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भारत की वह खोज जिसने दुनिया को समझाया एल नीनो, मानसून की...

भारत में मानसून दस्तक दे चुका है और तेजी से आगे बढ़ते हुए महाराष्ट्र तक पहुंचा चुका है. ऐसे में सभी को अब इस बात का इंतजार है कि उनके इलाके तक मानसून कब पहुंचेगा. हालांकि इस बार मौसम विज्ञानी सामान्य से कम बारिश की आशंका जता रहे हैं. देश में जब भी कमजोर मानसून, सूखे की आशंका या सामान्य से अधिक गर्मी की चर्चा होती है, तब एक शब्द बार-बार सुनाई देता है. वह शब्द है एल नीनो (El Niño)… मौसम वैज्ञानिकों से लेकर आम लोगों तक इस नाम से अब काफी परिचित हो चुके हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस वैश्विक मौसमीय घटना को समझने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण शुरुआती खोज भारत में हुई थी और उसका सीधा संबंध भारतीय मौसम विभाग (IMD) से है. आज एल नीनो और ला नीना दुनिया भर के मौसम को प्रभावित करने वाली सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक घटनाओं में गिने जाते हैं, लेकिन इस पूरी कहानी की शुरुआत करीब एक सदी पहले भारत से हुई थी, जब एक वैज्ञानिक भारतीय मानसून के रहस्यों को समझने की कोशिश कर रहा था. आखिर क्या है एल नीनो? एल नीनो दरअसल एक बड़े वैश्विक जलवायु तंत्र का हिस्सा है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में एल नीनो सदर्न ऑसिलेशन (ENSO) कहा जाता है. यह प्रशांत महासागर और उसके ऊपर मौजूद वायुमंडलीय परिस्थितियों के बीच होने वाली जटिल प्रक्रिया है, जो पूरी दुनिया के मौसम को प्रभावित करती है. एल नीनो की स्थिति में दक्षिण अमेरिका के तटों के पास प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है. इसका असर केवल समुद्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दुनिया के कई देशों में बारिश, तापमान और मौसम के पैटर्न बदल जाते हैं. भारत में आमतौर पर एल नीनो को कमजोर मानसून से जोड़ा जाता है, जबकि अमेरिका और कुछ अन्य क्षेत्रों में यह अधिक वर्षा का कारण बन सकता है. इसके उलट स्थिति को ला नीना कहा जाता है, जब समुद्र का तापमान सामान्य से कम हो जाता है और इसका प्रभाव एल नीनो के विपरीत देखने को मिलता है. भारत से कैसे शुरू हुई इस खोज की कहानी? एल नीनो की वैज्ञानिक समझ विकसित होने से कई दशक पहले भारतीय मौसम विभाग मानसून की भविष्यवाणी को अधिक सटीक बनाने की कोशिश कर रहा था. बीसवीं सदी की शुरुआत में ब्रिटिश गणितज्ञ और वैज्ञानिक सर गिल्बर्ट वॉकर को भारतीय मौसम विभाग का प्रमुख बनाया गया. उन्होंने 1904 से 1924 तक करीब 21 वर्षों तक इस पद पर काम किया. उस समय मानसून की भविष्यवाणी भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण थी, क्योंकि देश की कृषि और अर्थव्यवस्था काफी हद तक बारिश पर निर्भर थी. एल नीनो जहां भारत में सूखा लाता है, जबकि ला नीना में मूसलाधार बारिश होती है. वॉकर ने अपने अध्ययन के दौरान महसूस किया कि भारतीय मानसून को केवल भारत की सीमाओं के भीतर होने वाली मौसमी गतिविधियों से नहीं समझा जा सकता. इसके पीछे दुनिया के अन्य हिस्सों में होने वाले बड़े मौसमीय बदलाव भी जिम्मेदार हो सकते हैं. उन्होंने उस दौर में उपलब्ध मौसम संबंधी आंकड़ों का गहन अध्ययन शुरू किया. यह काम आसान नहीं था, क्योंकि तब कंप्यूटर जैसी आधुनिक तकनीक मौजूद नहीं थी और सारी गणनाएं तथा विश्लेषण मैन्युअल तरीके से किए जाते थे. एक क्षेत्र में दबाव बढ़ा तो दूसरे में हो गया कम अपने शोध के दौरान वॉकर ने एक बेहद दिलचस्प पैटर्न देखा. उन्होंने पाया कि प्रशांत महासागर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में वायुदाब झूले की तरह ऊपर-नीचे होता रहता है. जब एक क्षेत्र में दबाव बढ़ता है तो दूसरे हिस्से में कम हो जाता है. इस प्रक्रिया को उन्होंने ‘सदर्न ऑसिलेशन’ नाम दिया. यही वह खोज थी जिसने आगे चलकर एल नीनो और ला नीना को समझने की नींव रखी. वॉकर ने यह भी पाया कि सदर्न ऑसिलेशन का भारतीय मानसून से गहरा संबंध है और इसका प्रभाव भारत में होने वाली वर्षा पर पड़ सकता है. हालांकि उस समय तक यह स्पष्ट नहीं था कि समुद्र और वायुमंडल के बीच यह संबंध वास्तव में कैसे काम करता है. बाद में 1960 के दशक में नॉर्वे-अमेरिकी मौसम वैज्ञानिक जैकब ब्येर्कनेस ने इस रहस्य को सुलझाया. उन्होंने साबित किया कि सदर्न ऑसिलेशन और एल नीनो वास्तव में एक ही बड़े जलवायु तंत्र के दो हिस्से हैं. दक्षिण अमेरिका के पेरू और इक्वाडोर के मछुआरे सदियों से समुद्र के तापमान में होने वाले इन बदलावों को जानते थे, लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह पहली बार साबित हुआ कि समुद्र के तापमान और वायुमंडलीय दबाव के बीच सीधा संबंध है. ब्येर्कनेस ने दिखाया कि समुद्र और वायुमंडल एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं और यही प्रक्रिया ENSO प्रणाली का निर्माण करती है. कैसे खुला एल नीनो का रहस्य? इस खोज के बाद वैज्ञानिकों को पहली बार यह समझ में आया कि एल नीनो और ला नीना जैसी घटनाएं केवल किसी एक क्षेत्र का मामला नहीं हैं, बल्कि पूरी दुनिया के मौसम को प्रभावित करती हैं. एल नीनो के दौरान पृथ्वी का औसत तापमान बढ़ने की प्रवृत्ति रहती है. भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण-पूर्व एशिया में बारिश कम हो सकती है, जबकि उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका के कई हिस्सों में भारी वर्षा हो सकती है. ला नीना के दौरान आमतौर पर इसके विपरीत प्रभाव देखने को मिलते हैं. सदर्न ऑसिलेशन की खोज ने भारतीय मानसून की वैज्ञानिक समझ को नई दिशा दी, लेकिन इसके बावजूद मानसून की सटीक भविष्यवाणी करना आसान नहीं हुआ. मानसून दुनिया की सबसे जटिल मौसम प्रणालियों में से एक माना जाता है. इसका संबंध केवल एल नीनो या ला नीना से नहीं होता, बल्कि हिंद महासागर के तापमान, अरब सागर की स्थितियों, पश्चिमी विक्षोभ, हिमालयी क्षेत्र की गतिविधियों और कई अन्य कारकों से भी होता है. यही कारण है कि एल नीनो और मानसून के बीच संबंध हमेशा एक जैसा नहीं रहता. पूर्वानुमान की चुनौतियों के कारण भारतीय मौसम विभाग ने 1932 से 1988 के बीच पूरे देश के लिए मानसून का पूर्वानुमान जारी करना लगभग बंद कर दिया था. उस दौरान केवल उत्तर-पश्चिम भारत और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों के लिए सामान्य अनुमान दिए जाते थे. तब बारिश का प्रतिशत नहीं बताया जाता था, बल्कि ‘सामान्य से थोड़ा अधिक’ या “सामान्य के करीब”

