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aaj ka Kanya rashifal 31 may 2026 Virgo horoscope in hindi today...

Last Updated:May 31, 2026, 00:10 IST Aaj ka Kanya Rashifal 31 may 2026: सुबह के समय वाणी और व्यवहार पर संयम रखें, लेकिन दोपहर बाद किस्मत आपका साथ देती नजर आएगी.प्रॉपर्टी, व्यापार और निवेश के मामलों में शुभ अवसर मिल सकते हैं, वहीं छात्रों को भी अच्छी खबर मिलने के संकेत हैं. ख़बरें फटाफट देवघर: कन्या राशि वालों आज ग्रह नक्षत्रों की चाल का प्रभाव हर राशि के ऊपर अलग-अलग तरीके से देखने को मिलता है. पंचांग और ग्रहों की स्थिति के अनुसार कभी दिन बहुत शुभ रहता है तो कभी थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होती है. ऋषिकेश पंचांग के अनुसार आज दिन रविवार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि,ज्येष्ठा नक्षत्र और सिद्ध योग का संयोग बन रहा है. वहीं चंद्रमा का संचार वृश्चिक राशि में होने जा रहा है. जिसका असर कन्या राशि वालों के जीवन पर भी दिखाई देगा. आज राहु का समय शाम 05 बजकर 24 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 26 मिनट तक रहने वाला है. इस समय कोई शुभ काम ना करें. वही सुबह 04 बजकर 33 मिनट से लेकर 07 बजकर 58 मिनट तक अमृत काल रहने वाला है. वही देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल ने बताया कि आज का दिन कन्या राशि वालों के लिए सामान्य रहने वाला है, लेकिन दोपहर के बाद समय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा. सुबह से दोपहर तक थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है, जबकि शाम और रात का समय राहत और खुशी देने वाला रहेगा कार्यक्षेत्र में आज आलस्य बिल्कुल ना दिखाएं ज्योतिषाचार्य के अनुसार आज सुबह के समय कन्या राशि वालों को अपने व्यवहार और वाणी पर विशेष नियंत्रण रखने की जरूरत है. छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए किसी भी व्यक्ति से बेवजह बहस करने से बचें. कार्यक्षेत्र में भी आज आलस्य बिल्कुल ना दिखाएं, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही आपके काम को बिगाड़ सकती है. नौकरी करने वाले लोगों को अपने अधिकारियों के साथ संयमित व्यवहार रखना होगा. वहीं व्यापार से जुड़े लोगों को सुबह के समय किसी बड़े फैसले से बचना चाहिए. यदि आप व्यापार, जमीन, प्रॉपर्टी या शेयर मार्केट में धन निवेश करने की सोच रहे हैं तो दोपहर के बाद का समय आपके लिए ज्यादा शुभ माना जा रहा है. दोपहर बाद परिस्थितियां आपके पक्ष में होती नजर आएंगी और मन में चल रही चिंता भी धीरे-धीरे कम होगी. दोपहर के बाद छात्रों को मिल सकता है शुभ समाचारछात्रों के लिए भी आज का दिन अच्छा संकेत दे रहा है. विशेष रूप से दोपहर के बाद किसी परीक्षा या प्रतियोगिता से जुड़ी शुभ खबर मिल सकती है. जिन छात्रों को लंबे समय से किसी रिजल्ट का इंतजार था, उन्हें आज राहत मिलने की संभावना है. परिवार के वातावरण की बात करें तो घर में शांति और सौहार्द बना रहेगा. शाम के समय मन काफी शांत और प्रसन्न रहेगा. परिवार के लोगों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और घर में अच्छा भोजन या कोई विशेष व्यंजन भी बन सकता है, जिससे माहौल खुशनुमा रहेगा. दांपत्य जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी और पुराने तनाव कम हो सकते हैं. वाहन चलाते समय बरतें सावधानी हालांकि आज वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. ज्योतिष के अनुसार मार्केश का योग बना हुआ है, इसलिए जल्दबाजी या लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है. सड़क पर सतर्क रहें और यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें. स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन काफी अच्छा रहने वाला है. पुराने रोगों से राहत मिल सकती है और शरीर में ऊर्जा बनी रहेगी. मानसिक रूप से भी आज आप पहले से बेहतर महसूस करेंगे. आज का उपायआज सुबह स्नान करने के बाद भगवान सूर्य को जल अर्पण करे और भगवान सूर्य के बीज मंत्र का जाप करे.मन शांत हो जायेगा शारीरिक कष्ट दूर होगा. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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महिपालपुर में मोबाइल चार्जर गोदाम में भीषण आग, 14 दमकल गाड़ियां मौके...

