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क्या लाउडस्पीकर का कोई शोर सुनाई देता है, सड़कें जाम की गईं?...

Last Updated:June 13, 2026, 23:23 IST सुवेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम में अपने काम करने के तरीके को साफ किया. उन्होंने अनावश्यक बयानबाजी से पूरी तरह दूरी बनाए रखने की बात कही. सुवेंदु अधिकारी ने कहा, ‘मैं ज्यादा बात नहीं करूंगा, मैं काम करूंगा. मेरा काम ही खुद बोलेगा.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जमीन पर दिखाई देने वाले परिणामों को प्राथमिकता देते हैं. राजनीति में केवल बातें करने से जनता का भला नहीं हो सकता है. ख़बरें फटाफट सुवेंदु अधिकारी ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. (फाइल फोटो) कोलकाता. कोलकाता के बालीगंज में आयोजित “बंगाल विकास फोरम” कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल विधानसभा के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में नई सरकार के कामकाज और विकास कार्यों को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि सरकार को सत्ता संभाले पांच सप्ताह हो चुके हैं और इस दौरान लोगों को बदलाव साफ दिखाई देने लगा है. सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जनता खुद आकलन कर सकती है कि क्या अब लाउडस्पीकरों का शोर सुनाई देता है या सड़कों पर जाम लगाने जैसी स्थितियां देखने को मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पद की कुछ सीमाएं होती हैं और वह अनावश्यक बयानबाजी में विश्वास नहीं रखते. उन्होंने कहा, “मैं ज्यादा बात नहीं करूंगा, मैं काम करूंगा. मेरा काम ही खुद बोलेगा.” अधिकारी ने दावा किया कि सीमावर्ती इलाकों में भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाया जा रहा है. विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कोलकाता के चिंगरीघाटा क्षेत्र में मेट्रो परियोजना का काम, जो लंबे समय से रुका हुआ था, अब दोबारा शुरू हो गया है. उनके मुताबिक, सरकार का फोकस बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशासनिक सुधार और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर है. सुवेंदु अधिकारी के इस बयान को राज्य में विकास के दावों के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी प्राथमिकता राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले परिणाम हैं. सीएम शुभेंदु अधिकारी ने जनता दरबार लगायापश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को भाजपा कार्यालय में अपना जनता दरबार लगाया, जहां उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर लोगों की शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को उनका शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए. पहला ‘जनता दरबार’ 18 मई को आयोजित किया गया था. मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद अधिकारी ने इस साप्ताहिक कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा था कि नागरिक हर सप्ताह सीधे उनसे मिल सकेंगे. शनिवार को गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के परिजन, स्वास्थ्यकर्मी और नौकरी की तलाश कर रहे लोग बड़ी संख्या में अपनी शिकायतें दर्ज कराने और मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराने पहुंचे. जनता दरबार में पहुंचे लोगों में से एक करुणा ने बताया कि वह अपनी बेटी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने आई हैं. वहीं, एक अन्य महिला तनिमा चटर्जी नौकरी की सुरक्षा की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के साप्ताहिक शिकायत निवारण कार्यक्रम में शामिल हुईं. वह सरकार की मिशन वात्सल्य पहल में कार्यक्रम अधिकारी हैं. उन्होंने कहा, “हम कठिन परिस्थितियों में रह रहे बच्चों के लिए परिवार-आधारित और गैर-संस्थागत देखभाल को बढ़ावा देते हैं. राज्य में 876 कर्मचारी कार्यरत हैं, फिर भी हमें नौकरी की सुरक्षा नहीं मिली है. हमें केवल एकमुश्त मानदेय दिया जाता है.” चटर्जी ने कहा, “पिछली सरकार ने हमारे लिए कभी कुछ नहीं किया, लेकिन हमें उम्मीद है कि भाजपा सरकार हमारी नौकरियों को स्थायी करेगी.” कई अन्य लोगों ने बताया कि वे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने आए हैं. उनका आरोप था कि पिछली सरकार ने हत्या के मामलों और अन्य अपराधों को दबाने का प्रयास किया था. यह साप्ताहिक जनसंपर्क पहल बंगाल में सत्ता में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के शुरुआती जनोन्मुखी प्रशासनिक प्रयासों में से एक के रूप में उभर रही है. भाजपा शासित राज्यों में इस तरह की जनसुनवाई की व्यवस्था पहले भी देखने को मिलती रही है और पार्टी इसे आम लोगों तक पहुंच बढ़ाने तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण का प्रभावी माध्यम बताती है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kolkata,West Bengal Source link

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स्क्वाड्रन लीडर से अग्निवीर तक: जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर ‘मौत’ की...

