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CBSE 12th Result 2026 TIME LIVE: इंटरनेट के बिना डिजिलॉकर पर सीबीएसई...

नई दिल्ली (CBSE 12th Result 2026 TIME LIVE). सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 बहुत जल्द घोषित होने वाला है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अब किसी भी वक्त सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 का डायरेक्ट लिंक ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in पर एक्टिव कर देगा. इसके साथ ही सरकारी रिजल्ट डिजिलॉकर ऐप और वेबसाइट digilocker.gov.in या उमंग ऐप पर भी चेक कर सकते हैं. डिजिलॉकर ने अपने ऐप और वेबसाइट पर Coming Soon का मेसेज अपलोड कर दिया है. इस साल सीबीएसई बोर्ड 12वीं की कॉपियां डिजिटल तरीके से चेक की गईं हैं. इससे गलती की गुंजाइश कम रहने की संभावना है. सीबीएसई 12वीं के नतीजे भारत के साथ ही दुनिया के अन्य हिस्सों में इसी बोर्ड से पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स के लिए भी जारी किए जाएंगे. ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध की वजह से पश्चिमी एशिया में हालात बिगड़ गए थे. इसलिए वहां सीबीएसई बोर्ड 12वीं की परीक्षाएं रद्द हो गई थीं. यूएई समेत कई देशों में रिजल्ट जारी करने के लिए ऑल्टरनेटिव मेथड अपनाया जाएगा. सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 जारी होते ही नीचे लिखे स्टेप्स से उसे चेक कर सकते हैं- स्टेप 1- सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in पर विजिट करें. स्टेप 2- CBSE 12th Result 2026 लिंक पर क्लिक करें. स्टेप 3- रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी जैसी डिटेल्स एंटर करें. स्टेप 4- इतना करते ही सीबीएसई 12वीं रिजल्ट स्क्रीन पर डिसप्ले हो जाएगा. स्टेप 5- सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 चेक करके उसे डाउनलोड कर लें. फ्यूचर रेफरेंस के लिए प्रिंटआउट भी निकाल लें. CBSE 12th Result 2026 Date LIVE: सीबीएसई 12वीं रिजल्ट पिछले साल कब जारी हुआ था? सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: सीबीएसई 12वीं रिजल्ट पिछले साल यानी 2025 में 13 मई को घोषित किया गया था. इस साल भी 15 मई तक 12वीं के नतीजे घोषित होने की पूरी संभावना है. CBSE 12th Topper List 2026 LIVE: क्या सीबीएसई टॉपर लिस्ट जारी करेगा? सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: सीबीएसई मनोवैज्ञानिक दबाव कम करने के लिए ‘फर्स्ट, सेकंड, थर्ड’ की घोषणा नहीं करता. हालांकि, जो स्टूडेंट्स हर विषय में 95% से अधिक अंक लाते हैं या टॉप 0.1% में होते हैं, उन्हें बोर्ड बाद में डाक के जरिए ‘मेरिट सर्टिफिकेट’ भेजता है. CBSE 12th Result 2026 LIVE: डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए QR कोड सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: डिजिलॉकर वाली मार्कशीट के नीचे एक QR कोड होता है. कॉलेज इसे स्कैन करके तुरंत पुष्टि कर सकते हैं कि मार्कशीट असली है या नहीं. इससे फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म हो जाती है. CBSE 12th Result 2026 LIVE:विषय कोड और ग्रेडिंग सिस्टम सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: मार्कशीट में विषय के नाम के साथ उसका कोड (जैसे English-301) होता है. इसके साथ ही ‘Positional Grade’ (A1, A2, B1) भी दिया जाता है, जो बताता है कि आप उस विषय में देश के टॉप कितने प्रतिशत छात्रों में शामिल हैं. CBSE 12th Result 2026 LIVE: माइग्रेशन सर्टिफिकेट का महत्व सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: सीबीएसई डिजिलॉकर पर मार्कशीट के साथ-साथ ‘माइग्रेशन सर्टिफिकेट’ भी जारी करता है. अगर आप स्कूल बदलकर किसी यूनिवर्सिटी (जैसे DU या BHU) में जा रहे हैं तो एडमिशन के वक्त यह सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट होगा. CBSE Class 12th Result LIVE: इंटरनल असेसमेंट और थ्योरी का ब्रेकअप सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: मार्कशीट में थ्योरी के 80/70 अंक और इंटरनल/प्रैक्टिकल के 20/30 अंक अलग-अलग कॉलम में होते हैं. स्टूडेंट को दोनों में अलग-अलग पास होना जरूरी नहीं है (12वीं में एग्रीगेट 33% चाहिए होता है, लेकिन प्रैक्टिकल देना अनिवार्य है). CBSE Class 12th Marksheet 2026 LIVE: प्रोविजनल मार्कशीट बनाम ओरिजिनल सीबीएसई 12वीं मार्कशीट 2026 लाइव: सीबीएसई की ऑनलाइन डाउनलोड की गई मार्कशीट पर ‘PROVISIONAL’ लिखा हो सकता है. इसका मतलब है कि यह कॉलेज में एडमिशन के लिए तुरंत इस्तेमाल की जा सकती है, लेकिन जब तक स्कूल से हार्ड कॉपी न मिले, इसे संभालकर रखना होगा. CBSE Class 12th Result LIVE: IVRS और लैंडलाइन सेवा से जानें सीबीएसई 12वीं रिजल्ट सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: जो स्टूडेंट्स दूर-दराज के इलाकों में हैं, उनके लिए सीबीएसई इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम नंबर जारी करता है. आप लोकल बोर्ड ऑफिस के नंबर पर कॉल करके अपना रोल नंबर बोलकर विषय-वार अंक सुन सकते हैं. DigiLocker CBSE Result Class 12th LIVE: उमंग (UMANG) ऐप का विकल्प सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: अगर डिजिलॉकर और वेबसाइट दोनों धीमे चल रहे हैं तो ‘उमंग’ ऐप एक सरकारी एग्रीगेटर है जो सीधे बोर्ड के सर्वर से डेटा उठाता है. यहां ‘सीबीएसई’ सर्च करके रिजल्ट देखना अक्सर ज्यादा तेज होता है. CBSE Class 12th Result LIVE: रिजल्ट घोषणा की टाइमिंग का ट्रेंड सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: सीबीएसई अक्सर दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच 12वीं रिजल्ट जारी करता है. डिजिलॉकर पर अपडेट आने का मतलब है कि बोर्ड अब बस प्रेस रिलीज जारी करने और ऑफिशियल ट्विटर (अब X) हैंडल पर घोषणा करने की तैयारी में है. DigiLocker CBSE Result Class 12th LIVE: एडमिट कार्ड आईडी का महत्व सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: कई स्टूडेंट्स केवल रोल नंबर याद रखते हैं, लेकिन सीबीएसई पोर्टल पर रिजल्ट देखने के लिए ‘एडमिट कार्ड आईडी’ भी जरूरी होती है. यह आपके एडमिट कार्ड पर ऊपर राइट साइड में लिखी होती है. इसके बिना आप लॉगिन नहीं कर पाएंगे. DigiLocker CBSE Result Class 12th LIVE: सीबीएसई बोर्ड की वेबसाइट क्रैश होने पर क्या करें? सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: सीबीएसई के पास करोड़ों हिट्स झेलने के लिए कई मिरर साइट्स हैं. अगर cbseresults.nic.in लोड नहीं हो रही है तो स्टूडेंट्स तुरंत results.gov.in या गूगल सर्च के माध्यम से सीधे ‘सीबीएसई रिजल्ट पोर्टल’ खोजें, जहां ट्रैफिक कम हो सकता है. CBSE Class 12th Result LIVE: डिजिटल मार्कशीट की कानूनी मान्यता सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: आईटी एक्ट 2000 के तहत, डिजिलॉकर की तरफ से जारी डिजिटल मार्कशीट को फिजिकल मार्कशीट के बराबर ही दर्जा प्राप्त है. यूनिवर्सिटी और कॉलेज एडमिशन के समय इसे ‘ओरिजिनल’ मानकर स्वीकार करने के लिए बाध्य हैं. DigiLocker CBSE Result Class 12th LIVE: बिना इंटरनेट के डिजिलॉकर एक्सेस सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: डिजिलॉकर की सबसे बड़ी खासियत है कि एक बार रिजल्ट ‘इश्यूड डॉक्यूमेंट्स’ में सेव हो जाने के बाद आप उसे बिना इंटरनेट के भी ऐप पर देख सकते