दिल्ली के महिपालपुर इलाके में स्थित तीन मंजिला इमारत में शनिवार रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक इमारत में मोबाइल चार्जर का गोदाम चलाया जा रहा था. रात करीब 9:30 बजे आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की 14 गाड़ियां मौके पर भेजी गईं. फायर कर्मी आग पर काबू पाने और इमारत की तलाशी लेने में जुटे हैं. फिलहाल किसी के अंदर फंसे होने की सूचना नहीं है. मौके से सामने आए रेस्क्यू वीडियो ने इलाके में दहशत का माहौल है. Source link

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500 मीटर तक कार को घसीटता रहा बेकाबू ट्रक, अंदर फंसी थी...

होमताजा खबरदेश 500m तक कार को घसीटता रहा बेकाबू ट्रक, अंदर फंसी थी भतीजी और चाचा; Video वायरल Last Updated:May 30, 2026, 22:30 IST Viral Video of Accident: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा सामने आया है. यहां एक बेकाबू हाइवा ट्रक ने एक कार को जोरदार टक्कर मार दी. उसे सड़क पर करीब 500 मीटर तक घसीटता चला गया. कार में एक शख्स अपनी भतीजी के साथ अस्पताल से घर लौट रहा था. गनीमत रही कि इस खौफनाक हादसे में चाचा-भतीजी की जान किसी चमत्कार से बच गई. उन्हें केवल मामूली चोटें आई हैं. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हाइवे पर चाचा-भतीजी को टक्कर मारकर घसीटता रहा ट्रक वाला. रूह कंपाने वाला वीडियो सामने आया है. Report by- Ayushi Truck Accident Viral Video: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आधी रात को एक जानलेवा सड़क हादसे ने दहशत पैदा कर दी. मंचेश्वर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गंगुआ कैनाल ब्रिज (पलासूनि ब्रिज) पर एक तेज रफ्तार हाइवा ट्रक ने एक कार को पीछे से टक्कर मार दी और ब्रेक लगाने के बजाय कार को 500 मीटर तक घसीटता ले गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जानकारी के मुताबिक, सुब्रत नाम का एक व्यक्ति अपनी भतीजी को अस्पताल से लेकर कार से वापस घर लौट रहा था. रात करीब 12 बजे जैसे ही उनकी कार गंगुआ कैनाल ब्रिज पर पहुंची, पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित हाइवा ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर ट्रक में फंस गया. कार को 500 मीटर तक घसीटता रहा. दौड़ाता रहा बेकाबू ट्रक इसके बावजूद बेरहम ट्रक ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी और कार को रगड़ते हुए करीब आधा किलोमीटर (500 मीटर) तक ले गया. कार के अंदर बैठे चाचा-भतीजी मौत को सामने देखकर चीखते रहे, लेकिन किसी चमत्कार से उनकी जान बच गई और उन्हें मामूली चोटें आईं. ड्राइवर ने बताई चौंकाने वाली वजह घटना की सूचना मिलते ही मंचेश्वर थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी कार के अंदर से दोनों पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकाला. एक्सीडेंट के बाद ट्रक ड्राइवर गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने पीछा करते हुए उसे भुवनेश्वर के पहाला इलाके के पास से धर दबोचा. पकड़े गए आरोपी ट्रक ड्राइवर की पहचान जगमोहन भुकता के रूप में हुई है. पुलिस पूछताछ में ड्राइवर ने अपनी सफाई देते हुए एक चौंकाने वाला बयान दिया. उसने बताया कि टक्कर मारने के बाद वह इसलिए नहीं रुका क्योंकि उसे डर था कि अगर वह वहां गाड़ी रोकेगा, तो मौजूद लोग और गुस्साई भीड़ उस पर हमला कर देगी. फिलहाल, पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है. भुवनेश्वर में यह दिल दहला देने वाला सड़क हादसा कहां हुआ? यह खौफनाक हादसा भुवनेश्वर के मंचेश्वर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पलासूनि ब्रिज (गंगुआ कैनाल ब्रिज) पर आधी रात को हुआ. कार को कितनी दूर तक घसीटा गया और अंदर कौन-कौन मौजूद था? बेकाबू हाइवा ट्रक ने कार को करीब 500 मीटर तक सड़क पर घसीटा. कार के अंदर सुब्रत नाम का व्यक्ति और उसकी भतीजी मौजूद थे, जो बाल-बाल बच गए. ट्रक ड्राइवर ने एक्सीडेंट के बाद मौके से भागने का क्या कारण बताया? पूछताछ में ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि उसे डर था कि हादसे के बाद अगर वह रुका, तो गुस्साई भीड़ उस पर जानलेवा हमला कर सकती है, इसी डर से वह वहां से भाग गया. About the Author Deep Raj DeepakSub-Editor Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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'शासक हत्यारे बन गए, शर्म आनी चाहिए भाजपा', अभिषेक पर हमले के...

