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ट्रैवल प्लान कर रहे हो? पहले देख लो कौन से देश बिना...

होमवीडियोदेश ट्रैवल प्लान कर रहे हो? पहले देख लो कौन से देश बिना वीजा एंट्री दे रहे हैं   Visa Free Countries For Indians: क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ देशों का पासपोर्ट दुनिया का लगभग पूरा दरवाजा खोल देता है, जबकि कुछ देशों के लोगों को हर जगह वीजा के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है? इस वीडियो में हम आसान भाषा में समझाते हैं कि ‘पासपोर्ट पावर’ आखिर होती क्या है और इसे कैसे मापा जाता है. Henley Passport Index क्या है, visa-free और visa-on-arrival का क्या मतलब होता है, और क्यों सिंगापुर, जापान, UK, जर्मनी और अमेरिका जैसे देश इस रैंकिंग में टॉप पर रहते हैं सब कुछ आपको यहां समझ आएगा. साथ ही हम बात करेंगे 2026 में भारत के पासपोर्ट की स्थिति, भारतीय कितने देशों में बिना वीज़ा जा सकते हैं, और कैसे पासपोर्ट की ताकत अब सिर्फ यात्रा नहीं बल्कि किसी देश की कूटनीति, अर्थव्यवस्था और वैश्विक भरोसे का भी संकेत बन चुकी है. Last Updated:May 23, 2026, 14:38 ISTदेश न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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Marco Rubio India Visit LIVE | India USA Defence Deal | QUAD...

Marco Rubio India Visit LIVE: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) शनिवार 23 मई 2026 को अपने चार दिवसीय भारत दौरे की शुरुआत करते हुए कोलकाता पहुंचे. यह दौरा भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और क्वाड देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने वाली है. करीब 14 वर्षों बाद किसी अमेरिकी विदेश मंत्री का कोलकाता दौरा हो रहा है. इससे पहले वर्ष 2012 में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री Hillary Clinton ने शहर का दौरा किया था. ऐसे समय में रुबियो का आगमन राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में पश्चिम बंगाल में भाजपा नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई है. भारत में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर रुबियो के आगमन की जानकारी देते हुए कहा कि यह उनकी पहली भारत यात्रा है. उन्होंने बताया कि दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात होगी, जिसमें व्यापार, टेक्नोलॉजी, रक्षा सहयोग और क्वाड समेत कई रणनीतिक विषयों पर चर्चा की जाएगी. रुबियो का भारत दौरा 23 से 26 मई तक प्रस्तावित है. इस दौरान वह कोलकाता के अलावा नई दिल्ली, आगरा और जयपुर भी जाएंगे. माना जा रहा है कि यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा. दौरे से पहले मियामी में पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा था कि अमेरिका भारत को जितनी अधिक एनर्जी (तेल, गैस) बेच सकेगा, उतना बेहतर होगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका इस समय रिकॉर्ड स्तर पर ऊर्जा उत्पादन और निर्यात कर रहा है. भारत की ऊर्जा जरूरतों और वैश्विक तेल आपूर्ति पर होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति के प्रभाव से जुड़े सवाल पर उन्होंने भारत को महान साझेदार बताया. इस दौरे का सबसे अहम पड़ाव 26 मई को प्रस्तावित क्वाड देशों की बैठक मानी जा रही है. बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री हिस्सा लेंगे. इसमें भारतीय विदेश मंत्री S. Jaishankar मेजबानी करेंगे, जबकि ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री Penny Wong और जापान के विदेश मंत्री Motegi Toshimitsu भी शामिल होंगे. Marco Rubio India Visit LIVE: पीएम मोदी और रुबियो मुलाकात में इन बातों पर रहेगा फोकस मार्को रुबियो भारत यात्रा लाइव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच आज अहम मुलाकात होनी है. दोनों नेताओं के बीच इन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है -: ट्रेड एंड टैरिफऊर्जा सुरक्षाक्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे (पश्चिम एशिया)क्वाड और इंडो पेसिफिकसुरक्षा और आतंकवाद पर भी चर्चा संभवइसके अलावा द्विपक्षीय महत्व के दूसरे मसले पर होगी चर्चा Marco Rubio India Visit LIVE: सेवा तीर्थ में पीएम मोदी से मिलेंगे मार्को रुबियो मार्को रुबियो भारत यात्रा लाइव: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्क रुबियो शनिवार को दिल्ली पहुंच गए. रुबियो थोड़ी देर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. दोनों नेताओं की यह बैठक दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ में होगी. माना जा रहा है कि मुलाकात के दौरान भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. रुबियो की भारत यात्रा को दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक और सामरिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे पहले रुबियो कोलकाता दौरे पर भी गए थे. उनकी यात्रा ऐसे समय हो रही है जब क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भारत और अमेरिका के बीच समन्वय लगातार बढ़ रहा है. Marco Rubio India Visit LIVE: कोलकाता से दिल्‍ली पहुंचे मार्को रुबियो, उनका भारत दौरा काफी अहम मार्को रुबियो भारत यात्रा लाइव: अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio कोलकाता से दिल्‍ली पहुंच चुके हैं. उनकी भारत यात्रा को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है. वॉशिंगटन में भारत समर्थक और चीन को लेकर सख्त रुख रखने वाले नेता के रूप में पहचाने जाने वाले रुबियो को केवल एक सामान्य राजनयिक दूत नहीं माना जाता. माना जा रहा है कि उनकी यह यात्रा इस संकेत के तौर पर देखी जाएगी कि पाकिस्तान के साथ हालिया अमेरिकी संपर्कों के बावजूद ट्रंप प्रशासन क्षेत्र में भारत को अपना बड़ा रणनीतिक साझेदार मानता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, रुबियो की यात्रा भारत-अमेरिका संबंधों को नई मजबूती देने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा रणनीति को आगे बढ़ाने का संदेश भी है. Marco Rubio India Visit LIVE: भारत-अमेरिका के बीच डिफेंस पार्टनरशिप पर फोकस मार्को रुबियो भारत यात्रा लाइव: भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग प्रमुख एजेंडा है. भारत की सैन्य क्षमताओं में पहले से ही अमेरिकी तकनीक की अहम भूमिका है. भारतीय वायुसेना और नौसेना बोइंग पी-8 पोसाइडन विमान, एमक्यू-9बी स्काईगार्डियन ड्रोन, एम777 हॉवित्जर तोप और बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर-III जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही हैं. हालांकि, बातचीत अब केवल रक्षा खरीद तक सीमित नहीं रह गई है. दोनों देश रक्षा प्रणालियों के को-प्रोडक्‍शन, एआई, सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दे रहे हैं. माना जा रहा है कि यह साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगी. Marco Rubio India Visit LIVE: मार्को रुबियो पत्‍नी के साथ कोलकाता से दिल्‍ली रवाना मार्को रुबियो भारत यात्रा लाइव: कोलकाता से नई दिल्ली रवाना होने से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अधिकारियों और एयरपोर्ट कर्मचारियों से मुलाकात की. उनके साथ उनकी पत्नी जीनेट डी. रुबियो भी मौजूद रहीं. रुबियो ने कर्मचारियों से बातचीत की और उनके साथ समूह फोटो भी खिंचवाई. कोलकाता दौरे के बाद अब वे नई दिल्ली में विभिन्न उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे. भारत यात्रा के दौरान अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी, इंडो-पैसिफिक सहयोग, रक्षा, ऊर्जा और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. West Bengal: US Secretary of State Marco Rubio and his wife Jeanette D. Rubio depart from Kolkata for Delhi. US Ambassador to India, Sergio Gor is also travelling with them. (Pics: US Network Pool via Reuters) pic.twitter.com/NAR0uBw1n2 — ANI (@ANI) May 23, 2026 Marco Rubio India