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CBSE 12th Result 2026: सीबीएसई 12वीं रिजल्ट कुछ देर में, डिजिलॉकर पर...

नई दिल्ली (CBSE 12th Result 2026). सीबीएसई 12वीं के स्टूडेंट्स की धड़कनें तेज हो गईं हैं. महीनों का इंतजार, प्रैक्टिकल की टेंशन और बोर्ड परीक्षा कादबाव अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. डिजिलॉकर पर सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 ‘Coming Soon’ का साइन बोर्ड लटक चुका है, जिसका सीधा सा मतलब है कि सीबीएसई किसी भी वक्त 12वीं रिजल्ट जारी कर सकता है. सोशल मीडिया से लेकर स्कूल के WhatsApp ग्रुप्स तक, सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है- भाई, रिजल्ट आ गया क्या? डिजिलॉकर का ताजा अपडेट बड़ा संकेत है कि बोर्ड ने डेटा अपलोडिंग की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है. अक्सर देखा गया है कि डिजिलॉकर पर स्टेटस बदलने के कुछ ही घंटों के अंदर ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in पर लिंक लाइव हो जाता है. ऐसे में स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपना रोल नंबर, स्कूल कोड और एडमिट कार्ड आईडी संभालकर रखें. सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 न केवल आपकी मेहनत का रिपोर्ट कार्ड होगा, बल्कि  कॉलेज एडमिशन की रेस में शुरुआती ‘लॉन्च पैड’ भी साबित होगा. डिजिलॉकर का ‘Coming Soon’ का क्या मतलब है? जब भी डिजिलॉकर ऐप और वेबसाइट digilocker.gov.in पर ‘सीबीएसई रिजल्ट कमिंग सून’ का बैनर दिखता है तो मान लेना चाहिए कि बोर्ड ने रिजल्ट की फाइल्स सर्वर पर चढ़ानी शुरू कर दी हैं. यह स्टूडेंट्स के लिए एक तरह का ‘प्री-नोटिफिकेशन’ है, जिससे वे अपना अकाउंट पहले से ही एक्टिवेट कर लें और बाद में उन्हें कोई दिक्कत न हो. डिजिलॉकर पर सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 कैसे देखें? सीबीएसई की वेबसाइट cbse.gov.in क्रैश होने पर डिजिलॉकर से 12वीं रिजल्ट चेक करना सबसे सही और सुरक्षित विकल्प है. आप नीचे लिखे स्टेप्स से सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 चेक कर सकते हैं- डिजिलॉकर ऐप डाउनलोड करें या digilocker.gov.in पर जाएं. अपने आधार नंबर या मोबाइल नंबर से साइन-इन करें. ‘Education’ सेक्शन में जाकर ‘CBSE’ चुनें. ‘Class XII Marksheet’ पर क्लिक करें और अपना रोल नंबर और साल दर्ज करें. सीबीएसई 12वीं डिजिटल मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी. सीबीएसई की वेबसाइट पर 12वीं रिजल्ट कैसे चेक करें? सीबीएसई का रिजल्ट मुख्य रूप से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट्स cbseresults.nic.in, cbse.nic.in और results.cbse.nic.in पर उपलब्ध होगा. इसके अलावा, उमंग (UMANG) ऐप और आईवीआरएस (IVRS) यानी फोन कॉल के जरिए भी स्टूडेंट्स अपना नतीजा सुन सकेंगे. ऑल्टरनेटिव तरीकों से पास और फेल का स्टेटस पता चल जाता है. सीबीएसई 12वीं रिजल्ट में इस बार क्या खास रहने वाला है? 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में सीबीएसई ने मूल्यांकन प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी बनाया है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सीबीएसई 12वीं टॉपर लिस्ट 2026 आधिकारिक रूप से जारी नहीं की जाएगी, जिससे छात्रों के बीच गैर-जरूरी कॉम्पिटिशन और तनाव कम किया जा सके. हालांकि, मेरिट सर्टिफिकेट उन स्टूडेंट्स को जरूर मिलेंगे जिन्होंने विषयों में 0.1% हाईएस्ट स्कोर किया होगा. अगर डिजिलॉकर पिन (PIN) नहीं है तो क्या करें? केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सीबीएसई से संबद्ध सभी स्कूलों को रिजल्ट से पहले ही 6 अंकों का सुरक्षा पिन (Security PIN) जारी कर दिया है. अगर आपको अपना पिन नहीं मिला है तो तुरंत अपने स्कूल से संपर्क करें. इसके बिना आप डिजिलॉकर (digilocker.gov.in) से सीबीएसई बोर्ड 12वीं की मार्कशीट डाउनलोड नहीं कर पाएंगे. सीबीएसई 12वीं रिजल्ट मन-मुताबिक नहीं होने पर क्या करें? सीबीएसई बोर्ड 12वीं के नतीजे जारी होने के बाद अगर आपको लगता है कि आपके अंक कम हैं तो आप ‘वेरिफिकेशन ऑफ मार्क्स’ के लिए आवेदन कर सकेंगे. वहीं, जो स्टूडेंट्स एक या दो विषयों में पास नहीं हो पाएंगे, उनके लिए सीबीएसई जून-जुलाई में सप्लीमेंट्री परीक्षा आयोजित करेगा. यह परीक्षा देकर आप इसी साल पास हो सकते हैं. सीबीएसई बोर्ड की वेबसाइट क्रैश होने पर क्या करें? सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 घोषित होते ही लाखों स्टूडेंट्स वेबसाइट cbse.gov.in पर एक साथ लॉगिन करेंगे. इस स्थिति में पोर्टल धीमा होना आम है. सीबीएसई बोर्ड की वेबसाइट क्रैश होने पर भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है. अगले 15-20 मिनट में साइट फिर से सामान्य हो जाएगी.. या फिर ऊपर बताए गए ऑल्टरनेटिव तरीकों यानी डिजिलॉकर और उमंग ऐप का सहारा लें. Source link

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‘मुनीर की सेना दगाबाज, पीठ में घोंपा छुरा’, मसूद अजहर का पाकिस्‍तान...