Abhishek Banerjee Attacked: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर भीड़ द्वारा हमला करने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि कैसे भीड़ ने उन्हें चारो तरफ से घेर लिया है, उनके साथ भारी धक्का-मुक्की की जा रही है और उन पर अंडे भी फेंके गए हैं. सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों के बीच उन्हें वहां से सुरक्षित निकालने की भारी जद्दोजहद देखी जा सकती है. अपने भतीजे और पार्टी के शीर्ष नेता पर हुए इस जानलेवा हमले के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बेहद भावुक और गुस्से में आ गईं. उन्होंने इस घटना के लिए सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जिम्मेदार ठहराते हुए एक कड़ा मैसेज जारी किया है. ममता ने हमला बोलते हुए कहा, ‘शासक अब हत्यारे बन गए हैं, भाजपा को शर्म आनी चाहिए.’ इस हमले के बाद से राज्य का सियासी पारा पूरी तरह से गरमा गया है. Source link

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Mamata Banerjee Angry | akhilesh yadav on abhishek banerjee | अभिषेक बनर्जी...

Last Updated:May 30, 2026, 20:28 IST Mamata Banerjee Angry Abhishek Banerjee Attack : पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राज्य की सियासत में ‘सुख के सब साथी, दुख में न कोई’ वाली कहावत चरितार्थ होती दिख रही है. ममता बनर्जी और कुणाल घोष जैसे गिने-चुने चेहरों को छोड़ टीएमसी के बाकी कद्दावर नेताओं ने इस संवेदनशील मुद्दे से पल्ला झाड़ लिया है. हालांकि, कांग्रेस और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इस हमले को राजनीतिक साजिश बताते हुए अभिषेक का खुला समर्थन किया है. कोलकाता: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए जानलेवा हमले के बाद सूबे की सियासत का तापमान अपने चरम पर पहुंच चुका है. लेकिन इस भीषण राजनीतिक संकट के बीच टीएमसी के भीतर एक बेहद चौंकाने वाला और अजीब संयोग देखने को मिल रहा है. कल तक जो नेता अभिषेक बनर्जी की एक झलक पाने और उनके सुर में सुर मिलाने के लिए कतारों में खड़े रहते थे, वह बयान देने से भी बच रहे हैं. आज उनके संकट के समय ‘सुख के सब साथी, दुख में न कोई’ वाली कहावत पूरी तरह चरितार्थ होती दिख रही है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार के प्रशासनिक और पुलिसिया हंटर के डर से टीएमसी शासनकाल के अधिकांश शीर्ष मंत्रियों और कद्दावर नेताओं ने इस पूरे मामले से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया है और एक रहस्यमयी चुप्पी साध ली है. इस कठिन दौर में केवल पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी, प्रवक्ता कुणाल घोष और गिने-चुने नेता ही अभिषेक के बचाव में खड़े नजर आए, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस हमले को एक गहरी राजनीतिक साजिश करार देते हुए अभिषेक बनर्जी को अपना मजबूत राजनीतिक साथ दिया है. ममता पहुंचीं अस्पताल तो कुणाल घोष ने बताया साजिश सोनारपुर में भीड़ के हमले, कपड़े फटने और अंडे फेंके जाने की हिंसक घटना के बाद घायल अभिषेक बनर्जी को कोलकाता के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. अपने भतीजे और पार्टी के भविष्य पर हुए इस हमले की खबर मिलते ही टीएमसी चेयरपर्सन ममता बनर्जी तुरंत अपोलो अस्पताल पहुंचीं और डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. ममता बनर्जी ने इस हमले के पीछे सीधे तौर पर भाजपा और सुवेंदु सरकार के संरक्षण का आरोप लगाया है. #WATCH | Kolkata, West Bengal: TMC Chairperson Mamata Banerjee arrives at Apollo hospital, where her nephew and party MP Abhishek Banerjee is currently undergoing treatment after he was attacked in Sonarpur today Source link

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सिद्धारमैया ने बढ़ाया नाम, विधायकों ने लगाई मुहर… कर्नाटक में DK युग...