होमफोटोदेश जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर ‘मौत’ की लैंडिंग, ले गई 5 जांबाजों की जान Last Updated:June 13, 2026, 23:44 IST असम के जोरहाट में रूसी मूल के एएन-32 परिवहन विमान के शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त होने से भारतीय वायुसेना के पांच कर्मियों की मौत हो गई. वायुसेना ने बताया कि विमान सुबह करीब 10 बजे एक नियमित उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इसने एक बयान में कहा, “जोरहाट में एएन-32 विमान दुर्घटना में पांच कर्मियों की मौत पर भारतीय वायुसेना गहरा दुख व्यक्त करती है.” असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर शनिवार को उतरते समय एएन-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के क्रैश होने से भारतीय वायुसेना के पांच जवान शहीद हो गए. यह घटना सुबह लगभग 10 बजे हुई. उतरने के लैंडिंग के दौरान विमान में आग लग गई, जिसके बाद एयरफोर्स और एयरपोर्ट की अग्निशमन टीमों ने तुरंत इमरजेंसी कार्रवाई शुरू कर दी. भारतीय वायुसेना ने एक बयान में कहा, “आज सुबह लगभग 10 बजे असम के जोरहाट में एक रूटीन उड़ान के दौरान आईएएफ के एएन-32 विमान का एक्सीडेंट हो गया. अभी क्रैश वाली जगह पर जांच चल रही है. आईएएफ सभी से अपील करता है कि शुरुआती नतीजे आने तक कोई अटकलें न लगाएं.” एक अन्य पोस्ट में आईएएफ ने लिखा, “भारतीय वायु सेना को असम के जोरहाट में एएन-32 विमान दुर्घटना में अपने पांच कर्मियों के खोने का गहरा दुख है. स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीर वायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीर वायु दानिश आलम ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया. भारतीय वायु सेना शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है और दुख की इस घड़ी में मजबूती से उनके साथ खड़ी है.” Add News18 as Preferred Source on Google एक्सीडेंट की वजह का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए जाने की उम्मीद है. टेक्निकल एक्सपर्ट और एयरफोर्स के अधिकारी क्रैश वाली जगह की जांच कर रहे हैं, जबकि शुरुआती जांच जारी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, “असम के जोरहाट में AN-32 विमान दुर्घटना में पांच वायु सैनिकों की मौत से मुझे गहरा दुख हुआ है. स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने अपनी ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया. देश उनके साहस और सेवा को हमेशा गर्व और कृतज्ञता के साथ याद रखेगा. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. दुख की इस घड़ी में देश मजबूती से उनके साथ खड़ा है.” न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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100% से ज्यादा आधार कार्ड कैसे बने? अवैध बांग्लादेशियों पर शिकंजा कसने...

होमताजा खबरदेश 100% से ज्यादा आधार कार्ड कैसे बने? बांग्लादेशियों पर शिकंजा कसने की तैयारी Last Updated:June 13, 2026, 23:44 IST आधार कार्ड के नियमों को सख्त बनाने के पीछे असम सरकार का मुख्य मकसद राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है. इसके लिए कुछ विशेष नियम बनाए गए हैं. 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को अब आसानी से आधार नहीं मिलेगा. किसी भी अवैध बांग्लादेशी प्रवासी को आधार कार्ड जारी नहीं किया जाएगा. असाधारण मामलों में केवल जिला कमिश्नर ही इसके लिए प्रस्ताव भेज सकेंगे. जिला कमिश्नर को आधार कार्ड की अनुमति के लिए राज्य सरकार को लिखना होगा. ख़बरें फटाफट असम कैबिनेट ने 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को आधार जारी नहीं करने का फैसला किया. (फाइल फोटो) गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि मंत्रिमंडल ने अवैध प्रवासियों को आधार कार्ड हासिल करने से रोकने के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को यह कार्ड जारी नहीं करने का फैसला किया है. सरमा ने मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, “असाधारण मामलों में जिला आयुक्त को आधार कार्ड जारी करने की अनुमति के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजना होगा.” मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया ऐसी स्थिति में पहुंच गई है, जहां लगभग सभी पात्र लोगों को आधार कार्ड जारी किए जा चुके हैं. उन्होंने कहा, “कुछ जिलों में यह 100 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गई है और हमें यह पता लगाना होगा कि ये लोग कौन हैं, जो अतिरिक्त आधार कार्ड ले रहे हैं.” सरमा ने कहा कि यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है कि किसी भी अवैध बांग्लादेशी को आधार कार्ड न मिले. उन्होंने कहा कि हमारी तरफ से यह आदेश दिया गया है कि 18 साल या उससे अधिक की आयु के किसी भी व्यक्ति का आधार कार्ड नहीं बनाया जाए. सिर्फ 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति का हर आधार कार्ड बनाया जाए. यह फैसला मुख्य रूप से राज्य में अवैध नागरिकों को रोकने के मकसद से लिया गया है. हमें पूरा विश्वास है कि आगामी दिनों में इसके सकारात्मक नतीजे देखने को मिलेंगे. उनके मुताबिक, “अगर कोई पात्र व्यक्ति है और सही मायने में उसे आधार कार्ड की जरूरत है, तो सबसे पहले डिप्टी कमिश्नर लेवर की तरफ से इसकी सहमति लेनी होगी. जब डिप्टी कमिश्नर लेवल की तरफ से अनुमति मिल जाएगी, तभी उसका आधार कार्ड बना दिया जाएगा. इस दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी.” About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Guwahati,Kamrup Metropolitan,Assam Source link

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aaj ka Dhanu rashifal 14 june 2026 today be cautious in financial...

