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पैसेंजर लाउंज में घुसा ऐसा ‘मेहमान’, दहशत में आ गए पैसेंजर्स –...

होमवीडियोदेश हैदराबाद एयरपोर्ट: पैसेंजर लाउंज में घुसा ऐसा ‘मेहमान’, दहशत में आ गए पैसेंजर्स X हैदराबाद एयरपोर्ट: पैसेंजर लाउंज में घुसा ऐसा ‘मेहमान’, दहशत में आ गए पैसेंजर्स   राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पैसेंजर लाउंज में एक आवारा कुत्ते के घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. यात्रियों ने चिंता जताई है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद कुत्ता एयरपोर्ट के अंदर तक कैसे पहुंच गया. घटना के बाद एयरपोर्ट संचालक जीएमआर हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने मामले की पुष्टि की है. कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि एयरपोर्ट परिसर में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर काम किया जा रहा है. कॉर्पोरेशन की टीमें नियमित रूप से एयरपोर्ट परिसर में अभियान चला रही हैं. जनवरी 2026 से अब तक 21 आवारा कुत्तों को परिसर से हटाया जा चुका है. एयरपोर्ट ऑपरेटर ने यह भी बताया कि एयरपोर्ट पर कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और सख्त किया गया है. सभी सर्विस प्रोवाइडर्स को ढके हुए डस्टबिन में ही कचरा फेंकने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही ग्राउंड स्टाफ को भी सतर्क रहने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. बावजूद इसके, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद लोग एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं. कई यूजर्स का कहना है कि अगर एक आवारा कुत्ता पैसेंजर लाउंज तक पहुंच सकता है, तो यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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कार्बाइड वाले आम भूल जाएंगे! पेड़ पर पका ये आम स्वाद और...

Last Updated:May 26, 2026, 22:36 IST गर्मी आते ही बाजार आमों से भर जाते हैं, लेकिन असली स्वाद और सेहत छिपी होती है पेड़ पर प्राकृतिक रूप से पके देसी बीजू आम में. दरभंगा के विशेषज्ञ डॉ. एस.के. सिंह बताते हैं कि गुठली से उगने वाले ये आम बिना रसायनों के पकते हैं, इसलिए ज्यादा पौष्टिक और सुरक्षित माने जाते हैं. इनमें विटामिन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते हैं. इसकी मीठी खुशबू और रस भरा स्वाद इसे खास बनाता है. दरभंगा : गर्मी की दस्तक के साथ ही आम की मिठास फिज़ाओं में घुल जाती है, लेकिन सबसे खास होते हैं पेड़ पर प्राकृतिक रूप से पूरी तरह पके देसी बीजू आम. ये स्वाद में बेमिसाल तो हैं ही, सेहत के लिए भी किसी औषधि से कम नहीं. इस विषय पर प्रोफेसर (डॉ.) एस.के. सिंह, विभागाध्यक्ष, पोस्ट ग्रेजुएट डिपार्टमेंट ऑफ प्लांट पैथोलॉजी बताते हैं कि आज बाजार में रसायनों से पकाए आम भरे पड़े हैं. ऐसे में पेड़ पर पका बीजू आम शुद्ध पोषण का सबसे सुरक्षित स्रोत है. बीजू आम क्या है?बीजू आम कलमी नहीं, बल्कि गुठली से उगे पेड़ पर लगता है. इसकी जड़ें गहरी, स्वाद हर पेड़ का अलग और रासायनिक हस्तक्षेप न के बराबर होता है. गाँव में इसे “देसी आम” कहते हैं. यह स्थानीय जैव विविधता को भी बढ़ाता है. पहचान कैसे करें?डॉ. सिंह के अनुसार पेड़ पर पके बीजू आम का रंग प्राकृतिक पीला-सुनहरा होता है. उसमें दूर तक फैलने वाली मीठी सुगंध होती है. डंठल के पास कालापन नहीं होता. फल हल्का नरम, रसभरा होता है और अक्सर पककर खुद गिर जाता है. पोषण का खजानापेड़ पर पके बीजू आम में विटामिन A, C, E, प्राकृतिक शर्करा, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, पोटैशियम और मैग्नीशियम भरपूर मिलते हैं. यह संपूर्ण स्वास्थ्यवर्धक फल है. 7 बड़े फायदे1. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए: विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट मौसमी बीमारियों से बचाते हैं.2. पाचन दुरुस्त रखे: फाइबर कब्ज दूर करता है, आंतें साफ रखता है.3. आँखों के लिए वरदान: बीटा-कैरोटीन रतौंधी से बचाव कर रोशनी बढ़ाता है.4. त्वचा में निखार: एंटीऑक्सीडेंट कोशिकाओं को बचाकर त्वचा को युवा रखते हैं.5. तुरंत ऊर्जा दे: प्राकृतिक शर्करा गर्मी की थकान मिटाती है.6. हृदय को रखे स्वस्थ: पोटैशियम ब्लड प्रेशर नियंत्रित कर हृदय का दबाव कम करता है.7. तनाव घटाए: सूक्ष्म पोषक तत्व मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं. वैज्ञानिक तथ्य डॉ. सिंह कहते हैं कि पेड़ पर पूरी तरह पके फलों में एंजाइम गतिविधि और एंटीऑक्सीडेंट स्तर अधिक होता है. शरीर पोषक तत्व बेहतर तरीके से अवशोषित करता है. वहीं कार्बाइड से पके आम में रसायन अवशेष रह सकते हैं. सावधानी जरूरीमधुमेह रोगी सीमित मात्रा में खाएँ. ज्यादा आम न खाएँ. हमेशा साफ, पका फल ही लें. कटे आम को खुला न छोड़ें. About the Author Amit Singh 7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Darbhanga,Darbhanga,Bihar Source link