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गर्मी होगी छूमंतर… ठाकुर जी का बंगला बना ‘कूल-कूल’, दर्शन के लिए...

Last Updated:May 23, 2026, 12:44 IST Bhilwara Khus Bangla Mandir: भीषण गर्मी के बीच भगवान को ठंडक और राहत पहुंचाने के लिए मंदिर में खस से बना अनोखा बंगला तैयार किया गया है, जो इन दिनों श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. खस की सुगंध और उससे निकलने वाली प्राकृतिक ठंडी हवा मंदिर के वातावरण को बेहद सुकूनभरा बना रही है. मंदिर परिसर को पारंपरिक और धार्मिक शैली में सजाया गया है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. गर्मियों में भगवान को शीतलता प्रदान करने की यह पुरानी परंपरा लोगों के बीच आस्था और भक्ति का खास संदेश भी दे रही है. श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के साथ-साथ इस अनोखी सजावट की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं. ख़बरें फटाफट भीलवाड़ा: भीलवाड़ा में बढ़ती गर्मी के बीच भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए प्राचीन और पौराणिक परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है. शहर के सांगानेरी गेट के निकट स्थित श्री दूधाधारी गोपाल मंदिर  में इस बार भगवान के लिए विशेष रूप से खस की लकड़ियों और खस की सुगंधित जालियों से आकर्षक बंगला तैयार किया गया है. मंदिर में विराजित ठाकुरजी को इसी खस के बंगले में स्थापित किया गया है, जिससे उन्हें भीषण गर्मी से राहत मिल सके. मान्यता है कि प्राचीन समय से ही मंदिरों में ग्रीष्म ऋतु के दौरान भगवान को शीतल रखने के लिए खस, चंदन और प्राकृतिक साधनों का उपयोग किया जाता रहा है.निंबार्क संप्रदाय के अनुसार  ठाकुर जी की सेवा का अलग विधान है. वृंदावन के प्रसिद्ध मंदिरों की परंपरा से प्रेरित यह व्यवस्था श्रद्धालुओं को भी विशेष रूप से आकर्षित कर रही है. खस से बनी इस संरचना पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाता है, जिससे वातावरण में ठंडक और सुगंध बनी रहती है. मंदिर का यह अनोखा खस बंगला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बन गया है, बल्कि गर्मी से बचाव के पारंपरिक भारतीय ज्ञान और संस्कृति की भी झलक प्रस्तुत कर रहा है. श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचकर इस विशेष व्यवस्था के दर्शन कर रहे हैं. ठाकुर जी के श्रृंगार में बदलावश्री दूधाधारी गोपाल मंदिर के पुजारी पंडित कल्याण शर्मा ने लोकल 18 से खास बातचीत में बताया कि जेष्ठ महीना चल रहा है. इसमें गर्मी अपनी तपन तेज कर देती है और इसी महीने में नौतपा दिया जाता है. हमारे निंबार्क संप्रदाय में ठाकुर जी की सेवा का अलग विधान है इस गर्मी के मौसम में हम ठाकुर जी के लिए ठंडी सेवाएं करते हैं. अत्यधिक गर्मी के कारण, हम सुबह से ही ठाकुर जी के लिए विभिन्न उपाय करते हैं ताकि उन्हें गर्मी न लगे. इसके तहत ठाकुर जी के श्रृंगार में बदलाव किया गया है. उन्हें मलमल के वस्त्र पहनाए जा रहे हैं और मोतियों का श्रृंगार किया जा रहा है, क्योंकि मोती अंदर से ठंडे रहते हैं. साथ ही, भगवान के लिए खस, गुलाब और मोगरे के इत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि उन्हें ठंडक और खुशबू मिल सके. भगवान को क्षेत्र प्रदान करने के लिए खस का बनाया बांग्लाठाकुर जी और राधा रानी को गर्मी न लगे इसके लिए हमने महाराष्ट्र से खस की बंगला तैयार करवाया गया है इसके अंदर ठाकुर जी को विराजमान करवाया गया है. प्राचीन पद्धति का इस्तेमाल करते हुए ठाकुर जी को ठंडक प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं. इसके साथ ही बदलते समय के अनुसार भगवान के गर्भ गृह में एयर कंडीशनर भी लगाया है जिससे ठाकुर जी को गर्मी का एहसास न हो. गर्मी के मौसम में भगवान लग रहे शीतल भोगमंदिर के पुजारी पंडित कल्याण शर्मा ने बताया कि अब रोजाना ठाकुर जी को गर्मी से राहत देने के लिए चंदन का लेप लगाया जा रहा है, जिससे उन्हें ठंडक मिल सके. इन दिनों गर्मी बहुत बढ़ गई है और तापमान भी लगातार बढ़ रहा है, इसे देखते हुए मंदिर में ठाकुर जी के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. भगवान को शीतल पदार्थ जैसे खरबूजा, ककड़ी, अंगूर, आम, श्री खण्ड, खस-शरबत और अन्य तरह के व्यंजनों का भोग लगाया जा रहा है. विशेष रूप से सत्तू का भोग भी अब ठाकुर जी को रोजाना गर्मी से राहत देने के लिए चढ़ाया जाएगा. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bhilwara,Rajasthan Source link

