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JEE, NEET, CUET…सबकी तैयारी आधी फीस पर! यहां मिल रही खास स्कॉलरशिप,...

Last Updated:May 01, 2026, 13:47 IST Palamu Scholarship For JEE, NEET, CUET Preparation: बोर्ड परीक्षा में कम मार्क्स आए हैं और परिवार की माली हालत ठीक नहीं है तो भी पलामू के स्टूडेंट्स जेईई, नीट, सीयूईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं. उन्हें नंबरों के हिसाब से फीस में छूट दी जाएगी, डिटेल चेक करें. पलामू. बोर्ड परीक्षा के परिणाम अक्सर विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को तय करने का माध्यम बन जाते हैं, जबकि सच्चाई इससे कहीं अलग है. कई छात्र-छात्राएं ऐसे हैं जोकि बोर्ड में 60 प्रतिशत से कम आने पर खुद को कम आंकने लगते हैं. कई बार परिवार और समाज से अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाता, ताने सुनने पड़ते हैं और अपने सपनों को लेकर निराशा घर कर जाती है. वही पलामू में एक संस्था ऐसे छात्रों के लिए खास स्कॉलरशिप दे रही है. कई बार विद्यार्थी जो विज्ञान विषय लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं, कम अंकों के कारण खुद को उस राह से अलग होते हुए देखते हैं. लेकिन अब ऐसे छात्रों के लिए एक नई पहल की गई है, जिसमें यह संदेश दिया जा रहा है कि अंक कम आने से सपने छोटे नहीं हो जाते. पलामू जिले के बाईपास रोड समीप संचालित सेकंड स्कूल में छात्रों को स्कॉलरशिप दी जा रही है. इतनी फीस में होगी तैयारीसंस्था के डायरेक्टर ऋषिकेश कुमार ने कहा कि बोर्ड एग्जाम में 60 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को आधी फीस में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ-साथ सीयूईटी की तैयारी कराई जाएगी. लगभग 7 से 8 हजार रुपये की किफायती फीस में 12वीं की पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की मजबूत तैयारी कराई जाएगी. आज के समय में केवल बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अच्छे विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए सीयूईटी परीक्षा में सफलता भी जरूरी है. इसी को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को शुरू से ही सही दिशा में मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे अपने लक्ष्य तक पहुंच सकें. किसको कितनी छूटउन्होंने आगे कहा कि छात्र आईआईटी और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का सपना देखते हैं, उनके लिए भी विशेष रियायत दी जा रही है. 60 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों को लगभग 15 हजार रुपये में, यानी 50 प्रतिशत छूट के साथ तैयारी कराई जाएगी. इसके अलावा, मेधावी छात्रों को भी प्रोत्साहित करने के लिए आकर्षक स्कॉलरशिप की व्यवस्था की गई है. 92 से 95 प्रतिशत अंक लाने वाली छात्राओं को 30 प्रतिशत और छात्रों को 20 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है, जबकि 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जा रही है. इतने छात्रों को मिली सफलतासंस्थान का यह भी कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन पढ़ने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए फीस कभी बाधा नहीं बनेगी. संस्थान के कई छात्र पहले ही एनआईटी जमशेदपुर, एनआईटी त्रिची और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं. हाल ही में जेईई परीक्षा में यहां के 17 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है, जिनमें से 12 को एनआईटी मिलने की संभावना है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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सिमरिया में सड़क हादसे में महिला की मौत:सिमरिया-टंडवा मुख्य मार्ग पर किया...

चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद ग्रामीण और परिजन सड़क पर उतर आए और जाम लगा दिया। उन्होंने सिमरिया-टंडवा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया है। प्रदर्शनकारी मुआवजे और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग कर रहे हैं। यह घटना गुरुवार शाम करीब 6 बजे सिमरिया-टंडवा मार्ग पर स्थित ‘ईश्वर दयाल पेट्रोल पंप’ के पास हुई। कटिया मूर्व गांव की 40 वर्षीय बिखी देवी को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। बिखी देवी डाड़ी चौक स्थित बैंक से अपनी आवास योजना की अगली किस्त की राशि निकालकर पैदल घर लौट रही थीं। अज्ञात वाहन की टक्कर इतनी भीषण थी कि अस्पताल ले जाते समय बिखी देवी ने दम तोड़ दिया। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल शव को सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। सड़क जाम की वजह से रोड के दोनों ओर कोयला लदे ट्रकों और यात्री वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों की मुख्य मांगें हैं कि दोषी वाहन चालक की पहचान कर उस पर कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और इस मार्ग पर सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। Source link

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गुमला में सड़क हादसे में युवक की मौत:घाघरा के कस्तूरबा विद्यालय के...

गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया। यह घटना मसरिया मोड़ स्थित कस्तूरबा विद्यालय के समीप गुरुवार देर रात हुई। मृतक की पहचान दोदांग गांव निवासी रोहित उरांव के रूप में हुई है, वहीं घायल युवक सोनू उरांव है। पुलिस के अनुसार, दोनों युवक अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गांव दोदांग से घाघरा की ओर जा रहे थे। कस्तूरबा विद्यालय के पास उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित हो गई, जिससे वे सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने रोहित उरांव को मृत घोषित कर दिया, जबकि सोनू उरांव का इलाज जारी है। सूचना मिलने पर घाघरा थाना पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। पुलिस ने घटना की जानकारी ली और शव को कब्जे में लेकर थाने ले आई। शुक्रवार को शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया गया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। गौरतलब है कि गुमला जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान और वाहन जांच चला रहा है, लेकिन इसके बावजूद सड़क दुर्घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। Source link

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केमिकल छोड़ें, पपीते के पत्ते अपनाएं! कोडरमा के किसान का देसी कीटनाशक,...

होमफोटोकृषि कोडरमा के किसान का देसी कीटनाशक, फसलों को कीटों से रखे सुरक्षित Last Updated:May 01, 2026, 13:34 IST बदलते मौसम के साथ खेती की चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं. खासकर जैविक (ऑर्गेनिक) खेती करने वाले किसानों के सामने कीटों का हमला एक बड़ी समस्या बनकर उभर रहा है. फसल में कीट लगने के बाद उनसे निपटना किसानों के लिए मुश्किल हो जाता है. ऐसे हालात में कोडरमा जिले के कई किसान पारंपरिक और घरेलू उपाय अपनाकर अपनी फसलों को सुरक्षित रख रहे हैं. कोडरमा जिले के यदुटांड़ निवासी किसान विनोद यादव पिछले कई वर्षों से ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं. उनका कहना है कि पहले के समय में, जब बाजार में रासायनिक कीटनाशक आसानी से उपलब्ध नहीं होते थे, तब उनके पूर्वज पपीते के पत्तों का उपयोग कर कीटों को दूर भगाते थे. यह पारंपरिक तरीका आज भी उतना ही प्रभावी साबित हो रहा है. विनोद यादव बताते हैं कि पपीते के पत्ते कड़वे होते हैं और इनमें ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं. ये कीटों को फसल से दूर रखने में मदद करते हैं. इस घरेलू कीटनाशक को तैयार करने के लिए दो से चार पपीते के पत्तों को लेकर उन्हें 12 से 24 घंटे तक पानी में भिगोया जाता है, जिससे उनका रस पानी में अच्छी तरह मिल जाता है. यदि जल्दी घोल तैयार करना हो, तो पत्तों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर धीमी आंच पर 15 से 20 मिनट तक उबाला जा सकता है. इसके बाद घोल को ठंडा कर लिया जाता है और उसमें थोड़ा सा डिटर्जेंट पाउडर मिलाया जाता है, ताकि यह पत्तियों पर अच्छी तरह चिपक सके. Add News18 as Preferred Source on Google इस तैयार घोल को स्प्रे बोतल में भरकर सुबह और शाम के समय फसलों पर, खासकर कटे-फटे पत्तों और फूलों पर छिड़काव किया जाता है. नियमित उपयोग से कीटों का प्रभाव काफी कम हो जाता है और फसल सुरक्षित रहती है. इस प्राकृतिक कीटनाशक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे फसल पर किसी तरह का रासायनिक असर नहीं पड़ता. इससे सब्जियों और अन्य फसलों का स्वाद प्राकृतिक बना रहता है और उनमें किसी भी प्रकार की केमिकल गंध नहीं आती, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है. Source link

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गुमला में ट्रैक्टर-बाइक की टक्कर, एक की मौत:एक युवक गंभीर रूप से...