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Karnataka Power Tussle LIVE: सिद्धारमैया CM पद छोड़ेंगे! आलाकमान ने दे दिया...

Karnataka Power Tussle Live Updates: कर्नाटक की राजनीति में बड़े भूचाल के संकेत मिल रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया आने वाले शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं. कांग्रेस हाईकमांड उन्हें केंद्र में बड़ी भूमिका देकर उनकी जगह डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को नया मुख्यमंत्री बना सकती है. सत्ता संतुलन बनाए रखने के लिए बिहार फॉर्मूले के तहत सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को नया डिप्टी सीएम नियुक्त किया जा सकता है. Source link

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बेंगलुरु एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला! टेकऑफ से पहले IndiGo फ्लाइट के...

होमताजा खबरदेश बेंगलुरु एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला! टेकऑफ से पहले IndiGo फ्लाइट के केबिन में भरा धुआं, इमरजेंसी निकासी से बची सभी यात्रियों की जान Last Updated:May 26, 2026, 20:47 IST बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चेन्नई जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E 6017 के केबिन में टेकऑफ से पहले अचानक धुआं दिखाई देने लगा. स्थिति को गंभीर मानते हुए क्रू मेंबर्स ने तुरंत इमरजेंसी प्रक्रिया लागू की और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री या चालक दल के सदस्य को कोई चोट नहीं आई. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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Baegal News | Sharab ko lekar faisala | अब 1KM के दायरे...

Last Updated:May 26, 2026, 19:48 IST पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में शराब दुकानों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब स्कूलों, कॉलेजों और मंदिरों के एक किलोमीटर के दायरे में नई शराब दुकानों को अनुमति नहीं दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने यह घोषणा कल्याणी में आयोजित प्रशासनिक समीक्षा बैठक के दौरान की है. कल्याणी में प्रशासनिक बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्‍यमंत्री सुवेंदु सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. CM Suvendu Government New Decision: पश्चिम बंगाल के मुख्‍यमंत्री सुवेंदु अधिकारी एक के बाद एक ऐसे फैसले लिए जा रहे है, जिससे जनता का हर दिन ‘दीवाली’ की तरह बीत रहा है. आज पश्मिच बंगाल की सुवेंदु सरकार ने एक बार फिर ऐसा फैसला लिया है, जिसकी वजह से सूबे के स्‍कूल-कॉलेजों और मंदिर में ‘खुशियों’ की दीवाली मनाई जा रही है. जी हां, बंगाल की नई नवेली बीजेपी सरकार ने फैसला लिया है कि अब स्‍कूल-कालेजों और मंदिरों से एक किलोमीटर के दायरे में शराब की कोई भी शराब की दुकान नहीं होगी. मुख्यमंत्री सुवेंदु सरकार ने ऐलान किया है कि अब स्कूलों, कॉलेजों और मंदिरों से एक किलोमीटर के दायरे में किसी भी नई शराब दुकान को अनुमति नहीं दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने यह घोषणा नदिया जिले के कल्याणी में आयोजित एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक के दौरान की है. बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सार्वजनिक व्यवस्था और सामाजिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए कई नए कदम उठा रही है. इसी दिशा में शराब दुकानों की लोकेशन को लेकर सख्त नियम लागू किए जाएंगे. सरकार का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक स्थलों के आसपास शराब की दुकानों की मौजूदगी से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती है. ऐसे में नई नीति के जरिए संवेदनशील इलाकों में शराब बिक्री को नियंत्रित करने की कोशिश की जाएगी. मुख्यमंत्री ने इस दौरान कई अन्य लोककल्याणकारी योजनाओं का भी ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके अलावा, मुख्‍यमंत्री ने सूबे में सब्सिडी वाले कैंटीन खोलने की बात भी कही है. इन कैंटीन में 5 रुपये में मछली-भात उपलब्ध कराने की योजना भी शुरू करने की बात कही है. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kolkata,West Bengal Source link

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इस निवेश गुरु की दुनिया दीवानी! एक सेशन की फीस 24 लाख...