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थलापति विजय की राह में आया पहला बड़ा कांटा, TVK के सामने...

होमताजा खबरदेश थलापति विजय की राह में आया पहला बड़ा कांटा, TVK के सामने यह कैसी पहली परीक्षा Last Updated:May 23, 2026, 11:45 IST तमिलनाडु से राज्यसभा की खाली सीट पर 18 जून को चुनाव होने जा रहा है. चुनाव आयोग ने शेड्यूल जारी कर दिया है. थलापति विजय के सामने यह पहली राजनीतिक परीक्षा है. हालांकि, इसमें टीवीके गठबंधन बढ़त में है, मगर उम्मीदवार चयन और सीट सहयोगी को देने पर सस्पेंस बना है. तमिलनाडु राज्यसभा चुनाव: टीवीके के सामने पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा थलापति विजय की सियासी राह में कई परीक्षाएं हैं. पहले सरकार बनाने की परक्षा में पास हुए. उसके बाद विधानसभा में बहुमत साबित करने की परीक्षा आई. इसमें वह पास हुए. अब उनकी पार्टी टीवीके के सामने राज्यसभा वाली परीक्षा है. जी हां, राज्यसभा चुनाव की तारीख आ गई है. चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि तमिलनाडु से राज्यसभा की एक खाली सीट को भरने के लिए द्विवार्षिक चुनाव 18 जून को होगा. इसके साथ ही राज्य में सत्ता आने के बाद थलापति विजय की ‘तमिलगा वेट्री कजगम’ (टीवीके) के सामने पहली चुनावी चुनौती भी खड़ी हो चुकी है. यह सीट तब खाली हुई, जब सीवी शनमुगम ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में मैलम निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी. राज्यसभा सीट के लिए चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, प्रक्रिया के लिए अधिसूचना 1 जून को जारी की जाएगी, जिसके साथ ही नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी. नामांकन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है, जबकि नामांकनों की जांच (स्क्रूटनी) 9 जून को की जाएगी. उम्मीदवार 11 जून तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं. अगर जरूरत पड़ी तो मतदान 18 जून को होगा और उसी दिन वोटों की गिनती भी की जाएगी. फिलहाल, इस चुनाव के चलते सत्ताधारी गठबंधन के भीतर उम्मीदवारों के चयन और गठबंधन से जुड़े समीकरणों पर राजनीतिक चर्चाओं के तेज होने की उम्मीद है. यह चुनाव तमिलनाडु के बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण है. टीवीके के इस चुनाव में उतरने पर उसके संसद में प्रवेश करने की संभावनाएं मजबूत हो जाएंगी. तमिलनाडु विधानसभा की वर्तमान प्रभावी सदस्य संख्या 233 है. ऐसे में किसी भी उम्मीदवार को जीत हासिल करने के लिए 117 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी. क्योंकि किसी भी एक पार्टी के पास स्वतंत्र बहुमत नहीं है, इसलिए चुनाव का परिणाम काफी हद तक गठबंधन के गणित पर निर्भर रहने की उम्मीद है. संख्या बल के मामले में टीवीके के नेतृत्व वाला गठबंधन फिलहाल बढ़त बनाए हुए प्रतीत होता है, जिससे इस सीट पर जीत हासिल करने की दौड़ में वह सबसे आगे है. हालांकि, अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या टीवीके इस सीट के लिए अपना उम्मीदवार ही उतारेगी या फिर गठबंधन प्रबंधन के तहत राज्यसभा की इस प्रतिष्ठित सीट को अपने किसी सहयोगी दल के लिए छोड़ देगी. About the Author Shankar Pandit Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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हरी सब्जियां लगाते हुए भूलकर भी ना करें ये गलतियां, वरना हो...