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UPSC CSE Prelims Result 2026 Date: पास या फेल? यूपीएससी प्रीलिम्स रिजल्ट...

Last Updated:June 07, 2026, 11:51 IST UPSC CSE Prelims Result 2026 Date: यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के नतीजों का इंतजार खत्म होने वाला है. यूपीएससी सीएसई प्रीलिम्स रिजल्ट 10 जून के आस-पास जारी हो सकता है. जानिए रोल नंबर की पीडीएफ फाइल कैसे चेक करें और मेंस परीक्षा कब से शुरू होगी. UPSC CSE Prelims Result 2026 Date: यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा का रिजल्ट इसी महीने जारी होगा नई दिल्ली (UPSC CSE Prelims Result 2026 Date). संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 में शामिल हुए लाखों कैंडिडेट्स का इंतजार खत्म होने वाला है. देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा का हिस्सा बने उम्मीदवारों को सरकारी रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है. यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 का रिजल्ट 10 जून के आस-पास कभी भी घोषित किया जा सकता है. हालांकि आयोग ने अभी तक रिजल्ट डेट की कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी है. यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा 2026 में शामिल हुए स्टूडेंट्स रिजल्ट जारी होने के बाद ऑफिशियल वेबसाइट्स upsc.gov.in और upsconline.nic.in पर अपना परिणाम देख सकेंगे. संघ लोक सेवा आयोग इस रिजल्ट को पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में जारी करेगा. इस लिस्ट में सिर्फ उन्हीं भाग्यशाली और मेहनती उम्मीदवारों के रोल नंबर दर्ज होंगे, जो चयन प्रक्रिया के अगले और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव यानी यूपीएससी मेंस परीक्षा में बैठने के पात्र माने जाएंगे. यूपीएससी मेंस परीक्षा कब होगी? इस साल यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन देशभर के विभिन्न केंद्रों पर 24 मई 2026 को किया गया था. यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 में पास हुए उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा (UPSC Mains 2026) में बैठने का मौका मिलेगा. आयोग के शेड्यूल के अनुसार, यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा की शुरुआत 21 अगस्त 2026 से होने जा रही है. ऐसे में यूपीएससी प्रीलिम्स का रिजल्ट आने के बाद सफल उम्मीदवारों के पास मेंस की तैयारी के लिए लगभग दो महीने का ही समय बचेगा. यूपीएससी प्रीलिम्स रिजल्ट कैसे तैयार होता है? यूपीएससी प्रीलिम्स का रिजल्ट मुख्य रूप से 2 फैक्टर्स पर निर्भर करता है. परीक्षा में दो पेपर होते हैं- पहला जनरल स्टडीज (GS) और दूसरा सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट यानी सीसैट (CSAT). सीसैट (CSAT) का खेल: यह पेपर सिर्फ क्वॉलिफाइंग नेचर का होता है.. यानी इसमें सिर्फ पास होना होता है और उम्मीदवारों को कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाने अनिवार्य होते हैं. मेरिट की रेस: फाइनल कट-ऑफ लिस्ट पूरी तरह से सामान्य अध्ययन के पहले पेपर में परफॉर्मेंस, कुल वैकेंसी की संख्या और उम्मीदवारों के ओवरऑल प्रदर्शन के आधार पर तय की जाती है. अगर आप सीसैट पास कर लेते हैं, तभी पहले पेपर के नंबरों के आधार पर मेरिट बनती है. 933 अधिकारियों की होगी भर्ती, कड़ा है मुकाबला यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा का नोटिफिकेशन 4 फरवरी को जारी किया था, जिसके बाद 27 मई तक आवेदन की प्रक्रिया पूरी की गई थी. इस साल सिविल सेवा परीक्षा 2026 के माध्यम से कुल रिक्तियों की संख्या लगभग 933 है. इसमें बेंचमार्क विकलांगता कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए 33 पद आरक्षित रखे गए हैं. इस परीक्षा में टॉप रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS), आईएफएस (IFS) और आईआरएस (IRS) जैसी प्रशासनिक सेवाओं में अफसर बनने का अवसर मिलेगा. यूपीएससी प्रीलिम्स रिजल्ट कैसे चेक करें? संघ लोक सेवा आयोग की तरफ से यूपीएससी प्रीलिम्स रिजल्ट 2026 जारी होने के बाद उम्मीदवार नीचे लिखे स्टेप्स के जरिए अपने मार्क्स चेक कर पाएंगे: यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in या upsconline.nic.in पर लॉगिन करें. होमपेज पर दिख रहे ‘परीक्षाएं’ (Examinations) सेक्शन पर क्लिक करें. इसके बाद सामने खुले ‘Written Results’ वाला टैब ओपन करें. यहां UPSC CSE Prelims Result 2026 का लिंक दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें. क्लिक करते ही सेलेक्टेड कैंडिडेट्स के रोल नंबर की पीडीएफ फाइल डाउनलोड हो जाएगी. इस पीडीएफ में सर्च फंक्शन (Ctrl + F) का इस्तेमाल करके अपना रोल नंबर टाइप करें. अगर रोल नंबर लिस्ट में है तो समझ जाइए कि आपको मेंस परीक्षा का टिकट मिल चुका है! About the Author Deepali PorwalSenior Sub Editor Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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पाउडर से पैकिंग तक का सफर! जानिए फैक्ट्री में कैसे बनता है...