Last Updated:May 26, 2026, 18:46 IST AI Guru Fee : एआई का स्‍वरूप धीरे-धीरे विराट होता जा रहा है. अब यह इनवेस्‍टमेंट कंपनियों और बैंकों को भी अपनी सर्विस देने लगा है. आलम ये है कि एक सेशन की ट्रेनिंग के लिए बैंक 24 लाख रुपये तक का भुगतान कर रहे हैं. इस एआई कंपनी को बनाने वाले फाउंडर का कहना है कि जो काम करने में घंटों लग जाते हैं, उसे यह एआई मॉडल महज 90 सेकंड में पूरा कर देता है. बैंकों के लिए एआई निवेश को लेकर सलाह देता है. नई दिल्‍ली. अमेरिका के वॉल स्‍ट्रीट पर इन दिनों एक नया सितारा उभरकर सामने आया है. यह न तो कोई इनवेस्‍टमेंट बैंकर है, न हेज फंड मैनेजर और न ही कोई ट्रेडर. फिर भी इस निवेश गुरु का एक सुझाव पाने के लिए कंपनियों की लाइन लगी हुई है. यह एक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस है, जिससे टिप्‍स लेने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियां भी लगी हुई हैं, वह भी तब जबकि इसके एक सेशन की फीस करीब 24 लाख रुपये है. दुनिया के तमाम दिग्‍गज बैंक्‍स इसकी सर्विस पाने के लिए यह कीमत चुकाने को तैयार हैं. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सॉफ्टबैंक के दो पूर्व निवेशक फेलिपे सिनिस्टर्रा और डेव वांग बैंकरों, फंड मैनेजर्स और एनालिस्ट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स जैसे चैटजीपीटी, क्लॉड और जेमिनी का इस्तेमाल करना सिखाकर भारी कमाई कर रहे हैं. ये टूल्स फाइनेंस सेक्टर में तेजी से काम करने, कंपनियों का बेहतर विश्लेषण करने और एआई के बढ़ते प्रभाव में टिके रहने में मदद करते हैं. इसी टूल्‍स में यह एआई गुरु भी शामिल है, जिसके एक सेशन की कीमत 24 लाख रुपये बताई जाती है. कैसे काम करती है यह कंपनीइस कंपनी का नाम है वॉल स्‍ट्रीट प्रॉम्‍प्‍ट, जो एक सेशन के लिए 25 हजार डॉलर यानी करीब 24 लाख रुपये की फीस वसूली जाती है. यह फीस एक दिन के वर्कशॉप की है, बावजूद इसके कंपनी के पास अगले 2 महीने की बुकिंग फुल है. यह डिमांड बताती है कि कैसे ग्‍लोबल बैंकिंग और फाइनेंशियल इंडस्‍ट्री में एआई की जरूरत बढ़ती जा रही है. हालांकि, यह सिर्फ समय बचाने के लिए तकनीक का इस्‍तेमाल नहीं है, बल्कि सही फैसला लेने के लिए तकनीक की मदद लेना है. क्‍या होगा इस बदलाव का असरबैंक नौकरियों का स्‍वरूप बदलने, कर्मचारियों की संख्‍या घटाने और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए इस एआई टूल का इस्‍तेमाल लगातार बढ़ रहा है. जोखिम ये है कि बैंक एआई ट्रेनिंग पर हद से ज्‍यादा खर्चे न बढ़ा दें. ब्‍लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि बैंक व अन्‍य निवेश संस्‍थान अभी यही सोच रहे हैं कि एआई का इस्‍तेमाल भविष्‍य को बेहतर बनाने के लिए वर्तमान में किया गया निवेश है. यही वजह है कि ज्‍यादातर बड़े बैंकों ने नौकरियों की संख्‍या घटाना शुरू भी कर दिया है. स्‍टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने अगले 4 साल में हजारों छंटनी करने का मन बनाया है, जबकि सिटी ग्रुप, वेल्‍स फार्गो और बैंक ऑफ अमेरिका ने 2026 की पहली तिमाही में 5 हजार छंटनी करने की बात कही है. बैंक ऑफ अमेरिका ने कहा है कि एआई टूल्‍स का इस्‍तेमाल करने से उनकी प्रोडक्टिविटी 25 फीसदी तक बढ़ गई है. आखिर क्‍या सिखाता है एआई गुरुयह वर्कशॉप पारंपरिक कोडिंग क्‍लास सिखाने जैसा नहीं है. ब्‍लूमबर्ग का कहना है कि न्‍यूयॉर्क में एक ट्रेनिंग सेशन के दौरान एआई मॉडल ने स्‍टार्टअप फाउंडर को पिच वीडियो बनाकर दिया और स्‍पीच भी तैयार की, जबकि बॉडी लैंग्‍वेज सहित अन्‍य छोटी-मोटी चीजों पर भी बारीकी से ध्‍यान दिया. अगर इस काम को मैन्‍युअली किया जाए तो एक कंपनी को एनालाइज करने में घंटों लगते हैं, जबकि एआई इसे 90 सेकंड में कर देता है. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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pm narendra modi | amit shah | bjp lok sabha bengal plan...

होमताजा खबरwest bengalKolkata मोदी-शाह का बंगाल प्लान सुन राहुल-अखिलेश के उड़ेंगे होश, ताकते रह जाएंगे ये 2 Last Updated:May 26, 2026, 17:38 IST Modi-Shah Bengal Plan : बंगाल जीत के बाद मोदी-शाह की जोड़ी बड़ा धमाका कर सकती है. बंगाल जीत के बाद लोकसभा में भी बीजेपी बाजी पलट सकती है. बीजेपी जो काम लोकसभा चुनाव 2024 में नहीं कर सकी, क्या वह 2026 में कर लेगी? क्या दो साल बाद बीजेपी को लोकसभा में बहुमत मिल जाएगा? क्या ममता बनर्जी की पार्टी में जबरदस्त टूट होने वाली है? ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी क्या बिखर जाएगी? जानें टीएमसी सांसद काकोली घोष का इस्तीफा, केंद्र की वाई कैटेगरी की सुरक्षा. जानें जून महीने में मोदी-शाह का वह प्लान, जिससे राहुल गांधी और अखिलेश यादव ही नहीं नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडु की भी नींद उड़ जाएगी. बीजेपी का लोकसभा में सीटों का आंकड़ा बढ़ सकता है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे के बाद बीजेपी बमबम हो गई है. बंगाल की सत्ता हाथ से जाने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी के कई सांसद पाला बदलने के फिराक में बैठे है. टीएमसी के भीतर बगावत की आग धधर रही है. लोहा गरम है, सिर्फ बीजेपी की हथौड़ा मारने भर की देरी है. टीएमसी के आंतरिक सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा में पार्टी के कुल 29 सांसदों में से 20 से अधिक सांसद पाला बदलने और टीएमसी को बाय-बाय बोलने को पूरी तरह बेताब हैं. क्योंकि अभी तक मोदी-शाह का ग्रीन ग्रीन सिग्नल नहीं मिला है. इसलिए सारे इंतजार कर रहे हैं. टीएमसी की चार बार की सांसद काकोली घोष दस्तीदार के तल्ख तेवरों ने दूसरे लोकसभा सांसदों को हौसला दिया है. काकोली ने आई-पैक के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. इधर काकोली की नाराजगी के बीच केंद्र सरकार ने उन्हें ‘Y’ श्रेणी की सीआईएसएफ सुरक्षा भी मुहैया करा दी. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस के महज 80 सीटों पर सिमट जाने के बाद, सूबे की राजनीति में बदलाव के दायरे का विस्तार तेजी से हो रहा है. ममता बनर्जी भले ही सार्वजनिक रूप से अपनी इस हार को स्वाभाविक न मानकर इसे भाजपा और चुनाव आयोग की साजिश करार दे रही हों और रोज विलाप के अंदाज में तीखे बयान जारी कर रही हों, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अब उनके अपने ही साथी उन पर भरोसा खो चुके हैं. टीएमसी के भीतर पिछले 15 साल से जनता के बीच पनप रहे आक्रोश का असर अब पार्टी के आंतरिक ढांचे को पूरी तरह ढहाने लगा है. टीएमसी के 29 में से कितने सांसद टूटेंगे? पार्टी के भीतर हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि अब सांसदों और विधायकों के सामूहिक रूप से पाला बदलने की सुगबुगाहट तेज हो गई है. ममता