होमताजा खबरकृषि हरी सब्जियां लगाते हुए भूलकर भी ना करें ये गलतियां, नहीं तो हो सकता है नुकसान Last Updated:May 23, 2026, 10:32 IST मेरठ के ग्रामीण क्षेत्रों में खरीफ फसल की तैयारियां शुरू हो गई हैं. जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने किसानों को जुताई के बाद खेत खाली रखने, मचान तकनीक से हरी सब्जियों की खेती करने और हाईटेक नर्सरी से पौधे लेने की सलाह दी है. इससे फसल की पैदावार बढ़ने के साथ किसानों की आय भी बेहतर हो सकती है. मेरठ: क्रांति धरा मेरठ के ग्रामीण क्षेत्रों में खरीफ फसल की बुवाई को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं, जिसमें किसानों द्वारा विभिन्न प्रकार की हरी सब्जियों की खेती की जाएगी. लेकिन खरीफ के मौसम में कई तरह के बदलाव भी देखने को मिलते हैं, जैसे आंधी, तेज धूप और बारिश की संभावना बनी रहती है, जिससे कई बार हरी सब्जियों को नुकसान भी होता है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए लोकल-18 की टीम ने जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार से खास बातचीत की. जुताई के बाद 15 दिन खेत खाली रखना जरूरी उन्होंने बताया कि जो भी किसान खरीफ की फसल लगाना चाहते हैं, उन्हें जुताई के बाद कम से कम 15 दिन तक खेत खाली छोड़ना चाहिए, क्योंकि जब खेत खुले रहते हैं तो सूर्य की किरणों से विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया और हानिकारक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जो फसल को नुकसान पहुंचाते हैं. उन्होंने कहा कि जो किसान तुरंत बुवाई कर देते हैं, उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है. मचान पर लगाएं हरी बेल वाली सब्जियां उन्होंने बताया कि जो किसान लौकी, तोरई, खीरा, हरी मिर्च जैसी सब्जियों की खेती करना चाहते हैं, उन्हें खेत में मचान बनाकर बेल को ऊपर चढ़ाना चाहिए. इससे फसल बेहतर होती है, क्योंकि बारिश के मौसम में जमीन पर बेल रहने से पानी भरने की समस्या होती है, जिससे फसल खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि जब बेल के पत्ते ऊपर रहते हैं तो बरसात में भी फसल को फायदा मिलता है. इस तकनीक से किसान हर साल अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकते हैं और उनकी आय में भी बढ़ोतरी होती है. नर्सरी से भी ले सकते हैं पौधे जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि किसान मेरठ की हाईटेक नर्सरी से भी सब्जियों के पौधे प्राप्त कर सकते हैं. यहां पर किसान अपना बीज देकर 1 रुपये प्रति पौधा और नर्सरी से तैयार पौधे 2 रुपये प्रति पौधे के हिसाब से ले सकते हैं. इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है. उन्होंने कहा कि यदि किसान इन बातों का ध्यान रखें तो न केवल उनकी फसल सुरक्षित रहेगी, बल्कि वे आर्थिक रूप से भी मजबूत बन सकते हैं. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Meerut,Meerut,Uttar Pradesh Source link

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गर्मियों में पेट की जलन और गैस से हैं परेशान, तो यहां...