होमताजा खबरदेश ‘मुनीर की सेना दगाबाज’, मसूद अजहर का पाकिस्‍तान आर्मी से उठा भरोसा Last Updated:May 10, 2026, 14:24 IST Jaish-e-Mohammad vs Pakistan Army: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्‍तान और वहां सक्रिय आतंकवादी संगठनों को ऐसा जख्‍म दिया कि एक साल बाद भी वे इसके दर्द से कराह रहे हैं. आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद ने कहा कि भारत ने जब उसके ठिकानों पर अटैक किया था, तब पाकिस्‍तान आर्मी ने उसकी कोई मदद नहीं की थी. कुख्‍यात आतंकवादी मसूद अजहर के टेरर ऑर्गेनाइजेशन जैश-ए-मोहम्‍मद और पाकिस्‍तान आर्मी में ठन गई है. (फाइल फोटो/Reuters) Jaish-e-Mohammad vs Pakistan Army: ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्‍तान और वहां सक्रिय आतंकवादी संगठनों को ऐसा जख्‍म मिला है, जिसके दर्द से वे अभी तक कराह रहे हैं. कुख्‍यात आतंकवादी मसूद अजहर के संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद ने पाकिस्‍तान सेना की कड़ी आलोचना की है. जैश ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब भारत ने अटैक किया था, तब आसिम मुनीर की सेना ने उसकी मदद नहीं की थी. बता दें कि पाकिस्‍तान आर्मी और खुफिया संगठन ISI के संरक्षण में ही जैश फलता-फूलता रहा है, ऐसे में आतंकवादी संगठन की ओर से इस तरह का बयान सामने आना कई पहलुओं की तरफ इशारा करता है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैश और पाकिस्‍तान आर्मी के बीच दूरी बढ़ती जा रही है. दरअसल, जैश-ए-मोहम्मद ने पाकिस्तान आर्मी पर आरोप लगाते हुए कहा कि 7 मई 2025 को बहावलपुर में हुए भारतीय हमले के दौरान पाकिस्तान आर्मी ने उनकी कोई मदद नहीं की. सूत्रों से मिली जानकारी में यह भी सामने आया कि ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों और हाफिज सईद एवं मसूद अजहर के करीबियों को बाद में सैन्य सम्मान जरूर मिला, लेकिन हमले के समय सीधे बचाव के लिए कोई आगे नहीं आया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 7 मई 2025 को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय पर स्ट्राइक की थी. मसूद अजहर ने खुद माना था कि इस हमले में उसके परिवार के 10 सदस्य और 4 करीबी मारे गए थे. मसूद अजहर की आर्मी से ठनी कुछ पाकिस्तानी नेताओं और जैश आतंकवादियों के बयानों में यह भी दावा किया गया कि बहावलपुर और मुरीदके पर हमले के समय पाक सेना सक्रिय रूप से सामने नहीं आई. बाद में मारे गए आतंकियों के जनाजों में पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी देखी गई. जैश के एक शीर्ष आतंकवादी ने कहा कि मसूद अजहर के परिवार को टुकड़ों में उड़ा दिया गया और उन्हें तत्काल कोई सुरक्षा नहीं मिली. बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद का पहली बार एक बड़ा आरोप पाकिस्तान पर लगा है कि 7 मई 2025 को बहावलपुर पर भारतीय हमले के दौरान पाकिस्तान आर्मी ने कोई मदद नहीं की. ऑपरेशन सिंदूर में मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य मारे गए थे. अब जैश का कहना है कि उसे बचाने के लिए कोई सामने नहीं आया था. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jammu,Jammu and Kashmir Source link

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Last Updated:May 10, 2026, 13:15 IST Bihar Board Matric Exam Preparation: बिहार की बेटी ज्योति कुमारी ने सीमित संसाधनों के बीच अपनी मेहनत से राज्य का नाम रोशन किया है. एक छोटे होटल संचालक की बेटी ज्योति ने मैट्रिक परीक्षा में 97.4% अंक लाकर यह साबित कर दिया कि लक्ष्य स्पष्ट हो तो राहें आसान हो जाती हैं. उन्होंने आगामी परीक्षार्थियों को टाइम मैनेजमेंट और मॉडल पेपर हल करने पर जोर देने को कहा. ज्योति का कहना है कि पढ़ाई में निरंतरता और आत्मविश्वास ही एक औसत छात्र को टॉपर बना सकता है. उनका भविष्य में IAS ऑफिसर बनकर समाज सेवा करने का सपना है. अमित कुमार: वर्ष 2027 में होने वाली बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मैट्रिक परीक्षा में लाखों छात्र-छात्राएं शामिल होंगे. ऐसे में हर परीक्षार्थी के मन में एक ही सवाल रहता है कि आखिर तैयारी कैसे की जाए ताकि अच्छे अंक हासिल हो सके और बिहार टॉपर बनने का सपना पूरा हो. खासकर गणित जैसे विषय में शत-प्रतिशत अंक लाने को लेकर छात्रों में काफी उत्सुकता रहती है. इन्हीं सवालों का जवाब जानने के लिए लोकल 18 की टीम ने बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 में पूरे बिहार में चौथा स्थान प्राप्त करने वाली समस्तीपुर की छात्रा ज्योति से खास बातचीत की. उन्होंने मैट्रिक रिजल्ट में 487 अंक लाई थी. बातचीत के दौरान ज्योति ने अपनी पढ़ाई का तरीका, समय प्रबंधन, रिवीजन पैटर्न और सफलता के पीछे की मेहनत को साझा किया. उन्होंने कहा कि बच्चे पढ़ाई तो करते हैं लेकिन पूरी लगन और मन से नहीं करते, इसी वजह से अंक कम आ जाते हैं. यदि छात्र पूरी ईमानदारी और नियमितता के साथ पढ़ाई करें तो सफलता जरूर मिलती है. रिवीजन और नियमित अभ्यास से मिलती है बड़ी सफलताज्योति ने बताया कि उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण नियमित रिवीजन था. उन्होंने कहा कि केवल पढ़ लेना काफी नहीं होता, बल्कि उसे बार-बार दोहराना जरूरी होता है. अगर किसी विषय या प्रश्न को लेकर कन्फ्यूजन हो तो उसे एक अलग नोटबुक में लिख लेना चाहिए और बाद में शिक्षक या कोचिंग में जाकर उसका समाधान पूछना चाहिए. उन्होंने कहा कि गणित ऐसा विषय है जिसमें जितना ज्यादा अभ्यास करेंगे उतना बेहतर परिणाम मिलेगा. जो प्रश्न एक बार में हल नहीं हो, उसे दो या तीन नहीं बल्कि पांच बार तक अभ्यास करना चाहिए. लगातार प्रैक्टिस से कठिन से कठिन सवाल भी आसान लगने लगता है. उन्होंने यह भी कहा कि जिस कोचिंग या स्कूल में पढ़ाई करते हैं वहां पढ़ाए गए प्रश्न और उनके उत्तर उसी समय अच्छी तरह याद कर लेने चाहिए. घर जाकर छोड़ देने की आदत नुकसान पहुंचाती है. ज्योति के अनुसार रोजाना कम से कम 6 से 8 घंटे की नियमित पढ़ाई और हर विषय को समय देना बेहद जरूरी है. खासकर साइंस और मैथ्स के साथ हिंदी, संस्कृत और सोशल साइंस जैसे विषयों की भी बराबर तैयारी करनी चाहिए. मॉडल पेपर और टाइम मैनेजमेंट से बढ़ेगा आत्मविश्वासज्योति ने विद्यार्थियों को सलाह देते हुए कहा कि परीक्षा के अंतिम महीनों में मॉडल पेपर और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र जरूर हल करना चाहिए. इससे प्रश्नों का पैटर्न समझ आता है और समय प्रबंधन बेहतर होता है. उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान छोटे-छोटे नोट्स तैयार करना काफी फायदेमंद होता है. क्योंकि परीक्षा से पहले इन्हीं नोट्स से जल्दी रिवीजन किया जा सकता है. मोबाइल फोन और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पढ़ाई पर फोकस करना भी जरूरी है. इसके अलावा पर्याप्त नींद और मानसिक तनाव से दूर रहना भी अच्छे प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. ज्योति ने कहा कि अगर छात्र रोजाना लक्ष्य बनाकर पढ़ाई करें, कमजोर विषयों पर ज्यादा ध्यान दें और आत्मविश्वास बनाए रखें तो निश्चित रूप से मैट्रिक परीक्षा में शानदार अंक प्राप्त कर सकते हैं. वहीं उन्होंने कहा कि क्वेश्चन बैंक का भी सहारा ले सकते हैं जैसे की वर्ष 2010 से लेकर 2026 तक जितने भी क्वेश्चन पूछे गए हैं उसका रिवीजन कर ले दिखा देगा फायदा. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Samastipur,Bihar Source link