बनर्जी की बुलाई जा रही संगठनात्मक बैठकों और विरोध प्रदर्शनों से पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों का नदारद रहना यह साफ संकेत दे रहा है. राज्य में अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी का खौफ अब खत्म हो चुका है. खुद ममता बनर्जी भी इस अलगाव को भांप चुकी हैं, तभी वे हताशा में कह रही हैं कि जिन्हें जाना है, वे चले जाएं, वे बचे-खुचे लोगों से पार्टी को दोबारा खड़ा कर लेंगी. लोकसभा में पलटेगी बाजी? टीएमसी के ही एक मौजूदा सांसद के दावों पर यकीन करें तो आने वाले कुछ दिन ममता बनर्जी के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक झटका लेकर आ रहे हैं. वर्तमान में लोकसभा में टीएमसी के 29 सांसद हैं, जो देश के निचले सदन में विपक्ष की दूसरी सबसे बड़ी ताकत हैं. लेकिन यह ताकत बहुत जल्द बिखरने वाली है. सूत्रों के मुताबिक, कल्याण बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और अन्य एक-दो सांसदों को छोड़कर, टीएमसी के करीब 20 से 25 सांसद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ निरंतर संपर्क में हैं. बहुमत के करीब पहुंचेगी भाजपा! चर्चा है कि अगले ही महीने यानी जून 2026 भाजपा इस बड़े दलबदल को मूर्त रूप दे सकती है. वर्तमान में लोकसभा में भाजपा के पास अपने दम पर 240 सीटें हैं और बहुमत के लिए 272 का आंकड़ा चाहिए, जिसके लिए वह एनडीए के सहयोगी दलों पर निर्भर है. जेडीयू और टीडीपी दो ऐसे दल हैं, जिसके बल मोदी सरकार केंद्र में है. लेकिन इसमें एक भी अगर झटका देता है तो बीजेपी अपना प्लान-बी तैयार रखना चाहती है. यदि टीएमसी के ये 20 से अधिक सांसद टूटकर भाजपा का दामन थाम लेते हैं या संसद में एक अलग गुट बनाकर सरकार को समर्थन देते हैं, तो लोकसभा में भाजपा की ताकत अकेले ही बहुमत के जादुई आंकड़े के बेहद करीब पहुंच जाएगी. इस पूरे संकट के केंद्र में टीएमसी की चार बार की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बागी तेवर हैं. दरअसल, ममता बनर्जी ने एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए काकोली घोष से लोकसभा में मुख्य सचेतक का पद छीनकर कल्याण बनर्जी को सौंप दिया था. इस फैसले को काकोली ने पार्टी के भीतर अपना घोर अपमान माना. भाजपा ने इस आंतरिक कलह को भांपने में देर नहीं की. इंटेलिजेंस ब्यूरो की थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार ने तुरंत काकोली घोष दस्तीदार को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की वीआईपी ‘Y’ श्रेणी की सशस्त्र सुरक्षा मुहैया करा दी. इसके तुरंत बाद, काकोली ने टीएमसी के लिए चुनावी रणनीति बनाने वाली एजेंसी आई-पैक के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आवाज बुलंद करते हुए जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. काकोली का यह कदम टीएमसी के भीतर एक बड़े विद्रोह का स्पष्ट संकेत है. About the Author रविशंकर सिंहChief Reporter I am an alumnus of Bharatiya Vidya Bhavan, Delhi with a career in journalism that spans across several prestigious newsrooms. Over the years, I have honed my craft at Sahara Samay, Tehelka, P7 and Live India, a…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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जल्‍द आने वाली है शॉपिंग की सरकारी वेबसाइट! यहां ऐसा सामान बिकेगा...