रामपुर: मार्च खत्म होते-होते गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं. इसका असर अब सिर्फ शरीर की थकान तक सीमित नहीं है, बल्कि पेट और पाचन से जुड़ी दिक्कतें भी गर्मी की वजह से तेजी से बढ़ रही हैं. कई लोग पेट में जलन, गैस, भूख कम लगना और भारीपन जैसी समस्याओं से परेशान हैं. आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इकबाल के मुताबिक गर्मियों में सबसे ज्यादा जरूरी अपनी डाइट और साफ-सफाई का ध्यान रखना होता है. उन्होंने बताया कि इस मौसम में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है और अगर खानपान सही न हो तो पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं. उन्होंने कहा कि लोग अक्सर बाहर की तली-भुनी चीजें, होटल का खाना और ज्यादा मसालेदार फूड खा लेते हैं जिससे शरीर की गर्मी और बढ़ जाती है. गर्मियों में कैसी होनी चाहिए डाइट डॉक्टर इकबाल के अनुसार गर्मियों में हल्का और जल्दी पचने वाला भोजन सबसे बेहतर माना जाता है. उन्होंने कहा कि खाने से पहले और बाद में हाथ साफ करना बेहद जरूरी है क्योंकि इस मौसम में संक्रमण जल्दी फैलता है वहीं बासी खाना खाने से भी पेट खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने सलाह दी कि ताजा भोजन करें और मौसमी फलों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं. सौंफ का पानी असरदार आयुष चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि घर में मौजूद कई साधारण चीजें गर्मी में दवा जैसा काम करती हैं, जैसे कि सौंफ का पानी पेट की जलन और गर्मी को कम करने में मदद करता है. इसके लिए रात में पानी में सौंफ भिगो दें और सुबह उस पानी को छानकर पी लें इससे शरीर को ठंडक मिलती है और पाचन भी बेहतर रहता है. नारियल पानी भी गर्मियों में काफी फायदेमंद उन्होंने बताया कि नारियल पानी भी गर्मियों में काफी फायदेमंद माना जाता है क्योंकि यह शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता वहीं नींबू का शरबत और आम पन्ना भी शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करते हैं डॉक्टर के मुताबिक आम पन्ना लू से बचाने में काफी असरदार माना जाता है और गर्मी में कमजोरी महसूस नहीं होने देता. छाछ, सत्तू, खीरा और बेल का शरबत का करें इस्तेमाल डॉक्टर मोहम्मद इकबाल ने कहा कि लोग गर्मी में राहत पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इससे कुछ देर राहत जरूर मिलती है फायदा नहीं इसके बजाय छाछ, सत्तू, खीरा और बेल का शरबत जैसे देसी उपाय ज्यादा कारगर साबित होते हैं उन्होंने बताया कि खीरा शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने में मदद करता है और पेट को ठंडा रखता है. मटके का पानी है बेहतर उन्होंने कहा कि कई लोग दिनभर पानी कम पीते हैं और जब ज्यादा प्यास लगती है, तो एक साथ बहुत ठंडा पानी पी लेते हैं इससे भी पाचन पर असर पड़ता है. इसलिए, थोड़ी-थोड़ी देर में सामान्य या मटके का पानी पीना बेहतर माना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार गर्मियों में शरीर को ठंडक देने वाली चीजों का सेवन बढ़ाना चाहिए. डॉक्टर इकबाल का कहना है कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर लोग गर्मी के असर से काफी हद तक बच सकते हैं. खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है, क्योंकि उनका शरीर जल्दी प्रभावित होता है. Source link

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Sukke Kebab: बिना फ्रिज के महीनों तक चलेगा ये खास मांस, हैदराबादी...

Last Updated:May 23, 2026, 08:29 IST Hyderabadi Sukke Kebab Recipe: हैदराबाद का पारंपरिक ‘सुक्के कबाब’ संरक्षण की एक अद्भुत कला है. बिना फ्रिज के मांस को महीनों तक सुरक्षित रखने के लिए इसे बिना फैट के काटा जाता है, मसालों में लपेटा जाता है और कई दिनों तक तेज धूप में सुखाया जाता है. खाने से पहले इन्हें फ्राई करने पर ये कुरकुरे हो जाते हैं. इसका तीखा और नमकीन स्वाद हैदराबाद के लोगों को बेहद पसंद है, जिसे अक्सर खट्टी दाल और चावल के साथ परोसा जाता है. यह तकनीक आज भी पुरानी संस्कृति और पूर्वजों के हुनर को जीवंत रखे हुए है. ख़बरें फटाफट Hyderabad: हैदराबाद के पुराने शहर की गलियों में आज भी एक ऐसी कला जीवित है जो फ्रिज और कोल्ड स्टोरेज के आविष्कार से बहुत पुरानी है. बात हो रही है ‘सुक्के कबाब’ की, जिसे बनाने की तकनीक दादी-नानी के जमाने से चली आ रही है. पिछले कुछ वर्षों में मौसम के बदलते मिजाज और उमस के कारण यह परंपरा कुछ फीकी पड़ गई थी, लेकिन आज भी हैदराबाद के कई घरों में मांस को बिना फ्रिज के महीनों तक सुरक्षित रखने का यह हुनर कायम है. यह न केवल स्वाद का मामला है, बल्कि संरक्षण की एक ऐसी तकनीक है जो हमारे पूर्वजों की बुद्धिमानी को दर्शाती है. सुक्के कबाब को बनाने की प्रक्रिया धैर्य और बारीकी की मांग करती है. इसकी सबसे बड़ी शर्त यह है कि मांस पूरी तरह से हड्डी रहित और बिना फैट यानी वसा वाला होना चाहिए. फैट का एक छोटा सा टुकड़ा भी पूरे मांस को खराब कर सकता है, इसलिए इसे हटाकर मांस को कागज जैसा पतला काटा जाता है. इसके बाद इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट, लाल मिर्च, हल्दी, गरम मसाला और भारी मात्रा में नमक का लेप लगाया जाता है. यहाँ नमक और हल्दी प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव की तरह काम करते हैं, जो मांस को बैक्टीरिया से बचाते हैं. धूप से मिलता है कुरकुरापनइन मसालेदार मांस की पट्टियों को मजबूत धागों या हैंगर में पिरोकर तीन से चार दिनों तक तेज धूप में सुखाया जाता है, जिससे इसमें बची नमी पूरी तरह खत्म हो जाती है. नमी के बिना, मांस के खराब होने की संभावना खत्म हो जाती है. सूखने के बाद इन्हें एयरटाइट जार में महीनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है. खाने से ठीक पहले जब इन सूखे टुकड़ों को खौलते तेल में डीप-फ्राई किया जाता है, तो ये पल भर में फूलकर कुरकुरे और लाजवाब हो जाते हैं. मात्र एक मिनट में मसालों और मांस का एक गहरा, लाजवाब स्वाद उभर कर सामने आता है. हैदराबादी खान-पान का अभिन्न हिस्साहैदराबादी खान-पान में सुक्के कबाब का एक विशेष स्थान है. इनका स्वाद काफी तीखा और नमकीन होता है, जिसे लोग सबसे ज्यादा गरमा-गरम खट्टी दाल और उबले हुए सफेद चावल के साथ पसंद करते हैं. इसके अलावा, कई घरों में प्याज के साथ भूनकर इसका स्वादिष्ट सालन भी बनाया जाता है. सादे दाल-चावल के साथ कबाब का तीखा और कुरकुरा स्वाद इस पारंपरिक भोजन को किसी दावत से कम नहीं बनाता. तकनीक के इस दौर में भी यह स्वाद हैदराबाद की संस्कृति को जिंदा रखे हुए है. About the Author vicky Rathore Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Hyderabad,Hyderabad,Telangana Source link