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अरावली में दिखी दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली, बच्चे के साथ...

फरीदाबाद: फरीदाबाद की अरावली पहाड़ियों से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने वन्यजीव प्रेमियों और शोधकर्ताओं को उत्साहित कर दिया है. कोट गांव में दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली कही जाने वाली रस्टी स्पॉटेड कैट अपने बच्चे के साथ दिखाई दी है. खास बात यह है कि दिल्ली-एनसीआर की अरावली में पहली बार इस दुर्लभ बिल्ली और उसके बच्चे की मौजूदगी का फोटोग्राफिक रिकॉर्ड मिला है. महज 10 सेकंड की यह झलक अब वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से बड़ी खोज मानी जा रही है. इस प्रजाति का बच्चा पहली बार कैमरे में कैद हुआ है. कहां दिखी पहाड़ी बिल्ली Local18 से बातचीत में पुरातत्व विभाग से जुड़े तेजवीर मावी ने बताते हैं मैं अपने दोस्तों के साथ कोट गांव की पहाड़ी के पास खड़े थे अंधेरा होने लगा था और हम लोग आपस में बातचीत कर रहे थे. तभी रास्ते पर एक छोटी सी बिल्ली दिखाई दी. पहले लगा कि कोई चूहा भाग रहा है लेकिन ध्यान से देखने पर पता चला कि वह रस्टी स्पॉटेड कैट का बच्चा था और उसके साथ उसकी मां भी थी. तेजवीर मावी ने बताते हैं मैंने इससे पहले इस तरह की बिल्ली यहां कभी नहीं देखी थी. यह दिल्ली-एनसीआर का पहला रिकॉर्ड हो सकता है. यह बिल्ली दिन में बहुत कम दिखाई देती है और ज्यादातर रात में ही निकलती है. कोट गांव में पहली बार दिखी है बिल्ली वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर यतिन वर्मा बताते हैं यह बिल्ली अरावली क्षेत्र में पहले भी मांगर, दमदमा, भोंडसी और रेवाड़ी इलाके में देखी जा चुकी है, लेकिन कोट गांव में पहली बार इसका बच्चा डॉक्यूमेंट हुआ है. यतिन वर्मा बताते हैं यह खोज इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पता चलता है कि यह प्रजाति अब यहां प्रजनन भी कर रही है. दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली यतिन वर्मा बताते हैं बच्चे की उम्र करीब 6 से 8 सप्ताह के बीच मानी जा रही है. बड़ी रस्टी स्पॉटेड कैट की बॉडी करीब 40 से 45 सेंटीमीटर लंबी होती है जबकि पूंछ 6 से 12 इंच तक की होती है. इसका वजन लगभग 1 से डेढ़ किलो तक होता है. फीमेल का वजन और भी कम हो सकता है. यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली कहा जाता है. क्या कुछ है खास यतिन वर्मा बताते हैं यह बिल्ली सामान्य घरेलू बिल्ली से करीब आधे आकार की होती है. इसके शरीर पर जंग जैसे धब्बे बने होते हैं और गर्दन के आसपास खास स्पॉट दिखाई देते हैं. इसका रंग हल्का भूरा या ग्रे होता है आंखें बड़ी होती हैं और पूंछ अपेक्षाकृत मोटी दिखाई देती है. यतिन वर्मा बताते हैं यह प्रजाति भारत, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों में पाई जाती है. यह बेहद फुर्तीली होती है और बहुत तेजी से भागती है. जब मैं वहां मौजूद था तब भी बिल्ली ज्यादा डरी हुई नहीं लगी. यतिन वर्मा बताते हैं अब इस बिल्ली के व्यवहार को समझने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि यह आबादी के बेहद करीब दिखाई दे रही है. इसे सबसे ज्यादा खतरा आवारा कुत्तों से हो सकता है. साथ ही घरेलू बिल्लियों के साथ मिक्स ब्रीडिंग का खतरा भी बना रहता है. अरावली की पहाड़ियों में तेंदुए भी रहते हैं, इसलिए यह समझना जरूरी है कि इन दोनों प्रजातियों का व्यवहार एक-दूसरे के साथ कैसा रहता है. हालांकि, यह इतनी छोटी और फुर्तीली होने की वजह से यह बिल्ली आसानी से खतरे से निकल जाती है. बिल्ली, इंसानों के लिए बिल्कुल खतरनाक नहीं यतिन वर्मा बताते हैं यह बिल्ली इंसानों के लिए बिल्कुल खतरनाक नहीं है. यह चूहे, छिपकली, सांप और कीड़े-मकोड़े खाती है. गांवों में चूहों की संख्या कम करने में यह मददगार साबित हो सकती है. यानी यह छोटी सी जंगली बिल्ली इंसानों के लिए नुकसान नहीं बल्कि फायदा पहुंचाने वाली प्रजाति है. Source link

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HPBOSE 10th Topper 2026 LIVE: हिमाचल प्रदेश 10वीं में अनमोल ने किया...

