एफपीओ की मदद से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं, घर बैठे हो रही...
होमफोटोमनी एफपीओ की मदद से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं, घर बैठे हो रही 5-6 हजार की कमाई Last Updated:July 30, 2024, 21:01 IST वसंत एफपीओ से जुड़ी सुमन ने बताया कि इस समूह ने आर्थिक रुप से कमजोर और सामाजिक बंधनों में बंधी महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया है. इस एफपीओ में लगभग 700 महिलाएं जुड़ी हुई हैं. झांसी की महारानी लक्ष्मीबाई ने पूरी दुनिया को महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया था. आज भी झांसी की महिलाएं आत्मनिर्भता और सशक्तिकरण की मिसाल पेश कर रही हैं. ऐसा ही एक उदाहरण है वसंत एफपीओ. इस एफपीओ की मदद से ना सिर्फ महिलाओं को रोजगार मिला है, बल्कि वह स्वावलंबी भी बनी हैं. झांसी के बबीना ब्लॉक में शुरु हुए इस एफपीओ में मसाला तैयार करने और उसे बेचने का काम किया जाता है. वसंत एफपीओ से जुड़ी सुमन ने बताया कि इस समूह ने आर्थिक रुप से कमजोर और सामाजिक बंधनों में बंधी महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया है. इस एफपीओ में लगभग 700 महिलाएं जुड़ी हुई हैं. यह महिलाएं अलग अलग किसानों से साबुत मसाला खरीदती हैं. Add News18 as Preferred Source on Google खरीदने के बाद एफपीओ के सेंटर पर मसाले को पीसा जाता है. यहीं उसकी पैकेजिंग भी की जाती है. 30 गांव तक इन मसालों की सप्लाई की जाती है. कई गांव में महिलाओं ने खुद दुकान शुरु कर दी है. सुमन बताती हैं कि एफपीओ का सामान ललितपुर महोबा और चित्रकूट जैसे जिलों में भी जाता है. हर महिला 5 से 6 हजार रुपए तक कमा रही है. सुमन बताती हैं कि हम इस एफपीओ को और अधिक विकसित करके 1 हजार से अधिक महिलाओं को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. इस एफपीओ से कई दिव्यांग और विधवा महिलाओं को भी सशक्त बनाने का काम किया है. जो महिलाएं पहले अपने घर से बाहर नहीं निकलती थीं, आज उनके पूरे गांव में सम्मान होता है और लोग उन्हें एक आदर्श के तौर पर देखते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link








