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सीसीएल खदान शुरू होते ही विवाद गहराया:रैयत विस्थापितों ने नौकरी और मुआवजे...

रामगढ़ जिले के सीसीएल बरका सयाल क्षेत्र की भुरकुंडा कोलियरी के अंतर्गत संगम खुली खदान शुरू होते ही विवादों में घिर गई है। खदान चालू होने के महज 24 घंटे के भीतर रैयत विस्थापित ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। रैयत विस्थापित मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण आंदोलन पर उतर आए। उन्होंने खदान में चल रहे काम को बंद करा दिया, जिससे उत्खनन स्थल पर गाड़ियों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा। प्रदर्शन में कई ग्रामीण पारंपरिक हथियारों के साथ भी नजर आए। आंदोलनकारियों ने खदान परिसर में पहुंचकर काम रुकवाया और साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक खदान में कोई काम नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए कहा, “जिसकी जमीन, उसको काम नहीं तो खदान का काम बंद रहेगा।” ग्रामीणों का कहना है कि उनके पूर्वजों की जमीन सीसीएल ने विकास और परियोजना के नाम पर अधिग्रहित की थी। उस समय उन्हें उचित मुआवजा, नौकरी और अन्य सुविधाएं देने का भरोसा दिया गया था। हालांकि, वर्षों बीत जाने के बाद भी विस्थापित परिवारों को उनका हक नहीं मिला है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रबंधन हर बार केवल आश्वासन देता है, लेकिन जमीन देने वाले परिवारों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता। इसी नाराजगी के कारण अब उनका गुस्सा खुलकर सामने आया है। रैयत विस्थापित मोर्चा से जुड़े लोगों ने सीसीएल प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब कोरे आश्वासन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि जमीन अधिग्रहण के समय किए गए वादे पूरे नहीं किए गए, तो खदान का संचालन लगातार प्रभावित किया जाएगा। ग्रामीणों ने अपने हक और अधिकार के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने की बात कही। Source link

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हरियाली, ठंडी हवाएं और देसी स्वाद, जमशेदपुर का लुआबासा गांव बन रहा...