नई दिल्ली (HP Board 10th Result 2026). हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जारी हो गया है. इस साल 83.87 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए हैं. एचपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 में अनमोल ने टॉप किया है. इन्होंने 700 में से 699 अंक हासिल किए हैं. बोर्ड चेयरमैन ने अनमोल को बधाई देते हुए उनके अंकों की तारीफ की. साथ ही उनसे फोन पर बात करने की इच्छा जताई है. बोर्ड चेयरमैन ने सभी टॉपर स्टूडेंट्स की मेहनत की जमकर तारीफ की. वहीं, सेकंड टॉपर के मार्क्स 698 हैं. HP Board 10th Result 2026 LIVE: पेरेंट्स से की खास अपील हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: हिमाचल प्रदेश बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने सभी पेरेंट्स से खास अपील की है. उन्होंने कहा कि अगर आपके बच्चे के मार्क्स कम आए हैं या वह फेल हो गया है तो उसे डांटने के बजाय प्यार से बात करें. HPBOSE 10th Sarkari Result 2026 LIVE: जून में फिर दे सकते हैं परीक्षा हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं के नतीजे 2026 लाइव: हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं की परीक्षा में फेल स्टूडेंट्स या कम मार्क्स हासिल करने वाले स्टूडेंट्स जून में होने वाली सेकंड परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. इससे वह इसी साल पास हो जाएंगे और उनका साल बर्बाद होने से बच जाएगा. hpbose.org, HPBOSE 10th Result 2026 LIVE: टॉपर के मार्क्स देखकर चौंके बोर्ड अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं के नतीजे 2026 लाइव: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा टॉपर अनमोल के मार्क्स देखकर चौंक गए. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बच्ची की जमकर तारीफ की. साथ ही डॉ. राजेश शर्मा ने टॉपर अनमोल से बात करने की इच्छा भी जताई. उन्होंने कहा कि वह तो 700 में से 699 अंक हासिल करने की बात भी नहीं सोच सकते. यह बहुत ही शानदार उपलब्धि है. HPBOSE 10th Topper 2026 LIVE: सिर्फ एक नंबर से चूकी फर्स्ट पोजिशन हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं टॉपर 2026 लाइव: दूसरे नंबर पर 698 अंकों के साथ अभिनव मेहता हैं. वह गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रापोह मिसरां ऊना के छात्र हैं. 698 लेकर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बिलासपुर की छात्रा पूर्णिमा शर्मा भी दूसरे नंबर पर रही हैं. ये दोनों ही मात्र 1 नंबर से फर्स्ट पोजिशन पर रहने से चूक गए. HPBOSE 10th Topper 2026 LIVE: अनमोल बनीं हिमाचल प्रदेश 10वीं की टॉपर हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं टॉपर 2026 लाइव: हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं में अनमोल ने टॉप किया है. वह एवीएम स्कूल भाड़ा की स्टूडेंट हैं और कांगड़ा की रहने वाली हैं. अनमोल ने 700 में से ऐतिहासिक 699 अंक हासिल किए हैं. HP Board 10th Result 2026 LIVE: हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं रिजल्ट जारी हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं के नतीजे 2026 लाइव: हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं का परिणाम जारी हो गया है. इस बार पास परसेंटेज 83 फीसदी है. HPBOSE 10th Sarkari Result 2026 LIVE: आईटीआई और डिप्लोमा का विकल्प हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: जो स्टूडेंट्स तकनीकी क्षेत्र में जल्दी करियर बनाना चाहते हैं, वे 10वीं के बाद 3 साल के इंजीनियरिंग डिप्लोमा (पॉलिटेक्निक) या आईटीआई का विकल्प चुन सकते हैं. HPBOSE 10th Sarkari Result 2026 LIVE: किसी भी वक्त आ सकता है हिमाचल प्रदेश 10वीं रिजल्ट हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: हिमाचल प्रदेश 10वीं रिजल्ट किसी भी वक्त जारी हो सकता है. रोल नंबर और डेट ऑफ बर्थ जैसी डिटेल्स तैयार रखें. HPBOSE 10th Result 2026 LIVE: 10वीं के बाद सही स्ट्रीम कैसे चुनें? हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे केवल अंकों के पीछे न भागें. अगर आपकी रुचि गणित में है तो साइंस लें, अगर बिजनेस पसंद है तो कॉमर्स और अगर समाज शास्त्र में रुचि है तो आर्ट्स चुनें. hpbose.org, HPBOSE 10th Result 2026 LIVE: हिमाचल प्रदेश बोर्ड रिजल्ट की मार्कशीट में गलती होने पर क्या करें? हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं के नतीजे 2026 लाइव: अगर आपके नाम, जन्मतिथि या विषय के अंकों में कोई त्रुटि दिखे तो आपको रिजल्ट के 30 दिनों के अंदर बोर्ड मुख्यालय धर्मशाला में सुधार के लिए आवेदन करना होगा. HP Board 10th Result 2026 LIVE: हिमाचल प्रदेश बोर्ड की ओरिजिनल मार्कशीट कब मिलेगी? हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: स्कूलों को फिजिकल मार्कशीट भेजने का काम रिजल्ट के 3 हफ्ते बाद शुरू होगा. तब तक डिजिटल कॉपी ही मान्य है. Himachal Pradesh Board 10th Result 2026 LIVE: हिमाचल प्रदेश बोर्ड की वेबसाइट क्रैश होने पर क्या करें? हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं के नतीजे 2026 लाइव: अगर हिमाचल प्रदेश बोर्ड की वेबसाइट रिस्पॉन्स नहीं दे रही है तो ‘Incognito Window’ (इन्कॉग्निटो मोड) में रिजल्ट चेक करें, वहां पेज जल्दी लोड होने की संभावना रहती है. HPBOSE 10th Result 2026 LIVE: कितने नंबर पर होंगे पास? हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं में पास होने के लिए स्टूडेंट्स को हर विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है (थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में अलग-अलग). hpbose.org, HPBOSE 10th Result 2026 LIVE: एचपी बोर्ड टॉपर्स का रिकॉर्ड हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं के नतीजे 2026 लाइव: पिछले तीन सालों से मेरिट लिस्ट में लड़कियों ने लड़कों के मुकाबले ज्यादा बेहतर रैंक हासिल की है, विशेषकर हमीरपुर और कांगड़ा जिले के स्टूडेंट्स का प्रदर्शन उम्दा रहा है. HP Board 10th Result 2026 LIVE: रिजल्ट की तारीखों का इतिहास हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं के नतीजे 2026 लाइव: हिमाचल बोर्ड अक्सर अप्रैल के अंत या मई के पहले दो हफ्तों में रिजल्ट जारी करता है, जिससे स्टूडेंट्स को आगे यानी 11वीं क्लास में एडमिशन लेने में देरी न हो. HPBOSE 10th Sarkari Result 2026 LIVE: पिछले 5 सालों का पास प्रतिशत हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: 2021 में रिजल्ट करीब 99% रहा था (कोविड के कारण), जबकि 2022-2025 के बीच यह औसतन 75% से 89% के बीच दर्ज किया गया है. अब सबकी नजरें इस बार के रिजल्ट पर टिकी हैं. hpbose.org, HPBOSE 10th Result 2026 LIVE: डिजिटल मार्कशीट का क्या महत्व है? हिमाचल प्रदेश बोर्ड 10वीं के नतीजे 2026 लाइव: ऑनलाइन दिखने वाला रिजल्ट प्रोविजनल मार्कशीट है. इसका प्रिंटआउट लेकर रखें, क्योंकि 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन के लिए इसकी जरूरत

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Tamilnadu CM Vijay Oath LIVE | Tamilnadu CM Vijay Oath LIVE: तमिलनाडु...

