Last Updated:April 29, 2026, 16:28 IST Jamshedpur News: जमशेदपुर के पास हालुदबानी गांव में महिलाओं ने अपने घर के पीछे पड़े खाली एरिया का ऐसा इस्तेमाल किया है कि अब पूरा घर जैविक तरीके से उगी शुद्ध सब्जियां खा रहा है. इस काम में एक संस्था ने उनकी मदद की और बैकयार्ड न्यूट्रीशन गार्डन बन गया. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. झारखंड के गांवों की पहचान अब सिर्फ सादगी और परंपरा तक सीमित नहीं रही, बल्कि यहां की महिलाएं अब अपने हुनर और समझदारी से एक नई मिसाल कायम कर रही हैं. जमशेदपुर के पास स्थित हालुदबानी गांव इसका जीता-जागता उदाहरण बनकर उभरा है, जहां की महिलाएं आज शहर की महिलाओं से भी एक कदम आगे सोच रही हैं. घर के पीछे की जमीन का गजब इस्तेमालइस गांव में कुल 35 घर हैं और हर घर के पीछे थोड़ी-बहुत खाली जमीन मौजूद है. पहले ये जगह यूं ही खाली पड़ी रहती थी, लेकिन अब यही जमीन गांव की ताकत बन चुकी है. यहां की महिलाओं ने मिलकर इन खाली जगहों को ‘बैकयार्ड किचन न्यूट्रिशन गार्डन’ में बदल दिया है. इस पहल के पीछे TMILL संस्था का बड़ा योगदान है, जिसने गांव की महिलाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई. परिवार का स्वास्थ्य हो रहा बेहतरअब हालुदबानी गांव के हर घर के पीछे एक छोटा-सा हरा-भरा बगीचा नजर आता है. इन गार्डन में भिंडी, बैंगन, मिर्च, टमाटर, फूलगोभी, नेनुआ और बरबटी जैसी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली सब्जियां उगाई जा रही हैं. खास बात यह है कि ये सब्जियां पूरी तरह से ताजा और जैविक हैं, जिससे परिवार का स्वास्थ्य भी बेहतर हो रहा है. गुजरने वाले, जरूर रुककर देखते हैंगांव की एक महिला, चंचल किस्कू, बताती हैं कि पहले उन्हें सब्जियों के लिए बाजार जाना पड़ता था, लेकिन अब उनके घर के पीछे ही सब कुछ उपलब्ध है. इससे समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है. इतना ही नहीं, जब कभी राहगीर इस रास्ते से गुजरते हैं और इन हरे-भरे बगीचों को देखते हैं, तो रुककर तारीफ करते हैं. कई बार लोग सब्जियां मांगकर भी ले जाते हैं, जिसे महिलाएं खुशी-खुशी बांट देती हैं. यह पहल सिर्फ सब्जियां उगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बना रही है. अब उन्हें यह समझ आ गया है कि छोटी-सी जगह का सही उपयोग करके भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है. छोटी जगह का बड़ा इस्तेमालहालुदबानी गांव आज एक प्रेरणा बन चुका है. यहां की महिलाएं यह संदेश दे रही हैं कि अगर सोच सकारात्मक हो और मेहनत सच्ची, तो किसी भी संसाधन का सही उपयोग कर जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है. उन्होंने साबित कर दिया है कि गांव की महिलाएं अब सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपने परिवार और समाज के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभा रही हैं. सच में, यह झारखंड का एक अनोखा गांव है, जहां हर घर के पीछे सिर्फ एक बगीचा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और उम्मीद की हरियाली खिल रही है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 16:26 IST Source link