गुमला जिले में गुरुवार देर रात एक ट्रैक्टर और बाइक की टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना गुमला सदर थाना क्षेत्र के टैसेरा मोड़ के पास हुई। मृतक की पहचान अंबवा बेरटोली निवासी अरविंद खड़िया (32) के रूप में हुई है, जबकि घायल बंगरू पालकोट निवासी पैरू बिलुंग (30) है। जानकारी के अनुसार, अरविंद खड़िया पैरू बिलुंग को उसके घर बंगरू छोड़ने जा रहा था। टैसेरा मोड़ के पास सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर से उनकी बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। इधर, स्थानीय लोगों ने तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को गुमला सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान अरविंद खड़िया ने दम तोड़ दिया। पैरू बिलुंग की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शुक्रवार को एसआई विनय कुमार महतो ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। Source link

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कोडरमा में हाथियों का आतंक, ग्रामीणों ने सड़क जाम किया:घरों को तोड़ा,...

कोडरमा जिले के सतगावां थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों के उत्पात से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह कटैया मोड़ पर सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों ने एक महीने में कई फसलों, घरों और मवेशियों को नुकसान पहुंचाया है और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। ताजा घटना गुरुवार देर रात कटैया गांव में हुई, जहां हाथियों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान सर्जन प्रसाद यादव का मिट्टी का घर पूरी तरह ढहा दिया गया और घर में बंधे भैंस के बच्चे को भी मार डाला। पंचायत भवन के गेट को भी पहुंचाया नुकसान इसी गांव में द्वारिक यादव के पशु शेड को भी हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे शेड में बंधा एक बकरी का बच्चा ईंट गिरने से दबकर मर गया। हाथियों ने पंचायत भवन के गेट को भी काफी नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब 15 दिन पहले भी हाथियों के इसी झुंड ने कटैया गांव में एक युवक को मौत के घाट उतार दिया था। उस समय भी आक्रोशित ग्रामीणों ने कोडरमा-सतगावां मुख्य मार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। तब डीएफओ, बीडीओ, सीओ सहित जिले के कई अधिकारियों ने गांव पहुंचकर लोगों को समझाया था और जल्द ही हाथियों को इलाके से भगाने का आश्वासन दिया था। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन के बावजूद न तो हाथियों का उत्पात रुका है और न ही उन्हें भगाया गया है। कटैया मोड़ को किया जाम बार-बार हो रही घटनाओं के बावजूद वन विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए जाने से ग्रामीण उग्र हो गए और सतगांवां-देवघर मुख्य मार्ग स्थित कटैया मोड़ को जाम कर दिया है। इधर, सड़क जाम होने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सौरभ कुमार शर्मा अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा बुझाकर करीब दो घंटे के बाद जाम हटवाने में सफलता पाई। मुख्य मार्ग को घंटों जाम रखने के बाद ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि हाथियों को भगाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जल्द से जल्द नहीं किए गए तो वे आगे और भी उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। Source link

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किशोरी की मौत बनी मिस्ट्री! चिता से लाश उठाकर लाई पुलिस, चौंक...

