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Women of Agra are becoming self-reliant by knitting shoes – Uttar Pradesh...

होमताजा खबरbusiness आगरा की गलियों से फैक्ट्रियों तक, महिलाओं का हुनर चमका रहा जूता उद्योग Last Updated:August 21, 2025, 21:22 IST आगरा की पहचान सिर्फ जूता नगरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की महिलाएं भी अपने हुनर से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल लिख रही हैं. घर बैठे जूतों की बुनाई कर महिलाएं न केवल परिवार का खर्चा उठा रही हैं बल्कि सालाना लाखों रुपये तक कमा रही हैं, जिससे उनके जीवन में आर्थिक मजबूती आई है. रिपोर्ट- आदित्य मुदगल, आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा की महिलाएं आज घर बैठे आत्मनिर्भर बन रही हैं. घर-गृहस्थी के काम निपटाने के बाद ये महिलाएं जूतों की बुनाई कर न सिर्फ अपने परिवार का आर्थिक सहयोग कर रही हैं, बल्कि सालाना लाखों रुपये की कमाई भी कर रही हैं. आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र में स्थित लंबी गली इसका बड़ा उदाहरण है. यहां लगभग हर घर की महिलाएं जूते की अपर बुनाई का काम करती हैं. महिलाएं तैयार किया गया अपर फैक्ट्री या वर्कशॉप को भेज देती हैं, जहां जूतों में सोल और बाकी काम किए जाते हैं. महिलाओं के लिए रोजगार का जरियाकई महिलाएं इसे टाइमपास का साधन मानकर शुरू करती हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह उनके लिए बड़ी आय का जरिया बन जाता है. महिला मछला बताती हैं कि वह पिछले 40 सालों से घर बैठकर जूते की बुनाई कर रही हैं. परिवार में कमाने वाला कोई न होने के कारण यह काम उनके जीवन-निर्वाह का सहारा बन गया है. इसी तरह महिला अनोखी कहती हैं कि वह सभी तरह के डिजाइन वाले जूतों की बुनाई करती हैं. उनकी गली की लगभग हर महिला इस काम से जुड़ी है. कोई फैक्ट्री जाकर काम करता है तो कोई घर पर ही रहकर। इस काम से घर का खर्चा आराम से निकल जाता है. जूता नगरी है आगराआगरा को जूता नगरी कहा जाता है. यहां सैकड़ों जूता फैक्ट्रियां हैं, जहां पुरुषों के साथ महिलाएं भी बड़ी संख्या में काम करती हैं. जो महिलाएं फैक्ट्री नहीं जा पातीं, वे घर पर ही जूते की बुनाई कर आत्मनिर्भर बन रही हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Agra,Uttar Pradesh First Published : August 21, 2025, 21:22 IST Source link

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गर्मी–बरसात में मछली पालन: ये टिप्स अपनाएंगे तो मछलियां रहेंगी तंदरुस्त, ग्रोथ...