होमताजा खबरदेश सिद्धारमैया ने बढ़ाया नाम, विधायकों ने लगाई मुहर… कर्नाटक में DK युग का आगाज Last Updated:May 30, 2026, 19:15 IST कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुन लिया गया. उनके नाम का प्रस्ताव मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने रखा, जिसका समर्थन वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी. परमेश्वर ने किया. सीएलपी की बैठक में शिवकुमार के नाम पर मुहर लगने के साथ ही उनके कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है. शिवकुमार 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. ख़बरें फटाफट डीके शिवकुमार तीन जून को कर्नाटक के सीएम पद की शपथ लेंगे. (फाइल फोटो) बेंगलुरु. कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार को शनिवार को पार्टी विधायक दल का नेता चुन लिया गया, जिससे उनके राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया. यह जानकारी पार्टी सूत्रों ने दी. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को विधान सौध में हुई बैठक के दौरान विधायक दल के नये नेता के रूप में शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा. यह बैठक कांग्रेस महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल और पार्टी के कर्नाटक मामलों के प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला की मौजूदगी में हुई. सूत्रों ने बताया कि हालांकि, नये नेता के चयन के लिए विधायक दल की बैठक के दौरान कुछ समय के लिए विराम लिया गया और सिद्धारमैया, वेणुगोपाल और सुरजेवाला सहित शीर्ष नेता विचार-विमर्श के लिए अलग कमरे में चले गए. कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा, “कांग्रेस हाई कमांड ने डीके शिवकुमार का नाम कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में सुझाया. सिद्धारमैया ने डीके शिवकुमार को विधायक दल के नए नेता के रूप में प्रस्तावित किया और डॉ जी परमेश्वर ने इसका समर्थन किया. इसके बाद विधायक दल ने सर्वसम्मति से सिद्धारमैया द्वारा प्रस्तावित नाम को स्वीकार कर लिया. मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि विधायक दल ने सर्वसम्मति से डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना है.” बैठक के दौरान कांग्रेस विधायक दल ने सिद्धारमैया के प्रति विशेष आभार भी व्यक्त किया. पार्टी ने कहा कि कर्नाटक की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के रूप में वर्ष 2013 से 2018 और 2023 से 2026 तक उनके कार्यकाल को हमेशा गर्व और सम्मान के साथ याद रखेंगे, साथ ही विपक्ष के नेता के रूप में उनकी सेवाओं को भी सराहा जाएगा. कांग्रेस विधायक दल ने अपने प्रस्ताव में कहा कि सामाजिक न्याय के प्रति सिद्धारमैया की प्रतिबद्धता, उनका प्रशासनिक नेतृत्व, कांग्रेस की विचारधारा के प्रति समर्पण और पार्टी नेतृत्व में उनकी अटूट आस्था प्रत्येक कांग्रेस कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा का स्रोत है. शिवकुमार का नये मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह तीन जून को यहां लोक भवन के ग्लास हाउस में होगा. सिद्धारमैया सरकार में शिवकुमार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया. सिद्धारमैया ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने अगले दिन उनका इस्तीफा स्वीकार करके मंत्रिपरिषद भंग कर दी. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bangalore,Karnataka Source link

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OPINION: कंटेंट क्रिएटर्स की वो चमकती दुनिया, जिसे हर कोई चाहता है…...