Last Updated:May 01, 2026, 12:29 IST Gumla News: गुमला में एक किशोरी की संदिग्ध मौत हो गई. वह शौच के लिए घर से निकली थी, लेकिन काफी देर तक नहीं लौटी. ढूंढ़ने पर उसकी लाश बरामद हुई. परिवार वालों ने जल्दबाजी में अंतिम संस्कार का फैसला किया, लेकिन सूचना मिलने पर पुलिस आ पहुंची. चिता से उसकी लाश उठवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. गुमला में नाबालिग की संदिग्ध मौत. गुमलाः झारखंड के गुमला में 15 साल की लड़की की मौत मिस्ट्री बन गई. वह घर से शौच के लिए निकली थी, कई घंटों तक नहीं लौटी. घरवालों ने काफी खोजबीन की, तो सुनसान जगह पर उसका शव पड़ा हुआ मिला. परिवार को कुछ समझ नहीं आ रहा था, पहले तो उसे अंतिम संस्कार के लिए ले गए. लेकिन जैसे ही ध्यान दिया उसके शरीर पर चोट के निशान दिखे. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और चिता के ऊपर से शव बरामद किया. हत्या की आंशका पर जांच की जा रही है. मामला गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र के मूरगु गांव का है. जहां एक नाबालिग किशोरी की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को दहला दिया. 15 वर्षीय निधि कुमारी देर शाम शौच जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी. परिजनों ने जब उसकी तलाश शुरू की तो गांव के पास उसका शव संदिग्ध हालत में मिला, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया. घटना के बाद परिजन जल्दबाजी में शव को अंतिम संस्कार के लिए कोयल नदी के तट पर ले गए. लेकिन चिता पर रखने के दौरान जब कपड़ा हटाया गया तो किशोरी के गले और शरीर पर गहरे जख्म के निशान देख सभी के होश उड़ गए. परिजनों ने तुरंत हत्या की आशंका जताई और पुलिस को सूचना दी. चिता से उठवाया शवसूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रुकवाई. पुलिस ने चिता से शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इस दौरान मौके पर मौजूद ग्रामीण भी हैरान रह गए कि जिस शव का अंतिम संस्कार होने वाला था, उसे अचानक जांच के लिए ले जाया जा रहा है. पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है और हर एंगल से जांच की जा रही है. किशोरी के शरीर पर मिले जख्म कई सवाल खड़े कर रहे हैं. यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हत्या का मामला है या किसी अन्य कारण से मौत हुई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा. जांच में जुटी पुलिसगांव में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है. लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं, वहीं परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल पूरे इलाके की निगरानी बढ़ा दी गई है और पुलिस हर पहलू पर जांच में जुटी हुई है. About the Author Mahesh Amrawanshi कहानी सुनने, गुनने और लिखने का शौकीन. शुद्ध कीबोर्ड पीटक. माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी भोपाल से शिक्षा-दीक्षा. द सूत्र, खबरिया न्यूज़, दैनिक नई दुनिया (अखबार) से सीखते हुए हाल मुकाम News18 है. 5 साल से पत्रकार…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Gumla,Gumla,Jharkhand Source link

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Only Rs 5000 will have to be spent for state level food...

. फूड सेफ्टी विभाग की नई गाइडलाइन ने इस बार नियमों का ऐसा “झालमुड़ी मिक्स’ तैयार किया है, जिसमें बड़े व्यापारियों के साथ-साथ सड़क किनारे साइकिल पर झालमुड़ी बेचने वाले और मोबाइल फूड वेंडरों को भी बड़ी राहत मिली है। सरायकेला-खरसावां समेत पूरे झारखंड में अब 50 करोड़ रुपए तक का टर्नओवर करने वाले व्यापारियों को राज्य स्तरीय फूड सेफ्टी लाइसेंस के लिए मात्र 5000 रुपए खर्च करने होंगे। सबसे अहम बदलाव यह है कि अब व्यापार बढ़ने पर बार-बार लाइसेंस बदलने की झंझट खत्म कर दी गई है। पहले 12 लाख रुपए तक के टर्नओवर पर 2000 रुपए में लाइसेंस बनता था, लेकिन इससे अधिक कारोबार होने पर नए सिरे से लाइसेंस और कई तरह की औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थीं, जिससे समय और पैसा दोनों खर्च होते थे। अब एक ही लाइसेंस के तहत व्यापारी 50 करोड़ तक कारोबार कर सकेंगे। इसके अलावा, जिन व्यापारियों को राष्ट्रीय स्तर का लाइसेंस चाहिए, वे 7500 रुपए शुल्क देकर एक बार में ही यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। फूड सेफ्टी ऑफिसर सुधीर रंजन ने बताया कि यह बदलाव व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है। वहीं, छोटे कारोबारियों को भी बड़ी राहत दी गई है। पहले सड़क किनारे झालमुड़ी बेचने वाले या मोबाइल फूड वेंडरों को कार्रवाई से बचने के लिए प्रज्ञा केंद्र या फूड मित्र के माध्यम से सालाना 100 रुपए का चालान कटवाना पड़ता था। अब उन्हें इस प्रक्रिया से मुक्त कर दिया गया है और किसी दायरे में नहीं रखा गया है। नई व्यवस्था से उम्मीद की जा रही है कि छोटे और बड़े, दोनों तरह के कारोबारियों को राहत मिलेगी और व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। सरायकेला नगर क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुधीर रंजन के नेतृत्व में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान खुदरा व थोक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच में एक दुकान पर एक्सपायर्ड नारियल पानी पाए जाने पर मौके पर ही उसे नष्ट कराया गया और संबंधित दुकानदार पर 2000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं, एक अन्य थोक विक्रेता के गोदाम में गंदगी एवं बिना लेबल के खाद्य सामग्री मिलने पर भी 2000 रुपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया। अभियान के दौरान गोलगप्पा विक्रेताओं की भी जांच कर साफ-सफाई को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए। विभाग ने सभी कारोबारियों को चेतावनी दी है कि एक्सपायर्ड या अज्ञात स्रोत के खाद्य पदार्थों की बिक्री न करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी। Source link

