गर्मियों में छाछ और बेसन से बनती है ये देसी डिश, स्वाद...
Last Updated:May 17, 2026, 18:10 IST गर्मी के मौसम में छाछ और बेसन से खड़ई बनाई जाती थी. ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी इनको पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है. जो भी इसका स्वाद जानता है वे हमेशा से ही इसके दीवाने रहे हैं, वयस्कों की बात हो या फिर युवाओं की अगर एक बार इसका स्वाद चक लेते हैं. फिर बार-बार इसको खाने से रोक नहीं पाए जबकि बुजुर्गों के लिए तो यह गर्मी का सबसे अच्छा खाना होता है. बुंदेलखंड हमेशा से ही कम पानी और पिछड़ी पान के लिए जाना जाता है. पहले के समय में जब गर्मियों के मौसम में सब्जियां नहीं होती थी तब यहां के लोगों के द्वारा सब्जी के विकल्प के रूप में अलग-अलग तरह की चीजों को बनाया जाता था. जो सब्जी से अच्छी होने के साथ-साथ स्वाद में तो बेहतर होती ही थी. स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद हुआ करती थी. ऐसे ही गर्मी के मौसम में छाछ और बेसन से खड़ई बनाई जाती थी. ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी इनको पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है. जो भी इसका स्वाद जानता है वे हमेशा से ही इसके दीवाने रहे हैं, वयस्कों की बात हो या फिर युवाओं की अगर एक बार इसका स्वाद चक लेते हैं. फिर बार-बार इसको खाने से रोक नहीं पाए जबकि बुजुर्गों के लिए तो यह गर्मी का सबसे अच्छा खाना होता है. इसको बनाने के लिए दो अलग-अलग तरह से मसाले तैयार किए जाते हैं. फिर इनको मिक्स करना पड़ता है सबसे पहले अगर छाछ की बात करें तो इसमें झोंका लगाने की आवश्यकता होती है. जिसके लिए रिफाइंड तेल, काला नमक सफेद नमक मिर्ची धनिया जीरा, सरसों की आवश्यकता होती है. इसमें झोंक दो तरह से लगाया जाता है जिसमें एक तो मिट्टी के दीपक को चूल्हे की आग में पकाया जाता है उसमें तेल और अन्य मसाले स्वाद के अनुसार डालते हैं. जिसके बाद इस दीपक को छाछ के अंदर डाल देते हैं. इस तरह से यह छाछ तैयार होती है. यह केवल यही तक सीमित नहीं रहता है. बेसन से भी एक डिश तैयार करनी पड़ती है. छाछ और बेसन से बनी शानदार डिशइसके लिए बेसन नमक मिर्च जीरा हींग जैसी चीजों की जरूरत होती है इसमें अगर हम एक कटोरी बेसन को लेते हैं तो सबसे पहले कढ़ाई में गर्म तेल के साथ झोंका तैयार करते हैं जिसमें नमक मिर्च जीरा हींग जैसी चीजों को डालते हैं. फिर इसमें बेसन को डालकर पानी लगते हैं और फिर इसको पकाने के लिए रखते हैं जब यह हलवे के जैसा हो जाता है तब इसको थाली में रख देते हैं. फिर चाकू से बर्फी की तरह कटिंग करते हैं थोड़ी देर बाद इन्हीं टुकड़ों को जो हमारी पहले से तैयार की हुई छांछ होती है. उसमें डाल देते हैं. फिर कुछ समय में इनको अपने भोजन के साथ सब्जी या अन्य डिश के साथ इस्तेमाल करते हैं. इसको बुंदेलखंड में खड़ई के नाम से जाना जाता है. गर्मी के मौसम में इसको खाना काफी अच्छा माना जाता है. जो छाछ होती है. वह शरीर को इम्यूनिटी के साथ-साथ ठंडक भी देती है और जो बेसन से तैयार की गई डिश होती है. वह पेट को साफ रखने में मदद करती है यानी कि इससे अच्छा डाइजेशन होता है. बुंदेलखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में दशकों से लोग इसको बनाते आ रहे हैं. गर्मी से शुरू होकर बरसात तक के मौसम तक यह चलती है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Sagar,Madhya Pradesh Source link