होमफोटोकृषि मछली पालन से बढ़ाना है मुनाफा? अपनाएं ये आसान टिप्स, ग्रोथ होगी डबल, जानें सब Last Updated:August 22, 2025, 20:10 IST हमारे देश में मछली पालन का व्यवसाय तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. किसानों का रुझान भी इसकी ओर लगातार बढ़ रहा है. खास बात यह है कि मौसम के हिसाब से सही तकनीक अपनाकर और मछलियों को एक साथ पालकर किसान न सिर्फ बीमारियों से बचाव कर सकते हैं, बल्कि उत्पादन और मुनाफे में भी बढ़ोतरी कर सकते हैं. आइए जानते है इसके बारे में… वैसे मछली पालन भारत में एक प्रमुख व्यवसाय है. गर्मी और बरसात के मौसम में तालाब की विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है. इन मौसमों में तालाब का पानी जल्दी गर्म होता है और खराब हो सकता है. तालाब के पानी की गुणवत्ता बिगड़ने से मछलियां बीमार पड़ सकती हैं. इससे मछली पालकों को दवाइयों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है. पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय किए जा सकते हैं. इनसे मछलियों को स्वस्थ रखा जा सकता है. साथ ही दवाइयों पर होने वाले खर्च को भी कम किया जा सकता है.  बाराबंकी जिले के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गनेश प्रसाद ने बताया कि अक्सर तालाब में पाली जाने वाली मछलियां बीमार हो जाती हैं. इसलिए जरूरी है कि जैसे-जैसे मौसम का तापमान बदले, वैसे ही पानी का तापमान भी जांचते रहें, क्योंकि इसका असर तालाब के पानी में बनने वाली ऑक्सीजन पर पड़ता है. इस दौरान मछलियों को बीमारी से बचाने के लिए कुछ ऐसे उपाय हैं जिन्हें अपनाकर गर्मी व बरसात के मौसम में मछलियों को बीमारियों से दूर रखकर उनकी अच्छी ग्रोथ बढ़ाई जा सकती है.  बारिश हो या गर्मी, इन मौसमों में तालाब का पानी जल्दी गंदा हो जाता है, जिससे मछलियों की सेहत पर सीधा असर पड़ता है. ऐसे में मछली पालने वाले किसानों को चाहिए कि वे नियमित रूप से पानी की जांच करें और समय-समय पर उसे बदलते रहें. खास ध्यान रखें कि तालाब में पानी का स्तर 5 से 5.5 फीट के बीच बना रहे. अगर पानी कम होगा तो तापमान जल्दी बढ़ जाएगा और मछलियों को तनाव, बीमारी या मौत का खतरा हो सकता है. इस सावधानी से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है.  Add News18 as Preferred Source on Google खासकर गर्मी के मौसम में तालाब का पानी गर्म हो जाता है, जिससे उसमें ऑक्सीजन की मात्रा घट जाती है. इसका सीधा असर मछलियों की सेहत पर पड़ता है, वे सुस्त हो जाती हैं और बीमार पड़ने लगती हैं. ऐसे में किसान भाइयों को चाहिए कि पानी में समय-समय पर उचित मात्रा में चूना डालें. चूना पानी का पीएच संतुलित करता है और ऑक्सीजन स्तर बनाए रखने में मदद करता है. इससे मछलियों की सेहत बनी रहती है और उनके मरने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है.  बारिश और गर्मी के मौसम में तालाब में गंदगी बढ़ जाती है, जिससे मछलियों को स्किन इंफेक्शन और दूसरी बीमारियों का खतरा होता है. इस स्थिति से बचने के लिए किसान तालाब के पानी में हल्की मात्रा में पोटेशियम परमैग्नेट का छिड़काव कर सकते हैं. यह एक प्रभावी कीटाणुनाशक है, जो पानी को साफ करता है और मछलियों को संक्रमण से बचाने में मदद करता है. इससे मछलियों की सेहत सुरक्षित रहती है और उत्पादन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता.  अगर किसी तालाब में मछलियों की संख्या ज्यादा हो जाती है तो ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में बेहतर होगा कि कुछ मछलियों को दूसरे तालाब में शिफ्ट कर दिया जाए. इससे उन्हें पर्याप्त जगह और ऑक्सीजन मिलती है, तनाव कम होता है और उनकी ग्रोथ सही ढंग से होती है. साथ ही बीमारी का फैलाव भी प्रभावी रूप से रोका जा सकता है.  गर्मी के मौसम में मछलियों को सूखा चारा देने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे उनके पाचन में दिक्कत हो सकती है. इसकी जगह किसान ताजे पानी में थोड़ा मीठा (गुड़ या ग्लूकोज) घोलकर उसमें विटामिन C मिलाएं और उसे मछलियों को आहार के रूप में दें. यह न सिर्फ मछलियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, बल्कि उन्हें स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने में भी मदद करता है.  First Published : August 22, 2025, 20:10 IST Source link

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Business Idea: Start This Special Home Business, Earn Year-Round Income – Uttar...