Tamilnadu CM Vijay Oath LIVE: तमिलनाडु की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है. तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) प्रमुख विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. 1967 के बाद यह पहला मौका है जब द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (DMK) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (AIADMK) से बाहर का कोई नेता राज्य की सत्ता तक पहुंचा है. विजय की पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था. हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी, लेकिन कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य सहयोगी दलों के समर्थन से विजय ने सरकार बना ली. चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता शामिल हुए. सरकार गठन से पहले चेन्नई में पूरे दिन राजनीतिक हलचल तेज रही. विजय ने राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था, जिसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और माकपा ने औपचारिक समर्थन पत्र सौंपे, जबकि कांग्रेस ने भी समर्थन देकर नई सरकार के गठन का रास्ता साफ किया. वहीं विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) की ओर से डिप्टी सीएम पद और कैबिनेट में हिस्सेदारी की मांग को लेकर चर्चा बनी हुई है. दूसरी तरफ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने TVK को समर्थन देने की खबरों से इनकार करते हुए खुद को DMK गठबंधन के साथ बताया. तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) ने अपने दम पर 108 सीटें जीतकर तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर किया. इसके बाद कांग्रेस के 5 विधायक, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और माकपा के 2-2 विधायक तथा विदुथलाई चिरुथिगल काची के 2 विधायकों के समर्थन से विजय बहुमत के आंकड़े तक पहुंचे. हालांकि VCK प्रमुख थोल. थिरुमावलवन की ओर से डिप्टी सीएम और कैबिनेट में हिस्सेदारी की मांग ने सियासी चर्चाओं को और तेज कर दिया है. वाम दलों ने साफ किया है कि वे बाहर से समर्थन देंगे और मंत्री पद की मांग नहीं करेंगे. अब सबकी नजर विजय सरकार के पहले बड़े फैसलों और मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी है. Vijay CM Oath LIVE: मैं जोसेफ विजय…तमिलनाडु के नए CM हुए विजय Tamilnadu CM Oath Live: तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) प्रमुख विजय ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है. 1967 के बाद यह पहला मौका है जब DMK और AIADMK के बाहर का कोई नेता राज्य की सत्ता तक पहुंचा है. विधानसभा चुनाव में TVK ने 108 सीटें जीतकर बड़ा उलटफेर किया था, जिसके बाद कांग्रेस, CPI और CPI(M) समेत सहयोगी दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत हासिल किया. चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता शामिल हुए. विजय के मुख्यमंत्री बनने को तमिलनाडु की राजनीति में नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है। Tamilnadu CM Oath Live: विजय के शपथ समारोह में पहुंचे बीजेपी नेता Vijay CM Oath LIVE: तमिलनाडु में सी जोसेफ विजय के शपथ ग्रहण समारोह से पहले बीजेपी नेताओं की भी नेहरू स्टेडियम में एंट्री हुई. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन, पार्टी नेता तमिलिसाई सौंदरराजन और के अन्नामलाई समारोह में शामिल होने पहुंचे. तमिलगा वेत्री कझगम प्रमुख विजय कुछ ही देर में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं, जिसे लेकर समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. Tamilnadu CM Vijay Oath LIVE: राज्यपाल आर्लेकर शपथ ग्रहण समारोह के लिए रवाना Tamilnadu CM Oath Live: तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर रविवार सुबह लोक भवन से शपथ ग्रहण समारोह के लिए रवाना हो गए. चेन्नई में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल जल्द ही टीवीके प्रमुख सी जोसेफ विजय को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. समारोह को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है. Vijay CM Oath LIVE: राहुल गांधी पहुंचे नेहरू स्टेडियम Tamilnadu CM Oath Live: तमिलनाडु में रविवार को सी जोसेफ विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ से पहले राजनीतिक हलचल तेज दिखी. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम पहुंचे, जहां शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा है. TVK प्रमुख विजय के इस बड़े राजनीतिक कार्यक्रम में कांग्रेस समेत कई दलों के नेता शामिल हो रहे हैं. समारोह को लेकर स्टेडियम के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली. #WATCH | Tamil Nadu | Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi arrives at the Jawaharlal Nehru Stadium in Chennai, where TVK Chief C Joseph Vijay will take oath as the Chief Minister of Tamil Nadu, shortly. pic.twitter.com/xgXEyzAnNs — ANI (@ANI) May 10, 2026 Tamilnadu CM Oath Live: विजय की सिफारिश पर 9 मंत्रियों के नाम मंजूर, राज्यपाल ने दी हरी झंडी Vijay CM Oath LIVE: तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने मुख्यमंत्री मनोनीत सी जोसेफ विजय की ओर से नई कैबिनेट के लिए भेजे गए 9 मंत्रियों के नामों को मंजूरी दे दी है. तमिलगा वेत्री कजगम सरकार के गठन से पहले लोक भवन की ओर से रविवार को इसकी आधिकारिक जानकारी दी गई. Tamilnadu CM Vijay Oath LIVE: शपथग्रहण समारोह स्थल पहुंचे विजय, थोड़ी देर में लेंगे CM पद की शपथ Tamilnadu CM Oath Live: सी जोसेफ विजय रविवार सुबह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम पहुंच गए. तमिलगा वेत्री कजगम (TVK) प्रमुख विजय अब कुछ ही देर में राज्य की नई सरकार के मुखिया के रूप में शपथ लेने वाले हैं. Vijay CM Oath LIVE: विजय के शपथग्रहण में शामिल होने चेन्नई पहुंचे राहुल गांधी Tamilnadu CM Oath Live: राहुल गांधी रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए चेन्नई पहुंचे. सी जोसेफ विजय आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस उन पहली पार्टियों में शामिल थी, जिसने अपने पांच विधायकों के समर्थन के साथ तमिलगा वेत्री कजगम को सरकार गठन में समर्थन दिया था. VIDEO | Congress MP and Lok Sabha LoP Rahul Gandhi reaches Chennai to attend the oath-taking ceremony of TVK Chief C Joseph Vijay as the Chief Minister of Tamil Nadu. CM- designate C Joseph

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लखीमपुर खीरी का रहस्यमयी काली माता मंदिर, जहां जंगल में गूंजती है...