Last Updated:May 08, 2026, 15:29 IST Jamshedpur Best Place To Visit In Summer Evening: जमशेदपुर के पास घाटशिला रोड पर लुआबासा गांव है जिसे गर्मी का नया पिकनिक स्पॉट कह सकते हैं. यहां हरियाली, सनसेट व्यू मिलकर ऐसा नजारा बनाते हैं कि नजरें टिक जाती हैं. यहां खाने-पीने की भी अच्छी व्यवस्था है. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. इन दिनों मौसम लगातार गर्म होता जा रहा है. तेज धूप और गर्म हवाओं की वजह से लोग दिनभर घरों में रहने को मजबूर हैं. ऐसे में शाम होते ही हर कोई ऐसी जगह की तलाश में निकल पड़ता है, जहां थोड़ी ठंडी हवा मिले, छोटी-सी ड्राइव हो जाए और कुछ देर सुकून के साथ बैठकर प्रकृति का आनंद लिया जा सके. अगर आप भी जमशेदपुर के आसपास ऐसी ही किसी शांत और खूबसूरत जगह की तलाश में हैं, तो गोविंदपुर होते हुए घाटशिला रोड पर स्थित लुआबासा गांव आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है. शहर से दूर, सुकून की जगहजमशेदपुर से जैसे ही आप गोविंदपुर के रास्ते घाटशिला रोड की ओर बढ़ते हैं, वैसे ही शहर की भीड़भाड़ और शोर-शराबा पीछे छूटने लगता है. कुछ दूरी तय करने के बाद लुआबासा गांव का खूबसूरत नजारा लोगों का मन मोह लेता है. यहां चारों ओर हरियाली से ढके मैदान, पेड़-पौधे और प्राकृतिक सुंदरता देखने को मिलती है. खास बात यह है कि यहां आम, अमरूद और लीची के पेड़ बड़ी संख्या में मौजूद हैं, जो इस जगह को और भी आकर्षक बना देते हैं. परिवार या दोस्तों के संग बिताएं शामशाम के समय यहां का वातावरण बिल्कुल बदल जाता है. ठंडी हवाएं और डूबते सूरज का खूबसूरत दृश्य लोगों को अपनी ओर खींचता है. खासकर सनसेट के समय आसमान का रंग और हरियाली का मेल ऐसा दृश्य बनाता है, जिसे देखकर लोग घंटों वहीं बैठना पसंद करते हैं. रोड के बिल्कुल किनारे स्थित यह स्पॉट लोगों के लिए काफी सुविधाजनक भी है. यहां लोग अपनी बाइक या कार से आसानी से पहुंच सकते हैं और परिवार या दोस्तों के साथ आराम से समय बिता सकते हैं. इस जगह की सबसे अच्छी बात इसका शांत और पारिवारिक माहौल है. गांव से सटी होने की वजह से यहां सुरक्षा को लेकर भी लोग खुद को काफी सहज महसूस करते हैं. शाम के समय परिवार, युवा और बच्चे यहां घूमते और प्रकृति का आनंद लेते नजर आते हैं. खाने का भी तमाम सामानअगर खाने-पीने की बात करें तो यहां आसपास ग्रामीण स्वाद का भी भरपूर आनंद मिलता है. सड़क किनारे कई छोटे-छोटे स्टॉल और दुकानें लगी रहती हैं, जहां झालमुड़ी, चना मसाला, धुस्का, गुलगुला, समोसा, जलेबी और पकौड़ी जैसी कई स्वादिष्ट चीजें मिलती हैं. गांव के स्वाद और ताजगी से भरे ये व्यंजन लोगों की शाम को और भी खास बना देते हैं. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग कुछ पल सुकून और प्रकृति के बीच बिताना चाहते हैं. ऐसे में लुआबासा गांव उन लोगों के लिए एक शानदार जगह बनता जा रहा है, जहां कम खर्च में बेहतरीन नजारा, ठंडी हवा और ग्रामीण स्वाद का आनंद एक साथ मिल जाता है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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देवघर स्टेडियम में एक्सरसाइज करते युवक की मौत:सीने में दर्द के बाद...

देवघर शहर के केकेएन स्टेडियम में शुक्रवार सुबह एक्सरसाइज के दौरान एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इस घटना के बाद स्टेडियम में मौजूद लोगों के बीच अफरातफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत युवक की मदद करने का प्रयास किया और उसके परिजनों को सूचना दी। मृतक की पहचान अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। अभिषेक मूल रूप से हरियाणा के पानीपत के रहने वाले थे और वर्तमान में देवघर के कुंडा स्थित एक निजी अपार्टमेंट में अपनी पत्नी के साथ रहते थे। वह देवघर में एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। मैदान में ही बेहोश होकर गिर पड़े स्थानीय लोगों ने बताया कि अभिषेक प्रतिदिन की तरह शुक्रवार सुबह भी केकेएन स्टेडियम में दौड़ने और व्यायाम करने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। दर्द बढ़ने पर वह कुछ दूर तक संभलने की कोशिश करते रहे, लेकिन जल्द ही मैदान में ही बेहोश होकर गिर पड़े। घटना की सूचना मिलते ही उनकी पत्नी तुरंत स्टेडियम पहुंचीं। स्थानीय लोगों की सहायता से अभिषेक को तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। स्टेडियम में मौजूद लोगों ने बताया कि अभिषेक अपनी फिटनेस को लेकर नियमित रूप से सजग रहते थे और रोजाना सुबह व्यायाम करने आते थे। इस आकस्मिक घटना से पूरे इलाके में दुख व्याप्त है। स्थानीय निवासी संदीप दुबे ने बताया कि युवक अचानक गिर गया था, जिसके बाद सभी लोग उसे बचाने में जुट गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने तक काफी देर हो चुकी थी। Source link

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फुसरो-जैनामोड़ मार्ग पर सड़क हादसे में साइकिल सवार की मौत