Last Updated:May 26, 2026, 16:40 IST Khadi Sector : देश के खादी एवं ग्रामोद्योग सेक्‍टर में तेज ग्रोथ दिख रही है. सेक्‍टर से जुड़े आयोग ने कहा है कि जल्‍द ही वह नया पोर्टल लॉन्‍च करने वाला है, क्‍योंकि देश में इस सेक्‍टर की बिक्री करीब 2 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई है. आयोग ने इससे जॉब पैदा होने की संभावना भी जताई है. भारत में खादी के सामानों की बिक्री 2 लाख करोड़ तक पहुंच गई है. नई दिल्‍ली. खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के चेयरमैन मनोज कुमार ने मंगलवार को कहा कि जल्द ही ‘खादी इंडिया’ उत्पादों के लिए अपने ई-कॉमर्स पोर्टल का नया संस्करण पेश करेंगे. शॉपिफाई की ओर से संचालित यह हाइटेक ई-कॉमर्स पोर्टल ग्‍लोबल स्‍टैंडर्ड के अनुरूप होगा और उपयोगकर्ता को बेहतर अनुभव कराएगा. इसमें उत्पादों को आसानी से खोजने के लिए स्पष्ट रूप से परिभाषित श्रेणियां और यूजर्स के लिए ‘शॉप द लुक’ जैसे ‘इंटरैक्टिव’ फीचर्स होंगे. मनोज कुमार ने बताया कि मोबाइल-फर्स्ट दृष्टिकोण के साथ डिजाइन किए गए इस पोर्टल में हाई रिजॉल्यूशन वाले तस्वीरों के जरिये बेहतर तरीके से उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा और भुगतान की बेहतर सुविधाएं होंगी. इसके अलावा यह मंच ब्रांड की कहानी को भी सशक्त बनाएगा. केवीआईसी अब नए भारत में डिजिटल बदलाव की ओर बढ़ रहा है. आने वाले दिनों में हम खादी का ई-कॉमर्स पोर्टल पेश करने जा रहे हैं, जो आधुनिक होगा और ‘जेनरेशन जेड’ के लिए उपयुक्त होगा. पिछले साल हुई थी रिकॉर्ड बिक्रीआयोग ने बताया कि खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री वित्‍तवर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1,87,105 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी. आयोग के अनुसार, वित्तवर्ष 2024-25 में यह बिक्री 1,70,551.37 करोड़ रुपये थी, जबकि 2013-14 में यह 31,154 करोड़ रुपये थी. वित्त वर्ष 2026-27 में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 2.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है. आंकड़ों के अनुसार, खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन 2013-14 में 26,109 करोड़ रुपये था, जो वित्तवर्ष 2025-26 में करीब पांच गुना होकर 1,25,296 करोड़ रुपये हो गया. खादी सेक्‍टर ने जमकर रोजगार भी बांटेउन्होंने कहा कि रोजगार के मोर्चे पर खादी और ग्रामोद्योग गतिविधियों में कुल रोजगार 2013-14 में 1.30 करोड़ था, जो 2025-26 में बढ़कर 2.04 करोड़ हो गया. खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 2025-26 में 66,494 नई इकाइयां स्थापित की गईं. इन इकाइयों के लिए 7,375 करोड़ रुपये के कर्ज पर 2,457 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी भी दी गई है. इन इकाइयों के जरिये अब तक 7,31,434 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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तमिलनाडु में एक्टर विजय की पार्टी जॉइन करने के लिए विपक्ष के...