Last Updated:June 14, 2026, 00:04 IST Aaj ka Dhanu Rashifal 14 june 2026: धनु राशि के जातकों को आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी चाहिए. उन्होंने बताया कि आज आप किसी को पैसा उधार ना दें. इतना ही नहीं आज के दिन कोई नया निवेश करने या बड़े लेन-देन से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें.  ख़बरें फटाफट जमुई: आज 14 जून 2026 का दिन धनु राशि के जातकों के लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाला है. आज के दिन आपको किसी पुरानी उलझन का जवाब मिल सकता है. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज धनु राशि के जातकों के सामने ऐसी कोई बात आ सकती है, जिसे आप काफी समय से नजरअंदाज करते आ रहे थे. यह किसी रिश्ते, काम या जीवन की किसी स्थिति से जुड़ी हो सकती है. शुरुआत में यह बात आपको थोड़ा असहज कर सकती है. उन्होंने बताया कि धनु राशि के जातकों को आज भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचना चाहिए. आज आपको अपने मन को शांत रखना चाहिए. धनु राशि के जातकों को आज कार्यस्थल पर समय पर काम पूरा करने की चुनौती रहेगी, लेकिन आपकी मेहनत आपको बेहतर परिणाम दिला सकती है. जो लोग लंबे समय से किसी काम के पूरे होने का इंतजार कर रहे थे, उन्हें राहत मिलने के संकेत हैं. आज किसी को उधार देने से करें तौबाज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि धनु राशि के जातकों को आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी चाहिए. उन्होंने बताया कि आज आप किसी को पैसा उधार ना दें. इतना ही नहीं आज के दिन कोई नया निवेश करने या बड़े लेन-देन से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें. नहीं तो यह भविष्य में आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि अगर कोई बात पिछले कुछ समय से आपको परेशान कर रही थी, उसी से जुड़ा कोई नया समाधान या अवसर सामने आ सकता है. नौकरीपेशा लोगों को अपने काम पर पूरा ध्यान देना चाहिए. कारोबार करने वालों को नए संपर्कों से लाभ मिल सकता है. आज आपको मिलेगा अपने जीवनसाथी का पूरा सहयोगज्योतिषाचार्य ने बताया कि धनु राशि के जातकों के परिवार में आज माहौल सामान्य रहेगा. आज आपको जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा. प्रेम संबंधों में भी विश्वास और खुलकर बातचीत करने से रिश्ते मजबूत होंगे. परिश्रम का पूरा लाभ मिलने की संभावना है, आज मेहनत करने से पीछे न हटें. स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है. धनु राशि के जातकों को आज मानसिक रूप से भी खुद को थोड़ा समय देना जरूरी होगा. आज के दिन के लिए आपका शुभ रंग लाल और शुभ अंक 4 रहने वाला है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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फ्लाइट के टॉयलेट से आ रही थी अजीब आवाजें, दरवाजे पर दे...

होमताजा खबरदेश टॉयलेट से आ रही थी अजीब आवाजें, तभी क्रू ने दे दी दस्‍तक, खुली रह गईं आंखें Last Updated:June 13, 2026, 23:33 IST दुबई से अहमदाबाद आ रही फ्लाइट के टॉयलेट कांड का खुलासा हुआ है. दरअसल, जिस समय प्‍लेन टॉयलेट में कांड को अंजाम दिया जा रहा था, तभी एक एयरहोस्‍टेस की नजर उधर पड़ गई. टॉयलेट से आ रही अजीब सी आवाजों से क्रू का शक बढ़ गया. इसके बाद जो खुलासा हुआ, उसको देख सभी की आंखें खुली की खुली रह गईं. दुबई से अहमदाबाद पहुंची फ्लाइट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. Airport News: फ्लाइट में एयर होस्‍टेस की निगाहें अचानक प्‍लेन के टायलेट पर दाखिल होते एक पैसेंजर पर जम गई. इस पैसेंजर की हरकतें और चेहरे के हावभाव बिल्‍कुल अलग थे. शक होने पर वह टॉयलेट के पास गई, तभी उसे अंदर से अजीब सी आवाजें आती सुनाई दीं. इन आवाजों को सुनने के बाद उसका शक गहरा गया. उसने तुरंत इसके बाबत अपने कैप्‍टन को जानकारी दी. वहीं कैप्‍टन ने इस बाबत एयरपोर्ट एजेंसीज को सूचना भेज दी. कुछ ही समय बात यह फ्लाइट अहमदाबाद एयरपोर्ट पर लैंड हो गई. फ्लाइट लैंड होते ही कस्‍टम के साथ सुरक्षा अधिकारी फ्लाइट में दाखिल हो गए. इसके बाद, टायलेट से जो बरामद किया गया, उसे देखने के बाद सभी की आंखें खुली की खुली रह गईं. दरअसल, यह मामला दुबई से अहमदाबाद आ रही एक फ्लाइट का है. फ्लाइट के टॉयलेट में करीब 2.8 किलो सोना छिपाकर रखा गया था. इस सोने को कस्‍टम ने जब्‍त कर लिया है. सूत्रों के मुताबिक, यह मामला 12 जून का है. दुबई से अहमदाबाद आई फ्लाइट के टायलेट की जांच के दौरान इंजीनियरों की मदद भी ली गई थी. तलाशी के दौरान अधिकारियों की नजर विमान के फ्रंट लैवेटरी (टॉयलेट) में लगे स्पीकर बॉक्स पर पड़ी. जब स्पीकर बॉक्स को ध्यान से जांचा गया तो उसके अंदर काले रंग की प्लास्टिक टेप में लिपटे दो पैकेट मिले. उन्‍होंने बताया कि पैकेट खोलने पर अधिकारियों को 24 कैरेट के गोल्ड बिस्किट बरामद किए गए. सभी गोल्ड बिस्किट 999.0 शुद्धता यानी 24 कैरेट के थे. बरामद सोने का कुल वजन 2,799.3 ग्राम पाया गया. बरामद किए गए सोने की कीमत करीब 4 करोड़ 26 लाख 89 हजार 325 रुपये आंकी गई है. कस्टम विभाग का कहना है कि जिस तरीके से सोने को छिपाया गया था, उससे साफ संकेत मिलता है कि इसे भारत में अवैध रूप से तस्करी के जरिए लाने की कोशिश की जा रही थी. कस्‍टम के अनुसार, सोने को ऐसी जगह छिपाया गया था जहां सामान्य तौर पर यात्रियों या क्रू की नजर आसानी से नहीं पड़ती है. अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान किसी भी यात्री, क्रू सदस्य या अन्य व्यक्ति ने बरामद सोने पर अपना दावा नहीं किया है. इसके बाद कस्टम एक्ट 1962 के प्रावधानों के तहत सोने को ‘अनक्लेम्ड’ यानी लावारिस मानते हुए जब्त कर लिया गया है. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ahmedabad,Ahmedabad,Gujarat Source link

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jehanabad bihar police candidate dheeraj eight times failure succeed in 9th time...