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1 लाख के इनामी नक्सली का पोस्टमॉर्टम आज:कल कोल्हान जंगल में 45...

कोल्हान के टोटो व गोइलकेरा प्रखंड की सीमा से लगे घने जंगल में बुधवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच करीब 45 मिनट तक मुठभेड़ हुई थी। इसमें मारे गए नक्सली इसराइल पूर्ति का शव गुरुवार देर रात सदर अस्पताल लाया गया। शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पोस्टमॉर्टम के लिए तीन डॉक्टरों की टीम बनाई गई है। इसराइल पूर्ति ने 13 साल की उम्र में में बंदूक थाम ली थी। वो वर्ष 2017 में नक्सली संगठन में शामिल हुआ था। उसने उसी साल पांचवी कक्षा पास की थी। उसके पिता चरण पूर्ति नहीं चाहते थे कि बेटा नक्सली बने, लेकिन गांव के पास चल रहे ट्रेनिंग सेंटर और सागेन अंगारिया के प्रभाव में आकर वह दस्ते में शामिल हो गया। बताया जाता है कि घटना के समय वह अपने गांव के पास ही दस्ते के साथ आया हुआ था। सुरक्षित रास्ता दिखाने में था एक्सपर्ट इसराइल पूर्ति मूल रूप से गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सांगाजाटा गांव का निवासी था। वह संगठन में एरिया कमांडर स्तर के नक्सलियों का करीबी और भरोसेमंद सदस्य माना जाता था। कोल्हान के दुर्गम जंगलों की भौगोलिक जानकारी होने के कारण वह दस्ते को सुरक्षित रास्ते उपलब्ध कराने और सुरक्षाबलों की गतिविधियों पर नजर रखने में अहम भूमिका निभाता था। उसके खिलाफ पुलिस मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या, अपहरण और आईईडी ब्लास्ट जैसी कई गंभीर घटनाओं में संलिप्तता के मामले दर्ज थे। हाल ही में हुए रमेश चांपिया हत्याकांड में भी उसकी सक्रिय भूमिका सामने आई थी। उसकी मौत को नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बुधवार को ही मारा गया था इसराइल इधर, खराब मौसम और दुर्गम इलाके के कारण गुरुवार देर शाम तक शव जंगल में ही था। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ बुधवार सुबह करीब 4:30 हुई, जब कोबरा कमांडोज का सामना नक्सलियों के सबजनल कमांडर सागेन अंगारिया के दस्ते से हुआ। मुठभेड़ में दस्ते का एक सक्रिय सदस्य और इलाके की अच्छी जानकारी रखने वाला इसराइल पूर्ति बुधवार को ही मारा गया था। घटना के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। एसपी अमित रेनू ने बताया कि 5 लाख के इनामी सेज अंगरिया के दस्ते से लगातार आमना-सामना हो रहा है और ऑपरेशन अभी भी जारी है। Source link

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मात्र 35 हजार से शुरू करें हेलमेट का बिजनेस, रांची के दुकानदार...

