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इस फूल की खेती ने बदल दी कोडरमा के किसान की किस्मत,...

होमताजा खबरकृषि इस फूल की खेती ने बदल दी कोडरमा के किसान की किस्मत, अब कमा रहे 30 हजार महीना Last Updated:June 12, 2026, 17:04 IST कोडरमा जिले के डोमचांच प्रखंड के किसान सुमन मेहता ने आधुनिक खेती अपनाकर नई मिसाल पेश की है. उन्होंने 10 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में ग्रीन नेट हाउस बनाकर जरबेरा फूलों की खेती शुरू की है. जिला उद्यान विभाग की सहायता और विशेष प्रशिक्षण के बाद वे हर सप्ताह करीब 1500 फूलों का उत्पादन कर रहे हैं. फूलों की बिक्री से उन्हें हर महीने लगभग 30 हजार रुपये की आमदनी हो रही है. कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को भी अपना रहे हैं. जहां पहले ज्यादातर किसान धान, गेहूं और मौसमी सब्जियों की खेती पर निर्भर थे, वहीं अब कुछ किसान नई और लाभकारी फसलों की ओर भी रुख कर रहे हैं. इसी कड़ी में डोमचांच प्रखंड के किसान सुमन मेहता ने अपने गांव में पहली बार व्यावसायिक स्तर पर जरबेरा फूल की खेती शुरू कर एक नई पहचान बनाई है. आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर वे आज हर महीने लगभग 30 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं. जरबेरा फूल की खेतीसुमन मेहता बताते हैं कि उन्हें जिला उद्यान विभाग के माध्यम से जरबेरा फूल की खेती के लिए प्रेरित किया गया. विभाग के उद्यान मित्र ने उन्हें इस खेती से होने वाले लाभ और इसकी संभावनाओं के बारे में जानकारी दी. इसके बाद उन्होंने इस दिशा में काम करने का फैसला किया. खेती शुरू करने से पहले उन्होंने रांची में छह दिनों का विशेष प्रशिक्षण भी प्राप्त किया, जहां उन्हें फूलों की खेती, पौधों की देखभाल, उत्पादन बढ़ाने के तरीके और आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई. आधुनिक तरीके से खेत का विकासप्रशिक्षण के बाद उन्होंने अपने खेत को आधुनिक तरीके से विकसित किया. करीब 10 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में ग्रीन नेट हाउस तैयार किया गया, जिसमें ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक का उपयोग कर जरबेरा के पौधे लगाए गए. इस तकनीक से पौधों को जरूरत के अनुसार पानी मिलता है और खेत में खरपतवार की समस्या भी काफी कम हो जाती है. फूलों की गुणवत्ता बेहतरसुमन मेहता के अनुसार ग्रीन नेट हाउस में खेती करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पौधे तेज धूप, भारी बारिश और कीटों के प्रकोप से काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं. नियंत्रित वातावरण मिलने के कारण फूलों की गुणवत्ता बेहतर होती है और उत्पादन भी लगातार बना रहता है. 1500 जरबेरा फूलों का उत्पादनवर्तमान में उनके बागान से हर सप्ताह लगभग 1500 जरबेरा फूलों का उत्पादन हो रहा है. स्थानीय माली और फूल विक्रेता सीधे खेत पर पहुंचकर इन फूलों की खरीदारी करते हैं. बाजार में एक जरबेरा फूल की कीमत 5 से 6 रुपये तक मिल जाती है, जिससे उन्हें नियमित आय हो रही है. उन्होंने बताया कि जरबेरा फूलों की मांग गुलदस्ते, शादी-विवाह, समारोहों और सजावट के कार्यों में सबसे अधिक रहती है. ग्रीन नेट हाउस का पूरा सेटअपसुमन मेहता ने बताया कि इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यह रहा कि उन्हें जरबेरा के पौधे और ग्रीन नेट हाउस का पूरा सेटअप उद्यान विभाग की सरकारी योजना के तहत निशुल्क उपलब्ध कराया गया. इससे उन्हें शुरुआती निवेश नहीं करना पड़ा और अब उनकी आय का बड़ा हिस्सा सीधे मुनाफे के रूप में मिल रहा है. किसानों के लिए भी प्रेरणाउनके बागान में लाल, पीले, गुलाबी, सफेद, नारंगी समेत कई आकर्षक रंगों के जरबेरा फूल खिले हुए हैं, जो दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं. सुमन मेहता की सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है और कई किसान आधुनिक फूलों की खेती की ओर रुचि दिखा रहे हैं. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kodarma,Kodarma,Jharkhand Source link

