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झारखंड में लेना है विदेशी लोकेशन जैसा मजा, तो आएं देवघर के...

Last Updated:May 08, 2026, 11:22 IST Deoghar Punashi Dam Best Place To Visit: बाबा बैद्यनाथधाम के दर्शन के लिए देवघर आएं तो पुनाशी डैम जरूर घूमें. यहां की शांति, हरियाली और सुकून आपका मन मोह लेंगे और ऐसा लगेगा जैसे आप किसी विदेशी जगह पर आ गए हैं. लोकल के साथ ही बाहर से आने वाले पर्यटक भी यहां जरूर आते हैं. देवघर. झारखंड का देवघर वैसे तो पूरी दुनिया में बाबा नगरी के नाम से प्रसिद्ध है. यहां स्थित बाबा बैद्यनाथधाम बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं. सावन के महीने में तो यहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है. लेकिन देवघर सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सुंदरता और शांत माहौल के लिए भी लोगों की पसंदीदा जगह बनता जा रहा है. यहां कई ऐसे पर्यटन स्थल मौजूद हैं जहां पहुंचकर लोग कुछ समय के लिए शहर की भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी को भूल जाते हैं. इन्हीं खूबसूरत जगहों में एक नाम है पुनाशी डैम का, जो आजकल पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. शहर से 15 किलोमीटर की दूरी पर है यह डैमपुनाशी डैम देवघर शहर से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर पुनाशी गांव में स्थित है. यह जगह खासकर उन लोगों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है, जो प्रकृति के बीच शांत और सुकून भरा समय बिताना चाहते हैं. चारों तरफ फैला पानी, हल्की ठंडी हवाएं, हरियाली से घिरा वातावरण और शाम के समय डूबता सूरज इस जगह की खूबसूरती को और भी खास बना देता है. यहां पहुंचते ही लोगों को ऐसा महसूस होता है जैसे वे शहर के शोर-शराबे से बहुत दूर किसी शांत दुनिया में आ गए हों. यहां पहुंचकर आती है विदेश जैसी फीलगर्मी के दिनों में पुनाशी डैम लोगों को काफी राहत देता है. जब शहरों में तेज धूप और गर्म हवाओं से लोग परेशान रहते हैं, तब यहां का ठंडा और प्राकृतिक माहौल लोगों को सुकून पहुंचाता है. खासकर शाम के समय यहां लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है. स्थानीय लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ यहां घूमने पहुंचते हैं, वहीं बाहर से आने वाले पर्यटक भी इस जगह की सुंदरता का आनंद लेने आते हैं. कई लोग पानी के किनारे बैठकर घंटों प्रकृति को निहारते रहते हैं, तो कुछ लोग मोबाइल और कैमरे से यहां की खूबसूरत तस्वीरें कैद करते नजर आते हैं. यहां पहुंचने के बाद आपको विदेश जैसी फील आएगी. ठंडी हवा और शांत पानी पर्यटकों को करता है आकर्षितपुनाशी डैम सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि मानसिक शांति महसूस करने का भी एक शानदार स्थान है. यहां का शांत वातावरण लोगों के मन को काफी सुकून देता है. सुबह और शाम के समय यहां का नजारा बेहद मनमोहक दिखाई देता है. आसमान में उड़ते पक्षी, पानी में पड़ती सूरज की किरणें और आसपास की हरियाली इस जगह को और भी आकर्षक बना देती है. यही वजह है कि धीरे-धीरे यह जगह युवाओं, परिवारों और प्रकृति प्रेमियों की पसंदीदा लोकेशन बनती जा रही है. यह ट्रिप आपको अलग ही अनुभव देगाअगर आप भी कभी देवघर आएं और बाबा बैद्यनाथधाम में पूजा करने के बाद कुछ शांत और खूबसूरत पल बिताना चाहें, तो पुनाशी डैम जरूर जाएं. यहां का प्राकृतिक नजारा, ठंडी हवाएं और सुकून भरा माहौल आपको एक अलग ही अनुभव देगा. यह जगह उन लोगों के लिए बिल्कुल परफेक्ट है, जो प्रकृति के करीब रहकर कुछ यादगार पल बिताना चाहते हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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प्रिंस ने विवादित वीडियो जारी कर धनबाद SSP को धमकाया:पूर्व सीएम बाबूलाल...