Last Updated:August 25, 2025, 21:45 IST अमेठी में कई लोग घर बैठे अपना व्यवसाय शुरू करके खुद का रोजगार पैदा कर रहे हैं. ऐसे छोटे-छोटे व्यवसाय न केवल साल भर आय का जरिया बन सकते हैं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी देते हैं. हवन सामग्री, मोमबत्ती और अगरबत्ती जैसे व्यवसायों से लोग आसानी से घर बैठे अच्छी कमाई कर सकते हैं. रिपोर्ट- आदित्य कृष्ण, अमेठी: बेहतर जीवन यापन के लिए रोजगार नितांत आवश्यक है, लेकिन यदि हम अपना खुद का रोजगार घर बैठे शुरू करें, तो इसमें केवल फायदा ही फायदा हो सकता है. ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे व्यवसायों के बारे में बता रहे हैं, जो साल भर आपके लिए कमाई का जरिया बन सकते हैं। गर्मी हो, जाड़ा हो या बरसात, यह व्यवसाय कभी भी बंद नहीं होंगे. हवन सामग्री बनाने का व्यवसाय आजकल बहुत सफल है. हवन सामग्री का इस्तेमाल हर मंदिर, पूजा घर और हमारे दैनिक जीवन में होता है. इसे घर पर ही तैयार किया जा सकता है. हवन सामग्री बनाने के लिए हमें चंदन की छाल, लवंग, लोहबान, सुगंधा, आम की पीसी लकड़ी जैसी छोटी-छोटी 30-31 सामग्री की जरूरत होती है. इनका इस्तेमाल कर 2-3 दिन में 50 से 60 किलो हवन सामग्री तैयार की जा सकती है. इसे 30 से 50 रुपए प्रति किलो तक आसानी से बेचा जा सकता है, जिससे 25 से 30 हजार रुपए की आमदनी संभव है। कुल खर्च लगभग 2-3 हजार रुपए आता है. मोमबत्ती और अगरबत्ती का व्यवसायमोमबत्ती और अगरबत्ती बनाना भी बेहद आसान है. इसके लिए कच्चा मोम लाकर उसे सांचे में पिघलाया जाता है और तैयार किया जाता है. 1-2 हजार रुपए के कच्चे माल से 15-20 हजार रुपए तक की कमाई की जा सकती है. इससे घर बैठे एक अच्छा व्यवसाय शुरू किया जा सकता है और अच्छी कमाई भी हो सकती है. महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरताइस समूह और इस कारोबार से जुड़ी महिला नीता राव बताती हैं कि इस काम से उन्हें काफी फायदा हो रहा है. पहले समूह में शामिल न होने के कारण उन्हें कई दिक्कतें आती थीं और दूसरों से पैसे उधार लेने पड़ते थे, लेकिन अब अपने खुद के समूह के जरिए महिलाएं घर बैठे अपनी सुविधा के अनुसार काम कर रही हैं और कमाई कर रही हैं. वे ग्राहकों की मांग के अनुसार सामग्री तैयार कर उसे बेचती हैं और अपना जीवन बेहतर तरीके से यापित कर रही हैं. प्रशिक्षण और सहयोगसमय-समय पर महिलाओं को एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के सहयोग से प्रशिक्षण भी दिया जाता है. विभागीय अधिकारी प्रकाश जायसवाल बताते हैं कि महिलाओं को उनके क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है. इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने व्यवसाय को बेहतर तरीके से चला रही हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Amethi,Sultanpur,Uttar Pradesh First Published : August 25, 2025, 21:45 IST Source link

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Business Tips: गांव में बिना बड़े निवेश के शुरू करें ये 5...

Last Updated:August 26, 2025, 19:15 IST गांव में दुकान खोलना आज के समय में एक अच्छा विकल्प है, क्योंकि ग्रामीण इलाकों में लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए नजदीकी ही दुकान तलाशते हैं. अगर आप भी ऐसा कुछ बिजनेस करने का विचार बना रहे हैं, तो आप हमारे ओर से बताए गए इन टॉप फाइव बिजनेस में से कोई चुन सकते हैं. अगर आप भी अपने गांव या घर में रहकर बिजनेस करना चाहते हैं, तो आप गांव में कम से कम दस हजार रुपए की लगात से किराना स्टोर खोल सकते हैं. यह सबसे ज्यादा चलने वाला व्यवसाय है. स्टोर में आटा, दाल, चावल, नमक, तेल, मसाले, बिस्किट, नमकीन, साबुन और तेल जैसी रोजमर्रा की चीजें रखें, जिससे आपका व्यापार अच्छे से चलेगा. ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपने घर या गांव के आस-पास नाश्ते की दुकान खोल सकते हैं, जो टॉप 5 बिजनेस में शामिल है और इसमें लगात भी कम आती है. गांव में सुबह-शाम नाश्ते की दुकान खूब चलती है. आप समोसा, कचौड़ी, जलेबी, चाय जैसी चीजें दुकान में रख सकते हैं. यह ऐसा व्यवसाय है, जिसमें हर कोई रोजाना कुछ न कुछ खाने या लेने आता है. सब्जी हर किसी की रोजमर्रा की जरूरत है, ऐसे में गांव के लोग सब्जी की दुकान खोलकर अच्छा पैसा कमा सकते हैं. दुकान खोलने के बाद दुकानदार को ताजी और सस्ती सब्जियां रखना जरूरी है. मुनाफा बढ़ाने और ग्राहकों का भरोसा पाने के लिए सब्जियां सीधे किसानों से खरीदनी चाहिए. इससे किसानों को भी फायदा होगा और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ेगा. Add News18 as Preferred Source on Google टॉप फाइव बिजनेस में आप अपने गांव में जनरल स्टोर की दुकान भी खोल सकते हैं. इसमें महिलाएं घर की जरूरत की चीजें जैसे बिंदी, चूड़ी, सिंदूर, मेहंदी, साड़ी, कॉस्मेटिक और बच्चों के खिलौने रख सकती हैं. ये ऐसी चीजें हैं जो महिलाओं को रोजाना या आए दिन जरूरत में आती रहती हैं. टॉप फाइव बिजनेस में गांव में चलने वाला एक व्यवसाय ऑनलाइन आवेदन करने और फोटोकॉपी की दुकान खोलना भी है. आज के समय में बिना कंप्यूटर के कोई काम जल्दी नहीं हो पाता, ऐसे में गांव के लोगों को इसके लिए शहर जाना पड़ता है. अगर यह सुविधा गांव में मिल जाएगी, तो लोग अपना कार्य गांव में ही करवा लेंगे, इससे दुकानदार की आमदनी भी बढ़ेगी और गांव वालों का काम भी आसानी से हो जाएगा. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : August 26, 2025, 19:15 IST Source link

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ये बिज़नेस हर जगह बनाएगा सोना, हर महीने कमाएं एक MNC कंपनी...