Last Updated:June 13, 2026, 22:24 IST Success Story: 8 बार की असफलता के बाद भी धीरज ने हार नहीं मानी. गरीबी और परेशानियों के आगे घुटने कभी नहीं टेका. 9वीं दफा में बिहार पुलिस में सफलता पाई. जिस वक्त उनका बिहार पुलिस का मेरिट लिस्ट आया उस वक्त वो बाज़ार में मटका कुल्फी बेच रहे थे. धीरज ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्ट कट नहीं होता है. आपको निरंतर मेहनत करनी होती है. ख़बरें फटाफट जहानाबाद:  करत करत अभ्यास ते, जड़मत होत सुजान…यह कहावत बहुत ही प्रासंगिक है. इसे चरितार्थ कर दिखाया है जहानाबाद के लाल धीरज कुमार ने. 8 बार की असफलता के बाद भी धीरज ने हार नहीं मानी. गरीबी और परेशानियों के आगे घुटने कभी नहीं टेका और 9वीं दफा में बिहार पुलिस में सफलता पाई. जिस वक्त उनका बिहार पुलिस का मेरिट लिस्ट आया, उस वक्त वो बाज़ार में मटका कुल्फी बेच रहे थे. उन्हें किसी और से बिहार पुलिस में सफलता की शोर के बारे में जानकारी प्राप्त हुई. आज वो बहुत ही खुश हैं. इसका श्रेय अपने परिवार को दे रहे हैं. दिन में मटका कुल्फी बेचना, रात में पढ़ाईदरअसल, धीरज कुमार जहानाबाद जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर हुलासगंज प्रखंड के रहने वाले हैं. शादी भी हो चुकी है. अभी 3 बच्चों और पत्नी की जिम्मेदारी कंधों पर है. माता पिता दोनों बीमार रहते हैं. ग्रेजुएट धीरज का सपना शुरू से सरकारी नौकरी प्राप्त करने को था. हालांकि, घर परिवार से आर्थिक रूप से काफी कमजोर था. कुछ करने की ललक शुरू से ही थी. इसके लिए वो दिन रात भी मेहनत करने को रहता तो कर गुजरते. शादी हो गई तो घर की जिम्मेदारी बहुत अधिक बढ़ गई. ऐसे में पैसा भी नहीं और परिवार का भी देखभाल करना था. धीरज के संघर्ष की कहानीअब ऐसे में क्या किया जाए? घर, पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य से लगातार सुनने को मिले. पिता कहते कि बाहर चले जाओ, तो कुछ कमाई होगी. माता जी भी कुछ ऐसी ही बातें कहते. हां, बीच में कुछ वक्त के लिए बाहर कमाने को गया, लेकिन फिर हम घर वापस आ गए. जुनून था कि सरकारी नौकरी प्राप्त करनी है. ग्रेजुएशन के बाद 8 बार अलग अलग नौकरी के लिए परीक्षा दी, लेकिन असफलता ही हाथ लगी. पैसे भी खर्च हुआ करता. पत्नी भी गुस्सा करती. ऐसे में अंततः एक गाड़ी खरीदी और उससे लहसुन, सर्फ और साबुन गली गली घूमकर बेचने लगा. 9वीं बार में मिली बिहार पुलिस में सफलता कुछ सालों तक ऐसा करके अपना जीवन यापन किया. गर्मियों में मटका कुल्फी भी बेच लेता. इससे कुछ पैसे हो जाते, जिससे घर और अपना खर्च दोनों किसी तरह हो जाता. हमने 9वीं बार भी हर बार की तरह सपना लिए, बिहार पुलिस का फॉर्म भरा और फिर जो हुआ उसने हमारी पैरों तले जमीन खिसका दिया. जिस वक्त परीक्षा का परिणाम आया तो हम लहसुन बेच रहे थे. जिस वक्त मेरिट लिस्ट बनी तो उस वक्त कुल्फी बेच रहे थे. अब बिहार पुलिस में चयन पाकर बहुत खुश हूं. हमारी मेहनत रंग लाई है. ‘शॉर्ट कट नहीं, मेहनत ही सफलता का रास्ता’ लोकल 18 से धीरज ने कहा कि हमें तब तक हार नहीं माननी चाहिए जब तक हम सफल न हो जाएं. यह हमारी कहानी बहुत संघर्ष की सफलता है. 8 बार असफल होने के बाद मिली कामयाबी है. अन्य बच्चों को भी यही कहूंगा कि बस मेहनत करते जाइए दूसरा कोई शॉर्ट कट का रास्ता नहीं है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jehanabad,Bihar Source link

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राहुल गांधी के शब्दों से हिली ‘इंडिया’ गठबंधन की एकता, माकपा ने...