भगोड़े अपराधी प्रिंस खान ने एक विवादित वीडियो जारी किया। इसमें धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार को धमकी दी गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। बाबूलाल मरांडी ने लिखा-झारखंड के इतिहास में बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति सामने आई है। इस वीडियो ने प्रशासनिक तंत्र और माफिया गठजोड़ को लेकर कई गंभीर आरोपों को सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है। यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति के बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने सीएम से पूछा है कि क्या राज्य का प्रशासनिक तंत्र माफिया के प्रभाव में काम कर रहा है। उन्होंने लिखा कि वीडियो में धनबाद के एसएसपी पर लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर है। गरीब और कमजोर लोगों को निशाना बनाकर उनकी जमीन पर कब्जे का प्रयास, माइनिंग माफिया व अफसरों के बीच गठजोड़ की आशंका, भय व दबाव बनाने के लिए वर्दी व सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल करने जैसे आरोप एसएसपी पर लगाए गए हैं। यह गंभीर है। लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी गहरा संकट है: बाबूलाल मरांडी गरीब और कमजोर लोगों को निशाना बनाकर उनकी जमीन पर कब्जे का प्रयास, माइनिंग माफिया और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच गठजोड़ की आशंका, भय व दबाव बनाने के लिए वर्दी व सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल करने जैसे आरोप एसएसपी पर लगाए गए हैं। अगर इन आरोपों में तनिक भी सच्चाई है तो यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी गहरा संकट है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन अधिकारियों पर इतने गंभीर आरोप लग रहे हों, उनके विरुद्ध निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की बजाय उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां क्यों सौंपी जा रही है। उन्होंने लिखा- इससे जनता में संदेश जाता है कि सत्ता और प्रभाव के आगे न्याय व्यवस्था कमजोर पड़ रही है। मरांडी ने लिखा कि सोशल मीडिया पर वायरल यह पूरा वीडियो व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री को उपलब्ध करा देंगे। ताकि वे यह न कह सकें कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी या फिर उनके मातहत काम करने वालों ने इस बारे में जानकारी नहीं दी। उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग उन्होंने संबं​धित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से हटाने, पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही माइनिंग माफिया, जमीन कब्जा व प्रशासनिक संरक्षण से जुड़े सभी आरोपों की न्यायिक निगरानी में जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने लिखा-जनता देख रही है कि सरकार कानून के शासन के साथ खड़ी है या माफिया तंत्र के दबाव में काम कर रही है। लोकतंत्र में सत्ता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता का विश्वास बनाए रखना है। अब यह सरकार के हाथ में है कि वह न्याय का रास्ता अपनाएगी या फिर आरोपों व अविश्वास के इस माहौल को और गहरा होने देगी। वीडियो में प्रिंस ने कहा-आप वर्दी में रंगदारी लेते हैं और मैं बिना वर्दी के लेता हूं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रिंस खान यह कहते हुए दिख रहा है- आप गरीब लोगों से इतना कोयला चोरी करवा रहे कि गरीब लोग धंस के मर जा रहे हैं। एक गाड़ी पर एक लाख रुपए तय कर दिया। सभी व्यापारियों का जीना हराम कर रखा है। अपने बारे में तो बोलते नहीं कि आप भी रंगदारी लेते हैं। आप वर्दी पहनकर रंगदारी लेते हैं और हम बिना वर्दी पहने। हमने जिसको मारना चाहा, उसे बचा लिया क्या। अब आपकी वजह से बाजार समिति के एक व्यापारी को मारेंगे। तीन एके-47 व 1000 गोलियां धनबाद पहुंचा दिए हैं। लुच्चा-टुच्चा बोलना छोड़ दें, वरना हम बोलेंगे तो आपको नींद नहीं आएगी। दिल्ली में जो रखे हैं न, सारा पोल खोल देंगे लोगों के सामने। प्रूफ के साथ। आप व्यापारियों को डराते हैं कि प्रिंस खान का जितना पैसा दिया, हमें भी दो, नहीं तो टेरर फंडिंग में डाल देंगे। आतंकवादी बना देंगे। क्या बोलते हैं-मैं पाकिस्तान में…मुस्लिम हैं तो क्या पाकिस्तान चले जाएंगे। मुस्लिम हैं तो क्या आतंकवादी बना देंगे। आप कौन हैं-सीआईडी या सीबीआई। प्रूफ ​कीजिए कि हम आतंकवादी हैं और पाकिस्तान में हैं। आपके कारण हम नहीं भागे हैं। अपने दुश्मनों को खत्म करने के लिए हटे हैं। इधर, इस मामले में एसएसपी प्रभात कुमार से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। Source link

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चतरा में महिला की मौत से आक्रोश, वाहनों में तोड़फोड़:मंदिर से फूल...