Last Updated:August 27, 2025, 18:52 IST Top 5 Business Idea: आजकल लोग सोचते हैं कि गांव में बिज़नेस करके भला कौन कमा सकता है, लेकिन सच तो यह है कि अगर मेहनत और दम हो तो गांव की मिट्टी में भी सोना उगता है. यहां चाय, समोसा, पानीपूरी या मोमोज जैसी चीज़ों की हमेशा डिमांड रहती है. जानिए पांच आसान बिज़नेस आइडिया, जो कम खर्च में ज्यादा मुनाफ़ा दे सकते हैं. गांव में चाय का ठेला लगाना सबसे आसान और फायदेमंद बिज़नेस है. शुरुआत के लिए आपको गैस स्टोव, एक केतली और कुछ कप चाहिए. यदि आप बस स्टैंड, रेल्वे स्टेशन या चौपाल जैसी जगह चुनते हैं तो ग्राहक कभी कम नहीं होंगे. एक दिन में 200 कप तक बिक जाते हैं और महीने में 25–30 हजार रुपये आराम से कमाए जा सकते हैं. गांव हो या शहर, कस्बा हो या मोहल्ला—समोसा ऐसा स्नैक है जिसे बच्चे से लेकर बड़े तक सभी पसंद करते हैं. खास बात यह है कि इसकी कीमत कम होती है, लेकिन एक बार खाने वाला अक्सर दो-तीन समोसे और ले लेता है. इसी वजह से थोड़ी लागत में भी अच्छा मुनाफा निकल आता है. अगर आप स्कूल, कॉलेज या सप्ताह वाली बाजार के पास ठेला लगाएं तो ग्राहकों की भीड़ खुद खिंचकर आ जाती है. पानीपुरी लवरों की मानें तो शाम पानीपुरी के बिना अधूरी लगती है. खासकर बच्चों और महिलाओं के लिए इसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि लोग एक प्लेट पर रुकते नहीं, बार-बार खाते हैं. यह बिजनेस आप आसानी से छोटे स्तर पर शुरू कर सकते हैं. सारा सामान आप घर पर ही सुबह तैयार कर सकते हैं और बाहर सिर्फ ठेले पर बैठकर बेचना होता है. इसे चौपाल, मंदिर या रोज़ का बाजार कहीं भी लगाएं, भीड़ पक्की है. Add News18 as Preferred Source on Google युवाओं में मोमोज का क्रेज हमेशा बना रहता है क्योंकि यह नया और अलग स्वाद उन्हें लुभाता है. इसकी सबसे खास बात यह है कि ज्यादातर लोग दोस्तों के साथ आकर खाते हैं, जिससे एक बार में कई प्लेट बिक जाती हैं. गांव या कस्बे में अगर कॉलेज या स्कूल के पास स्टॉल लगे तो ग्राहक खुद खिंचकर आते हैं. यहां मेहनत थोड़ी ज्यादा है, लेकिन हर प्लेट पर अच्छा मुनाफा होता है. आजकल गांवों में भी लोग शहर का टेस्ट चखना पसंद करते हैं, और इसी वजह से चाट और चाउमिन की डिमांड बढ़ी है. इसकी खासियत यह है कि लोग सिर्फ खाने नहीं आते, बल्कि दोस्तों और परिवार के साथ टाइम पास करने भी आते हैं. इसलिए यहां सिर्फ बिक्री नहीं, बल्कि रोज़ नए ग्राहक जुड़ते हैं. आप इसे ठेले से या गली-मोहल्लों में घूमकर भी बेच सकते हैं. गांव में बिज़नेस करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि खर्चा बहुत कम आता है और कमाई अच्छी निकल जाती है. मान लें, कोई छोटा ठेला या स्टॉल लगाओ तो 5–10 हजार रुपये में आराम से शुरुआत हो जाती है. मेहनत और स्वाद अच्छा रहा तो महीने में 40–50 हजार तक कमाया जा सकता है. असली बात यह है कि हिचक छोड़कर काम शुरू करो, क्योंकि ग्राहक को सिर्फ चीज़ अच्छी चाहिए. वह यह नहीं देखता कि दुकान गांव में है या शहर में. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : August 27, 2025, 18:52 IST Source link

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Business Idea: महिलाएं घर बैठे सिर्फ 10 हज़ार में शुरू करें ये...