Last Updated:June 07, 2026, 10:45 IST Detergent Manufacturing Process: डिटर्जेंट पाउडर हमारे दैनिक जीवन का एक अहम हिस्सा है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसे फैक्ट्री में किस तरह तैयार किया जाता है. डिटर्जेंट निर्माण की प्रक्रिया में विभिन्न रसायनों, सर्फैक्टेंट्स, सोडा ऐश, एंजाइम और खुशबूदार तत्वों को वैज्ञानिक अनुपात में मिलाया जाता है. बड़े औद्योगिक संयंत्रों में इन सामग्रियों को विशेष मशीनों के जरिए प्रोसेस किया जाता है, जहां मिश्रण को सुखाकर महीन पाउडर का रूप दिया जाता है. इसके बाद गुणवत्ता जांच की जाती है ताकि सफाई की क्षमता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. अंतिम चरण में डिटर्जेंट को आकर्षक पैकेजिंग में भरकर बाजार में भेजा जाता है. आधुनिक तकनीक के कारण आज डिटर्जेंट अधिक प्रभावी, कम पानी में घुलने वाला और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा रहा है. ख़बरें फटाफट बाड़मेर. कपड़ों पर लगे जिद्दी दाग मिनटों में साफ करने वाला डिटर्जेंट आखिर बनता कैसे है? इसी को जानने के लिए लोकल18 टीम ने डिटर्जेंट बनाने वाली फैक्ट्री से इसके तैयार होने की प्रक्रिया को बारीकी से समझा है. फैक्ट्री में केमिकल्स, खुशबू और सफाई बढ़ाने वाले मिश्रण को मिलाकर ऐसा डिटर्जेंट बनाया जाता है जो कपड़ों को चमकाने के साथ ताजगी भी देता है. घर में इस्तेमाल होने वाला डिटर्जेंट पाउडर कई चरणों और खास तत्वों को मिलाकर तैयार किया जाता है. इसका मुख्य काम कपड़ों में जमी धूल, मिट्टी, तेल और जिद्दी दागों को हटाना होता है. डिटर्जेंट बनाने की प्रक्रिया फैक्ट्री में बड़ी मशीनों और तय फॉर्मूले के आधार पर होती है. बाड़मेर में डिटर्जेंट बनाने वाले रामसर निवासी गिरीश खत्री बताते है कि सबसे पहले डिटर्जेंट में सर्फेक्टेंट  मिलाए जाते हैं. फैक्ट्री में ऐसे तैयार होता है डिटर्जेंट पाउडरयह ऐसा तत्व होता है जो कपड़ों में जमी चिकनाई और गंदगी को पानी के साथ अलग करने में मदद करता है. इसी वजह से डिटर्जेंट दाग हटाने में असरदार माना जाता है. इसके बाद सोडियम कार्बोनेट और सोडियम सल्फेट जैसे तत्व मिलाए जाते हैं. वॉशिंग सोडा पानी को मुलायम बनाने में मदद करता है जिससे डिटर्जेंट ज्यादा असर दिखाता है वहीं सोडियम सल्फेट पाउडर की मात्रा और बनावट को संतुलित रखने का काम करता है. कपड़ो को चमकदार बनाने के लिए मिलाते है ऑप्टिकल ब्राइटनरकपड़ों को ज्यादा चमकदार दिखाने के लिए इसमें ऑप्टिकल ब्राइटनर मिलाए जाते हैं जो कपड़ों की सफेदी को बेहतर दिखाते हैं वहीं जिद्दी दाग हटाने के लिए कई कंपनियां एंजाइम्स का इस्तेमाल करती हैं जो तेल, खाने के दाग और मिट्टी को साफ करने में मददगार होते हैं. खत्री के मुताबिक इसमें करीब 20 से अधिक केमिकल्स को मिलाया जाता है जिससे यह कपड़ो को खुशबूदार और जिद्दी दाग को हटाने में सहायक होते है. इस प्रक्रिया में करीबन 3-4 घण्टे का समय लगता है. कपड़ो की ताजगी के लिए मिलाते है हल्के कलर और खुशबूडिटर्जेंट में फ्रेगरेंस (खुशबू) और हल्के कलर भी मिलाए जाते हैं ताकि कपड़ों में ताजगी बनी रहे.  इन केमिकल्स को बड़ी मशीनों में अच्छी तरह मिक्स किया जाता है. इसके बाद मिश्रण को सुखाकर महीन पाउडर का रूप दिया जाता है और फिर पैकिंग कर बाजार में भेजा जाता है. इसके साथ ही लिक्विड डिटर्जेंट भी तैयार किए जाते हैं जिनमें पानी और एक्टिव क्लीनिंग एजेंट का मिश्रण होता है. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Barmer,Rajasthan Source link

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राफेल से कितना ताकतवर Su-57 5th जेन स्‍टील्‍थ जेट, कौन महंगा और...