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के मैलानी और भीरा जंगल के बीच स्थित प्रसिद्ध काली माता मंदिर आस्था, रहस्य और रोमांच का अनोखा संगम है. घने जंगलों के बीच बना यह प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है, यही वजह है कि दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. दुधवा टाइगर रिजर्व से जुड़े मैलानी और भीरा के जंगल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं. इन्हीं जंगलों के बीच स्थित काली माता मंदिर का वातावरण लोगों को आध्यात्मिक शांति के साथ रोमांच का भी एहसास कराता है. मां काली का मंदिर स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर कई वर्षों पुराना है और यहां मां काली की प्रतिमा के साथ हनुमान मंदिर भी है. नवरात्रि और विशेष पर्वों पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है. भक्त माता के दरबार में नारियल, चुनरी और प्रसाद चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. यहां आते हैं बाघ! इस मंदिर को लेकर सबसे खास और रहस्यमयी बात यह है कि यहां आज भी बाघ के आने की चर्चाएं होती हैं. स्थानीय लोगों और पुजारियों का दावा है कि कई बार देर रात मंदिर परिसर के आसपास बाघ के पदचिह्न दिखाई देते हैं. कुछ श्रद्धालुओं ने दूर से बाघ को मंदिर की ओर आते हुए भी देखा है. लोगों की मान्यता है कि यह मां काली का चमत्कार है और बाघ भी माता के दरबार में दर्शन करने आता है. यही वजह है कि यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि लोगों के लिए रहस्य और श्रद्धा का प्रतीक भी बन चुका है. मईया पूरी करती हैं मनोकामनाएं  मंदिर में आने वाले श्रद्धालु बताते हैं कि यहां पहुंचते ही उन्हें एक अलग तरह की सकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है. जंगल की शांति, पक्षियों की आवाज और मंदिर में गूंजती घंटियों की ध्वनि माहौल को बेहद दिव्य बना देती है. कई श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद भंडारे और पूजा का आयोजन भी कराते हैं. आस्था और प्रकृति का यह अनोखा संगम लखीमपुर खीरी की पहचान बनता जा रहा है. मैलानी और भीरा जंगल के बीच स्थित काली माता मंदिर आज श्रद्धालुओं के लिए केवल पूजा का स्थान नहीं बल्कि विश्वास,और रहस्य का केंद्र बन चुका है. जंगल के बीच मां काली का यह दरबार लोगों को आध्यात्मिक अनुभव के साथ प्रकृति के अद्भुत रूप से भी रूबरू कराता है. मंदिर से जुड़ी मान्यताएं बातचीत करते हुए मंदिर की पुजारी अनिल सिंह बताते हैं कि यह मंदिर हजारों साल पुराना है और यह मंदिर मैलानी और भीरा के बीच में बरगद चौकी के पास स्थित है. इस मंदिर का इतिहास बहुत ही पुराना है और मान्यता है जिस स्थान पर मंदिर का निर्माण कराया गया था उसे स्थान पर अक्सर सड़क हादसे हो जाते थे, जिस कारण इस मंदिर का निर्माण कार्य कराया गया. मंदिर का निर्माण कार्य होने के बाद इस स्थान पर तब से अब तक कोई भी सड़क दुर्घटना नहीं हुई है और आज भी बाघ मां काली के दर्शन करने के लिए रात के अंधेरे में आता है और वापस फिर लौट जाता है सुबह उठने पर बाघ के पगचिन्ह मिलते हैं. Source link

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Bandi Bageerat Honeytrap Case: यूनियन मिनिस्टर का बेटा या हनीट्रैप का शिकार?...

होमताजा खबरदेश यूनियन मिनिस्टर का बेटा या हनीट्रैप का शिकार? बंदी भगीरथ पर पॉक्सो केस Last Updated:May 10, 2026, 08:19 IST Bandi Bageerat Honeytrap Case: केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भगीरथ पर हैदराबाद में पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है. 17 साल की लड़की के परिवार ने उन पर शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और उत्पीड़न का आरोप लगाया है. वहीं भगीरथ ने खुद को हनीट्रैप का शिकार बताते हुए लड़की के परिवार पर 5 करोड़ रुपए की वसूली की कोशिश का आरोप लगाया है. दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. ख़बरें फटाफट केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भगीरथ पर पॉक्सो केस दर्ज हुआ है. हैदराबाद: केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भगीरथ का नाम एक ऐसे विवाद में सामने आया है जिसने तेलंगाना की राजनीति और पुलिस सिस्टम दोनों को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है. एक तरफ 17 साल की लड़की के परिवार ने भगीरथ पर यौन उत्पीड़न, शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं. दूसरी तरफ खुद भगीरथ का दावा है कि वह किसी प्रेम संबंध में नहीं बल्कि एक सुनियोजित हनीट्रैप का शिकार हुए हैं. उनका आरोप है कि लड़की के परिवार ने शादी का दबाव बनाया और मना करने पर 5 करोड़ रुपए की मांग करते हुए फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी. इस पूरे मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ा दी है, क्योंकि मामला सीधे एक केंद्रीय मंत्री के परिवार से जुड़ा हुआ है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब हैदराबाद के पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन में लड़की की मां ने शिकायत दर्ज कराई. आरोप लगाया गया कि बंदी भगीरथ पिछले छह महीने से उनकी बेटी के संपर्क में थे. परिवार का कहना है कि भगीरथ ने दोस्ती के जरिए लड़की के करीब आने के बाद शादी का भरोसा दिया और फिर संबंध बनाए. शिकायत में यह भी कहा गया कि मोइनाबाद स्थित एक फार्महाउस में लड़की के साथ गलत व्यवहार किया गया. चूंकि लड़की की उम्र 17 साल बताई गई है, इसलिए पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. हालांकि अब तक पुलिस ने भगीरथ को पूछताछ के लिए तलब नहीं किया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लड़की का बयान दर्ज किया जाएगा और मेडिकल जांच भी कराई जा सकती है. क्या है पूरा विवाद और किसने लगाए आरोप? मामले ने नया मोड़ तब लिया जब शिकायत दर्ज होने से कुछ घंटे पहले ही बंदी भगीरथ ने करीमनगर पुलिस में अलग केस दर्ज कराया. उन्होंने आरोप लगाया कि लड़की और उसका परिवार लंबे समय से उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहा था. भगीरथ के मुताबिक उनकी मुलाकात लड़की से कुछ महीने पहले हुई थी और परिवार ने उन्हें कई धार्मिक यात्राओं और पारिवारिक कार्यक्रमों में बुलाया था. भगीरथ का कहना है कि बाद में लड़की के परिवार ने शादी के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया. जब उन्होंने इनकार किया तो उन्हें धमकी दी गई कि उन पर नाबालिग लड़की से संबंध और उत्पीड़न का केस दर्ज करा दिया जाएगा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार ने 5 करोड़ रुपए की मांग की थी. पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पॉक्सो एक्ट ने बढ़ाई मुश्किलें चूंकि लड़की नाबालिग बताई जा रही है इसलिए मामला बेहद संवेदनशील हो गया है. पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में जांच प्रक्रिया काफी सख्त होती है. पुलिस अब दोनों पक्षों के बयान, कॉल रिकॉर्ड, चैट और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच करेगी. अधिकारियों का कहना है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी. राजनीतिक रूप से भी यह मामला अहम माना जा रहा है. विपक्ष इसे भाजपा पर हमला बोलने का मुद्दा बना सकता है, जबकि भाजपा समर्थक इसे हनीट्रैप और राजनीतिक साजिश बताने में जुटे हैं. फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं और पुलिस जांच का इंतजार किया जा रहा है. बंदी भगीरथ पर क्या आरोप लगे हैं? 17 साल की लड़की के परिवार ने आरोप लगाया है कि बंदी भगीरथ ने शादी का झांसा देकर लड़की के साथ संबंध बनाए और उसका उत्पीड़न किया. शिकायत में मोइनाबाद के फार्महाउस में गलत व्यवहार करने का भी आरोप लगाया गया है. लड़की नाबालिग होने के कारण पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. भगीरथ ने खुद को हनीट्रैप का शिकार क्यों बताया? भगीरथ का दावा है कि लड़की और उसका परिवार उनसे शादी करवाना चाहता था. उन्होंने आरोप लगाया कि शादी से इनकार करने के बाद परिवार ने उन्हें फर्जी केस में फंसाने और 5 करोड़ रुपए की मांग करने की धमकी दी. इसी आधार पर उन्होंने करीमनगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस अब आगे क्या कार्रवाई करेगी? पुलिस दोनों मामलों की समानांतर जांच कर रही है. लड़की का बयान दर्ज किया जाएगा और मेडिकल जांच भी कराई जा सकती है. इसके अलावा मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच होगी. पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. About the Author Sumit KumarSenior Sub Editor सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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BJP यूं ही नहीं ‘पार्टी विद डिफरेंस’…कांग्रेस ने नरसिम्‍हा राव की लाश...

