप एक दिन में घूमकर आ जाएंगेइन जगहों की खासियत यह है कि आप मात्र एक दिन में घूमकर आ सकते हैं. क्योंकि यह महज एक से 2 घंटे के बीच ही पहुंच जाएंगे. आप शनिवार को निकलते हैं तो आराम से संडे को घूम कर मंडे को सुबह में आ सकते हैं. अगर पलामू किला की बात करें तो यह ऐतिहासिक किला है जहां महाराज मेदिनी राय रहा करते थे. यहां पर रानी तालाब, किला की खूबसूरत और पुरानी दीवारें लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहती है. मेकलुकसीगंज को कहा जाता है अंग्रेजों का गांवइसके अलावा आप 66 किलोमीटर की दूरी स्थित मेकलुकसीगंज आ सकते हैं. यहां की खास बात यह है कि इसे अंग्रेजों का गांव कहा जाता है. यहां पर आपको घने जंगलों के बीच में कच्चे घर आज भी देखने को मिलेंगे. आपको लगेगा आप प्राचीन काल में आ गए हैं. यहां पर बगल में नदी भी बहती है और लोग इसे मिनी ऋषिकेश भी कहते हैं. यहां पर अंग्रेजों द्वारा बनाया गया स्कूल और घर व डांस बार यह सब देखने को मिलेगा. आप बादलों को हाथ से छू लेंगेइसके अलावा आप पारसनाथ आ सकते हैं. यहां की खासियत यह है कि यह जैन धर्म के गुरु का धार्मिक स्थल है. यहां पर जब आप ऊपर चलेंगे, तो बादल नीचे होगा और आप ऊपर होंगे. आप बादलों को हाथ से छू लेंगे. यह नजारा देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. इसके अलावा आप नेतरहाट आ सकते हैं. इसे झारखंड की रानी का दर्जा दिया गया है. यहां सुबह में इस गर्मी में भी कुहासा देखने को मिलेगा. यहां पर चार से पांच वॉटरफॉल हैं. मधुमक्खी पालन व अनानास की खेती जैसी कई सारी चीज आप देख सकते हैं. पूरे झारखंड में सबसे सुंदर सनसेट यही से दिखता है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 27, 2026, 09:42 IST Source link

झारखंड

डीसी ने बिजली व जलापूर्ति की समीक्षा बैठक में दिया शाम को...

सिटी रिपोर्टर | बोकारो समाहरणालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त अजय नाथ झा ने जिले की बिजली और जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में डीडीसी शताब्दी मजूमदार, एसी मो. मुमताज अंसारी समेत विद्युत व पेयजल विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहे। डीसी ने निर्बाध आपूर्ति और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के कई निर्देश दिए। उपायुक्त को डीवीसी ने फुदनीडीह में अगले दिन तक लोडिंग सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। उपायुक्त ने शाम को होने वाली बिजली कटौती पर रोक, सूचना अनिवार्य रूप से उपभोक्ताओं को देने का निर्देश दिया। डीसी ने कहा कि शाम के समय ग्रामीण, नगर परिषद और शहरी क्षेत्रों में बिजली कटौती पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। सुबह जलापूर्ति करने वाले संस्थानों को निर्बाध बिजली मिले, यह सुनिश्चित करने को कहा। यदि किसी क्षेत्र में 3 घंटे से अधिक कटौती हो तो पीआरडी के माध्यम से जनता को समय पर सूचना देने का निर्देश दिया, ताकि लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था का मौका मिले। उन्होंने बिजली चोरी पर सख्ती, पेड़ों की छंटाई का भी निर्देश दिया। साथ ही बिजली चोरी रोकने के लिए सघन छापेमारी और एफआईआर करने का निर्देश दिया। मामलों की मासिक समीक्षा एसडीओ, सीओ, थाना प्रभारी और विद्युत विभाग मिलकर करेंगे। Source link

झारखंड

प. बंगाल की जनता ममता बनर्जी के कुशासन से ऊब चुकी थी...