भास्कर न्यूज | तुपकाडीह फुसरो-जैनामोड़ मुख्य मार्ग पर गुरुवार अहले सुबह बालीडीह ओपी क्षेत्र के तुपकाडीह स्थित मानगो चौक के कलाली मोड़ के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक साइकिल सवार की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान केवट टोला निवासी 60 वर्षीय नकुल महली के रूप में हुई है। घटना के बाद पत्नी समेत परिजनों के रोने-बिलखने से माहौल गमगीन हो गया। जानकारी के अनुसार नकुल महली किसी निजी काम से साइकिल से जैनामोड़ जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया। घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने फुसरो-जैनामोड़ मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर बालीडीह ओपी प्रभारी आनंद आजाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों को हिट एंड रन योजना सहित अन्य सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोगों ने जाम हटाया। फुसरो-जैनामोड़ मुख्य मार्ग पर लगातार हो रहे सड़क हादसों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं में कई लोग जान गंवा चुके हैं, जबकि कई गंभीर रूप से घायल होकर दिव्यांगता का शिकार हो चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की जर्जर हालत हादसों की सबसे बड़ी वजह है। मुख्य मार्ग पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। ऐसे में छोटे और बड़े वाहन चालक गड्ढों से बचने के लिए अचानक वाहन इधर-उधर मोड़ देते हैं, जिससे राहगीर, साइकिल सवार और बाइक चालक हादसे का शिकार हो जाते हैं। जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच इस मार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। जनवरी 2025 में फुसरो हिंदुस्तान पुल के पास वाहन की टक्कर से तीन बाइक सवार घायल हो गए थे। इनमें पेटरवार थाना क्षेत्र के पिछरी दक्षिणी पंचायत अंतर्गत पिपराटांड़ निवासी मोती मांझी के 22 वर्षीय पुत्र शिवदयाल हेंब्रम की मौत हो गई थी। वहीं, 14 जनवरी को तुपकाडीह मानगो चौक पर पिकअप वैन की टक्कर से तुपकाडीह निवासी फिरोज हसन के 14 वर्षीय पुत्र फहरान फिरोज हसन की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके अलावा जरीडीह थाना क्षेत्र के तांतरी मेन रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास सरिया लदे वाहन की चपेट में आने से मानगो तांतरी निवासी 26 वर्षीय मिथलेश रजक की भी जान चली गई थी। Source link

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Success Story: 30000 की लागत, 130000 का मुनाफा! किसान बैंगन की इस...