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मिनी समोसा से ठेकुआ तक, 7 हाउसवाइफ ने खड़ा कर दिया 2...

Last Updated:May 23, 2026, 07:30 IST रांची की कंचन और 6 महिलाओं ने मिलकर “लातिका” नाम से स्नैक्स ग्रुप शुरू किया, जो आज बड़ा ब्रांड बन चुका है. ये महिलाएं मिनी समोसा, ठेकुआ, निमकी, मसाला मखाना और रागी-बाजरा लड्डू जैसे पारंपरिक स्नैक्स बनाकर ब्रांडेड पैकेजिंग में पूरे भारत में भेजती हैं. झारक्राफ्ट की मदद से इन्हें सरकारी मेलों में स्टॉल लगाने का मौका मिला. आज इनके ग्राहक दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में हैं और समूह की मासिक कमाई 2 लाख रुपये से अधिक पहुंच चुकी है. रांची : रांची की कंचन ने अन्य 6 हाउसवाइफ महिलाओं के साथ मिलकर अपना एक समूह बनाई है. जिसका नाम है लातिका. इस समूह का काम होता है तरह-तरह के स्नैक्स बनाना जिसमें यह खासतौर पर मिनी समोसा से लेकर ठेकुआ, निमकी, मसाला मखाना और भी कई सारी चीज यह बनाने का काम करती है और इसके एकदम ब्रांडेड की तरह पैकेज करती है और बेचती है. झारक्राफ्ट की तरफ से मदद भी मिला है और दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे शहरों में जाकर सरकारी मेले में अपना स्टॉल भी लगाती है. आज आलम यह है कि ऑल ओवर इंडिया में इनके कस्टमर है और महीने की कमाई 2 लाख से अधिक चुकी है. कंचन बनती है, पहले मैं हाउसवाइफ थी. सिर्फ घर पर खाना बनाती थी घर से निकलना भी नहीं होता था. पर आज पूरा दुनिया घूम रही हूं. आज अपने पैरों पर खड़ीवहीं, सोनाली बताती है कि आज हम सारे लोग अपने पैरों पर खड़े हैं. आज किसी पर निर्भर होने की जरूरत नहीं. पहले छोटे-छोटे चीजों के लिए घर वालों के सामने हाथ फैलाने पड़ते थी. लेकिन आज आलम ये है कि आज हम उनकी मदद करते हैं. हम तरह-तरह की पकवान भी बनाते हैं. जैसे गुजिया, कचौड़ी, पकौड़ी यह सारी चीज. यह सारी चीज हमने अपनी दादी नानी से सीखी है. झारक्राफ्ट से भी चुकी मदद मिल जाती है, तो हमें सरकारी स्टॉल भी फ्री में मिल जाते हैं. अब क्या है कि मुंबई कोलकाता तक जब हम चाहते हैं तो हमारे इस प्रोडक्ट जैसे रागी व बाजरा लड्डू हम यह भी बनाते हैं, निमकी ठेकुआ यह सब मेट्रो सिटी में खासतौर पर खूब पसंद किया जाता है. क्योंकि, वहां के लोग पास यह सब बनाने का उतना फुर्सत नहीं. इसीलिए एक बार वह खाते हैं तो हमारे पेटेंट कस्टमर बन जाते हैं. पूरे भारत में डिलीवरीहमारे कस्टमर मेट्रो सिटी में अधिक है. नमकीन गुजिया यह सब आर्डर करते हैं. उनको एकदम ब्रांडेड स्टाइल में पैकेजिंग करके भेजते है. एक बार में 20 किलो ठेकुआ, 30 किलो नमकीन इस तरीके के आर्डर आते हैं. आज आलम ये है कि हमारे पास फुर्सत नहीं है. कई बार तो आर्डर ले नहीं पाते. आज अच्छा लगता है कि हमारा स्वाद और काम लोगों को इतना पसंद आ रहा है. आराम से महीने की कमाई 2 लाख पार जा चुकी हैं. About the Author Amit Singh 7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Ranchi,Jharkhand Source link

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बंगाल में शुरू होगी केंद्र सरकार की पहली योजना! 8 लाख लोगों...