होमताजा खबरदेश OPINION: कंटेंट क्रिएटर्स की वो चमकती दुनिया, जिसे हर कोई चाहता है… Last Updated:May 30, 2026, 18:00 IST Content Creators: भारत का क्रिएटर इकोनॉमी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रहा है. लाखों युवा कंटेंट क्रिएटर बनने का सपना देख रहे हैं. लेकिन सच्चाई थोड़ी अलग है. AI बैन, टैक्स का दबाव और कम कमाई ने इस इंडस्ट्री को हिला दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक 2.5 मिलियन क्रिएटर्स में से बहुत कम लोग ही अच्छी इनकम कमा पा रहे हैं. कई लोगों के अकाउंट बिना चेतावनी बंद हो रहे हैं. वहीं ब्रांड डील्स भी सभी को नहीं मिल रही. धीरे-धीरे यह सपना अब आसान नहीं लग रहा है. फोटो- कंटेट क्रियेटर AI इमेज पहले जब बच्चों से पूछा जाता था कि बड़े होकर क्या बनना है, तो जवाब होता था डॉक्टर, इंजीनियर या टीचर. ये एक तय और सुरक्षित रास्ता माना जाता था. लेकिन आज हालात बदल चुके हैं. अब यही सवाल पूछो, तो जवाब मिलता है ‘यूट्यूबर बनना है… कंटेंट क्रिएटर बनना है.’ हर दूसरा बच्चा आज कैमरे के सामने अपनी दुनिया बना रहा है. हर कोई वायरल होने का सपना देख रहा है. लेकिन असली सवाल यही हैक्या यह सपना उतना आसान है जितना दिखता है? या इसके पीछे एक ऐसी सच्चाई छिपी है, जो कोई खुलकर नहीं बताता? क्रिएटर्स की भीड़, कमाई की कमी आज देश में करीब 2.5 मिलियन कंटेंट क्रिएटर्स हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि इनमें से 10% से भी कम लोग ही स्थिर या अच्छी कमाई कर पा रहे हैं. बाकी लोग लगातार वीडियो बना रहे हैं, ऑडियंस भी बढ़ा रहे हैं, लेकिन कमाई अभी भी कमजोर है. रिपोर्ट क्या कहती है? यूट्यूब चैनल @MobileAppDaily के अनुसार, भारत की क्रिएटर इकोनॉमी तेजी से बढ़ जरूर रही है, लेकिन इसके पीछे एक कड़वी सच्चाई भी छिपी है कि ज्यादातर क्रिएटर्स स्थिर इनकम नहीं कमा पा रहे हैं और सिर्फ एक छोटे हिस्से को ही इसका असली फायदा मिल रहा है. ये हैं 4 बड़े कारण जो भारत की क्रिएटर इकोनॉमी को हिला रहे सबसे बड़ा बदलाव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की पॉलिसी में देखने को मिल रहा है. Meta और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म्स ने AI मॉडरेशन को काफी सख्त कर दिया है. इसके चलते कई क्रिएटर्स के अकाउंट बिना किसी चेतावनी के बंद हो रहे हैं. और कई बार वजह भी साफ नहीं बताई जाती.क्रिएटर्स का कहना है कि सालों की मेहनत, फॉलोअर्स और कंटेंट एक झटके में खत्म हो जाता है और अपील सिस्टम भी इतना आसान नहीं है, कई बार जवाब तक नहीं मिलता. दूसरी बड़ी चुनौती टैक्स सिस्टम है. सरकार ने क्रिएटर्स को प्रोफेशनल पहचान तो दी है. लेकिन GST, TDS और अन्य टैक्स नियमों ने कमाई पर दबाव बढ़ा दिया है. 20 लाख से ज्यादा इनकम पर GST लगता है. ब्रांड डील्स पर TDS कटता है और गिफ्टेड प्रोडक्ट्स भी टैक्स के दायरे में आ गए हैं. इस वजह से नेट इनकम काफी कम हो जाती है. ब्रांड डील्स को लेकर भी स्थिति आसान नहीं है. बड़े क्रिएटर्स को तो अच्छे ऑफर मिल जाते हैं. लेकिन छोटे और मिड-लेवल क्रिएटर्स को अक्सर ब्रांड्स से जवाब ही नहीं मिलता.असल में यह इंडस्ट्री बहुत अनस्ट्रक्चर्ड है. कुछ लोग करोड़ों कमा रहे हैं. लेकिन बहुत बड़ी संख्या में लोग बहुत कम कमाई कर रहे हैं या पार्ट-टाइम जॉब कर रहे हैं.कई क्रिएटर्स तो दिन में कॉरपोरेट जॉब करते हैं और रात में कंटेंट बनाते हैं. सबसे बड़ी कमी यहां सेफ्टी नेट की है. न पेंशन है, न इंश्योरेंस, न कोई वेलफेयर सिस्टम. अगर कोई कुछ समय काम न करे, तो उसकी इनकम तुरंत रुक जाती है.सोशल तौर पर भी यह करियर अभी पूरी तरह स्वीकार नहीं किया गया है.कई परिवार आज भी इसे स्थिर करियर नहीं मानते. टॉप 1% की अलग दुनिया हालांकि दूसरी तरफ टॉप 1% क्रिएटर्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. वे ब्रांड्स, OTT और बड़े बिजनेस तक पहुंच बना रहे हैं. लेकिन असली दबाव मिड और लो-टियर क्रिएटर्स पर है. जो इस पूरे सिस्टम को चलाते हैं. कुल मिलाकर तस्वीर मिली-जुली है. कहीं बड़ा मौका है, तो कहीं बड़ा रिस्क भी. और यही सबसे बड़ा सवाल है क्या भारत की क्रिएटर इकोनॉमी आगे और मजबूत होगी, या धीरे-धीरे कमजोर पड़ती जाएगी? About the Author Harshita Patel Harshita Patel is working with News18 Hindi (hindi.news18.com) Central Desk since 2025. She has a good understanding of national, international, and local news, along with current affairs, gold rates, and resea…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi Cantonment,New Delhi,Delhi Source link