Last Updated:August 28, 2025, 17:59 IST Business Idea: बढ़ती महंगाई के बीच घर बैठे छोटे निवेश में अचार का व्यवसाय महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए शानदार अवसर बन गया है. कम लागत में शुरू होने वाला यह व्यापार सही रेसिपी, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के साथ महीने में 25-30 हजार रुपए तक की आमदनी दे सकता है. ख़बरें फटाफट Business Idea: आज के समय में बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों के चलते घर का बजट कम पड़ने लगा है. ऐसे में लोगों की तनख्वाह महीने भर में ही खत्म हो जाती है और कई परिवारों के लिए जरूरी चीजें खरीदना मुश्किल हो जाता है. ऐसे समय में घर बैठे छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू करना सबसे सही विकल्प साबित हो सकता है. इन व्यवसायों में से एक बेहद फायदेमंद है अचार का बिजनेस (Pickle Business), जिसे कम निवेश में घर से ही शुरू किया जा सकता है और इससे अच्छी आमदनी भी कमाई जा सकती है. घर बैठे बिजनेस शुरू करने का मौकाअचार का व्यवसाय शुरू करने के लिए केवल 10 से 15 हजार रुपए तक का निवेश काफी है. इसे शुरू करने के लिए किसी बड़ी दुकान, गोदाम या अतिरिक्त जगह की आवश्यकता नहीं होती. घर में खाली कमरा, रसोई या कोई छोटी जगह ही पर्याप्त है. इस व्यवसाय की सबसे बड़ी जरूरत है बेहतरीन और यूनिक रेसिपी, क्योंकि मार्केट में कई तरह के अचार मिलते हैं और कॉम्पिटिशन भी बहुत है. अगर अचार की रेसिपी टेस्टी और यूनीक हो, तो ग्राहक उसे बार-बार खरीदने के लिए लौटते हैं. इसके अलावा, अपने प्रोडक्ट के लिए ब्रांड नाम तैयार करना जरूरी है ताकि मार्केट में पहचान बनाई जा सके. फ्लेवर का चुनाव और टारगेट कस्टमरअचार के कई फ्लेवर मार्केट में मिलते हैं. जिनमें आम और नींबू के अचार की मांग सबसे अधिक है. इसके अलावा, आंवला, सहजन और हरी मिर्च जैसे स्वास्थ्यवर्धक अचार भी लोग पसंद करते हैं. बिजनेस शुरू करने से पहले यह तय करना जरूरी है कि आप किस फ्लेवर को टारगेट करेंगे और अपने कस्टमर बेस को कैसे तैयार करेंगे. अचार को आप रिटेल या थोक में, साथ ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बेच सकते हैं. छोटे स्तर पर शुरू होने वाले व्यवसाय के लिए ज्यादा दस्तावेज़ या जटिल प्रक्रियाओं की जरूरत नहीं होती, बस FSSAI फूड प्रोसेसिंग लाइसेंस लेना जरूरी है, जिसे ऑनलाइन आवेदन के बाद आसानी से प्राप्त किया जा सकता है. मार्केटिंग और ब्रांडिंग के टिप्सइस व्यवसाय में सफलता पाने के लिए मार्केटिंग और ब्रांडिंग अहम भूमिका निभाती है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप ग्रुप, लोकल मार्केट और पड़ोसियों के माध्यम से अचार को प्रचारित किया जा सकता है. आकर्षक पैकेजिंग, अच्छे लेबल और साफ-सुथरे जार में अचार बेचना ग्राहकों को आकर्षित करता है. ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए समय पर डिलीवरी और गुणवत्ता बनाए रखना बेहद जरूरी है. कम लागत में अच्छी कमाई शुरुआत में इस व्यवसाय से महीने में लगभग 25 से 30 हजार रुपए तक की कमाई संभव है. जैसे-जैसे व्यवसाय बढ़ेगा, और नए फ्लेवर, बड़े पैमाने पर उत्पादन और अच्छे मार्केटिंग स्ट्रैटेजी अपनाए जाएंगे, सालाना लाखों रुपए तक की कमाई भी संभव है. इसे एक छोटी शुरुआत मानकर धीरे-धीरे व्यवसाय को बड़ा किया जा सकता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Azamgarh,Uttar Pradesh First Published : August 28, 2025, 17:59 IST Source link

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बिजनेस आइडिया: ये 5 दुकानें खोलकर आप कम समय में कमा सकते...