Su-57 vs Rafale Fighter Jet: भारत ने फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने का फैसला किया गया है. तकरीबन सवा तीन लाख करोड़ का यह रक्षा सौदा अपने आप में ऐतिहासिक है. इंडियन एयरफोर्स की फौरी जरूरतों को पूरा करने के लिए पांचवीं पीढ़ी का विमान भी खरीदने पर विचार किया जा रहा है. अमेरिका और रूस मुख्‍य रूप से 5th जेनरेशन फाइटर जेट की रेस में शामिल हैं. पांचवीं पीढ़ी के स्‍टील्‍थ फाइटर जेट F-35 और Su-57 में मुकाबला चल रहा है. रूस ने पांचवीं पीढ़ी के Su-57 लड़ाकू विमान के को-प्रोडक्‍शन के साथ ही सोर्स कोड शेयर करने का भी ऑफर भारत को दिया है. इसके साथ ही रूसी Su-57 और फ्रेंच राफेल फाइटर जेट के बीच तुलना शुरू हो गई है. मारक क्षमता से लेकर वेपन इंटीग्रेशन तक पर चर्चाएं शुरू हो चुकी है. इंडियन एयरफोर्स फ्रेंच डिफेंस कंपनी डसॉल्‍ट से इंटरफेस कंट्रोल डॉक्‍यूमेंट का राइट देने की मांग कर रहा है, ताकि राफेल फाइटर जेट की नई खेप में देसी हथियारों को भी फिट किया जा सके. इसके अलावा Su-57 और राफेल फाइटर जेट की कीमतों को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं. भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण के दौर में रूस का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान सुखोई Su-57 एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है. चीन के तेजी से बढ़ते J-20 बेड़े और पाकिस्तान द्वारा संभावित J-35 खरीदने की खबरों के बीच भारत के सामने अपनी वायु शक्ति को मजबूत करने की चुनौती है. ऐसे समय में रूस ने भारत को Su-57 के संयुक्त विकास और लाइसेंस प्राप्त उत्पादन का प्रस्ताव देकर नई रणनीतिक बहस छेड़ दी है. ‘इंडियन डिफेंस न्‍यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, रूस का दावा है कि Su-57 दुनिया के सबसे किफायती पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों में से एक है. इसकी अनुमानित कीमत 3.5 से 5 करोड़ डॉलर (करीब 300 से 430 करोड़ रुपये) प्रति विमान बताई जा रही है. हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी लड़ाकू विमान की वास्तविक लागत केवल उसकी खरीद कीमत से तय नहीं होती. वेपन सिस्‍टम, मेंटेनेंस, स्पेयर पार्ट्स, ट्रेनिंग और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर होने वाला खर्च अंतिम लागत को काफी बढ़ा देता है. Su-57 बनाम राफेल फाइटर जेट Su-57 फाइटर जेट राफेल फाइटर जेट रूस का पहला पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर: सुखोई Su-57 (नाटो नाम: फेलॉन) रूस का पहला ऑपरेशनल 5th जेनरेशन का स्टील्थ मल्टीरोल लड़ाकू विमान है. इसे अमेरिकी F-22 रैप्टर और F-35 लाइटनिंग-II जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों को टक्कर देने के लिए विकसित किया गया है. फ्रांस की कंपनी Dassault Aviation द्वारा विकसित राफेल (Rafale) एक ट्विन-इंजन, कैनार्ड डेल्टा-विंग मल्टीरोल लड़ाकू विमान है, जिसे वायु श्रेष्ठता, टोही, सटीक हमले और परमाणु प्रतिरोधक क्षमता जैसे मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है. स्टील्थ और मल्टीरोल क्षमता से लैस: Su-57 को वायु, जमीन और समुद्री लक्ष्यों पर हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें कम रडार सिग्नेचर, इंटरनल वेपन बे, सुपरमैन्युवरेबिलिटी और लंबी दूरी तक मिशन संचालित करने जैसी उन्नत क्षमताएं मौजूद हैं. राफेल को ओम्नी-रोल फाइटर माना जाता है, क्योंकि यह एक ही उड़ान में कई प्रकार के सैन्य अभियानों को अंजाम दे सकता है. इसके तीन प्रमुख संस्करण हैं—राफेल C, राफेल B और नौसेना के लिए राफेल M. सुपरक्रूज और हाई-स्पीड प्रदर्शन: यह लड़ाकू विमान अधिकतम मैक 2 (करीब 2,130 किमी/घंटा) की रफ्तार हासिल कर सकता है. साथ ही यह आफ्टरबर्नर के बिना लगभग 1,800 किमी/घंटा की सुपरसोनिक गति से उड़ान भरने की सुपरक्रूज क्षमता रखता है. विमान में अत्याधुनिक RBE2 AESA रडार और SPECTRA इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम लगाया गया है, जो दुश्मन के खतरों की पहचान, निगरानी और उनसे बचाव की उन्नत क्षमता प्रदान करता है. AI और नए इंजन से हो रहा अपग्रेड: रूस लगातार Su-57 को आधुनिक बना रहा है. विमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम जोड़े जा रहे हैं, जिससे पायलट पर कार्यभार कम होगा. इसके अलावा नए AL-51F-1 (इज्देलिये-177) इंजन के जरिए इसकी थ्रस्ट और प्रदर्शन क्षमता को और बढ़ाया जा रहा है. राफेल 9,500 किलोग्राम तक हथियार ले जाने में सक्षम है. इसमें Meteor लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइल, SCALP क्रूज मिसाइल और HAMMER प्रिसिजन-गाइडेड बम जैसे आधुनिक हथियारों का एकीकरण किया गया है. भारत को को-प्रोडक्‍शन का प्रस्ताव: रूस ने भारत को Su-57E निर्यात संस्करण की पेशकश की है. राष्ट्रपति Vladimir Putin ने भारत के साथ इस विमान के सह-विकास और सह-उत्पादन का प्रस्ताव भी रखा है, ताकि भारतीय वायुसेना की पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान की जरूरतों को तेजी से पूरा किया जा सके. भारत वर्तमान में 36 राफेल विमानों को ऑपरेट कर रहा है. इसके अलावा Indian Air Force पुराने विमानों की जगह लेने के लिए 114 नए लड़ाकू विमानों की योजना पर काम कर रही है, जबकि Indian Navy ने विमानवाहक पोत INS Vikrant और INS Vikramaditya के लिए 26 राफेल-M लड़ाकू विमानों की खरीद का समझौता किया है. राफेल की कितनी कीमत? तुलना के लिए भारत ने वर्ष 2016 में फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का सौदा किया था, जिसकी कुल कीमत लगभग 59,000 करोड़ रुपये थी. इस हिसाब से सभी सहायता पैकेजों और हथियारों सहित प्रति विमान लागत करीब 1,640 करोड़ रुपये बैठती है. राफेल की अधिक कीमत उसके प्रूव्‍ड वॉर परफॉर्मेंस, भारत के मनमुताबिक संशोधनों और अत्याधुनिक मेटेओर तथा स्कैल्प जैसी मिसाइलों के कारण मानी जाती है. भारत ने फ्रांस से जो 36 राफेल फाइटर जेट खरीदा है, उसकी औसत कीमत रूस के Su-57 जेट से कहीं ज्‍यादा है. (फाइल फोटो/Reuters) रूस के ऑफर में कितना दम? रूस की पेशकश केवल विमान बिक्री तक सीमित नहीं है. प्रस्ताव में संवेदनशील सोर्स कोड तक पहुंच, व्यापक टेक्‍नोलॉजी ट्रांसफर और भारत की जरूरतों के अनुरूप दो सीटों वाले Su-57D वेरिएंट के विकास की संभावना भी शामिल है. यह भारत को स्वदेशी हथियारों, सेंसरों और एवियोनिक्स को बिना किसी विदेशी मंजूरी के विमान में इंटीग्रेट करने की स्वतंत्रता देगा. रक्षा क्षेत्र में इस स्तर का तकनीकी हस्तांतरण बेहद दुर्लभ माना जाता है. प्रस्ताव के अनुसार शुरुआती लगभग 30 विमान सीधे रूस से मिल सकते हैं, जबकि बाद के विमानों का उत्पादन हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के सहयोग से भारत में किया जा सकता है. रूस का कहना है कि सहयोग