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रेलवे फाटक के पास अवैध शराब कारोबार का भंडाफोड़:264 बोतल अंग्रेजी शराब...

बोकारो के बालीडीह थाना क्षेत्र में 11 जून की रात रेलवे फाटक के पास अवैध शराब बिक्री का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने एक लाइन होटल और जनरल स्टोर पर छापेमारी कर भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब और बीयर बरामद की। इस कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को 11 जून की रात गुप्त सूचना मिली थी कि रेलवे फाटक के पास स्थित अमर लाइन होटल में अवैध शराब का कारोबार संचालित हो रहा है। सूचना के आधार पर, वरीय अधिकारियों को सूचित कर एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। सुमित्रा जनरल स्टोर पर छापा मारा गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अमर लाइन होटल और उसके बगल में स्थित सुमित्रा जनरल स्टोर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों से विभिन्न ब्रांडों की कुल 264 बोतल अंग्रेजी शराब और 101 बोतल/कैन बीयर बरामद की गई। संचालकों से वैध कागजात मांगे जाने पर वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इस कार्रवाई में अमर लाइन होटल के मैनेजर अविनाश सिंह और सुमित्रा जनरल स्टोर के मालिक सूरज कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है, और अवैध शराब कारोबार से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। Source link

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गिरिडीह में दंपती हत्याकांड का खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार:भूमि विवाद और जादू-टोना...

गिरिडीह जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के दलानचलकरी गांव में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी डॉ. बिमल कुमार ने इस संबंध में जानकारी दी। गिरफ्तार आरोपियों में रमेश हांसदा, पाण्डु हांसदा, विजय हांसदा, दोधमा हांसदा, बबलु हांसदा, मोती हांसदा और सिकरा हांसदा शामिल हैं। सभी आरोपी दलानचलकरी गांव के जाहेर टोला के निवासी हैं। डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि 02/03 जून 2026 की रात अज्ञात अपराधियों ने पतिया हांसदा और उनकी पत्नी परनी देवी पर धारदार हथियार से हमला किया था। गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज से पहले ही दोनों की मौत हो गई थी। घटना के बाद 4 जून 2026 को मधुबन थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डुमरी मो. आबिद खान के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गहन अनुसंधान किया। जांच में खुलासा हुआ कि मृतक के गोतिया पक्ष के लोगों के साथ लंबे समय से भूमि विवाद चल रहा था। साथ ही जादू-टोना को लेकर भी आपसी तनाव था। इसी विवाद के कारण आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से दंपती की हत्या की साजिश रची और घटना को अंजाम दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि रमेश हांसदा, पाण्डु हांसदा और विजय हांसदा ने धारदार हथियार से वार कर हत्या की थी, जबकि दोधमा हांसदा, बबलु हांसदा, मोती हांसदा और सिकरा हांसदा ने घटना में सहयोग किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक लोहे की तलवार, दो लोहे के छूरे, खून के धब्बों वाले कपड़े, एक गुलाबी रंग का सूती गमछा, काला जींस, उजला हाफ टी-शर्ट तथा हरा एवं आसमानी रंग का गमछा बरामद किया है। बरामद वस्त्रों पर खून जैसे धब्बे पाए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है। Source link

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10 जिलों में बारिश, 60KM की रफ्तार से आंधी-तूफान! झारखंड में बदला...