चतरा में शुक्रवार को सड़क हादसे में एक महिला की मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने हंगामा कर दिया। सड़क जाम कर कई वाहनों में तोड़फोड़ भी की। घटना वशिष्ठनगर थाना क्षेत्र के जोरी की है। महिला पूजा के लिए मंदिर से फूल लेकर घर लौट रही थी। इसी दोरान एक ट्रक ने महिला को कुचल दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने गया-चतरा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया और कई वाहनों में तोड़फोड़ की। महिला ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया मृतक महिला की पहचान जोरी निवासी प्रेम साव की 50 वर्षीय मां अंजू देवी के रूप में हुई है। वह प्रतिदिन की तरह शुक्रवार को भी सुबह टहलने और पूजा के लिए फूल लाने घर से निकली थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंजू देवी काली मंदिर से फूल लेकर लौट रही थीं। इसी दौरान गलत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला के शरीर का निचला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। लोगों ने की ड्राइवर की जमकर पिटाई हादसे के बाद ट्रक चालक भागने की कोशिश कर रहा था, जिसे ग्रामीणों ने खदेड़कर पकड़ लिया। गुस्साई भीड़ ने ट्रक के शीशे तोड़ दिए और चालक को केबिन से खींचकर उसकी जमकर पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर वशिष्ठनगर थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बड़ी मशक्कत के बाद चालक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर सुरक्षित थाना पहुंचाया। तीन-चार गाड़ियों और कई बाइक को डंडों से क्षतिग्रस्त कर दिया पुलिस की मौजूदगी के बावजूद लोगों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों ने जाम के दौरान जबरन निकलने की कोशिश कर रही तीन-चार गाड़ियों और कई बाइक को डंडों से क्षतिग्रस्त कर दिया। इस चक्का जाम के कारण सड़क के दोनों ओर 5-5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे स्कूली बच्चों और परीक्षार्थियों को परेशानी हुई। पीड़ित परिवार को उचित सरकारी मुआवजा देने की मांग आक्रोशित लोगों की प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें हैं कि पीड़ित परिवार को तत्काल उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक ‘नो एंट्री’ लागू की जाए और काली मंदिर के पास तत्काल प्रभाव से ऊंचे स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं। फिलहाल मौके पर वशिष्ठनगर थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह के साथ हंटरगंज बीडीओ निखिल कमान गौरव कछाप और स्थानीय अंचलाधिकारी (सीओ) मौजूद हैं। Source link

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ड्राइवर की बिटिया ने ऊंची कर दी परिवार की नाक, सेल्फ स्टडी-ऑनलाइन...