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31 दिसंबर 2018…’खूनी जश्न’ की वो रात और एक महिला डॉक्टर की...

Last Updated:June 07, 2026, 08:49 IST BJP MLA Raju Singh Convicted: साल 2018 की वो आखिरी रात, जब पूरी दुनिया नए साल के स्वागत में झूम रही थी, तब दिल्ली के एक आलीशान फार्महाउस में रसूख, शराब और बारूद का एक ऐसा जानलेवा कॉकटेल तैयार हो रहा था जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को जीवन भर का मातम दे दिया. बिहार के मुजफ्फरपुर की साहिबगंज सीट से रसूखदार बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह की पिस्तौल से नए साल की पार्टी में निकली एक अंधाधुंध फायरिंग ने वहां मौजूद महिला आर्किटेक्ट डॉ. अर्चना गुप्ता के सिर में सुराख कर दिया था. रसूख के नशे में की गई उसी ‘हर्ष फायरिंग’ का इंसाफ करीब साढ़े सात साल बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से आया है. आइए जानते हैं क्या था यह पूरा कांड? डॉक्टर अर्चना गुप्ता मौत मामले में BJP विधायक राजू सिंह दोषी पटना/नई दिल्ली. बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की साहिबगंज विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक राजू कुमार सिंह की मुश्किलें कानून के शिकंजे में पूरी तरह बढ़ गई हैं. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन का दोषी करार दिया है. विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने फैसला सुनाते ही विधायक को तुरंत न्यायिक हिरासत में लेने का आदेश जारी कर दिया. अदालत अब आगामी 9 जून को विधायक की सजा की अवधि पर अंतिम बहस सुनेगी. हालांकि, इस मामले में कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में राजू सिंह की पत्नी रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को सबूत मिटाने समेत सभी आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है. वो खौफनाक रात… जब पार्टी के बीच अचानक चलीं गोलियां इस पूरे हत्याकांड की वास्तविक कहानी 31 दिसंबर 2018 की रात दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके फतेहपुर बेरी स्थित मांडंडी फार्महाउस में शुरू होती है. यह फार्महाउस किसी और का नहीं बल्कि खुद राजू कुमार सिंह के परिवार का था. नए साल के इस जश्न में दिल्ली के कई रसूखदार लोग और नामचीन हस्तियां शामिल थीं, जिनमें प्रसिद्ध आर्किटेक्ट और दिल्ली की रहने वाली डॉ. अर्चना गुप्ता भी अपने पति और बच्चों के साथ मौजूद थीं. रात के करीब 12 बजने वाले थे, हर तरफ संगीत गूंज रहा था. तभी आधी रात को काउंटडाउन शुरू होते ही तत्कालीन विधायक (उस वक्त वे वीआईपी पार्टी में थे) राजू कुमार सिंह ने अपने रसूख का प्रदर्शन करने के लिए अपनी लाइसेंसी पिस्तौल और राइफल से हवा में ताबड़तोड़ फायरिंग (हर्ष फायरिंग) शुरू कर दी. चीख-पुकार और अस्पताल में डॉक्टर की दर्दनाक मौत प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हवा में की गई कई राउंड फायरिंग के दौरान ही अचानक एक गोली सीधे वहां खड़ी डॉ. अर्चना गुप्ता के सिर में जा धंसी. गोली लगते ही डॉ. अर्चना खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ीं. जश्न का माहौल चंद सेकंड में चीख-पुकार और सन्नाटे में बदल गया. गंभीर रूप से घायल डॉक्टर को तुरंत पास के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया. सिर में गहरी चोट और भारी ब्लीडिंग होने के कारण वे कोमा में चली गईं और घटना के ठीक एक हफ्ते बाद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और वीआईपी कल्चर के तहत होने वाली फायरिंग पर बड़े सवाल खड़े किए थे. न्यू ईयर पार्टी में चली गोली, डॉक्टर अर्चना गुप्ता की मौत, अब दोषी करार दिए गए BJP विधायक राजू सिंह. कुशीनगर से गिरफ्तारी और कानूनी शिकंजे का सच घटना को अंजाम देने के बाद विधायक राजू सिंह और उनका परिवार दिल्ली पुलिस के डर से रातों-रात फार्महाउस छोड़कर फरार हो गया था. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जब उनका पीछा किया, तो घटना के दो दिन बाद उन्हें उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से उस वक्त गिरफ्तार किया गया, जब वे बिहार भागने की फिराक में थे. पुलिस को उनके पास से दो प्रतिबंधित अत्याधुनिक हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए थे. दिल्ली पुलिस ने फतेहपुर बेरी थाने में हत्या के प्रयास (जो बाद में हत्या की धारा में बदला) और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था. कानून की नजर में रसूखदारों के गुनाह सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने पाया कि राजू सिंह को एक जनप्रतिनिधि होने के नाते अच्छी तरह पता था कि भीड़भाड़ वाली जगह पर गोली चलाने से किसी की जान जा सकती है. इसी आधार पर कोर्ट ने उन्हें आर्म्स एक्ट की धारा 304 भाग-2 (गैर इरादतन हत्या) के तहत दोषी माना है, जिसमें अधिकतम 10 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है. अब 9 जून को आने वाला कोर्ट का अंतिम फैसला यह तय करेगा कि कानून की नजर में रसूखदारों के गुनाह की सजा क्या होती है. परिवार का दर्द और रसूखदारों को लेकर सवाल अर्चना गुप्ता आर्किटेक्ट थीं और खास बात यह कि परिवार ने उनके अंगदान का फैसला लिया था. पति विकास गुप्ता ने पूरे मामले में न्याय की लड़ाई लड़ी. घटना के समय राजू सिंह नशे में थे, यही कोर्ट का भी निष्कर्ष रहा. यह मामला हर्ष फायरिंग की खतरनाक परंपरा और जिम्मेदारीहीन व्यवहार का उदाहरण बन गया. राजनीतिक प्रभाव और क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले लोगों द्वारा हथियारों के दुरुपयोग पर भी सवाल उठे. वहीं, राजू सिंह अभी भी बिहार विधानसभा में सक्रिय हैं. इस दोषसिद्धि के बाद उनकी राजनीतिक और कानूनी स्थिति पर असर पड़ सकता है. About the Author Vijay jha पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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देश ने खोया असम का जांबाज! राजौरी में आतंकियों से लोहा लेते...

होमताजा खबरदेश देश ने खोया असम का जांबाज! राजौरी में आतंकियों से लोहा लेते हुए कैप्टन बीरेश्वर शहीद Last Updated:June 07, 2026, 07:18 IST Captain Bireshwar Goswami Martyred: देश जब चैन की नींद सोता है, तब सीमा पर तैनात जवान हर पल मौत को आंख दिखा रहे होते हैं. जम्मू-कश्मीर के राजौरी से आई खबर ने एक बार फिर पूरे देश को भावुक कर दिया है. आतंकियों के खिलाफ चल रहे लंबे ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना के जांबाज अधिकारी कैप्टन बीरेश्वर गोस्वामी ने सर्वोच्च बलिदान दे दिया. असम की धरती से निकला यह वीर बेटा देश की सुरक्षा के लिए जंगलों में डटा रहा और आखिरकार मातृभूमि पर खुद को न्योछावर कर गया. सेना के इस अधिकारी की शहादत ने सिर्फ असम ही नहीं, बल्कि पूरे देश को गर्व और गम दोनों से भर दिया है. राजौरी के गंभीर मुगलान और डोरी माल जंगल क्षेत्र में पिछले कई दिनों से सुरक्षा बल लगातार आतंकियों की तलाश में जुटे हुए थे. इसी कठिन अभियान के दौरान कैप्टन बीरेश्वर अपनी टीम के साथ आगे मोर्चा संभाले हुए थे. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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Aaj Ka Mausam Live | Today Weather Live: महाराष्ट्र में मानसून का...