2. आखिर क्यों बिखर रही हैं दूसरी पार्टियां?विपक्ष के विधायकों के लगातार इस्तीफे और पाला बदलने के पीछे तीन मुख्य राजनीतिक और रणनीतिक कारण हैं: एंटी-डिफेक्शन लॉ यानी दलबदल कानून का तोड़: अगर विपक्षी विधायक सीधे तौर पर पाला बदलते, तो उनकी सदस्यता रद्द हो जाती। इसलिए वे पहले विधायकी से इस्तीफा दे रहे हैं और फिर TVK ज्वाइन कर रहे हैं। इससे वे कानून के फंदे से बच जा रहे हैं और खाली सीटों पर उपचुनाव का रास्ता साफ हो रहा है। AIADMK के भीतर की लड़ाई: चुनाव में करारी हार के बाद AIADMK दो धड़ों में बंट चुकी है। एक धड़ा पलानीस्वामी (EPS) के साथ है, तो दूसरा बागी गुट सीवी षणमुगम और एसपी वेलुमणि का है। इसी बागी गुट के विधायकों ने 13 मई को विधानसभा में विजय सरकार के विश्वास मत के दौरान व्हिप का उल्लंघन करते हुए विजय के पक्ष में वोट किया था। अब वे खुलकर बाहर आ रहे हैं। भविष्य विजय के साथ: विधायकों को लग रहा है कि तमिलनाडु में अब द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) और AIADMK का दौर खत्म हो चुका है। राज्य की जनता बदलाव चाहती थी और वह बदलाव ‘विजय’ हैं। ऐसे में अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित करने के लिए विपक्ष के नेता सत्ताधारी दल का रुख कर रहे हैं। 3. क्या विजय राजनीति के लंबे खिलाड़ी बनेंगे?तमिलनाडु में फिल्म अभिनेताओं का राजनीति में लंबा इतिहास है. MGR और जयललिता सफल रहे, लेकिन सिवाजी गणेशन, विजयकांत और कमल हासन जैसे बड़े नाम ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके। विजय का नाम इसी सूची में है और उनकी परीक्षा अभी शुरू ही हुई है। तमिलनाडु की एक उभरती हुई महिला नेता ने कल TVK में शामिल होने के बाद कहा, “विजय ‘अम्मा’ यानी जयललिता की छवि में सरकार चला रहे हैं।” यह बयान बताता है कि विजय महिला मतदाताओं और AIADMK के पुराने वोटरों को अपनी तरफ खींचने में सफल हो रहे हैं। लेकिन आगे की राह आसान नहीं। उपचुनाव उनकी पहली बड़ी परीक्षा होगी। अगर TVK इन बागी नेताओं को उनकी पुरानी सीटों पर दोबारा जिता पाई तो यह साबित होगा कि विजय की लोकप्रियता सरकार चलाने के बाद भी बरकरार है। 4. विपक्ष के नेता क्या कह रहे हैं?विपक्ष के नेता पलानीस्वामी (EPS) ने सत्यभामा और अन्य बागी विधायकों को ‘पीठ में छुरा घोंपने वाला’ कहा और आरोप लगाया कि यह सब विजय की पार्टी द्वारा की जा रही विधायकों की खरीद-फरोख्त का हिस्सा है। डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने इस इस्तीफे पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि जो लोग खुद को ‘पवित्रता की ताकत’ कहते थे, वे सचिवालय के भीतर ही विधायकों का सौदा कर रहे हैं। 5. क्या विजय राजनीति में लंबी रेस के खिलाड़ी साबित होंगे? करिश्माई फैन बेस और सोशल जस्टिस: ये सच है कि विजय तमिलनाडु के सुपरस्टार हैं. और वो कितने बड़े हैं इसका सबूत जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाकर दे दिया है. विजय की विचारधारा सेक्युलरिज्म, समानता और सामाजिक न्याय पर टिकी है। एमजीआर (MGR) और जयललिता के बाद तमिलनाडु के सिनेमाई फैंस ने विजय को ‘भगवान’ की तरह स्वीकार किया है। उनका जमीनी नेटवर्क बहुत मजबूत है। AI-ड्रिवेन गवर्नेंस: 26 मई 2026 को ही सीएम विजय की सरकार ने राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित गवर्नेंस की शुरुआत की। चिकित्सा, कृषि, और तमिल भाषा की तकनीकों के लिए AI सेंटर बनाए जा रहे हैं और ‘अरिवगम’ यानी AI सिटी की बन हो रही है। यह दिखाता है कि वे पुरानी लीक से हटकर नए जमाने की राजनीति कर रहे हैं। महिला सुरक्षा और ‘अम्मा कैंटीन’ को बढ़ावा: इस्तीफा देने वाली महिला विधायक मरगथम कुमारवेल ने साफ कहा कि वे विजय से इसलिए प्रभावित हुईं क्योंकि उन्होंने जयललिता की तरह महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है और गरीबों के लिए ‘अम्मा उनावगम’ यानी अम्मा कैंटीन को और बेहतर बनाने का वादा किया है। 6. अब आगे क्या होगा?इन इस्तीफों के बाद अब तमिलनाडु को 4 से 5 सीटों पर तुरंत उपचुनावों का सामना करना पड़ेगा जिसमें त्रिची ईस्ट सीट भी शामिल है जिसे सीएम विजय ने खाली किया है। क्या विजय इन उपचुनावों में अपने दम पर इन बागी नेताओं को दोबारा जिता पाएंगे? यह उनकी लोकप्रियता की असली परीक्षा होगी। एक थ्योरी ये भी है कि एमके स्टालिन और उदयनिधि स्टालिन इस पूरे मामले में विजय सरकार को ‘धोखेबाज’ तो कह रहे हैं, लेकिन अंदर ही अंदर DMK खुश है क्योंकि उसका धुर-विरोधी दल AIADMK पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। Source link

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CM थलापित विजय पहली बार आ रहे हैं दिल्ली, PM मोदी के...