Last Updated:May 08, 2026, 09:24 IST JAC 12th Commerce District Topper: झारखंड बोर्ड 12वीं कॉमर्स स्ट्रीम में हुसैनाबाद, पलामू की आफरीन परवीन ने जिला टॉप किया है. उनके परिवार से वे पहली हैं, जिसने ऐसी सफलता हासिल की है. तमाम अभावों के बावजूद आफरीन ने शानदार प्रदर्शन किया जो सभी छात्रों के लिए प्रेरणादायक है. पलामू. आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं हैं. शिक्षा, खेल, प्रशासन या व्यापार, हर क्षेत्र में अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर नया इतिहास रच रही हैं. सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बेटियां लगातार सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रही हैं. ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी हुसैनाबाद की बेटी आफरीन परवीन की है, जिसने आत्मविश्वास और सेल्फ स्टडी के बल पर इंटर वाणिज्य संकाय में जिला स्तर पर शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है. कॉर्मस स्टूडेंट हैं आफरीन परवीनपलामू जिले के हुसैनाबाद अनुमंडल से एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है. प्लस टू बालिका विद्यालय हुसैनाबाद की छात्रा आफरीन परवीन ने इंटर वाणिज्य संकाय में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिला स्तर पर पहला स्थान प्राप्त कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है. जपला निवासी आफरीन ने 500 में 466 अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है. उनकी सफलता से परिवार, विद्यालय और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है. साधारण परिवार की बेटी बनी प्रेरणाआफरीन एक साधारण परिवार से आती हैं. उनके पिता जहांगीर आलम पेशे से ड्राइवर हैं, जबकि मां संजीदा खातून गृहिणी हैं. आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के बावजूद परिवार ने बेटी की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी. आफरीन के दादा ने भावुक होकर कहा कि उनके खानदान में आज तक किसी ने इतनी बड़ी सफलता हासिल नहीं की थी. उन्होंने कहा कि एक गरीब परिवार की बेटी का जिले में टॉप करना पूरे परिवार के लिए गर्व की बात है. ऑनलाइन क्लास और सेल्फ स्टडी बना सफलता का मंत्रआफरीन ने लोकल 18 को बताया कि उन्हें अच्छे अंक आने की उम्मीद थी, लेकिन जिला टॉपर बनने की उम्मीद नहीं थी. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई और सेल्फ स्टडी को दिया. वह रोज ऑनलाइन क्लास करती थीं और क्लास खत्म होने के बाद सभी टॉपिक्स को खाली कागज पर लिखकर खुद से याद करती थीं. रोजाना पांच से छह घंटे तक लगातार पढ़ाई करती थीं. आफरीन ने बताया कि उन्होंने कभी ट्यूशन नहीं लिया, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और यूट्यूब की मदद से पढ़ाई की. सोशल मीडिया से बनाई दूरीआफरीन का कहना है कि पढ़ाई के दौरान उन्होंने समय का खास ध्यान रखा. पहले पढ़ाई पूरी करती थीं, उसके बाद ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल करती थीं. वह कहती हैं कि सफलता पाने के लिए लगातार मेहनत सबसे जरूरी है. अगर छात्र खुद पर भरोसा रखें और लगातार मेहनत करें, तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं होता. उनका मानना है कि ‘कंसिस्टेंसी ही सफलता की असली चाबी है.’ अकाउंट्स और फाइनेंस क्षेत्र में बनाना चाहती हैं करियरआगे कहा कि भविष्य को लेकर आफरीन की सोच काफी साफ है. वह आगे चलकर अकाउंटेंट और फाइनेंस के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं. उनका सपना है कि पढ़-लिखकर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करें और अपने माता-पिता का नाम रोशन करें. आफरीन की सफलता अब क्षेत्र की अन्य छात्राओं के लिए भी प्रेरणा बन गई है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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खंडोली डैम में मछली पालन से चमकी ग्रामीणों की तकदीर:केज कल्चर और...