Last Updated:May 23, 2026, 06:26 IST PM Vishwakarma Yojana : केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में अपनी पहली योजना को लागू करने के लिए आदेश जारी कर दिया है. इसका लाभ प्रदेश के 7.79 लाख कामगारों को मिलेगा. अभी तक पीएम विश्‍वकर्मा योजना के तहत देशभर में 2.72 करोड़ लोगों ने अपना पंजीकरण कराया है. पीएम विश्‍वकर्मा योजना को अब पश्चिम बंगाल में भी लागू किया जाएगा. नई दिल्‍ली. पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के आने से केंद्रीय योजनाओं के लागू होने का रास्‍ता भी साफ हो गया है. इस कड़ी में पहली योजना को लागू कराने का ऐलान भी किया जा चुका है. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय ने बताया कि कारीगरों के प्रोत्साहन के लिए संचालित ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना को पश्चिम बंगाल में भी लागू किया जाएगा. इस कदम से प्रदेश के करीब 8 लाख कामगारों को फायदा होने वाला है. एमएसएमई मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एवं विकास आयुक्त (एमएसएमई) डॉ. रजनीश ने इस संबंध में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल के साथ बैठक भी की है. बैठक में योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने, लाभार्थियों की पहचान बेहतर करने, कौशल विकास को मजबूत करने और पारंपरिक कारीगरों तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई. इसमें केंद्रीय योजनाओं को जल्‍द से जल्‍द प्रदेश में लागू करने पर जोर दिया गया. अन्‍य योजनाओं पर भी हो रहा विचारमंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि राज्य में अन्य एमएसएमई योजनाओं के क्रियान्वयन और संस्थागत समन्वय बढ़ाकर एमएसएमई परिवेश को मजबूत करने की रणनीतियों पर भी विचार किया गया. मुख्य सचिव ने एमएसएमई मंत्रालय के सहयोग की सराहना करते हुए केंद्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. क्‍या है पीएम विश्‍वकर्मा योजनाकेंद्र सरकार की ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना 17 सितंबर, 2023 को शुरू की गई थी. पश्चिम बंगाल सरकार ने इसके क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय निगरानी समिति और जिला स्तरीय कार्यान्वयन समितियों के गठन की अधिसूचना जारी की है. डॉ. रजनीश ने कहा कि यह योजना पारंपरिक कौशल के संरक्षण के साथ कारीगरों को आधुनिक उपकरण, औपचारिक वित्तीय पहुंच और बेहतर बाजार अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. राज्‍य में कितने लोग रजिस्‍टर्डउन्होंने कहा कि पारंपरिक शिल्प और कारीगरों की समृद्ध विरासत वाले पश्चिम बंगाल में इस योजना के सफल क्रियान्वयन की पर्याप्त संभावनाएं हैं. राज्य में इस योजना के तहत अब तक 7.79 लाख कारीगर रजिस्‍टर हो चुके हैं. इसका मतलब है कि केंद्र सरकार की योजना लागू होने के बाद कम से कम 7.79 लाख परिवारों तक इसका लाभ पहुंचेगा. देशभर में अभी तक 2.72 करोड़ कामगारों ने खुद को इस योजना के तहत पंजीकृत कराया है. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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देसी AMCA का सपना होने लगा साकार! भारत आया फ्रांस का टॉप...