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Abhishek Banerjee attack | cm suvendu adhikari | tmc vs bjp in...

Last Updated:May 30, 2026, 17:29 IST Abhishek Banerjee Attack : पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. उग्र भीड़ ने न केवल अभिषेक बनर्जी पर हमला किया और अंडे फेंके, बल्कि उनके कपड़े भी फट गए. हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि सुरक्षा के लिए उन्हें हेलमेट पहनना पड़ा. ख़बरें फटाफट ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हमला. कोलकाता. पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शीर्ष नेतृत्व की मुश्किलें और राजनीतिक जमीन खिसकने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. एक समय जिस राज्य में ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के ‘शांतनिकेतन’ आवास की फोटो खींचना भी कानूनन जुर्म माना जाता था, आज उसी बंगाल की धरती पर उनके साथ एक अभूतपूर्व और चौंकाने वाली घटना घटी है. दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा (Post-Poll Violence) के पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे सांसद अभिषेक बनर्जी को स्थानीय निवासियों और उग्र भीड़ के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा. देखते ही देखते हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि स्थानीय लोगों ने टीएमसी सांसद पर हमला कर दिया, जिसके बाद वहां भारी भगदड़ मच गई. प्रत्यक्षदर्शियों और ग्राउंड से मिल रही रिपोर्टों के मुताबिक, जैसे ही अभिषेक बनर्जी का काफिला सोनारपुर के प्रभावित इलाके में पहुंचा, वहां पहले से ही आक्रोशित बैठे स्थानीय लोगों और महिलाओं ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया. भीड़ ने टीएमसी नेतृत्व के खिलाफ और पिछले शासनकाल के दौरान हुए कथित घोटालों को लेकर ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने शुरू कर दिए. अंडे फेंके, फटे कपड़े और गूंजे ‘चोर-चोर’ के नारे विरोध प्रदर्शन ने देखते ही देखते उग्र रूप अख्तियार कर लिया. भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अभिषेक बनर्जी को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ अंडे फेंकने शुरू कर दिए. सुरक्षा घेरा तोड़कर कुछ प्रदर्शनकारी उनके बिल्कुल करीब पहुंच गए, जिससे हुई धक्का-मुक्की में टीएमसी सांसद के कपड़े तक फट गए. स्थानीय लोगों का आरोप था कि जब वे सालों तक हिंसा और सिंडिकेट राज से पीड़ित थे, तब कोई सुध लेने नहीं आया और अब राजनीतिक जमीन खिसकने के बाद यहां केवल राजनीति चमकाने के लिए आया जा रहा है. #WATCH | Sonarpur, West Bengal: TMC MP Abhishek Banerjee was beaten up by locals during his visit to Sonarpur to meet the post-poll victims’ families pic.twitter.com/zkXxLJydqe Source link

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कराची का मुन्ना, पाकिस्तानी ग्रेनेड और मुंबई से दिल्ली तक रेकी… ISI...