गिरिडीह जिले के बेंगाबाद प्रखंड अंतर्गत खंडोली डैम, भोजदाहा और लालपुर क्षेत्र में मत्स्य पालन अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनता जा रहा है। सरकारी योजनाओं, मत्स्य विभाग की पहल और ग्रामीणों की मेहनत ने इस इलाके की पहचान बदल दी है। कभी रोजगार के अभाव में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने वाले लोग अब गांव में ही रहकर मछली पालन के जरिए आत्मनिर्भर बन रहे हैं। इससे न सिर्फ ग्रामीणों की आमदनी बढ़ी है, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। 20 से 25 हजार रुपए तक मासिक आय स्थानीय किसान सनाउल अंसारी, तैयब अंसारी, कमरुद्दीन, लतीफ, कयूम, लखन रजक, याकूब अंसारी, शमसुद्दीन अंसारी, इब्राहिम अंसारी, ताहिर अंसारी और नईम अंसारी ने बताया कि मत्स्य पालन से गांव के करीब 20 से 25 परिवारों और लगभग 200 लोगों का जीवनयापन हो रहा है। इस कार्य से जुड़े करीब 25 लोग बड़े स्तर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति के पास औसतन 3 से 4 केज हैं, जिनसे प्रति व्यक्ति 20 से 25 हजार रुपए तक मासिक आय हो रही है। वहीं, सभी लोगों की कुल वार्षिक आमदनी लगभग 60 से 70 लाख रुपए तक पहुंच रही है। 200 से अधिक केज लगाए गए हैं खंडोली डैम और आसपास के जलाशयों में बड़े पैमाने पर केज कल्चर के माध्यम से मछली पालन किया जा रहा है। करीब 200 से अधिक केज लगाए गए हैं, जिनमें विभिन्न प्रजातियों की मछलियों का पालन हो रहा है। मत्स्य विभाग की ओर से मछली के चारे पर प्रति किलो 25 रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा समय-समय पर विभाग द्वारा प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, दवा और फीडिंग संबंधी सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। 30 किलो तक की बड़ी मछलियां तैयार हो चुकी हैं ग्रामीणों ने बताया कि मछलियों को तैयार होने में करीब सात महीने का समय लगता है। इसके बाद प्रतिदिन लगभग एक क्विंटल तक मछली उत्पादन किया जाता है। यहां रेहू, कतला, तिलापिया, गोल्डन, चिटल और छोटे झींगा जैसी कई प्रजातियों की मछलियां पाली जा रही हैं। खंडोली क्षेत्र में अब तक 30 किलो तक की बड़ी मछलियां तैयार हो चुकी हैं, जो यहां की सफलता और उत्पादन क्षमता को दर्शाती हैं। स्थानीय बाजारों के अलावा आसपास के कई जिलों में भी यहां की मछलियों की मांग बढ़ रही है। 11 करोड़ मछलियों का बीज तैयार किया जाता है मत्स्य पालन के साथ-साथ क्षेत्र में संचालित हेचरी भी ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही है। हेचरी के माध्यम से हर वर्ष करीब 11 करोड़ मछलियों का बीज तैयार किया जाता है। इससे गिरिडीह समेत आसपास के कई जिलों के मछुआरों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराया जाता है। इससे जहां एक ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर मत्स्य उत्पादन को भी नई गति मिली है। युवाओं का रुझान भी स्वरोजगार की ओर बढ़ा ग्रामीणों का कहना है कि पहले रोजगार के लिए उन्हें दूसरे राज्यों में मजदूरी करने जाना पड़ता था, लेकिन अब गांव में ही काम मिलने लगा है। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और युवाओं का रुझान भी स्वरोजगार की ओर बढ़ा है। कई युवा अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन को भी आय के स्थायी स्रोत के रूप में अपना रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सरकार और मत्स्य विभाग के सहयोग से गांव में स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। अगर इसी तरह विभागीय सहायता, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिलता रहा तो आने वाले समय में खंडोली क्षेत्र मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में झारखंड ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों में भी एक बड़ी पहचान बना सकता है। Source link

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रामगढ़ में दुर्घटनाग्रस्त कार में लगी आग:खड़ी गाड़ी में कार ने पीछे...

रामगढ़ जिले के कुजू ओपी क्षेत्र में गुरुवार रात एक दुर्घटनाग्रस्त हुंडई कार में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इस घटना में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह जलकर खाक हो गया। हालांकि, समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। दरअसल, मांडू डीह निवासी रवि कुमार अपनी कार से एक मरीज को लेकर मांडू से रामगढ़ अस्पताल जा रहे थे। थार को पीछे से मारी टक्कर नया मोड़ ओवरब्रिज के पास आगे चल रही एक महिंद्रा थार एसयूवी ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे रवि कुमार की कार उससे टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटनाग्रस्त कार को टोचन करके कुजू ओपी ले जाया जा रहा था। इसी दौरान नया मोड़ फोर लेन चौराहा के पास कार में अचानक आग लग गई। आग लगते ही क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया कार मालिक रवि कुमार और अन्य कई लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक कार का अगला हिस्सा पूरी तरह जल चुका था। आग लगने की सूचना पर कुजू ओपी के अनि आशीष कुमार गौतम और सअनि राजेश कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। Source link

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पलामू में यहां मिलने वाला कलाकंद का जवाब नहीं, इस खास चीज...