Last Updated:August 29, 2025, 19:48 IST अगर आप अपने लिए कोई नया व्यापार शुरू करने की सोच रहे हैं और चाहते हैं कि आपका काम हमेशा चलता रहे, तो सही जगह पर हैं. हम आपको ऐसे पांच टॉप बिज़नेस आइडियाज बता रहे हैं, जिन्हें खोलकर आप आसानी से लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं. ये ऐसे व्यापार हैं जहां ग्राहकों का तांता हमेशा लगा रहता है और आप घर बैठे भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. अगर आप भी अब कुछ व्यापार करने का सोच रहे हैं तो अपने गांव क्षेत्र या शहर में फास्ट फूड की दुकान खोल सकते हैं. इसमें आप चाट, फुल्की, चाउमीन, मोमोज के साथ कई अन्य आइटम रख सकते हैं. ये बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आते हैं और लोग इन्हें रोजाना खाना पसंद करते हैं. इस वजह से यह व्यापार आपकी आमदनी में अच्छा मुनाफा दिला सकता है. टॉप फाइव बिज़नेस में अगर बात करें तो आप अपने गांव क्षेत्र में रहकर कोचिंग क्लासेस खोल सकते हैं. आज के समय में शिक्षा का स्तर लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में लगभग हर परिवार अपने बच्चों को ट्यूशन के लिए किसी न किसी अध्यापक के पास भेजता है. ऐसे में आप भी अच्छी शिक्षा देकर ट्यूशन का बिज़नेस शुरू कर सकते हैं और इससे अच्छी कमाई कर सकते हैं. टॉप फाइव व्यापार में एक व्यापार दूध डेयरी का भी है. आज के समय में दूध लोगों की रोजमर्रा की ज़रूरत बन चुका है. ऐसे में आप दूध की डेयरी खोलकर उसमें पनीर, घी के साथ-साथ कुछ मसाले भी रख सकते हैं. इससे आपके व्यापार में अच्छी कमाई होगी और ग्राहकों की संख्या भी बढ़ेगी. Add News18 as Preferred Source on Google टॉप फाइव बिजनेस में एक व्यापार शैलून का भी है. इसे आप आबादी वाले क्षेत्र के बीच में खोल सकते हैं, क्योंकि आज के समय में हर कोई बाल कटवाने के साथ-साथ स्मार्ट और स्टाइलिश दिखना चाहता है. यही वजह है कि शैलून में रोज़ाना ग्राहकों की आवाजाही रहती है. ऐसे में यह व्यापार आपके लिए रोज़गार और कमाई का बेहतरीन साधन साबित हो सकता है. टॉप 5 व्यापार में आटा चक्की की दुकान खोलना भी एक अच्छा विकल्प है. इसे आप गांव या शहर के आबादी क्षेत्र में शुरू कर सकते हैं, क्योंकि आज भी लोग गेहूं पिसवाने के लिए चक्की का सहारा लेते हैं. इसके साथ ही अगर आप दुकान में मसाले पीसने की मशीन भी लगा देंगे तो ग्राहकों की संख्या और बढ़ जाएगी. इस तरह यह व्यापार आपको स्थायी आय और अच्छे मुनाफे का साधन दे सकता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : August 29, 2025, 19:48 IST Source link

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अब सोने में नहीं…. इस चीज़ में करें निवेश और साल भर...

Last Updated:August 30, 2025, 19:54 IST आजकल लोग गोल्ड और प्रॉपर्टी में पैसा लगाते हैं, लेकिन बांस की खेती भी किसी सोने की खान से कम नहीं है. जमीन चाहे थोड़ी हो या ज्यादा, बांस लगाने से वह सालों तक काम आती है. इसमें खर्चा कम है और फायदा कई गुना ज्यादा. यही वजह है कि छोटे किसान से लेकर बड़े कारोबारी तक इसे बढ़िया इनकम का जरिया मान रहे हैं. अगर आपके पास खेत या कोई खाली जमीन का टुकड़ा पड़ा है, तो उसे ऐसे ही मत छोड़िए. वहां बांस लगाने से वह जमीन काम आने लगेगी. इस खेती में ज्यादा खर्चा भी नहीं होता और साल दर साल कमाई होती रहती है. बांस को लोग अब हरा सोना कहते हैं, क्योंकि यह जेब भी भरता है और पर्यावरण को भी सुधारता है. पेड़ काटने की जरूरत नहीं पड़ती, सिर्फ तने काटो और खूब पैसे कमाओ, फिर से नए तने निकल आते हैं. इस वजह से इसका कारोबार खूब चल रहा है. अगर आप बांस लगा रहे हैं, तो जान लें कि यह फसल मिट्टी और मौसम की टेंशन नहीं देती. चाहे रेतीली जमीन हो या सामान्य खेत, बांस हर जगह उग जाता है. इसकी जड़ें मजबूत होती हैं और पानी की कमी भी सह लेती हैं. इसी वजह से यह फसल किसानों के लिए रिस्क-फ्री इनवेस्टमेंट बन चुकी है. Add News18 as Preferred Source on Google बांस का इस्तेमाल सिर्फ टोकरी या झोपड़ी बनाने में नहीं होता बल्कि फर्नीचर, फ्लोरिंग, पेपर, कपड़े और कंस्ट्रक्शन में भी किया जाता है यही वजह है कि देश-विदेश में इसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है मार्केट की इसी ताकत से किसानों को सालाना लाखों की कमाई होती है. जहां बाकी पेड़ों को बड़ा होने में सालों लग जाते हैं, वहीं बांस कुछ ही महीनों में तेजी से बढ़ता है. इसकी उम्र भी लंबी होती है, लगभग 40 से 50 साल तक रहती है. इस वजह से यह किसानों के लिए भरोसेमंद फसल है, जो पीढ़ियों तक कमाई देती है. भारत में बांस की दर्जनों किस्में मिलती हैं, जिनका इस्तेमाल अलग-अलग कामों में होता है. साथ ही यह हवा से खराब गैस खींचकर ज्यादा ऑक्सीजन छोड़ता है, इसलिए इसे हरा सोना कहा जाता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : August 30, 2025, 19:54 IST Source link