Last Updated:May 01, 2026, 10:34 IST ऐसे युवा जो रोजगार करना चाहते हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें तो उनके लिए कम बजट में हेलमेट का बिजनेस एक बढ़िया कारोबार हो सकता है. हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि हेलमेट का बिजनेस करने के लिए बाजार सेलेक्शन और लोकेशन का ध्यान जरूर रखें. इसके लिए बड़े दायरे का बाजार होना चाहिए जहां कई इलाकों के लोग शॉपिंग के लिए आते हों या फिर जहां वाहनों की रिपेयरिंग का काम होता है ऐसे बाजार में दुकान रख सकते हैं. ख़बरें फटाफट कैलाश कुमार/बोकारो: आज के समय में सड़कों पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसके साथ ही लोगों में सुरक्षा को लेकर जागरूकता भी तेजी से बढ़ी है. यही कारण है कि हेलमेट की मांग पहले के मुकाबले काफी ज्यादा हो गई है और यह व्यवसाय युवाओं के लिए एक अच्छा विकल्प बनकर उभर रहा है. ऐसे में चास स्थित सांई एसेसरीज के हेलमेट दुकान के संचालक संजय दत्ता बीते 15 सालों से सफलतापूर्वक हेलमेट बिजनेस का संचालन कर रहे हैं और उन्होंने हेलमेट व्यवसाय को लेकर खास टिप्स साझा किया है.  दुकान के संचालक संजय दत्ता बताते हैं कि कोई भी युवा महज 30 से ₹35 हजार की शुरुआती पूंजी के साथ हेलमेट बिजनेस को शुरू कर अच्छा मुनाफा कमा सकता है. उन्होंने बताया कि छोटे शहरों में हेलमेट का बिजनेस करने के लिए एक दुकान लेना होगा. इसके लिए लगभग 5,000 रूपये का किराया लेकर चलते हैं तो लगभग 30 हजार रुपये और खर्च होगा. हेलमेट सजाकर रखने और ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए शोकेस बनवाने में 5,000 रुपये खर्च आएगा. इसके बाद करीब 25,000 रूपये का हेलमेट स्टॉक रखना होगा. इतने खर्च के साथ यह काम आसानी से शुरू किया जा सकता है. स्थानीय मार्केट में ब्रांडेड और नॉन-ब्रांडेड दोनों तरह के हेलमेट की अच्छी डिमांड होती है. दुकान संचालक संजय ने बताया कि अगर कोई दुकानदार रोजाना 20 से 50 हेलमेट भी बेचता है तो प्रति पीस लगभग 10 से 15% मार्जिन के हिसाब से 200 रूपये की आमदनी आसानी से हो जाती है. महीने में लो बजट ब्रांडेड और मिड रेंज ब्रांडेड ISI हेलमेट से 40,000 की कमाई आसानी से हो सकती है. बड़े शहरों में अधिक संख्या में हेलमट बेचकर रोजाना ₹2,000 से ₹5,000 तक कमाई आसानी से की जा सकती है. इससे महीने में 50,000 से 1 लाख तक की कमाई संभव है. इसके अलावा, हेलमेट रिपेयरिंग जैसे वाइजर (ग्लास) बदलना, स्ट्रैप ठीक करना या फिटिंग एडजस्ट करना जैसी सेवाओं से भी अतिरिक्त कमाई हो सकती है. इसमें हर हेलमेट पर करीब 30 से 50 रूपये तक की कमाई आसानी से हो जाती है. इस व्यवसाय में सफलता के लिए सबसे जरूरी है ग्राहक को अच्छी क्वालिटी का हेलमेट किफायती कीमत पर उपलब्ध कराना और साथ ही समय-समय पर डिस्काउंट और बेहतर सर्विस देकर रेगुलर कस्टमर बनाए रखना. थोक में सस्ते और अच्छे हेलमेट खरीदने के लिए लोकल डीलर के आलावा भी कोलकाता और दिल्ली के होल सेल बाजार और व्यापारी से संपर्क कर बेहतर आमदनी कमा सकते हैं. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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