होमताजा खबरदेश महाराष्ट्र में मानसून की एंट्री, 19 राज्यों में अगले 48 घंटे भारी, IMD अलर्ट Last Updated:June 07, 2026, 06:19 IST Aaj Ka Mausam Live: देश में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदल गया है. केरल के बाद अब महाराष्ट्र में मानसून ने समय पर दस्तक दे दी है, लेकिन इसके साथ ही देश के कई हिस्सों में मौसम विभाग (IMD) ने भारी बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी कर दिया है. IMD के अनुसार अगले 48 घंटे बेहद अहम रहने वाले हैं, क्योंकि 19 राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. दिल्ली-NCR से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत तक मौसम का असर देखने को मिलेगा. कई जगहों पर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है. ख़बरें फटाफट केरल के बाद महाराष्ट्र में मानसून की एंट्री के साथ देशभर में मौसम का बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. (फोटो AI) Today Weather Live: देश में मौसम का रुख एक बार फिर पूरी तरह बदल चुका है. केरल में दस्तक देने के बाद मानसून ने महाराष्ट्र में अपनी मजबूत एंट्री कर ली है. यह एंट्री भले ही तय समय के आसपास हुई हो, लेकिन इसके असर ने पूरे देश को अलर्ट मोड पर ला दिया है. एक तरफ जहां किसानों के चेहरे पर राहत की उम्मीद दिख रही है, वहीं दूसरी तरफ कई राज्यों में मौसम विभाग की चेतावनियों ने चिंता बढ़ा दी है. IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक आने वाले दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और कई राज्यों को अपनी चपेट में लेगा. अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक मौसम प्रणाली सक्रिय हो चुकी है, जिसका सीधा असर उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत में देखने को मिलेगा. राजस्थान में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं. (PTI) देशभर में मौसम का सिस्टम एक्टिव, तेज हवाओं और बारिश का खतरा मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में कई चक्रवाती परिसंचरण अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं. यही वजह है कि मौसम का मिजाज बेहद अस्थिर हो गया है. कहीं तेज धूप के बाद अचानक बारिश हो रही है तो कहीं आंधी-तूफान ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के और आगे बढ़ने की संभावना है. इसके बाद यह छत्तीसगढ़, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तक पहुंच सकता है. हवाओं की गति कई जगहों पर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है. दिल्ली-NCR में मौसम का बदलाव और तेज हवाओं का असर दिल्ली-NCR में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. 7 जून को आंशिक बादल छाए रहने के साथ तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री के बीच रह सकता है, लेकिन आंधी और बारिश के चलते शाम तक राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है. कई इलाकों में अचानक मौसम बिगड़ सकता है, जिससे यातायात और जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है. मौसम संबंधी चेतावनी मुख्य बिंदु (i) दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आज, 06 जून 2026 को महाराष्ट्र एवं आंध्र प्रदेश के कुछ और भागों, गोवा के शेष भागों, कर्नाटक के कुछ और भागों, तमिलनाडु के अधिकांश भागों तथा पूर्वोत्तर भारत के कुछ भागों में और प्रगति की है। ii) अगले 7 दिनों के दौरान… pic.twitter.com/05rZCcHTtA — India Meteorological Department (@Indiametdept) June 6, 2026 Source link

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LPG Price Hike | LPG cylinder Price Hike | एलपीजी सिलेंडर फिर...

Last Updated:June 07, 2026, 04:51 IST LPG Price Hike: पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं. इससे पहले 7 मार्च को सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. उस समय पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में आई उथल-पुथल के कारण अंतरराष्ट्रीय ईंधन कीमतों में तेजी देखने को मिली थी. महंगाई से जूझ रहे आम लोगों को एक और झटका लगा है. आज से घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है. इसके बाद राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है. पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं. इससे पहले 7 मार्च को सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. उस समय पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में आई उथल-पुथल के कारण अंतरराष्ट्रीय ईंधन कीमतों में तेजी देखने को मिली थी. तेल विपणन कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की लागत बढ़ने से उन पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ रहा है. उद्योग से जुड़े अनुमान बताते हैं कि हालिया बढ़ोतरी से पहले कंपनियों को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर प्रति सिलेंडर करीब 703 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा था. About the Author Saad Omar साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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मीन राशि वाले आज रहें सावधान, करियर में रहें सतर्क, निवेश से...