Last Updated:May 08, 2026, 09:34 IST पलामू के तुमागड़ा का कलाकंद अपनी शुद्धता के लिए मशहूर है. इसे पारंपरिक तरीके से धीमी आंच पर तैयार किया जाता है. स्वाद के लिए इसमें एक खास चीज मिलाई जाती है. रोजाना करीब एक क्विंटल दूध की खपत होती है. यात्री यहां रुककर इस लाजवाब मिठाई का स्वाद जरूर चखते हैं. ख़बरें फटाफट पलामूः झारखंड की मिट्टी में जितनी विविधता है, उतनी ही मिठास यहां के खानपान में भी देखने को मिलती है. हर जिले की अपनी अलग पहचान, अलग बोली और अलग स्वाद है. इन्हीं खास स्वादों में एक नाम पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड स्थित तुमागड़ा के प्रसिद्ध कलाकंद का भी है, जिसकी मिठास अब पूरे राज्य में अपनी अलग पहचान बना चुकी है. रांची से पलामू आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह जगह किसी स्वाद के पड़ाव से कम नहीं है. एनएच-39 मार्ग पर स्थित तुमागड़ा में सड़क किनारे सजी कलाकंद की दर्जनों दुकानें लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं. यहां पहुंचते ही ताजा दूध और मिठाई की खुशबू यात्रियों को रुकने पर मजबूर कर देती है. यही वजह है कि रांची से डालटनगंज आने वाले अधिकतर लोग यहां रुककर कलाकंद का स्वाद जरूर चखते हैं. इतना ही नहीं, लोग अपने रिश्तेदारों और मेहमानों के लिए भी यहां से कलाकंद पैक कराकर ले जाना नहीं भूलते. दुकान संचालक ने क्या कहा?दुकान संचालक निरंजन चंद्रवंशी ने लोकल18 को बताया कि यहां का कलाकंद की सबसे बड़ी खासियत इसकी शुद्धता और पारंपरिक तरीके से तैयार होना है. आसपास के गांवों से रोजाना ताजा गाय और भैंस का दूध लाया जाता है. इसके बाद कारीगर घंटों मेहनत कर धीमी आंच पर इसे तैयार करते हैं. दूध को लगातार पकाकर उसमें सही मात्रा में मिठास मिलाई जाती है, जिससे इसका स्वाद बेहद लाजवाब बन जाता है. मुंह में जाते ही घुल जाने वाला यह कलाकंद हर उम्र के लोगों को पसंद आता है. उन्होंने बताया कि यहां का कलाकंद सिर्फ आम लोगों के बीच ही नहीं, बल्कि कई सेलिब्रिटी और बड़े अधिकारी भी पसंद करते हैं. कई लोग तो रांची से लौटते समय विशेष तौर पर तुमागड़ा रुककर मिठाई खरीदते हैं. यही कारण है कि यह मिठाई अब पलामू की पहचान बनती जा रही है. ऐसे होता है तैयारनिरंजन चंद्रवंशी ने आगे बताया कि इस मिठाई को बनाने के लिए पलामू किला, छेमी टांड़ और मोहन टांड़ से खास तौर पर भैंस का ताजा दूध मंगाया जाता है. करीब 6 किलो दूध में लगभग 200 ग्राम चीनी मिलाकर इसे धीमी और सीमित आंच पर लगातार आधे घंटे तक पकाया जाता है. स्वाद और बनावट को खास बनाने के लिए इसमें संतुलित मात्रा में फिटकरी डाली जाती है, जिससे कलाकंद का असली स्वाद उभरकर आता है. लंबे समय तक पकाने के बाद करीब सवा दो किलो मिठाई तैयार होती है. कभी 5 रुपए जोड़ा बिकती थी मिठाईउन्होंने बताया कि पिछले 50 वर्षों से वो यह मिठाई तैयार कर रहे है. करीब 50 से 60 साल पुराने इस कारोबार में कभी यह मिठाई 5 रुपये जोड़ा बिकती थी, जो आज 15 रुपये प्रति पीस तक पहुंच गई है. रोजाना लगभग एक क्विंटल दूध की खपत से तैयार होने वाला यह कलाकंद आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ. जानें अभी की कीमतकीमत की बात करें तो यहां का कलाकंद करीब 400 रुपये प्रति किलो के दर से बिकता है. स्वाद और गुणवत्ता के कारण लोग बिना मोलभाव के इसे खरीदना पसंद करते हैं. सड़क यात्रा के दौरान अगर आप भी कभी रांची से पलामू के रास्ते गुजरें, तो तुमागड़ा का यह मशहूर कलाकंद चखे बिना आगे बढ़ना शायद सबसे बड़ी गलती होगी. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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सांसद निशिकांत दुबे ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना:बंगाल में कानून-व्यवस्था, घुसपैठ...