रांची: झारखंड में आज का मौसम लोगों को गर्मी से कुछ राहत दे सकता है. IMD के अनुसार आज झारखंड के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना बनी हुई है. दक्षिण-पश्चिम मानसून के झारखंड की ओर तेजी से बढ़ने के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. इसके अलावा आज झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है. आज दुमका, जामताड़ा, देवघर, धनबाद, गिरिडीह समेत 10 जिलों में बारिश हो सकती है. धनबाद, बोकारो, कोडरमा समेत 6 जिलों में तेजा आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. झारखंड के इन जिलों में बारिश का अलर्ट रांची मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दुमका, जामताड़ा, देवघर, धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों में बादलों की आवाजाही बढ़ने के साथ तेज वर्षा की स्थिति बनी रह सकती है. रांची मौसम विभाग के अनुसार आज झारखंड के कई जिलों में बारिश हो सकती है झारखंड के इन जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट आज झारखंड में बारिश के साथ कई जिलों में तेज आंधी चलने की भी संभावना है. इनमें धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रांची, खूंटी और रामगढ़ में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलने का अनुमान है. रांची मौसम विभाग ने लोगों से खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है. जानें रांची और जमशेदपुर में कैसा रहेगा मौसम आज झारखंड की राजधानी रांची में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरज के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है. वहीं, अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. जबकि जमशेदपुर में भी बादलों की आवाजाही के बीच हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है. झारखंड में आईएमडी का अलर्ट मानसून की दस्तक के लिए अनुकूल हालात मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि झारखंड में मानसून के प्रवेश के लिए परिस्थितियां लगातार अनुकूल हो रही हैं. अनुमान है कि 15 से 17 जून के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य में दस्तक दे सकता है. मानसून के आगमन से पहले 12 से 14 जून के दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है. गर्मी से मिलेगी राहत पिछले कुछ दिनों से झारखंड के कई हिस्सों में उमस और तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी. हालांकि 12 जून को बारिश और बादलों की सक्रियता के कारण तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है. इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रह सकता है. Source link

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पश्चिमी सिंहभूम में लापता छात्रा का शव जंगल में मिला:पत्ता तोड़ने गई...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना अंतर्गत पांड्रासाली ओपी क्षेत्र में 18 वर्षीय छात्रा का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान गिंदीमुंडी गांव निवासी आशा माई तीयू के रूप में हुई है, जो चाईबासा स्थित नगरपालिका बांग्ला मध्य विद्यालय की छात्रा थी। वो बुधवार से लापता थी। जानकारी के अनुसार, आशा माई तीयू का शव शुक्रवार सुबह उसके गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर कुंभराम गांव के पास पुण्डुगुटु जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ मिला। जंगल में पत्ता तोड़ने गई महिलाओं ने सबसे पहले शव को देखा और गांव के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कुंभराम गांव के मुखिया को मामले की जानकारी दी गई, जिन्होंने मृतका के परिजनों को सूचित किया। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान की। मृतका के पिता लोपोर सिंह तीयू ने बताया कि उनकी बेटी बुधवार से लापता थी और परिवार के सदस्य लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। बेटी की हत्या कर शव को जंगल में लटकाया गया: पिता पिता लोपोर सिंह तीयू ने आशंका जताई है कि उनकी बेटी की हत्या कर शव को जंगल में लटकाया गया है, ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही पांड्रासाली ओपी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल चाईबासा भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा। वहीं, ग्रामीणों ने भी इस मामले की गहन जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है। Source link

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गुमला में दो अलग-अलग घटनाओं में दो की मौत:पिकअप वैन पलटने से...