Last Updated:May 08, 2026, 12:57 IST Bokaro Success Story : बोकारो के बंगा गांव के किसान रतनलाल महतो ने 50 डिसमिल जमीन में मल्चिंग विधि से बैंगन की खेती किए हुए हैं. इस खेती से वह घर बैठे ही सालाना लाखों रुपये कमा रहे हैं. किसान ने बताया कि इसकी खेती बहुत ही आसान है. ख़बरें फटाफट बोकारो: अगर मेहनत करने का जज्बा हो और स्मार्ट तरीके से खेती की जाए तो छोटी जमीन से भी मोटी कमाई कमाई की जा सकती है. इसका बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहे हैं बोकारो जिले के पेटरवार प्रखंड के बंगा गांव के किसान रतनलाल महतो. बता दें कि किसान रतनलाल मल्चिंग विधि के जरिए नियमित बैंगन की खेती करते हैं. वह इस बैंगन की खेती से एक लाख रूपये का मुनाफा कमाकर स्थानीय किसानों को प्रेरित कर रहे हैं. आइये जानते हैं उनकी खेती के बारे में. जानें खेती में कितना होता है मुनाफा किसान रतनलाल महतो ने लोकल 18 से खास बातचीत में बताया कि वह एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं और वर्षों से खेती-किसानी करते आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि फरवरी महीने में बैगन की बुवाई की थी और बैगन की यह खास फसल 60 दिनों में तैयार हो जाती है. इसके बाद लगभग दो महीने तक लगातार इसकी तोड़ाई कर नियमित आमदनी करते हैं. मल्चिंग विधि से करते हैं खेती किसान ने बताया  50 डिसमिल जमीन में मल्चिंग विधि से बैगन की खेती करने में करीब ₹30 हजार की लागत आई और तैयार बैगन को वह पेटरवार बाजार में बेचते हैं. जहां औसतन ₹20 प्रति किलो का भाव मिलता है. ऐसे में करीब 80 क्विंटल उत्पादन होने पर लगभग 1 लाख 60 हजार तक की आमदनी हो जाती है और सभी खर्च निकालने के बाद किसान करीब ₹1 लाख 30 हजार तक का शुद्ध मुनाफा कमा लेते हैं. वहीं, मल्चिंग विधि का फायदा बताते हुए किसान रतनलाल महतो ने बताया कि मल्चिंग विधि मिट्टी में नमी बनाने के आलावा बहुत अधिक बारिश से भी हमें बचाती है. ऐसे में सभी किसानों को मल्चिंग विधि अपनाना चाहिए. किसान रतनलाल ने किसानों को सलाह दी है कि  बैंगन की खेती में आमतौर पर फल छेदक और पत्ता छेदक कीड़ों का सबसे अधिक प्रकोप होता है, जिसे सही समय पर जैविक कीटनाशकों का उपयोग कर फसल के नुकसान से बचाया जा सकता है. इससे उत्पादन भी बेहतर होता है. वहीं, किसानों को समय-समय पर कृषि विशेषज्ञों से भी राय लेनी चाहिए. इससे बेहतर पैदावार में मदद मिलती है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

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कोडरमा के कारी पहाड़ी में जल संकट:20 साल से दूषित पानी पीने...

कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड अंतर्गत डगरनवां पंचायत के कारी पहाड़ी और चटनिया दह गांवों में लगभग 100 लोग पिछले 20 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इन घने जंगलों के बीच बसे 10 परिवारों को पीने के पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं, हर दिन दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। पानी के लिए उन्हें घर से करीब आधा किलोमीटर दूर सोती नाला तक चढ़ाई-उतराई वाले रास्तों से गुजरना पड़ता है। वहां पहुंचकर वे पहले गंदे पानी से ही अपने बर्तन साफ करती हैं। गंदा पानी पीने को विवश इसके बाद, महिलाएं छोटे गड्ढे (चुआं) खोदकर उसमें जमा हुए पानी को छोटे कटोरे से बड़े बर्तन में डालती हैं। यह पानी काफी गंदा होता है, लेकिन ग्रामीण इसे पीने के लिए विवश हैं। गांव की महिला कुफरा मुर्मू ने बताया कि वे 20 साल पहले सिमरकुंडी गांव छोड़कर यहां आकर बसे थे। तब से वे लगातार पानी की समस्या से जूझ रहे हैं और कई बार जिला प्रशासन से इस संबंध में गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है। बरसात के दिनों में स्थिति और विकराल कुफरा मुर्मू के अनुसार, गर्मियों में पानी की समस्या और भी गंभीर हो जाती है। बरसात के दिनों में स्थिति और विकराल हो जाती है, क्योंकि तब चुआं खोदने की जगह भी नहीं बचती। ऐसे में उन्हें नदी के गंदे पानी को छानकर पीना पड़ता है। दूषित पानी पीने से लोग हो रहे बीमार इधर गांव की महिला शकुंतला मुर्मू ने बताया कि दूषित पानी पीने से कई बार इस गांव के बच्चे और बड़े लोग बीमार पड़ जाते हैं। इसकी वजह से वे कई प्रकार की बीमारियों से जूझते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में यह पानी और भी दूषित हो जाता है, जिसके कारण कई बार तो लोग लंबे समय तक बीमार रहते हैं। ऐसे में गांव में स्वास्थ्य संबंधित व्यवस्था नहीं होने के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। मजदूरी और खेती कर करते हैं लोग ग्रामीण लखन मुर्मू ने बताया कि इस गांव के लोग मुख्य रूप से मजदूरी और थोड़ी बहुत खेती भी करते हैं। उन्होंने बताया कि इस गांव में आने के लिए ना तो पक्की सड़क है और न ही अन्य कोई मूलभूत सुविधाएं। जिस पनसोता में चुआं खोदकर वे लोग पानी भरते हैं, उसी पनसोता में जानवर भी पानी पिया करते हैं। उन्होंने बताया कि इन समस्याओं से ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को कई बार अवगत कराया है। किंतु आजतक जिला प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। आजादी के 75 वर्ष से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद आज भी इस गांव के लोग ढिबरी युग में जीने को मजबूर हैं। इस संबंध में पीएचडी के अधिकारियों से वार्ता हुई है। वन क्षेत्र होने के कारण ट्यूबवेल या बोरिंग करने के लिए वन विभाग से एनओसी नहीं मिल पा रही है। हालांकि मेरे द्वारा वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी जा रही है। जल्द ही कोई समाधान निकाला जाएगा। -हुलास महतो, बीडीओ, मरकच्चो Source link