गोड्डा लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था, सीमा सुरक्षा और कथित घुसपैठ को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा है। देवघर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अंतरराष्ट्रीय कोर्ट जाने संबंधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि ममता बनर्जी चाहें तो अंतरराष्ट्रीय कोर्ट जाएं या बंगाल में बैठकर अपना अलग कोर्ट बना लें। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी कुछ भी कर सकते हैं, यहां तक कि अपना संविधान भी लिख सकते हैं। निशिकांत दुबे ने पश्चिम बंगाल में हाल की घटनाओं को राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का संकेत बताया। उन्होंने सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या का जिक्र करते हुए इसे गंभीर घटना करार दिया और कहा कि यह राज्य में अपराधियों के बढ़ते मनोबल को दर्शाता है। पश्चिम बंगाल अवैध गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है सांसद ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल अवैध गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है और यहां अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। सांसद ने संथाल परगना क्षेत्र में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि इसका असर झारखंड के कई इलाकों में दिख रहा है और इससे जनसंख्या संतुलन भी प्रभावित हुआ है। उन्होंने आदिवासी समाज, विशेषकर महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। सांसद ने झारखंड सरकार से इस मुद्दे पर सहयोग की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार कार्रवाई में साथ नहीं देती है, तो भारतीय जनता पार्टी जनहित और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर मजबूती से संघर्ष करेगी। देवघर में ही बनेगा वीजा इसी दौरान सांसद निशिकांत दुबे ने यह भी बताया कि अब लोगों को वीजा के लिए कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि देवघर में ही वीजा बनाया जाएगा। Source link

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जिले के 6 प्रखंडों में आज आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर को...

भास्कर न्यूज| चाईबासा गुरुवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। डीसी ने परियोजना निदेशक आईटीडीए, सिविल सर्जन, अपर उपायुक्त, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला स्तरीय पदाधिकारी, बीडीओ, अंचलाधिकारी व विभिन्न कार्यक्रमों के जिला प्रबंधकों को 8 मई को जिले के 6 प्रखंडों में आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर को सफल बनाने सहित अन्य समस्याओं के समाधान के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिया है। बैठक में उपायुक्त द्वारा जिले में संचालित आहार दिवस व राजस्व शिविर से संबंधित प्रतिवेदन का प्रखंडवार समीक्षा की गई। इस क्रम में उपायुक्त द्वारा जिले के सिविल सर्जन को सभी स्वास्थ्य केंद्रों में बिजली, पानी की उपलब्धता सहित वैकल्पिक व्यवस्था के अलावा सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉग बाइट एवं एंटी स्नेक वेनम आवश्यक मात्रा में उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया। सभी पदाधिकारियों को टी.बी उन्मूलन के लिए 12 मई को रोगियों को गोद लेने की प्रक्रिया करते हुए सभी को पोषक आहार उपलब्ध कराने के संदर्भ में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। क्षेत्र भ्रमण के दौरान विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, हेल्थ वेलनेस सेंटर, स्वास्थ्य केंद्र आदि का भी निरीक्षण किया जाए तथा छोटे-छोटे कारणों की वजह से फंसी योजनाओं को समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता के आधार पर उनका हल करना सुनिश्चित किया जाए। जिले के सभी अनुमंडल स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय कार्यालय में घड़े में पानी की व्यवस्था करने तथा ओआरएस व अन्य आवश्यक दवाओं की उपलब्धता के तदर्थ जिले के सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया। साथ ही जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना के संदर्भ में भी आवश्यक निर्देश दिया गया। Source link

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प्लेसमेंट की है गारंटी! ISRO, DRDO, नेस्ले और ब्रिटानिया में मिलेगी नौकरी,...