गुमला जिले के रायडीह थाना क्षेत्र में शुक्रवार को दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। इनमें एक घटना गोवंश लदे पिकअप वाहन के पलटने से हुई, जबकि दूसरी घटना में एक व्यक्ति की छत से गिरकर जान चली गई। पहली घटना कांसीर कोयनार टोली के पास हुई, जहां तस्करी के लिए ले जाया जा रहा गोवंश से भरा एक पिकअप वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में टाँगर टोली, छत्तीसगढ़ के जशपुर निवासी 36 वर्षीय सुभान साह की मौके पर ही मौत हो गई। चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार रात चैनपुर की ओर से आ रहा पिकअप वाहन अत्यधिक तेज रफ्तार में था। कोयनार टोली के पास चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे वह सड़क किनारे एक पेड़ से टकराकर दो बार पलट गया। इस भीषण दुर्घटना में सुभान साह और गाड़ी पर क्रूरतापूर्वक लादे गए तीन पशुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच पशु गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। सर्किल इंस्पेक्टर जितेंद्र राम तुरंत दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मृत व घायल पशुओं को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को भी जब्त कर लिया गया है। दूसरी घटना एकलव्य आवासीय विद्यालय सिलम में हुई। यहां तीन मंजिला भवन में काम करने के दौरान दुमका जिले के जशपहाड़ी निवासी 38 वर्षीय मनोज देहरी छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। Source link

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मक्के की बुआई से पहले कर लें बीजों का टीकाकरण, छप्परफाड़ होगी...

होमताजा खबरकृषि मक्के की बुआई से पहले कर लें बीजों का टीकाकरण, छप्परफाड़ होगी पैदावार Last Updated:June 12, 2026, 07:34 IST Palamu Agriculture News: पलामू में मक्का बुआई शुरू हो चुकी है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिलीप पांडे ने कार्बेन्डाजिम, राइस वाटर और सीड ड्रम से बीज उपचार की सलाह दी है. इससे रोग कम और उत्पादन ज्यादा होगा. आइये जानते हैं इसके बारे में. ख़बरें फटाफट पलामू: खरीफ के सीजन में मक्के की बुआई शुरू हो चुकी है. मक्का किसानों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण होता है. क्योंकि अच्छी उपज की नींव बुआई से पहले ही रखी जाती है. यदि किसान बीज उपचार कर बुआई करें तो फसल को शुरुआती रोगों से बचाया जा सकता है और उत्पादन में भी वृद्धि होती है. बीज उपचार को फसलों का टीकाकरण माना जाता है, जो बीजों को रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है. जानें बीज उपचार क्यों है जरूरी कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिलीप पांडे ने बताया कि जिस प्रकार नवजात बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण किया जाता है. ठीक उसी प्रकार बीजों को भी रोगों से बचाने के लिए उपचारित करना जरूरी होता है. बीज उपचार करने से बीज जनित रोगों का खतरा कम हो जाता है और अंकुरण क्षमता बेहतर होती है. इससे पौधे स्वस्थ रहते हैं तथा फसल की प्रारंभिक बढ़वार अच्छी होती है. कार्बेन्डाजिम से करें बीज का उपचार कृषि वैज्ञानिक ने आगे कहा कि मक्के की खेती करने वाले किसान कार्बेन्डाजिम दवा का उपयोग कर बीज उपचार कर सकते हैं. इसके लिए प्रति किलो बीज में 2 ग्राम कार्बेन्डाजिम पाउडर की मात्रा मिलानी चाहिए. निर्धारित मात्रा में दवा को बीज के साथ अच्छी तरह मिलाकर छायादार स्थान पर लगभग आधे घंटे तक छोड़ देना चाहिए. इसके बाद बीज बुआई के लिए तैयार हो जाता है. राइस वाटर विधि है कारगर साथ ही आगे कहा कि किसान चाहें तो राइस वाटर (मांड) या हल्के पानी की सहायता से भी बीज उपचार कर सकते हैं. इसके लिए पानी में निर्धारित मात्रा में रासायनिक दवा मिलाकर उसे धीरे-धीरे बीज पर छिड़कें और अच्छी तरह मिलाएं. इससे दवा बीज की पूरी सतह पर चिपक जाती है और रोगों से बेहतर सुरक्षा मिलती है. सीड ड्रम तकनीक से आसान होगा काम यहां बड़े स्तर पर खेती करने वाले किसान सीड ड्रम तकनीक का उपयोग कर सकते हैं. इसमें बीज को ड्रम में डालकर आवश्यक मात्रा में रसायन मिलाया जाता है और ड्रम को घुमाया जाता है. इससे दवा सभी बीजों पर समान रूप से लग जाती है. उपचार के बाद प्रति 2 ग्राम दवा के साथ लगभग 10 ग्राम महीन राख भी मिलाई जा सकती है, जिससे दवा बीज पर अच्छी तरह चिपकी रहती है. उन्होंने कहा कि बीज उपचार एक छोटी प्रक्रिया है, लेकिन इसका लाभ पूरे सीजन में मिलता है. इसलिए मक्के की बुआई से पहले बीजों का उपचार अवश्य करें, ताकि फसल रोगमुक्त रहे और बेहतर उत्पादन प्राप्त हो सके. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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लातेहार में छोटे ने की बड़े भाई की हत्या:जमीन विवाद में कुल्हाड़ी...

लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र के पोटमाडीह गांव में जमीन विवाद ने शुक्रवार को खूनी रूप ले लिया। आपसी विवाद के दौरान छोटे भाई ने बड़े भाई पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बीच-बचाव करने पहुंची मृतक की पत्नी और बेटा भी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में शोक और तनाव का माहौल है। जानकारी के अनुसार, पोटमाडीह निवासी कामिल बेक और उनके छोटे भाई पोलिकार्प बेक के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। शुक्रवार को दोनों भाइयों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि पोलिकार्प बेक ने कुल्हाड़ी से अपने बड़े भाई कामिल बेक पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से कामिल बेक जमीन पर गिर पड़े। पति को बचाने पहुंची उनकी पत्नी सलोमी बेक और पुत्र निलेश बेक पर भी आरोपी ने हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों की सहायता से तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद कामिल बेक को मृत घोषित कर दिया, जबकि सलोमी बेक और निलेश बेक की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही महुआडांड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना का कारण जमीन संबंधी विवाद सामने आया है। मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद पोटमाडीह गांव में मातम पसरा हुआ है। Source link

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बोकारो का लापता नाबालिग पुरी से बरामद:पिता के जेल जाने से चिंतित...

बोकारो पुलिस ने बालीडीह थाना क्षेत्र से लापता हुए एक नाबालिग को ओडिशा के पुरी से सकुशल बरामद कर लिया है। लगभग एक सप्ताह तक चले सघन तलाशी अभियान के बाद पुलिस को यह सफलता मिली। नाबालिग के सुरक्षित मिलने से उसके परिजनों ने राहत की सांस ली है। मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने शनिवार को बताया कि बालीडीह थाना क्षेत्र के कुर्मीडीह गांव निवासी प्रतीक नामक नाबालिग 6 जून को अपने घर से अचानक चला गया था और वापस नहीं लौटा। इसके बाद उसकी मां के बयान पर बालीडीह थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल चार पुलिस टीमों का गठन किया गया। डीएसपी ने बताया कि जांच के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सहयोग से बोकारो रेलवे स्टेशन का सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किया गया। फुटेज के आधार पर पुलिस ने नाबालिग की गतिविधियों का पता लगाया और रांची रेलवे स्टेशन सहित अन्य स्थानों पर भी जांच की। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर संबंधित ट्रेन की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस टीम पुरी पहुंची, जहां से नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस टीम नाबालिग की मां के साथ पुरी से बोकारो के लिए रवाना हो चुकी है। प्रारंभिक जांच में अपहरण की आशंका से इनकार करते हुए डीएसपी ने कहा कि यह घटना अपहरण का नहीं, बल्कि पारिवारिक परिस्थितियों से जुड़ा मामला प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि नाबालिग के पिता अमित कुमार पहले से जेल में बंद हैं, जिससे वह मानसिक रूप से चिंतित था। इसी चिंता के कारण उसने घर छोड़ने का कदम उठाया था। पुलिस ने कहा कि नाबालिग के बोकारो पहुंचने और विस्तृत पूछताछ के बाद पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा। Source link

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कचरे से कमाल कर रहीं जमशेदपुर की खुशबू, बनाती ऐसे सजावटी सामान,...