India 5th Gen Fighter Jet News: जिस पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट के लिए भारत पिछले 16 साल से संघर्ष कर रहा है, ऐसा लग रहा है कि अब वह पूरा ही होने वाला है. बुधवार, 20 मई को भारतीय सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक और स्वदेशी हथियारों से लैस करने वाली संस्था रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के हेडक्वार्टर में हाल ही में हुई एक हाई-प्रोफाइल मीटिंग हुई. फ्रांस की रक्षा खरीद एजेंसी (DGA) के डेलिगेट के डीआरडीओ के हेडक्वार्टर में दौरे ने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों के कान खड़े कर दिए हैं. ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि भारत अपने सबसे महत्वाकांक्षी 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट प्रोजेक्ट यानी एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) को लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है. हालिया घटनाक्रम इस बात का पुख्ता संकेत दे रहे हैं कि भारत इस महाविनाशक फाइटर जेट के इंजन के लिए फ्रांस पर अपना सबसे बड़ा दांव खेल सकता है. आइए समझते हैं कि कैसे फ्रांस के एक बड़े अधिकारी के डीआरडीओ दौरे ने इस डील की सुगबुगाहट को तेज कर दिया है. भारत के पास अब तक का सबसे एडवांस जेट राफेल 4.5वीं पीढ़ी का है. पैट्रिक पेलौक्स का DRDO दौरा और Safran से डील के कयास भारत ने AMCA प्रोजेक्ट के तहत फाइटर जेट के इंजन के को-डेवलपमेंट के लिए मुख्य रूप से दो देशों – फ्रांस (Safran कंपनी) और जर्मनी के साथ गहरी दिलचस्पी दिखाई थी. लेकिन, 20 मई को जो हुआ, वह फ्रांस के पलड़े को भारी करता दिख रहा है. शुक्रवार को फ्रांस के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ आर्मामेंट्स के डेलिगेट जनरल पैट्रिक पेलौक्स के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित डीआरडीओ मुख्यालय का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग (DDR&D) के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत के साथ गहन चर्चा की. आधिकारिक बयान के अनुसार, यह चर्चा भारत और फ्रांस के बीच उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों में सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित थी. चूंकि डीआरडीओ ही भारतीय सेनाओं के लिए अत्याधुनिक स्वदेशी हथियार और मिसाइलें विकसित करता है. ऐसे में यह साफ तौर पर अनुमान लगाया जा सकता है कि भारत अपने 5वीं जेनरेशन के AMCA फाइटर जेट के इंजन के लिए फ्रांस की एयरोस्पेस कंपनी ‘साफरान’ (Safran) के साथ बातचीत को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है. 10 साल के लिए रिन्यू हुआ रक्षा समझौता यह कोई रातों-रात हुआ घटनाक्रम नहीं है, बल्कि इसकी मजबूत नींव इसी साल की शुरुआत में रखी जा चुकी थी. 17 फरवरी, 2026 को बेंगलुरु में आयोजित 6वीं भारत-फ्रांस वार्षिक डिफेंस टॉक के दौरान दोनों देशों ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपने रक्षा सहयोग समझौते को अगले 10 वर्षों के लिए रिन्यू कर दिया था. इस हाई-प्रोफाइल बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की सशस्त्र बल एवं पूर्व सैनिक मामलों की मंत्री कैथरीन वॉट्रिन ने की थी. वहीं, इस नए समझौते पर भारत के रक्षा सचिव और फ्रांस के अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं रणनीति उप महानिदेशक द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे. मिराज फाइटर जेट सफल और अचूक मल्टीरोल फाइटर जेट है. राफेल में 50% स्वदेशीकरण और MRO हब की मांग भारत अब केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं रहना चाहता, बल्कि वह तकनीक का हस्तांतरण (Technology Transfer) और स्वदेशीकरण चाहता है। बेंगलुरु वार्ता के दौरान भारत ने फ्रांस के सामने स्पष्ट मांग रखी कि राफेल लड़ाकू विमानों में इस्तेमाल होने वाली स्वदेशी सामग्री की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 50% तक किया जाए. इसके साथ ही, भारत में ही इन विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) सुविधाओं का बड़े पैमाने पर विस्तार करने का अनुरोध किया गया, ताकि भविष्य में सर्विसिंग के लिए विदेशी धरती पर निर्भर न रहना पड़े. AMCA प्रोजेक्ट की विकास यात्रा (2010 से अब तक) अक्टूबर 2010: रक्षा मंत्रालय द्वारा 90 करोड़ रुपये के शुरुआती फंड के साथ AMCA की ‘फिजिबिलिटी स्टडी’ शुरू की गई. इसी के साथ भारत ने 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट के स्वदेशी विकास का खाका तैयार करना शुरू किया. 2013-2014 (पहला मॉडल): एयरो इंडिया 2013 में पहली बार इसका 1:8 स्केल मॉडल दुनिया के सामने पेश किया गया. फरवरी 2014 तक इसका प्रोजेक्ट डेफिनेशन और प्रारंभिक डिजाइन का काम पूरा कर लिया गया. 2015-2016 (डिजाइन को मंजूरी): एयरो इंडिया 2015 में AMCA के बेसिक कॉन्फ़िगरेशन को फाइनल किया गया. इसके बाद 2016 में भारतीय वायुसेना ने इसके डिजाइन को अपनी आधिकारिक स्वीकृति दे दी. मार्च 2024 (सबसे बड़ी मंजूरी): यह इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने AMCA के प्रोटोटाइप विकास के लिए 15,803 करोड़ रुपये के भारी भरकम बजट को अपनी अंतिम मंजूरी दी. मई 2026: आंध्र प्रदेश में AMCA प्रोग्राम की फैसिलिटी और रक्षा हब की नींव रखी गई है, जहां इसके प्रोटोटाइप और निर्माण से जुड़े काम तेजी से आगे बढ़ेंगे. इसके इंजन के लिए विदेशी कंपनियों (खासकर फ्रांस की साफरान) के साथ बातचीत चल रही है. एएमसीए फाइटर जेट का डिजाइन फ्रांस के DGA पैट्रिक पेलौक्स ने हाल ही में भारत में किससे मुलाकात की? फ्रांस के डेलिगेट जनरल ऑफ आर्मामेंट्स पैट्रिक पेलौक्स ने DRDO हेडक्वार्टर का दौरा किया. DRDO के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत के साथ उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों में सहयोग पर चर्चा की। भारत के 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट का क्या नाम है? इसके इंजन के लिए किस कंपनी से बातचीत चल रही है? भारत के 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट का नाम एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) है. इसके इंजन के विकास के लिए मुख्य रूप से फ्रांस की कंपनी ‘साफरान’ (Safran) के साथ डील फाइनल होने के कयास लगाए जा रहे हैं. राफेल विमानों को लेकर भारत ने फ्रांस के सामने क्या प्रमुख मांग रखी है? भारत ने फ्रांस से अनुरोध किया है कि राफेल विमानों में स्वदेशी (भारतीय) सामग्री की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 50% तक किया जाए और भारत में ही इसके रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) सुविधाओं का विस्तार हो. India 5th Gen Fighter Jet | AMCA 5th gen Fighter Jet | India Fighter Jet | एमसीए- भारत की पांचवीं पीढ़ी की फाइटर जेट जल्द बनकर होगी तैयार Source link

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