Last Updated:May 08, 2026, 08:21 IST Birsa Agriculture University: बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी रांची में कम फीस पर स्टूडेंट कृषि, हॉर्टिकल्चर, फॉरेस्ट्री आदि की पढ़ाई कर सकते हैं. यहां के प्लेसमेंट सेल के हेड बीके झा के अनुसार सरकारी विभाग, बैंक, इसरो, डीआरडीओ, नेस्ले, ब्रिटानिया में जॉब के मौके मिलते हैं. आइये जानते हैं यहां कैसे एडमिशन मिल सकता है. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से कृषि वैज्ञानिक की पढ़ाई कर सकते हैं. हॉर्टिकल्चर से लेकर फॉरेस्ट डिपार्मेंट और कई सारे यहां पर डिपार्टमेंट है. आप अपने इंटरेस्ट के अनुसार चयन कर सकते हैं. यहां के प्लेसमेंट सेल के हेड बीके झा ने बताया कि किस तरीके से आप यहां एडमिशन ले सकते हैं और किस सेक्टर में जॉब पाने का यहां पर अवसर है. आइये जानते हैं सबकुछ. बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में प्लेसमेंट सेल के हेड बीके झा ने लोकल 18 को बताया कि सरकारी विभाग में कृषि वैज्ञानिक की काफी जरूरत रहती है. इसके अलावा बैंकिंग से लेकर इसरो में आज कृषि वैज्ञानिक की जरूरत पड़ती है और आज इस कॉलेज के बच्चे इसरो में जॉब कर रहे हैं. लोगों को लगता है कि डॉक्टर और इंजीनियर में सिर्फ स्कोप है, लेकिन कृषि में इतना स्कोप है जितना आप सोच भी नहीं सकते हैं. सरकारी विभाग को है आपकी जरूरत • बीके झा बताते हैं कि सबसे पहली बात तो सेंट्रल गवर्नमेंट से लेकर स्टेट गवर्नमेंट में कृषि का विभाग बहुत ही बड़ा होता है. उसमें कई सारे पदाधिकारी की जरूरत पड़ती है. यह सबसे बड़ा विभाग है. यहां पर पशुपालन से लेकर डायरी विभाग, मछली विभाग से लेकर हॉर्टिकल्चर हर विभाग के लिए पदाधिकारी की जरूरत पड़ती है. यहां पर आप आसानी से अप्लाई कर सकते है. इसके अलावा ग्रामीण बैंक से लेकर हर बैंक में कृषि एक्सपर्ट की जरूरत पड़ती है. • बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में आप अपने इंटरेस्ट के अनुसार विभाग का चयन कर सकते हैं. पशुपालन, हॉर्टिकल्चर , मशरूम यूनिट, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, फॉरेस्ट्री डिपार्मेंट, एग्रीकल्चर टूल्स, सॉइल डिपार्मेंट जिसको भी आपका इंटरेस्ट है. आप उसका चयन कर सकते है. यहां पर एक सेमेस्टर की फीस महज 6000 से 7000 रुपये है. • इसके अलावा जितने भी बोर्ड होते हैं. जैसे टी बोर्ड ऑफ इंडिया, कॉफी बोर्ड व फूड प्रोसेसिंग इंडस्टरीज होते हैं, जैसे बच्चे चिप्स व कुकीज़ खाते हैं, जितने भी पैकेट फूड हैं. यह सब फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के तहत है और उसके बड़ी-बड़ी कंपनी जैसे नेस्ले, ब्रिटानिया, हिंदुस्तान युनिलीवर के रास्ते आपके लिए आसानी से खुल जाएंगे. • इसके अलावा डीआरडीओ व इसरो जैसे बड़े संस्थान में जाने का मौका मिलेगा. क्योंकि, वहां भी कृषि एक्सपर्ट की जरूरत पड़ती है, जो भी सैटेलाइट बनते हैं, उसमें एग्रीकल्चर को क्या फायदा पहुंचेगा. उसके लिए कृषि एक्सपर्ट और कृषि वैज्ञानिक ही रहते हैं आज यहां के बच्चे वहां भी काम कर रहे हैं. • जहां तक बात एडमिशन की तो सीयूईटी के तहत एडमिशन मिल सकता है. इसके अलावा झारखंड कंबाइंड इंट्रस टेस्ट होता है. इन दोनों के तहत की एडमिशन मिल सकता है. तीसरा कोई विकल्प नहीं है, एकदम मेरिट के आधार पर और यहां पर होस्टल की भी फैसिलिटी है. ऐसे में खासतौर पर ऐसे किसान के बच्चे हैं जो कृषि को बहुत अच्छे से समझ पाते हैं, उच्च पढ़ाई भी करना चाहते हैं और अच्छा विकल्प तलाश रहे है. उनके लिए यह क्षेत्र काफी बढ़िया है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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