होमताजा खबरदेश केरल चुनाव की टीस अभी बाकी! राहुल गांधी के बयान पर माकपा का तगड़ा जवाब Last Updated:June 13, 2026, 21:28 IST राहुल गांधी ने ‘इंडिया’ गठबंधन की मीटिंग में केरल की राजनीति और पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को लेकर बयान दिया था. राहुल ने साफ कहा था कि वह केरल के पूर्व मुख्यमंत्री को गले नहीं लगा सकते हैं. अब माकपा नेता ने इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाए हैं. इससे गठबंधन की एकता पर असर पड़ सकता है. ख़बरें फटाफट ‘इंडिया’ गठबंधन को लेकर माकपा ने राहुल गांधी को नसीहत दी. (फाइल फोटो) नई दिल्ली. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केरल की राजनीति को लेकर ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में की गई टिप्पणी पर शनिवार को कहा कि उन्हें सिर्फ इतनी सलाह दी गई है कि वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और मोदी सरकार के लिए ‘मददगार’ बनने से बचें. माकपा महासचिव एम ए बेबी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में राहुल गांधी की टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा, “कोई भी राहुल गांधी से यह नहीं कह रहा कि वह पिनराई विजयन को गले लगाएं.” उन्होंने कहा, “इसके उलट, हम उनसे केवल यह कह रहे हैं कि वह पिनराई विजयन और अन्य विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी की मांग कर ईडी और मोदी सरकार का मददगार बनने से बचें. यह विपक्ष के नेता का काम नहीं है.” बेबी की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी द्वारा आठ जून को हुई ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में उनके द्वारा दिये गए संबोधन को शुक्रवार को सार्वजनिक किए जाने के एक दिन बाद आई. राहुल गांधी ने बैठक में कहा था, “हमारे अपने राजनीतिक मतभेद हैं, लेकिन यदि आप मुझसे कह रहे हैं कि मैं केरल के पूर्व मुख्यमंत्री को जाकर गले लगाऊं, तो मैं ऐसा नहीं कर सकता और न ही करूंगा, क्योंकि मेरा उनके साथ राजनीतिक संघर्ष जारी है.” वह केरल विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं द्वारा तत्कालीन वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार पर किए गए हमलों को लेकर माकपा की आपत्ति के संदर्भ में यह बात कह रहे थे. राहुल गांधी ने यह भी कहा था, “हमें लचीला रुख अपनाना होगा और यह समझना होगा कि हमारे खिलाफ पूरी ताकत से हमला किया जा रहा है, ताकि यह साबित किया जा सके कि विपक्ष कमजोर और बिखरा हुआ है.” सूत्रों के अनुसार, माकपा के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने चुनाव प्रचार के दौरान लगाए गए आरोपों पर बैठक के दौरान चिंता जताई थी. कांग्रेस ने केरल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान वाम दल और भाजपा के बीच कथित ‘मौन सहमति’ होने का आरोप लगाया था. बैठक से पहले बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर इन आरोपों पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि इस तरह के आरोप विपक्षी गठबंधन की सहयोगात्मक भावना के अनुरूप नहीं हैं. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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50 साल से एक जैसा स्वाद, जैन साहब की चाय के बिना...

Last Updated:June 13, 2026, 20:17 IST शिवपुरी के पुराने कलेक्ट्रेट के पास स्थित ‘जैन चाय दुकान’ आज महज एक दुकान नहीं, बल्कि शिवपुरी के लोगों के दिन की पहली जरूरत बन चुकी है. शहर के रग-रग में बसे स्वाद का जादू ऐसा है कि आज भी हजारों शिवपुरी वासियों की सुबह तब तक अधूरी मानी जाती है बदलते दौर की चकाचौंध में जहां हर मोड़ पर आधुनिक कैफे और नए-नए टी-स्टॉल खुल रहे हैं. वहीं शिवपुरी के दिल में एक ऐसी जगह भी है. जिसकी खुशबू पिछले पांच दशकों से रत्ती भर भी नहीं बदली. पुराने कलेक्ट्रेट के पास स्थित ‘जैन चाय दुकान’ आज महज एक दुकान नहीं, बल्कि शिवपुरी के लोगों के दिन की पहली जरूरत बन चुकी है. शहर के रग-रग में बसे इस स्वाद का जादू ऐसा है कि आज भी हजारों शिवपुरी वासियों की सुबह तब तक अधूरी मानी जाती है, जब तक उनके होठों से जैन साहब की कड़क चाय की पहली चुस्की न लग जाए. पिता की छोटी सी टपरी से शुरू हुआ पांच दशकों का सफरइस स्वाद की विरासत को जिंदा रख रहे दुकान के संचालक दीपक जैन जब पीछे मुड़कर देखते हैं, तो यादों का एक खूबसूरत कारवां सामने आ जाता है. दीपक बताते हैं कि यह सिर्फ एक व्यवसाय नहीं, बल्कि उनके पिता के पसीने से सींची गई एक पुश्तैनी थाती है. दशकों पहले उनके पिता ने एक बेहद छोटी सी टपरी से इस सफर का आगाज किया था. उस दौर में बोया गया मेहनत, ईमानदारी और शुद्धता का बीज आज एक ऐसा वटवृक्ष बन चुका है, जिसकी छांव में पूरा शिवपुरी चाय का आनंद लेता है. दीपक जैन बड़े गर्व से कहतेपिताजी ने हमेशा एक ही सीख दी कि चाहे दुनिया बदल जाए, लेकिन हमारी चाय की गुणवत्ता और ग्राहकों के प्रति हमारा आदर कभी नहीं बदलना चाहिए. यही वजह है कि आधी सदी बीत जाने के बाद भी हमारी चाय का वही पारंपरिक और ठेठ स्वाद आज भी जस का तस बरकरार है, जिसने 50 साल पहले लोगों को पहली बार अपना दीवाना बनाया था. अफसरों की गंभीर चर्चा से लेकर युवाओं के ठहाकों तकजैन साहब की चाय का सम्मोहन देखना हो, तो यहां सुबह से शाम तक उमड़ने वाले हुजूम को देखिए। इस दुकान की बेंच पर समाज का हर रंग एक साथ चाय की चुस्कियों में घुला नजर आता है. कॉलेज जाने वाले युवाओं के बेबाक ठहाके हों, फुर्सत में बैठे बुजुर्गों की पुरानी यादें हों, दिनभर की भागदौड़ के बीच सुस्ताते व्यापारी हों, या फिर कलेक्ट्रेट के गंभीर अधिकारी—हर कोई यहाँ आकर एक ही रंग में रंग जाता है. सिर्फ चाय का ठिकाना नहीं, शिवपुरी की यादों का एक जीवंत हिस्सापचास वर्षों का यह लंबा और सुहाना सफर सिर्फ चाय बेचने और मुनाफा कमाने की कहानी नहीं है। यह कहानी है शिवपुरी की तीन पीढ़ियों के आपस में जुड़ने की, उनकी खुशियों और चर्चाओं की. यहां कई ऐसे चेहरे रोज सुबह दिखाई देते हैं जो कभी अपने बचपन में पिता की उंगली थामकर यहां पहली बार चाय का स्वाद चखने आए थे, और आज वे खुद अपने बच्चों और पोतों को इस ऐतिहासिक स्वाद का हिस्सा बनाने यहाँ लेकर आते हैं.वक्त बदला, कलेक्ट्रेट पुराना हो गया, शहर की सड़कें चौड़ी हो गईं, लेकिन जैन चाय दुकान की वो चिर-परिचित खौलती चाय. उसकी महक आज भी शिवपुरी के अपनत्व, संस्कृति और पहचान का सबसे खूबसूरत प्रतीक बनी हुई है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Shivpuri,Madhya Pradesh Source link