होमफोटोदेश कांग्रेस ने नरसिम्‍हा राव की लाश तक का किया था अपमान, इन PHOTOS से सीखें राहुल Last Updated:May 10, 2026, 07:18 IST पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की पहली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने भारतीय राजनीति में नेताओं के सम्मान और शिष्टाचार को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. कोलकाता के भव्य मंच पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसंघ के समय के दिग्गज और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सहयोगी रहे 98 वर्षीय माखनलाल सरकार को जिस गर्मजोशी से गले लगाया और झुककर उनका अभिवादन किया, वह महज एक तस्वीर नहीं थी. माखनलाल सरकार ने अपना पूरा जीवन पश्चिम बंगाल में पार्टी का आधार बढ़ाने और आम लोगों को जोड़ने में लगा दिया था. यहां तक कि वे डॉ. मुखर्जी के साथ जम्मू-कश्मीर आंदोलन के दौरान जेल भी गए थे. पीएम मोदी द्वारा एक वयोवृद्ध कार्यकर्ता को दिया गया यह सम्मान स्पष्ट करता है कि विचारधारा और संगठन के लिए अपना जीवन खपाने वालों को किस तरह सिर-आंखों पर बिठाया जाता है. आज पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जहां पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार ने सत्ता की बागडोर संभाली है. इस ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर पर हम सभी के लिए महान प्रखर राष्ट्रवादी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करना बेहद स्वाभाविक है. देश की अखंडता और विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय है. प्रदेश में बनी यह नई सरकार उनके विचारों और आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए उनके सपनों के बंगाल को धरातल पर उतारने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक क्षण तब आया, जब मेरी मुलाकात वयोवृद्ध और समर्पित देशभक्त श्री माखनलाल सरकार जी से हुई. सरकार का जीवन संघर्षों और राष्ट्रसेवा की एक जीवंत मिसाल है; उन्होंने न केवल डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया था, बल्कि जम्मू-कश्मीर आंदोलन के दौरान उनके साथी के तौर पर गिरफ्तारी भी दी थी. उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन पश्चिम बंगाल में पार्टी का जनाधार बढ़ाने और समाज के हर स्तर के लोगों को पार्टी की विचारधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित करने में खपा दिया. इसी तरह 2019 में पूर्व राष्ट्रपति और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न दिया गया. प्रणब मुखर्जी को कांग्रेस का संकटमोचक माना जाता था, लेकिन भाजपा सरकार ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजकर यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय योगदान दलगत राजनीति से ऊपर होता है. 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री और किसान नेता चौधरी चरण सिंह को भी मरणोपरांत भारत रत्न देकर भाजपा ने किसानों की राजनीति में उनके योगदान को मान्यता दी. Add News18 as Preferred Source on Google तस्वीरों में झलकते इस सम्मान को देखकर बरबस ही कांग्रेस के उस इतिहास की याद आ जाती है, जहां पार्टी के शीर्ष नेताओं और यहां तक कि पूर्व प्रधानमंत्रियों को जीते जी तो क्या, मरने के बाद भी जलालत झेलनी पड़ी थी. भारतीय जनता पार्टी को ‘पार्टी विद डिफरेंस’ (Party with a difference) यूं ही नहीं कहा जाता है; इसके पीछे वह राजनीतिक संस्कार है जो अपने से वैचारिक विरोध रखने वाले राष्ट्र निर्माताओं को भी सम्मान देता है. दूसरी तरफ, आज के कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी को कोलकाता की इन तस्वीरों से यह सीखना चाहिए कि संगठन के वरिष्ठ नेताओं का सम्मान कैसे किया जाता है. जब हम कांग्रेस के अतीत के पन्ने पलटते हैं, तो पी.वी. नरसिम्हा राव और सीताराम केसरी जैसे कद्दावर नेताओं के साथ हुए अपमान की एक दर्दनाक कहानी सामने आती है, जो लोकतंत्र और पार्टी अनुशासन के नाम पर एक बदनुमा दाग है. राव का यह अपमान यहीं नहीं रुका. दिल्ली, जो देश की राजधानी है और जहां पूर्व प्रधानमंत्रियों के भव्य स्मारक बने हुए हैं, वहां कांग्रेस नेतृत्व ने नरसिम्हा राव का अंतिम संस्कार तक नहीं होने दिया. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के दबाव में उनके परिवार को मजबूर किया गया कि वे पार्थिव शरीर को लेकर हैदराबाद जाएं. दिल्ली में उनके लिए एक छोटा सा स्मारक बनाने तक की जगह नहीं दी गई. एक पूर्व प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष की लाश के साथ किया गया यह राजनीतिक प्रतिशोध यह बताने के लिए काफी था कि कांग्रेस में ‘एक परिवार’ से इतर किसी भी नेता का कद बढ़ना कभी बर्दाश्त नहीं किया गया. रिपोर्ट्स और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब सीताराम केसरी ने इस तख्तापलट का विरोध करने की कोशिश की, तो उनके साथ शारीरिक बदसलूकी की गई. यहां तक कहा जाता है कि कुछ कांग्रेसी नेताओं ने उनकी धोती तक खींचने की कोशिश की और उन्हें कांग्रेस मुख्यालय के एक कमरे (जिसे कुछ लोग बाथरूम भी बताते हैं) में बंद कर दिया गया. यह सब इसलिए किया गया ताकि वे सोनिया गांधी के अध्यक्ष बनने की घोषणा के बीच कोई व्यवधान न डाल सकें. एक बुजुर्ग और पिछड़े वर्ग (ओबीसी) से आने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ यह व्यवहार शर्मनाक था. कांग्रेस ने अपने जिन रत्नों को भुला दिया या अपमानित किया, उन्हें सम्मान देने का काम भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली नरेंद्र मोदी सरकार ने किया. 2024 में भाजपा सरकार ने राजनीति से ऊपर उठकर आर्थिक सुधारों के जनक पी.वी. नरसिम्हा राव को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजा. यह उस अपमान का प्रायश्चित था जो कांग्रेस ने उन्हें दिया था. इसी तरह, आजीवन कांग्रेस के मुखर विरोधी रहे, लेकिन किसानों के मसीहा और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भी भारत रत्न देकर भाजपा ने यह संदेश दिया कि देश के निर्माण में योगदान देने वालों का मूल्यांकन दलगत राजनीति से ऊपर होना चाहिए. पी.वी. नरसिम्हा राव, वह नाम जिसने 1991 के ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों के जरिए भारत को दिवालिया होने से बचाया था, उनके साथ कांग्रेस आलाकमान का बर्ताव राजनीति के सबसे क्रूर अध्यायों में दर्ज है. 2004 में जब नरसिम्हा राव का निधन हुआ, तो उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय (24 अकबर रोड) ले जाया गया. लेकिन विडंबना देखिए, जिस व्यक्ति ने प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष

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