होमताजा खबरदेश पाकिस्तानी ग्रेनेड, मुंबई से दिल्ली तक रेकी… ISI टेरर केस में 5 बड़े खुलासे Last Updated:May 30, 2026, 16:27 IST ISI terror module busted: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. स्पेशल सीपी अनिल शुक्ला और एडिशनल सीपी प्रमोद कुशवाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़ा यह नेटवर्क दिल्ली और मुंबई में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था. आतंकियों ने मुंबई के दादर ब्रिज पार्क समेत दिल्ली के कई अहम ठिकानों की रेकी कर ली थी. आरोपियों के पास से पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बने 4 हैंड ग्रेनेड मिले हैं, जिन्हें एनएसजी ने नष्ट किया. इस ऑपरेशन को कराची में बैठा मुन्ना झिंगाड़ा ऑपरेट कर रहा था. गिरफ्तार आरोपी. Terror Module Busted: दिल्ली पुलिस ने एक बहुत बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है. स्पेशल सीपी (स्पेशल सेल) अनिल शुक्ला और एडिशनल सीपी प्रमोद कुशवाह ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसके बारे में खुलासा किया है. अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम देश को दहलाने की साजिश रच रहा था. आतंकी मॉड्यूल के नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. आतंकियों के निशाने पर मुंबई और दिल्ली थे. प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि आतंकियों ने दिल्ली और मुंबई के कई अहम और संवेदनशील ठिकानों की बाकायदा रेकी कर ली थी. मुंबई में दादर ब्रिज पार्क जैसी व्यस्त जगहों पर रेकी की गई थी. इनका मुख्य मकसद दिल्ली-मुंबई में बड़े धमाके करना और देश की पुलिस फोर्स के जवानों को सीधे तौर पर अपना निशाना बनाना था. दाऊद का गुर्गा मुन्ना झिंगाड़ा था मास्टरमाइंड इस खौफनाक आतंकी साजिश का पूरा खाका पाकिस्तान से तैयार किया जा रहा था. इस ऑपरेशन का हेड अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन पर जानलेवा हमला करने वाला कुख्यात शूटर मुन्ना झिंगाड़ा था. वह कराची में बैठकर आईएसआई (ISI) के इशारे पर इस पूरे नेटवर्क को कंट्रोल कर रहा था. दिल्ली और मुंबई के अहम ठिकानों की हुई थी रेकी पूछताछ में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि आतंकियों ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को दहलाने का पूरा प्लान बना लिया था. इसके लिए उन्होंने बाकायदा मुंबई के दादर ब्रिज पार्क समेत दिल्ली के कई अहम और भीड़भाड़ वाले ठिकानों की रेकी (Recce) भी कर ली थी. पाकिस्तानी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (POF) के 4 ग्रेनेड बरामद आतंकियों के पास से भारी मात्रा में विदेशी हथियार और विस्फोटक बरामद हुए हैं. सबसे बड़ा खुलासा यह है कि इनके पास से 4 ऐसे हैंड ग्रेनेड मिले हैं, जिन पर ‘पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री’ की मुहर है. इससे पाकिस्तान की सीधी संलिप्तता साबित होती है. इन ग्रेनेड्स को NSG ने महरौली इलाके में ले जाकर नष्ट किया. पुलिस फोर्स के जवानों पर था सीधा टारगेट आम जनता और अहम ठिकानों के अलावा, इन आतंकियों का एक बड़ा और खतरनाक मकसद देश की पुलिस फोर्स पर हमला करना था. स्पेशल सेल की जांच में साफ हुआ है कि ये आतंकी जानबूझकर पुलिस और सुरक्षाबलों के जवानों को निशाना बनाने की फिराक में थे. ISI, अंडरवर्ल्ड और नेपाली नेटवर्क का गठजोड़ जांच में सामने आया है कि यह कोई आम आतंकी मॉड्यूल नहीं था, बल्कि इसमें तीन अलग-अलग सिंडिकेट एक साथ काम कर रहे थे. इसमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) रणनीतिक मास्टरमाइंड थी, दाऊद इब्राहिम का अंडरवर्ल्ड नेटवर्क इसे जमीन पर उतार रहा था, और लॉजिस्टिक सपोर्ट व घुसपैठ के लिए एक ‘नेपाली नेटवर्क’ का इस्तेमाल किया जा रहा था. About the Author Deep Raj DeepakSub-Editor Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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‘हिम्मत है तो गिरफ्तार करो…’ अभिषेक बनर्जी के घर अचानक पहुंची CID,...