Last Updated:June 07, 2026, 03:31 IST Aaj Ka Meen Rashifal 07 June 2026: आज का दिन मीन राशि के जातकों के लिए कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है. मन में उलझन और निर्णय लेने में असमंजस की स्थिति बनी रह सकती है. कार्यों में अपेक्षित गति नहीं मिलेगी और जिम्मेदारियां अधिक महसूस होंगी. धैर्य और संयम बनाए रखना आज आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण रहेगा. Aaj Ka Meen Rashifal: उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, मीन राशि के जातकों के लिए रविवार का दिन चुनौतियों से भरा रह सकता है. करियर में अपेक्षित सफलता मिलने में देरी हो सकती है और कुछ महत्वपूर्ण योजनाएं अधूरी रह सकती हैं. स्वास्थ्य संबंधी मामलों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है. पारिवारिक और वैवाहिक संबंधों में मतभेद उभर सकते हैं, इसलिए संयमित व्यवहार रखें. कारोबार में साझेदारी से जुड़े मामलों लाभ मिलेगा साथ ही, आर्थिक दृष्टि से दिन लाभकारी रह सकता है और निवेश के लिए अच्छे अवसर प्राप्त होने के संकेत हैं. मीन का करियर राशिफलमीन राशि के जातकों के लिए आज करियर के क्षेत्र में परिस्थितियां कुछ चुनौतीपूर्ण रह सकती हैं. कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ने से मानसिक दबाव महसूस हो सकता है और महत्वपूर्ण फैसले लेने में दुविधा बनी रह सकती है. किसी सहकर्मी या परिचित पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करना नुकसान पहुंचा सकता है. अपनी योजनाओं को गोपनीय रखना बेहतर रहेगा. जल्दबाजी में लिया गया निर्णय कार्यों में रुकावट ला सकता है. धैर्य और समझदारी से काम लेने पर स्थितियां संभाली जा सकती हैं. मीन का स्वास्थ्य राशिफलआज स्वास्थ्य के मामले में दिन थोड़ा कमजोर रह सकता है. पुरानी परेशानियां पूरी तरह दूर नहीं होंगी, जिससे मन चिंतित रह सकता है. शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होने से दैनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं. बच्चों की सेहत को लेकर भी चिंता बनी रह सकती है. खानपान और दिनचर्या में लापरवाही करने से दिक्कतें बढ़ सकती हैं, इसलिए सावधानी और नियमितता बनाए रखें. मीन का व्यापार राशिफलआज व्यापार से जुड़े कार्यों में धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ने की आवश्यकता रहेगी.कुछ योजनाओं की गति धीमी रह सकती है, लेकिन निरंतर प्रयास आपको सफलता के करीब ले जाएंगे. सहकर्मियों और साझेदारों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को सोच-विचार कर लेना लाभदायक रहेगा. आर्थिक मामलों में सतर्कता बनाए रखें, क्योंकि सही योजना और संयम से भविष्य में लाभ के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं. मीन का आर्थिक राशिफलमीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से शुभ रहने वाला है. खर्च बना रह सकता है लेकिन इसके बावजूद पुराने निवेश से लाभ मिलने के प्रबल योग हैं. धन आगमन से मन प्रसन्न रहेगा. भविष्य की सुरक्षा के लिए निवेश से जुड़े अच्छे मौके भी सामने आ सकते हैं. यदि आप समझदारी से निर्णय लेते हैं, तो आगे चलकर ये फैसले स्थायी और संतोषजनक लाभ दिलाएंगे. साथ ही पूंजी निवेश करने के लिए आज बहुत अच्छा समय है. मीन का लव लाइफ राशिफलमीन राशि के जातकों के लिए आज प्रेम संबंधों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं. पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर मतभेद या गलतफहमी पैदा हो सकती है. साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा, लेकिन मन पूरी तरह खुश नहीं रहेगा. पुरानी बातों को लेकर बहस से बचें. अविवाहित लोगों को मनचाहा परिणाम मिलने में इंतजार करना पड़ सकता है, वहीं दांपत्य जीवन में आपसी समझ बनाए रखना जरूरी रहेगा. आज जरूर करें ये उपायआज आपके लिए लकी नंबर 8 रहेगा. यह अंक आपको सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा. आज के दिन मीन राशि वाले जो धर्म-कर्म और दान-पुण्य में रुचि रखते हैं, उन्हें चाहिए कि आज के दिन सूर्य देव को अर्घ देकर दिन की शुरुआत करे. उसके बाद गरीबों मे लाल वस्तु का दान करें, जिससे आज का दिन बेहतर हो सके. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ujjain,Madhya Pradesh Source link