होमताजा खबरदेश CM विजय पहली बार आ रहे हैं दिल्ली, PM मोदी के साथ राहुल-सोनिया से मिलेंगे Last Updated:May 26, 2026, 14:40 IST तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय बुधवार को पहली बार आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचेंगे. इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की संभावना है, वहीं राहुल गांधी और सोनिया गांधी से भी मिलने की चर्चा है. विजय जेएनयू में तमिल कवि-संत तिरुवल्लुवर की प्रतिमा का उद्घाटन भी कर सकते हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला दिल्ली दौरा होगा. उनकी पार्टी TVK ने विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत दर्ज कर तमिलनाडु की राजनीति में DMK और AIADMK के लंबे वर्चस्व को समाप्त किया. थलापति विजय पहली बार सीएम बनने के बाद दिल्ली आ रहे हैं. चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय उर्फ थलापित विजय पद संभालने के बाद पहली बार बुधवार को नई दिल्ली आएंगे. सूत्रों का कहना है कि इस दिल्ली दौरे में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल सकते हैं. हालांकि यह भी जानकारी मिल रही है कि विजय लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से भी मिलेंगे. पीएम के साथ राहुल-सोनिया से भी मिलेंगे थलापति सूत्रों का कहना है कि थलापति विजय बुधवार को सुबह चेन्नई से निकलेंगे, होम सेक्रेटरी समेत राज्य के सीनियर अधिकारी मुख्यमंत्री के नेशनल कैपिटल विज़िट के इंतज़ाम की देखरेख करेंगे. कहा जा रहा है कि विजय के लिए दिल्ली में पीएम मोदी से बातचीत की टाइमिंग फिक्स की जा रही है. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान कांग्रेस के सीनियर नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी मिलने की संभावना है. जेएनयू में भी सकते हैं थलापति विजय दिल्ली दौर के दौरान, विजय का जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में तमिलनाडु सरकार की ओर से लगाई गई तमिल कवि-संत तिरुवल्लुवर की मूर्ति का उद्घाटन करने का भी प्लान है. यह दौरा विजय के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के कुछ हफ़्ते बाद हो रही है, जब उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) ने भारी चुनावी जीत हासिल की थी. तमिलनाडु में विजय ने खत्म किया DMK और AIADMK का दबदबा 10 मई को, विजय ने तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली, जिससे राज्य में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव आया और राज्य की राजनीति में DMK और AIADMK का दशकों पुराना दबदबा खत्म हो गया. TVK विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जिसने 108 सीटें जीतीं और बाद में कांग्रेस, लेफ्ट पार्टियों, VCK और IUML से सरकार बनाने के लिए समर्थन हासिल किया. इस महीने की शुरुआत में, तमिलनाडु सरकार ने नई बनी कैबिनेट में मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे की घोषणा की. मुख्यमंत्री विजय ने होम, पुलिस, म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन, अर्बन और वाटर सप्लाई, महिला कल्याण और स्पेशल प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन सहित कई ज़रूरी विभाग अपने पास रखे. सरकार ने कैबिनेट लेवल पर एक खास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट भी बनाया, जिससे तमिलनाडु केरलम के बाद देश का दूसरा राज्य बन गया जिसने एक अलग AI पोर्टफोलियो बनाया. खास बंटवारे में, कुमार आर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और डिजिटल सर्विसेज़ का मंत्री बनाया गया, जबकि केए सेंगोट्टैयन को रेवेन्यू डिपार्टमेंट और एन मैरी विल्सन को फाइनेंस पोर्टफोलियो दिया गया. About the Author Abhishek Kumar अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एड‍िटर काम कर रहे हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक मुद्दों पर लिखते …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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