जैनामोड़ | देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में तीन राज्यों में भाजपा के प्रचंड बहुमत से जीत की खुशी में सोमवार को जैनामोड़ में भाजपा जरीडीह प्रखंड कमेटी की ओर से गाजे-बाजे के साथ विजय जुलूस निकला गया। भाजपाइयों ने मिठाई बांटा व जमकर आतिशबाजी के साथ जीत की खुशी मनाई। इस दौरान जय श्री राम, नरेंद्र मोदी जिन्दाबाद, अमित साह जिंदाबाद, विश्व का एक ही निशान, कमल निशान-कमल निशान आदि नारे लगाए गए। वहीं पश्चिम बंगाल में 70 वर्षों के बाद भाजपा की प्रचंड जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि बंगाल की जंगल राज्य का खात्मा हुआ है। जूलूस में पूर्व सांसद रविन्द्र पांडेय, पूर्व विधायक योगेश्वर महतो बाटूल, मनोज ठाकुर, सुभाष चन्द्र महतो थे। सिटी रिपोर्टर | बोकारो पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत पर धनबाद लोकसभा क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। बोकारो के नया मोड़ में सांसद ढुलू महतो ने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ मिठाई बांटकर तथा आतिशबाजी कर जीत की खुशियां मनाईं। इस अवसर पर सांसद ढुलू महतो ने कहा कि यह जीत जनता के विश्वास और समर्थन की जीत है। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन राज्यों की जनता ने सुशासन और विकास के पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ममता बनर्जी के कुशासन से ऊब चुकी थी और अब बदलाव चाहती थी, जिसके चलते भाजपा को भारी समर्थन मिला। सांसद ने इस ऐतिहासिक जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को सराहा और सभी राज्यों की जनता को धन्यवाद एवं बधाई दी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए प्रतिबद्ध है। जश्न के दौरान अंबिका ख्वास, भारत यादव, वीरभद्र सिंह, दिलीप श्रीवास्तव, मनोज सिंह, श्याम बाबू गुप्ता, अशोक पप्पू, उमेश शर्मा, चन्द्रशेखर सिंह, अमर स्वर्णकार, कनक बादशाह, निवारण प्रसाद, अरविंद राय, विमल कुमार, लालबाबू सहित कई कार्यकर्ता व स्थानीय लोग मौजूद रहे। Source link

झारखंड

गजब का लगाया दिमाग! SP के नाम पर अकाउंट से 16 करोड़...