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जोरहाट IAF AN-32 क्रैश: क्‍यों जांबाजों का काल बन रहे हैं ऐसे...

होमताजा खबरदेश IAF AN-32 क्रैश: क्‍यों जांबाजों का काल बन रहे हैं ऐसे मिशन, जानें एक-एक बात Last Updated:June 13, 2026, 19:19 IST Jorhat IAF AN-32 Crash: जोरहाट में भारतीय वायुसेना के AN-32 एयरक्राफ्ट क्रैश के बाद एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं. आखिर AN-32 जैसे एयरक्राफ्ट किन हालात में उड़ान भरते हैं और ऐसे मिशन इतने चुनौतीपूर्ण क्यों माने जाते हैं? भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल ने उस बातों का खुलासा किया है, जिसकी वजह से मिशंस पर गए एयरक्राफ्ट लगातार हादसे का शिकार हो रहे हैं. असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना का एयरक्राफ्ट एएन-32 क्रैश हो गया है. Jorhat IAF AN-32 Crash: असम के जोरहट एयरफोर्स स्‍टैशन पर लैंडिंग के दौरान भारतीय वायुसेना का एएन-32 प्‍लेन क्रैश हो गया है. इस क्रैश में भारतीय वायुसेना के पांच जांबाज शहीद हो गए हैं. शहीदों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीर वायु खेमाराम कुमावत और दानिश आलम के नाम शामिल हैं. इस हादसे के बाद एक बार उन कारणों को लेकर बहस छिड़ गई है, जिनकी वजह से मिशन के दौरान प्‍लेन क्रैश हो रहे हैं. भारतीय वायुसेना में एयर मार्शल रहे एक वरिष्‍ठ अधिकारी का कहना है कि एएन-32 एयरक्राफ्ट पिछले चार दशकों से भारतीय वायुसेना की ट्रांसपोर्ट फ्लीट की रीढ़ रहा है. 1980 के दशक के मध्य में भारतीय वायुसेना में शामिल होने वाला यह एयरक्राफ्ट तब से लेकर आज तक लद्दाख, पूर्वोत्तर भारत, अंडमान-निकोबार सहित देश के अन्य हिस्सों में अपने मिशन्‍स को सफलतापूर्वक पूरा करता आया है. जोरहाट में भी AN-32 एयरक्राफ्ट ने अपने अलग-अलग ऑपरेशंस को अब तक सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. आखिर क्‍या हो सकते हैं हादसे के कारण? हादसे की संभावित वजहों को लेकर पूर्व एयर मार्शल का कहना है कि किसी भी फ्लाइट के दो सबसे अहम फेज ऑफ और लैंडिंग होते है. दुनिया भर में लगभग 90 प्रतिशत एयरक्राफ्ट दुर्घटनाएं इन्हीं दो फेज के दौरान होती हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान एयरक्राफ्ट अपनी परफॉर्मेंस कैपेसिटी की लिमिट के बेहद करीब काम कर रहा होता है. एयरक्राफ्ट की स्‍पीड कम होती है और पायलट को बेहद सीमित सयम में कई अहम फैसले लेने पड़ते हैं. लैंडिंग के दौरान यदि कोई गंभीर तकनीकी खराबी, इमरजेंसी सिचुएशन या कंट्रोल से संबंधित कोई दिक्‍कत सामने आ जाए तो पायलट के पास प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय होता है. जमीन के करीब होने और स्‍पीड कम होने की वजह से दुर्घटना का खतरा काफी बढ़ जाता है. इसके अलावा, जोरहाट सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में उड़ान भरना सामान्य एयरक्राफ्टन ऑपरेशन जैसा नहीं होता है. मिलिट्री फ्लाइट्स और और कमर्शियल फ्लाइट्स में सबसे बड़ा अंतर यही है कि मिलिट्री एयरक्राफ्ट उन इलाकों में जाते हैं जहां सामान्य पैसेंजर एयरक्राफ्ट नहीं जाते हैं. AN-32 जैसे एयरक्राफ्ट घाटियों, पहाड़ों और दुर्गम इलाकों में उड़ान भरते हैं, जहां कई बार रडार कवरेज भी नहीं होता है. मौसम तेजी से बदलने, बादल आने, बारिश होने या विजिबिलिटी कम होने की स्थिति में फ्लाइट