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गुमला में जंगली हाथी ने घर तोड़ा, बच्चा घायल:बूढ़ीपाठ गांव में घटना,...

गुमला जिले के भरनो प्रखंड स्थित बूढ़ीपाठ गांव में एक जंगली हाथी के हमले से एक कच्चा मकान ध्वस्त हो गया। इस घटना में घर में सो रहा 12 वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। गांव में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, बूढ़ीपाठ गांव निवासी रंजीत दास मजदूरी के लिए दूसरे राज्य गए हुए हैं। उनकी पत्नी उर्मिला देवी अपने दो बेटों के साथ घर पर सो रही थीं। देर रात अचानक एक जंगली हाथी गांव में घुस आया और उनके मिट्टी के मकान को तोड़ने लगा। हाथी के धक्के से घर की दीवार गिर गई। जान जोखिम में डालकर मिट्टी हटाकर अपने बेटे को बाहर निकाला दीवार गिरने से 12 वर्षीय रघुनाथ दास मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के समय हाथी घर के अंदर रखे चावल और अनाज खा रहा था। मां उर्मिला देवी ने जान जोखिम में डालकर मिट्टी हटाकर अपने बेटे को बाहर निकाला। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से घायल बच्चे को रात में ही भरनो अस्पताल पहुंचाया गया। बच्चे के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया। परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर रंजीत दास का परिवार बेहद गरीब है और उनका एकमात्र मिट्टी का कमरा पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। घर में रखा अनाज, बर्तन और अन्य घरेलू सामान भी मलबे में दबकर बर्बाद हो गया, जिससे परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। हाथी ने गांव के अन्य लोगों को भी नुकसान पहुंचाया। ग्रामीण नारायण दास का घर भी क्षतिग्रस्त हुआ है। वहीं, किसान बीरेश्वर उरांव के खेतों में लगी तरबूज, बैगन, टमाटर और लौकी की फसलें रौंद दी गईं। किसान ने बताया कि उसने खेती के लिए सेमियालता के करीब 500 पौधे लगाए थे, जो नष्ट हो गए। जिला उद्यान विभाग के सहयोग से तैयार किया गया ग्रीन हाउस भी हाथी के हमले में क्षतिग्रस्त हो गया। Source link

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XLRI से MBA करते ही खुलते हैं लाखों की नौकरी के रास्ते,...