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aaj ka Dhanu rashifal 07 june 2026 new opportunities promotion and family...

Last Updated:June 07, 2026, 00:05 IST Aaj ka Dhanu Rashifal 07 june 2026: आज 07 जून 2026 को कुंभ राशि के शतभिषा नक्षत्र में चंद्रमा के गोचर और ‘लक्ष्मी नारायण व उभयचरी योग’ के निर्माण से धनु राशि के जातकों के लिए कई नई संभावनाएं खुलने जा रही हैं. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा के मुताबिक, आज धनु राशि वालों को कार्यक्षेत्र में बेहतरीन परिणाम मिलेंगे और पुरानी अटकी योजनाएं गति पकड़ेंगी. हालांकि, दिन की शुरुआत में थोड़ा मानसिक असमंजस हो सकता है, लेकिन धैर्य से काम लेने पर करियर, सामाजिक क्षेत्र और छात्रों के लिए दिन बेहद उत्साहजनक साबित होगा. जमुई: आज 07 जून 2026 के दिन धनु राशि के जातकों के लिए कई नई संभावनाएं सामने आएगी. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज चंद्रमा का गोचर कुंभ राशि में शतभिषा नक्षत्र से होने वाला है. इसके साथ ही आज लक्ष्मी नारायण योग और उभयचरी योग का भी प्रभाव देखने को मिलेगा. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज धनु राशि के जातकों के लंबे समय से मन में चल रही योजनाओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा. आप जहां काम करते हैं वहां आपको नई आज अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. कुछ मामलों में शुरुआती उलझन या मानसिक असमंजस की स्थिति बन सकती है, लेकिन धैर्य और समझदारी से लिए गए निर्णय आपको सही दिशा में आगे बढ़ाएंगे. सामाजिक क्षेत्र में सक्रियता बढ़ेगी और आपके व्यक्तित्व का प्रभाव आसपास के लोगों पर दिखाई देगा. विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी दिन उत्साहवर्धक रहने की संभावना है. आज नौकरी वाले स्थान पर मिल सकती है पदोन्नतिपंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आर्थिक मामलों में आज का दिन संतुलित और लाभदायक रह सकता है. कारोबार करने वाले लोगों को धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं, जबकि नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति, प्रशंसा या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन रहे हैं. कार्यक्षेत्र में काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन मेहनत और सहयोग से सभी महत्वपूर्ण कार्य पूरे होने की संभावना है. घरेलू जरूरतों पर खर्च करना पड़ सकता है. परिवार के किसी बुजुर्ग सदस्य की सेहत, दवा या यात्रा पर भी धन खर्च होने के संकेत हैं. इसके बावजूद आर्थिक स्थिति सामान्य बनी रहेगी और आय-व्यय के बीच संतुलन बना रहेगा. व्यापार में नए संपर्क बनने और पुराने ग्राहकों से लाभ मिलने की संभावना है. उन्होंने बताया कि निवेश या बड़े आर्थिक फैसलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा. योजनाबद्ध तरीके से किया गया कार्य भविष्य में लाभ का कारण बन सकता है. परिवार में आज रहने वाली है मधुरताज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज धनु राशि के जातकों के पारिवारिक और सामाजिक जीवन के लिए भी दिन शुभ संकेत लेकर आया है. परिवार के सदस्यों के साथ संबंध मधुर बने रहेंगे और घर का वातावरण सकारात्मक रहेगा. मित्रों और शुभचिंतकों का सहयोग मिलेगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा. सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने से सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है. दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बना रहेगा तथा जीवनसाथी का सहयोग महत्वपूर्ण मामलों में मददगार साबित होगा. यात्रा के योग भी बन रहे हैं. आज आपका स्वास्थ्य सामान्य रहने की संभावना है, हालांकि अधिक भागदौड़ के कारण थकान महसूस हो सकती है. आज के दिन के लिए आपका शुभ अंक 3 रहने वाला है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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