ऑपेशन बेहद मुश्किल हो जाता है. ऐसे हालात में पायलटों को संकरी घाटियों के बीच से गुजरते हुए छोटे एयरस्ट्रिप तक पहुंचना पड़ता है. कई बार रनवे पूरी तरह डेवलप भी नहीं होते हैं. यही कारण है कि इस तरह के मिशंस को बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है. छोटी गलती भी बन सकती है बड़ा खतरा पूर्व एयर मार्शल के अनुसार, पूर्वोत्तर और पहाड़ी इलाकों में मौजूद कई एयरस्ट्रिप केवल 3,000 से 3,500 फीट लंबे होते हैं. कुछ जगहों पर केवल एक दिशा से ही एयरक्राफ्ट को उतारा जा सकता है. ऐसी स्थिति में पायलट के पास गलती सुधारने की बहुत कम गुंजाइश होती है. यदि एयरक्राफ्ट तय लैंडिंग प्‍वाइंट से आगे उतरता है तो रनवे की लंबाई कम पड़ सकती है. यदि वह तय स्थान से पहले नीचे आ जाए तो पेड़ों और पहाडि़यों से टकराने का खतरा पैदा हो जाता है. यही वजह है कि इन इलाकों में लैंडिंग को बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है. बादल और घाटियां भी बन सकती हैं जोखिम पूर्व एयर मार्शल ने पुराने हादसों का भी जिक्र करते हुए बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में खराब मौसम और घने बादलों के बीच उड़ान भरना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहता है. कई बार विजिबिलिटी इतनी कम हो जाती है कि घाटियों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है. कुछ पुराने मामलों में एयरक्राफ्ट गलत घाटी में दाखिल हो गए. हालांकि पायलट्स को ऐसी परिस्थितियों से बाहर निकलने के लिए ट्रेंड किया जाता है. उन्‍हें उन सुरक्षित रास्‍तों के बारे में बताया जाता है, जहां से सुरक्षित बाहर निकला जा सकता है. लेकिन कुछ घाटियां ऐसी भी होती हैं जहां गलती की गुंजाइश ना के बराबर भी नहीं होती है. किसना सुरक्षित है आईएएफ का एएन-32 एयरक्राफ्टपूर्व एयर मार्शल के अनुसार, केवल दुर्घटनाओं के आधार पर एएन-32 को असुरक्षित नहीं एयरक्राफ्ट कहा जा सकता है. यह एयरक्राफ्ट वर्षों से भारतीय वायुसेना के सबसे भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट विमानों में शामिल रहा है. इसका इस्तेमाल जवानों और हथियारों के साथ-साथ राशन, दवाइयों और अन्य जरूरी सामग्री को दूरदराज के इलाकों तक पहुंचाने में किया जाता रहा है. इसके अलावा यह एयरक्राफ्ट पैरा-असॉल्ट मिशन और सर्च एंड रेस्क्यू सहित अन्य कई मिशंस के लिए इस्‍तेमाल‍ किया जाता रहा है. समय के साथ इन एयरक्राफ्ट्स को मॉर्डन इक्‍यूपमेंट्स और नए एवियोनिक्स सिस्टम से भी लैस किया गया है. क्‍या हो सकती हैं जोरहाट में एएन-32 क्रैश की वजहफिलहाल जोरहाट में हुए एएन-32 क्रैश की असल वजहों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा. भारतीय वायुसेना सहित संबंधित एजेंसियों के अधिकारी क्रैश साइट पर पहुंच चुके हैं. मलवे से एयरक्राफ्ट के ब्‍लैक बॉक्‍स को खोजने की कवायद शुरू हो चुकी है. साथ ही, एयरक्राफ्ट के मलवे के सैंपल को भी इकट्ठा किया जा रहा है. जल्‍द ही पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर के बीच हुई बातचीत की पड़ताल भी की जाएगी. इन सभी पहलुओं की जांच के बाद ही एएन-32 के क्रैश की वजहों के बारे में पता चल सकेगा. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation,

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पंजाब में अब तक जितने सीएम बने, सब पर भ्रष्टाचार के आरोप,...