Last Updated:May 08, 2026, 13:28 IST XLRI Admission Process: जमशेदपुर के XLRI से एमबीए करना चाहते हैं तो जान लें कि कौन सी परीक्षा पास करनी होगी, यहां की फीस कितनी है और अगर आर्थिक रूप से कमजोर हैं तो लोन की क्या व्यवस्था है. यहां के स्टूडेंट नमन ने इन सभी विषयों पर विस्तार से जानकारी दी. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. आज के समय में बड़ी संख्या में छात्र मैनेजमेंट की पढ़ाई करना चाहते हैं. हर साल लाखों विद्यार्थी देश के टॉप बिजनेस स्कूलों में एडमिशन लेने का सपना देखते हैं. ऐसे में जमशेदपुर स्थित XLRI – Xavier School of Management देश के सबसे प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थानों में गिना जाता है. यहां पढ़ाई करना लगभग हर मैनेजमेंट छात्र का सपना होता है. हालांकि कई छात्रों को यह जानकारी नहीं होती कि यहां एडमिशन कैसे मिलता है, किस परीक्षा की तैयारी करनी होती है और फीस से लेकर लोन तक की प्रक्रिया कैसी होती है. आज इसी बारे में विस्तार से जानते हैं. मास्टर्स के लिए कर सकते हैं आवेदनइसी विषय पर जानकारी देते हुए XLRI के छात्र नमन, जो हरियाणा से जमशेदपुर पढ़ाई करने आए हैं, बताते हैं कि सबसे पहले छात्रों को मानसिक रूप से तैयार रहना जरूरी है. उनका कहना है कि बैचलर डिग्री पूरी करने के बाद किसी भी फील्ड का छात्र यहां मास्टर्स के लिए आवेदन कर सकता है. ये परीक्षा पास करनी होगीनमन आगे बताते हैं कि XLRI में एडमिशन के लिए मुख्य रूप से XAT, GRE और GMAT जैसी परीक्षाओं के जरिए प्रवेश मिलता है. अगर छात्र BM यानी बिजनेस मैनेजमेंट या HRM यानी ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं, तो उन्हें XAT परीक्षा देनी होती है. वहीं जनरल मैनेजमेंट जैसे प्रोग्राम के लिए GRE, GMAT और XAT स्कोर स्वीकार किए जाते हैं. वे आगे बताते हैं कि अच्छे कॉलेज में सीट पाने के लिए छात्रों को लगभग 96 से 99 परसेंटाइल तक स्कोर लाना पड़ता है. हालांकि यह हर साल थोड़ा बदलता रहता है. इसके अलावा अलग-अलग रिजर्वेशन और जेंडर कैटेगरी के अनुसार कुछ छूट भी मिलती है. ऐसे करें तैयारीतैयारी के बारे में उन्होंने कहा कि छात्र ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से पढ़ाई कर सकते हैं. आज कई अच्छी गाइड, ई-बुक और ऑफिशियल स्टडी मटेरियल आसानी से उपलब्ध हैं. उन्होंने खासतौर पर बताया कि XAT की तैयारी में क्रिटिकल रीजनिंग, रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन और डिसीजन मेकिंग जैसे सेक्शन काफी महत्वपूर्ण होते हैं. इन विषयों पर मजबूत पकड़ बनाना बेहद जरूरी है. अच्छा एकेडमिक रिकॉर्ड मैटर करता हैसिर्फ लिखित परीक्षा ही नहीं, बल्कि इंटरव्यू भी एडमिशन का अहम हिस्सा होता है. नमन के अनुसार इंटरव्यू में छात्रों को आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखनी चाहिए. छात्रों को यह स्पष्ट होना चाहिए कि वे MBA क्यों करना चाहते हैं और उनका करियर का लक्ष्य क्या है. इसके साथ ही एक अच्छा एकेडमिक रिकॉर्ड और वर्क प्रोफाइल भी एडमिशन लेने में काफी मदद करता है. छात्रों को मिलता है काफी फायदाउन्होंने बताया कि XLRI की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत एलुमनाई नेटवर्क है. यहां के कई पुराने छात्र नए विद्यार्थियों की मदद करते हैं. कई एलुमनाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ्री में इंटरव्यू गाइडेंस और मॉक इंटरव्यू भी करवाते हैं, जिससे छात्रों को काफी फायदा मिलता है. अगर फीस की बात करें तो XLRI में पढ़ाई का खर्च लगभग 25 से 30 लाख रुपये तक होता है. हालांकि नमन बताते हैं कि छात्रों को एजुकेशन लोन लेने में ज्यादा परेशानी नहीं होती. कॉलेज का नाम और प्लेसमेंट रिकॉर्ड इतना मजबूत है कि कई बैंक आसानी से 10 दिनों के अंदर लोन पास कर देते हैं. शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्डXLRI की सबसे खास बात इसका शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड है. यहां लगभग हर छात्र को प्लेसमेंट मिलता है. देश और विदेश की बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां कैंपस प्लेसमेंट के लिए पहुंचती हैं. कई छात्रों को करोड़ों रुपये तक के पैकेज भी मिलते हैं. यही वजह है कि आज भी XLRI देश के सबसे पसंदीदा मैनेजमेंट संस्थानों में शामिल है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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जमीन विवाद में दो पक्षों में भिड़ंत:भू-माफियाओं पर अवैध कब्जा करने, मारपीट...

गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र के धुरैता मोड़ पर रैयती जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद गहरा गया है। पीड़ित ने भू-माफियाओं पर अवैध कब्जा करने, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित आशीष कुमार भदानी ने आरोप लगाया है कि लखन यादव समेत कुछ अन्य लोग जमीन पर अवैध निर्माण कार्य करा रहे थे। जब इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट की। इस दौरान महिलाओं और बुजुर्गों के साथ भी दुर्व्यवहार करने का आरोप है। उन्होंने पहले भी कई बार पुलिस प्रशासन को इस मामले की जानकारी दी थी। हालांकि, कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण भू-माफियाओं का मनोबल बढ़ा है। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस की ढिलाई के कारण ही दबंग लोग खुलेआम गरीब और असहाय लोगों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। विरोध करने वालों को डराया-धमकाया जा रहा है और उनके साथ मारपीट भी की जा रही है। दूसरे पक्ष ने आरोप को बेबुनियाद बताया इधर, दूसरे पक्ष के लखन यादव ने कहा कि उक्त जमीन उपेन्द्र सिन्हा की है और वे लोग जमीन पर बॉउंड्री गेट लगवा रहे थे। इसी दौरान आशीष भदानी समेत अन्य लोग वहां पहुंचे और तोड़फोड़ करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान मारपीट भी की गई। लखन यादव ने कहा कि पहले भी उनसे जमीन के कागजात मांगे गए थे, लेकिन न तो वे कागज दिखाते हैं और न ही कोई स्पष्ट जानकारी देते हैं। इसी बात को लेकर आज विवाद हुआ। उन्होंने कहा कि वे लोग वहां केवल खड़े होकर बीच-बचाव कर रहे थे और उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। जमीन विवाद में मारपीट की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी और स्थिति को शांत कराया गया। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -महेश चंद्रा, थाना प्रभारी, हीरोडीह Source link

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शिशु मंदिर की बेटियों ने बढ़ाया मान, इंटर में शानदार प्रदर्शन पर...

भास्कर न्यूज | धालभूमगढ़ धनपति सिंह देव सरस्वती शिशु मंदिर, धालभूमगढ़ में प्रातःकालीन वंदना सभा के दौरान इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाली विद्यालय की चार छात्राओं को सम्मानित किया गया। चारों छात्राओं ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भी इसी विद्यालय से प्राप्त की है, जिससे विद्यालय परिवार में गर्व और खुशी का माहौल है। विद्यालय की प्रधानाचार्या सावित्री दास ने छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इनमें साधना कुमारी ने विज्ञान संकाय में 93.4 प्रतिशत (467 अंक) प्राप्त कर अनुमंडल में द्वितीय टॉपर, जिले में चतुर्थ टॉपर तथा विद्यालय की प्रथम टॉपर बनने का गौरव हासिल किया। वहीं लक्की साव ने 78 प्रतिशत, अनामिका दास ने कला संकाय में 65 प्रतिशत तथा खुशी कुमारी ने 79 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में पांचवां स्थान हासिल किया। विद्यालय परिवार ने चारों छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी। इस अवसर पर शिक्षक लालटू नामाता, अनिमा दास, रश्मि देवी, सपना मिश्रा तथा विद्यालय सचिव नंदन कुमार सिंहदेव सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे। Source link

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