Last Updated:April 27, 2026, 10:56 IST Bokaro News: एसपी के नाम पर खुले एक फर्जी खाते से 2017 से 2025 के बीच 271 ट्रांजेक्शन के जरिए 15.98 करोड़ रुपये निकाले गए.जांच में पता चला कि इस खाते को 14 अलग-अलग जीपीएफ नंबरों से जोड़ा गया था, जिनमें से ज्यादातर दूसरे लोगों के थे. घोटाले को छिपाने के लिए जनवरी 2026 में इस खाते को मास्टर डेटाबेस से हटा दिया गया. साथ ही हजारों कर्मचारियों की जन्मतिथि और जॉइनिंग डेट में भी गड़बड़ी पाई गई है. झारखंड में बड़ा घोटाला (AI फोटो) बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासन को हिला दिया है. यहां एसपी (पुलिस अधीक्षक) के नाम पर खुले एक बैंक खाते से करीब 15.98 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी की गई है. ये पैसा साल 2017 से 2025 के बीच 271 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए निकाला गया. महालेखाकार ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए उच्चस्तरीय जांच की सिफारिश की है. जांच में यह भी सामने आया है कि IFMS (इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के डेटा के साथ बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई. निकाली गई रकम में से 12.48 करोड़ रुपये यात्रा भत्ता (TA), 2.71 करोड़ रुपये जीएसटी और करीब 63 लाख रुपये वन कार्य के नाम पर निकाले गए. हैरानी की बात यह है कि एसपी के इस खाते को 14 अलग-अलग जीपीएफ नंबर से जोड़ा गया था, जिनमें से 13 नंबर अन्य लोगों के थे. मास्टर डेटाबेस से हटाया नामघोटाले को छिपाने के लिए जनवरी 2026 में इस संदिग्ध खाते को मास्टर डेटाबेस से ही हटा दिया गया, ताकि कोई सबूत न मिले. इसके अलावा, 2175 कर्मचारियों की जन्मतिथि और 5037 मामलों में जॉइनिंग डेट में भी गड़बड़ी पाई गई है. इस मामले में जांच तेज हो गई है. एसपी ऑफिस के अकाउंट सेक्शन में काम करने वाले होमगार्ड जवान सतीश कुमार सिंह से सीआईडी टीम पूछताछ कर रही है. जानकारी के अनुसार, उसके खाते में 1.06 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ था. पत्नी और मां के खातों में ट्रांसफर किए पैसेपुलिस रिमांड में आरोपी कौशल पांडे ने सतीश कुमार का नाम लिया है. बताया जा रहा है कि सतीश अपने खाते में आए पैसों का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा कौशल को दे देता था. इसके अलावा, उसने अपनी पत्नी और मां के खातों में भी पैसे ट्रांसफर किए. हालांकि, अब तक उसकी पत्नी और मां से पूछताछ नहीं हुई है और कौशल पांडे की गिरफ्तारी के बाद भी उसकी पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है. About the Author Manish Kumar मनीष कुमार इस समय न्यूज18 हिंदी में बिहार, झारखंड और दिल्ली की टीम को लीड कर रहे हैं. इन राज्यों की बड़ी खबरों से लेकर खास फीचर स्टोरी तक, उनकी नजर हर अहम मुद्दे पर रहती है. उनका मुख्य उद्देश्य है कि हर जरूरी ख…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand First Published : April 27, 2026, 10:56 IST Source link

झारखंड

हजारीबाग के NH-19 पर चलते ट्रक में लगी आग:ड्राइवर-खलासी ने नीचे कूदकर...

हजारीबाग के चौपारण थाना क्षेत्र स्थित चोरदाहा पिकेट के पास मंगलवार को एनएच-19 पर सरिया लदे एक चलते ट्रक में अचानक आग लग गई। आग की लपटें बढ़ती देख ड्राइवर और खलासी ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रक से नीचे छलांग लगा दी, जिससे वे सुरक्षित बच गए। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह जलकर खाक हो गया। दरअसल, ट्रक झारखंड के रामगढ़ से सरिया लादकर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जा रहा था। चोरदाहा चेक पोस्ट के पास पहुंचते ही ट्रक के केबिन के निचले हिस्से से धुआं निकलने लगा। ट्रक के पीछे लदा सरिया सुरक्षित रहा देखते ही देखते आग ने इंजन और केबिन को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने से ट्रक का अगला हिस्सा और केबिन पूरी तरह जलकर राख हो गए। हालांकि पीछे लदा सरिया सुरक्षित रहा। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या इंजन में तकनीकी खराबी बताई जा रही है। इधर, घटना की सूचना मिलते ही चोरदाहा पिकेट प्रभारी नीतीश कुमार ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचित किया। हालांकि, बरही से चौपारण के बीच नेशनल हाईवे की जर्जर हालत के कारण दमकल की गाड़ी को मौके पर पहुंचने में लगभग एक घंटे की देरी हुई। जब तक फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया, तब तक ट्रक का केबिन पूरी तरह जल चुका था। एनएच-19 पर वाहनों की लंबी कतार लग गई हाईवे के बीचों-बीच ट्रक में आग लगने से एनएच-19 पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मुख्य मार्ग पर परिचालन रोक दिया और वाहनों को सर्विस रोड से डायवर्ट किया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। Source link

Scroll to Top