Abhishek Banerjee News: पश्चिम बंगाल में जांच एजेंसियों और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में रस्साकशी लगातार जारी है. शनिवार को सीआईडी की एक टीम ने टीएमसी नेता और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के दरवाजे पर कानूनी नोटिस लेकर पहुंची. विधानसभा फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच के सिलसिले में उनको कानूनी नोटिस थमाया गया है. हालांकि, इस नोटिस को देने की प्रक्रिया के दौरान कोलकाता में जमकर सियासी और पुलिसिया ड्रामा देखने को मिला. सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार दोपहर विधानसभा फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच के सिलसिले में सीआईडी और हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन की एक संयुक्त टीम अभिषेक बनर्जी को कानूनी नोटिस देने के लिए 188 ए, हरीश मुखर्जी रोड स्थित उनके आवास शांतिनिकेतन पहुंची थी. अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य टीएमसी नेता को यह लीगल नोटिस सौंपना था. हालांकि, उस वक्त अभिषेक बनर्जी हरीश मुखर्जी रोड वाले इस घर पर मौजूद नहीं थे, जिसके कारण टीम को इंतजार करना पड़ा. कालीघाट पहुंची सीआईडी इस घटनाक्रम के कुछ ही देर बाद अभिषेक बनर्जी अपने कालीघाट रोड स्थित आवास पर मीडिया के सामने आए. उन्होंने सीआईडी की कार्रवाई पर तंज कसते हुए स्पष्ट किया, ‘मैं उस घर (शांतिनिकेतन) में नहीं रहता हूं. अगर किसी को मुझसे मिलना है या कोई नोटिस देना है, तो उन्हें मेरे इसी घर (कालीघाट) पर आना होगा.’ अभिषेक बनर्जी के इस बयान के चंद मिनटों के भीतर ही, शांतिनिकेतन के बाहर खड़ी सीआईडी के अधिकारियों की टीम हरकत में आई. वहां से निकलकर सीधे कालीघाट रोड स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास के सामने पहुंच गई. सीआईडी के अधिकारी अभिषेक बनर्जी के नीचे आने का इंतजार करने लगे. जब अभिषेक बनर्जी नीचे आए, तो सीआईडी के अधिकारियों ने सीधे उनके हाथों में कानूनी नोटिस सौंप दिया. मैं 7 साल से वहां नहीं रहता नोटिस लेने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अभिषेक बनर्जी ने जांच अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, ‘जो अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं, उन्हें यह तक नहीं पता कि मैं पिछले सात सालों से उस घर में नहीं रहता हूं. हो सकता है कि उनके पास गलत जानकारी हो. मैं भी समझता हूं कि उन्हें अपनी नौकरी करनी है. मैंने अभी तक नोटिस नहीं पढ़ा है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘नोटिस पढ़ने के बाद मैं अपने वकील से इस पर चर्चा करूंगा. इसके बाद, अगर मुझे लगेगा और अगर मुझे पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा, तो मैं निश्चित रूप से जाऊंगा. मैं जरूरी कानूनी कदम भी उठाऊंगा, यह मेरा अधिकार है.’ हिम्मत है तो गिरफ्तार करें केंद्र और राज्य की एजेंसियों पर भड़कते हुए टीएमसी सांसद ने खुली चुनौती दे डाली. अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘अब तक केवल ईडी और सीबीआई पीछे पड़ी थीं, लेकिन अब इसमें पुलिस और नगर पालिका भी जुड़ गए हैं. लेकिन हम उस मिट्टी के नहीं बने हैं जो डर जाएं. अगर उनमें हिम्मत है और क्षमता है, तो वे मुझे गिरफ्तार करके ले जाएं. मैं कहीं भाग नहीं रहा हूं.’ सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को किस मामले में कानूनी नोटिस थमाया है? सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को पश्चिम बंगाल ‘विधानसभा फर्जी हस्ताक्षर मामले’ की चल रही जांच के सिलसिले में कानूनी नोटिस थमाया है. सीआईडी की टीम नोटिस देने के लिए सबसे पहले अभिषेक बनर्जी के किस आवास पर पहुंची थी? सीआईडी की टीम सबसे पहले अभिषेक बनर्जी को नोटिस देने के लिए 188 ए, हरीश मुखर्जी रोड स्थित उनके शांतिनिकेतन वाले आवास पर पहुंची थी, जहां वे नहीं मिले. अभिषेक बनर्जी को अंततः सीआईडी द्वारा कानूनी नोटिस कहां सौंपा गया? शांतिनिकेतन में न मिलने पर, सीआईडी की टीम ने अभिषेक बनर्जी को उनके कालीघाट रोड स्थित आवास पर पहुंचकर सीधे उनके हाथों में नोटिस सौंपा. नोटिस मिलने के बाद जांच एजेंसियों को लेकर अभिषेक बनर्जी ने क्या तीखी प्रतिक्रिया दी? अभिषेक बनर्जी ने तंज कसते हुए कहा कि अधिकारियों को यही नहीं पता कि वह 7 साल से पुराने घर में नहीं रहते. साथ ही उन्होंने चुनौती दी कि अगर एजेंसियों में हिम्मत है तो वे उन्हें गिरफ्तार करें, वह कहीं भागने वाले नहीं हैं. Source link

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