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Business Idea: सिर्फ 2.50 लाख लगाकर हर महीने कमाएं 50000, ये आइडिया...

Last Updated:September 08, 2025, 08:09 IST Business Idea: रांची के स्टार्टअप कंपनी के फाउंडर अतुल के अनुसार JUST DELIVERY Corporation की फैंचाइजी 2-5 लाख निवेश में शुरू की जा सकती है, जिससे हर महीने 40000-50000 रुपए तक कमाई संभव है. ऑनलाइन मार्केट का दौर है. लोग हर रोज करोड़ों ऑर्डर करते हैं और कुछ न कुछ मंगाते हैं, लेकिन कभी सोचा है कि जो कंपनी सामान लाने, ले जाने का काम करती है. वह कितने फायदे में रहती है. दरअसल, अगर बेहतर मॉडल पर काम किया जाए तो कुरियर लाने, ले जाने वाली कंपनियां इस ऑनलाइन दौर में अच्छी खासी कमाई कर रही हैं. उसकी वजह भी है. चूंकि इन कंपनियों को सिर्फ सामान लाना, ले जाना होता है. रांची के जाने-माने स्टार्टअप कंपनी के फाउंडर अतुल बताते हैं कि इसलिए इनकी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बिल्कुल नहीं हैं. ऐसे में अगर आप चाहें, तो आप भी ये बिजनेस शुरू कर सकते हैं, वो भी सिर्फ 2-5 लाख रुपए लगाकर. अगर आप अपनी कंपनी खोलना चाहें, तो आपको फैंचाइजी के जरिए बना-बनाया सेटअप भी मिल जाएगा. कुछ कंपनी हैं जैसे कि एक कंपनी का नाम लूंगा JUST DELIVERY Corporation जिसकी लॉजिस्टिक विंग का नाम है जस्ट डिलिवरी है. Add News18 as Preferred Source on Google काम शुरू करने के लिए लगभग 200 से 250 स्क्वायर फीट का एरिया चाहिए. इनवेस्टमेंट होगा करीब 2 लाख से 5 लाख रुपए का और फैंचाइजी फीस लगेगी. करीब एक लाख रुपए. कंपनी रॉयल्टी या कमीशन के तौर पर आपसे, आपके ऑफिस का 10 प्रतिशत हिस्सा लेगी. आपको एक-दो कंप्यूटर या लैपटॉप चाहिए होंगे, जिसमें जस्ट डिलिवरी कंपनी अपना सॉफ्टवेयर सपोर्ट देगी. साथ ही कंपनी इस सॉफ्टवेयर को चलाने और कारोबार का पूरा रिकॉर्ड रखने के लिए ट्रेनिंग देगी. कंपनी के लोग पहले 20 पार्सल भेजकर उसकी रिसीविंग कॉपी सॉफ्टवेयर में दिखाएंगे. कंपनी हर महीने की 20 तारीख को अपना प्रॉफिट काटकर बाकी की रकम आपको दे देगी. इस बिजनेस का प्रॉफिट आपको मिलने वाले काम पर निर्भर करेगा. फिलहाल, ये कंपनी 10 ग्राम से एक किलो तक के पार्सल के 6 रुपए पैकेट और अगर ई-कॉर्मस पैकेट हो तो 30 रुपए प्रति किलो चार्ज करती है. पार्सल का वजन जैसे-जैसे बढ़ता है. कुरियर कॉस्ट बढ़ती जाती है. फिर जितने पार्सल, उतना ही प्रॉफिट, लेकिन, फिर भी महीने की आप आराम से 40000 से 50000 तक कमा सकते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : September 08, 2025, 07:57 IST Source link

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Famous shops for domestic and foreign perfumes are present in Aligarh, get...