Last Updated:June 12, 2026, 10:24 IST Jamshedpur News: जमशेदपुर की खुशबू सिंह कचरे से ऐसे-ऐसे आइटम बनाती हैं कि उन्हें देखकर कोई नहीं कह सकता ये कूड़ा थे. प्लास्टिक वेस्ट से सजावटी सामान और नारियल के छिलकों से चिड़ियों के घोंसले बनाकर वह पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश कर रही हैं. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. जमशेदपुर की खुशबू सिंह पर्यावरण संरक्षण की ऐसी मिसाल पेश कर रही हैं, जो लोगों को न सिर्फ स्वच्छता का संदेश दे रही हैं, बल्कि कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने की प्रेरणा भी दे रही हैं. जहां अधिकांश लोग घरों से निकलने वाले प्लास्टिक और अन्य बेकार सामान को फेंक देते हैं, वहीं खुशबू सिंह एक भी प्लास्टिक या वेस्ट सामग्री को बेकार नहीं मानतीं. उनका मानना है कि सही सोच और थोड़ी रचनात्मकता से किसी भी अनुपयोगी वस्तु को आकर्षक और उपयोगी उत्पाद में बदला जा सकता है. नहीं होगा यकीन, ये हैं कचराखुशबू ने अपने घर को ही ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ की एक जीवंत प्रदर्शनी बना दिया है. उन्होंने छोटे-छोटे प्लास्टिक के टुकड़ों को इकट्ठा कर बोतलों में भरकर आकर्षक सजावटी वृक्ष तैयार किए हैं. इसके अलावा घर में मौजूद खाली प्लास्टिक और कांच की बोतलों को रंग-बिरंगे डिजाइन देकर खूबसूरत फ्लावर वास, लैंप होल्डर और कई सजावटी वस्तुओं का रूप दिया है. उनके घर में रखे उत्पादों को देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि वे कभी फेंकने योग्य कचरे का हिस्सा थे. आजकल बना रहीं पक्षियों के आशियानेगर्मियों के मौसम में पक्षियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खुशबू सिंह इन दिनों नारियल के छिलकों से चिड़ियों के लिए घोंसले तैयार कर रही हैं. अब तक वे 150 से अधिक घोंसले बना चुकी हैं और हर दिन 3 से 4 नए घोंसले तैयार करती हैं. उनका लक्ष्य अधिक से अधिक पक्षियों को सुरक्षित और ठंडा आशियाना उपलब्ध कराना है, ताकि भीषण गर्मी में उन्हें राहत मिल सके. नेचुरल तरीके से बनता है घोंसलाघोंसला बनाने की प्रक्रिया भी बेहद रोचक और पर्यावरण के अनुकूल है. सबसे पहले नारियल के छिलकों को अच्छी तरह साफ कर सुखाया जाता है. इसके बाद एक गुब्बारे की सहायता से उसका आकार तैयार किया जाता है और मजबूत सूत से बांधा जाता है. फिर उस पर फेविकोल और कोकोपीट की परत लगाई जाती है, जिससे घोंसला मजबूत, सुंदर और अंदर से ठंडा बना रहता है. यह प्राकृतिक संरचना चिड़ियों के रहने के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करती है. बच्चों और युवाओं को ट्रेनिंग भी देती हैंखुशबू सिंह केवल स्वयं तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों और युवाओं को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर रही हैं. वे समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को सिखाती हैं कि किस प्रकार घर और आसपास के कचरे को उपयोगी वस्तुओं में बदला जा सकता है. उनका प्रयास नई पीढ़ी में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है. कचरे से भी हो सकता है पर्यावरण संरक्षणइसके अलावा वे अपनी टीम और स्वच्छता पुकारो के साथ नदी एवं सार्वजनिक स्थानों पर सफाई अभियान भी चलाती हैं. सफाई के दौरान जो भी अनुपयोगी सामग्री मिलती है, उसे अपने साथ लाकर नए उत्पादों में बदल देती हैं. खुशबू सिंह का यह अनोखा प्रयास साबित करता है कि अगर इच्छाशक्ति और रचनात्मक सोच हो, तो कचरा भी पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा का सशक्त माध्यम बन सकता है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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