Last Updated:June 13, 2026, 18:00 IST अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवंत मान, उनके परिवार या किसी मंत्री पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है. भगवंत मान सरकार ने सारा सरकारी पैसा बचाकर जनता की बिजली मुफ्त कर दी और 10-10 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू कर दिया. ख़बरें फटाफट बठिंडा में मेगा रोड शो के दौरान सीएम भगवंत मान के साथ अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया. नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सीएम भगवंत सिंह मान के साथ बठिंडा में मेगा रोड शो कर नगर निगम चुनाव में पार्टी को शानदार जीत दिलाने के लिए जनता का धन्यवाद किया. रोड शो में उमड़ी लोगों की भारी भीड़ और उनके चेहरे पर खुशी देखकर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवंत मान सरकार के चार साल के काम से पंजाब की जनता बेहद खुश है. हमें पूरा विश्वास है कि 2027 में भगवंत मान का दोबारा मुख्यमंत्री बनना तय है. उन्होंने कहा कि पंजाब में अब तक जितने भी सीएम बने, सब पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, लेकिन भगंवत मान पर एक पैसे का आरोप नहीं है. अगर भगवंत मान या सरकार के मंत्रियों पर एक भी आरोप लगा होता तो मोदी सरकार रोज ईडी-सीबीआई की रेड कराती. इस अवसर पर ‘आप’ पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया समेत तमाम वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे. रोड शो के दौरान अरविंद केजरीवाल ने नगर निगम के चुनावों में आम आदमी पार्टी को शानदार जीत दिलाने के लिए धन्यवाद करते हुए कहा कि हमें पंजाब में सरकार चलाते हुए चार साल हो गए हैं. जब अकाली दल या कांग्रेस की पुरानी सरकारें होती थीं, तो जनता उन्हें मारने के लिए जूते लेकर खड़ी होती थी, लेकिन आज हमारी सरकार के चार साल पूरे होने पर जनता के चेहरों पर इतनी खुशी है कि देखकर दिल खुश हो गया. हम राजनीति में काम करने आए थे और यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि चार साल बाद भी जनता हमारा काम पसंद कर रही है. एक तरह से बठिंडा में शानदार जीत दिलाकर जनता ने हमारे अच्छे काम पर मोहर लगाई है. रोड शो में लोगों की झलकती खुशी से साफ पता चलता है कि आज जनता मौजूदा सरकार से बहुत खुश है. अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि 2022 के चुनाव के समय जब मैं बठिंडा आया था, तो मुझे बताया गया कि यहां के लोगों से जोजो टैक्स लिया जाता है. अब वह जोजो टैक्स बंद हो गया है. अब कोई पैसे नहीं मांगता और कोई लूट-खसोट नहीं होती है. यह भगवंत मान की ईमानदार सरकार है. आज पंजाब में चार पार्टियां हैं. एक पार्टी है जिसे लोग गुस्से से चिट्टा पार्टी कहते हैं. उनके समय में खूब चिट्टा बिकता था और उन्होंने घर-घर में चिट्टा पहुंचा दिया था. लोग उस पार्टी को नफरत से बेअदबी पार्टी भी कहते हैं, क्योंकि उनके समय में खूब बेअदबी हुई थी. दूसरी पार्टी झगड़ा पार्टी है, जिसके सारे नेता आपस में लड़ते रहते हैं. तीसरी पार्टी ईडी पार्टी है, जो ईडी की धमकी देती है और लोगों के पीछे ईडी लगाती है. चौथी पार्टी आम आदमी पार्टी है, जो जनता की अपनी पार्टी है और लोगों के लिए काम करती है. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चर्चा है कि अब फरवरी के बजाय नवंबर में ही चुनाव होंगे. चुनाव में बस चार महीने रह गए हैं. अब हम सबको मिलकर एक ही काम करना है. भगवंत मान को दोबारा मुख्यमंत्री बनाना है. पंजाब में पिछले 75 साल में कई मुख्यमंत्री और मंत्री आए, लेकिन भगवंत मान जितना ईमानदार कोई नहीं आया. आज तक जितने भी मुख्यमंत्री आए, उन सभी पर घोटाले करने और पैसे खाने के आरोप लगे. उनके परिवारों और मंत्रियों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे. अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि पिछले चार साल में भगवंत मान पर एक नए पैसे के घोटाले का भी आरोप नहीं लगा है. अगर कोई आरोप लगता तो पीएम मोदी उन्हें नहीं छोड़ते और आज उनके ऊपर भी ईडी और सीबीआई की रेड हो जाती. भगवंत मान, उनके परिवार या किसी मंत्री पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है. भगवंत मान सरकार ने सारा सरकारी पैसा बचाकर जनता की बिजली मुफ्त कर दी और 10-10 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा कर दिया. 1 जुलाई से हर मां और बहन के बैंक खाते में एक हजार या डेढ़ हजार रुपए जाने शुरू हो जाएंगे. ‘आप’ सरकार ने इतना काम किया है कि अब सबको मिलकर भगवंत मान को दोबारा मुख्यमंत्री बनाना चाहिए, ताकि जो भी अधूरे काम रह गए हैं, उन्हें पूरा किया जा सके. वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी बठिंडा में आम आदमी पार्टी का मेयर बनाने के लिए जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि इतनी भयानक गर्मी के बावजूद लोग वोट डालने निकले और जब वोटों की पेटियां खुलीं, तो उन्होंने आम आदमी पार्टी और झाड़ू के पक्ष में बहुत बड़ा जनादेश दिया. उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी क्लीनिक खुल गए हैं, शानदार स्कूल-अस्पताल बन गए हैं. सरकारी स्कूलों के बच्चे अब मुश्किल से मुश्किल टेस्ट पास कर रहे हैं. खेतों के लिए दिन में बिजली आ रही है और टीलों तक नहर का पानी पहुंचा दिया गया है. यही बातें असली आनंद देती हैं. बाकी दोनों-तीनों पार्टियां आपस में समझौता करती फिर रही हैं. सुनाम में 23 में से 19 सीटें आम आदमी पार्टी ने जीती हैं. वहां भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल तीनों मिलकर लड़े थे, लेकिन जनता ने तीनों का सूपड़ा साफ कर दिया और सब पर झाड़ू फेर दिया. भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस बार जो धान लग रही है, वह पहली बार नहरों के पानी से लग रहा है. किसान जितना मर्जी पानी इस्तेमाल करें, पंजाब में पानी की कोई कमी नहीं है. भाखड़ा डैम अपने औसत स्तर से 16 फुट ऊपर चल रहा है. अगर हम रोज खुला पानी भी छोड़ें, तब भी कई दिनों तक डैम में पानी की कोई कमी नहीं होगी. आने वाले समय में खेतों के लिए पानी हमेशा भरपूर रहेगा. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक

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