होमफोटोbusiness अलीगढ़ की फेमस इत्र शॉप, जहां मिलते हैं देशी-विदेशी ब्रांड्स और शाही खुशबू Last Updated:September 15, 2025, 22:26 IST अलीगढ़ ताले और तालीम के लिए भले ही मशहूर हो, लेकिन यहां का इत्र कारोबार भी अब लोगों के बीच खास पहचान बना रहा है. दोदपुर इलाके की दारुल किताब नामक दुकान पर सऊदी और दुबई से लेकर देशी-विदेशी ब्रांड्स तक के इत्र की शानदार वैराइटी मौजूद है. 100 रुपये से लेकर 1 लाख तक की कीमत वाले ये इत्र अपनी लंबी टिकने वाली खुशबू और शाही एहसास के कारण ग्राहकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं. कई लोगों को परफ्यूम लगाने का बहुत शौक होता है. इससे एक तरफ जहां उन्हें ताजगी महसूस होती है. वहीं वो इसकी महक से दूसरों को भी आकर्षित करते हैं. ज्यादातर लोग लॉन्ग लास्टिंग परफ्यूम को पसंद करते हैं. आप भी खुशबू लगाने के शौकीन हैं तो आपको बता दें कि अलीगढ़ में एक ऐसी दुकान है जो अपने इत्र के कारोबार के लिए प्रसिद्ध है. इस दुकान का नाम अपने आप में एक ऐतिहासिक धरोहर है. अलीगढ़ के दोदपुर इलाके मे स्थित दारुल किताब नाम की इस दुकान पर सऊदी और दुबई के बेशुमार इत्र का कलेक्शन मौजूद है. जो लोगों को आते हैँ बेहद पसंद. यहां 100 रूपए से लेकर 1 लाख तक के इत्र मिलेंगे. दुकान मालिक फेजान खान बताते हैं कि अपने यहां खास बात यह है कि एक तो यहां इंपोर्ट सेक्शन में सऊदी और दुबई की बहुत सारी वैराइटीज आती हैं. जिसमें रासासी, रताफा, हरमेन, अरबीयन जैसे ब्रांड के इत्र मौजूद है. यह ऐसे ब्रांड के इत्र हैं जो बहुत हाई लेवल के वर्ल्ड मे इत्र माने जाते हैं. इत्र बेचने वाले दुकानदार फेजान खान ने बताया कि यहां सारी तरीके की वैराइटीज हमारे यहां अवेलेबल है. साथ ही आपको बता दें कि यहां के लोगों का जो मिजाज हैं उन्हें अरबिक थीम पसंद आती है. जो सिर्फ इम्पोट खुशबू मे ही मिलेगी जो सिर्फ हमारे यहां मिलती है. सबसे बड़ी बात यह है कि यह हमारे यहां बजट में मिल जाती है और इस समय हमारे पास 50 से ज्यादा सऊदी और दुबई के अलावा कई विदेशी इत्र की वैराइटीज मौजूद हैँ. Add News18 as Preferred Source on Google फेजान बताते हैँ यहाँ जो इंडियन और लोकल कस्टमर आते हैं उनका ज्यादातर ठंडी खुशबू जैसे कि फ्लोरल टच पसंद करते है और कुछ लोग ऐसे भी है जिन्हे अरबिक थीम चाहिए. यानी की उत बेस खुशबू चाहिए तो इंपोर्ट सेक्शन में मिलती है जो हमारे यहां अवेलेबल है. हमारे यहां इंडियन ब्रांड के अलावा सऊदी और दुबई के ब्रांड के विशेष इत्र रखे जाते हैं. जिसकी लोगों में अक्सर डिमांड रहती है. प्राइस की बात करें तो इत्र में 8 एमएल का 70-100 रूपये से स्टार्ट है तो वहीं विदेशी इत्र की प्राइज़ 400 से लेकर एक लाख रूपए तक है. अरबी इत्र की खासियत यह है कि इनमें एक रहस्यमयी गहराई और लंबे समय तक टिकने वाली महक होती है. यही वजह है कि इनकी डिमांड हर मौसम में बनी रहती है. फैजान बताते हैं कि अलीगढ़ के लोग न सिर्फ खुद के लिए बल्कि गिफ्टिंग के लिए भी विदेशी इत्र की खरीदारी करते हैं. शादी-ब्याह, खास मौकों और धार्मिक त्योहारों पर यहां से इत्र की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है. खास कर इन विदेशी इत्र की. उत्तर प्रदेश का जनपद अलीगढ़ शहर वैसे तो ताले और तालीम की नगरी के नाम से दुनिया भर में मशहूर है. लेकिन इत्र का कारोबार भी यहां धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बना रहा है. दारुल किताब जैसी दुकानें न सिर्फ शहर में बल्कि बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गई हैं. यहां की महक लोगों के दिलों में उतर जाती है और यही वजह है कि एक बार आने वाला ग्राहक बार-बार लौटकर आता है. दुकानदार फेजान का कहना है कि गल्फ कंट्री के इत्र अपनी गहरी, शानदार और लंबे समय तक टिकने वाली खुशबू के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं. इनकी खासियत है कि इनमें प्राकृतिक ऊद, अंबर, केसर, गुलाब और मस्क जैसे दुर्लभ और कीमती तत्व इस्तेमाल किए जाते हैं. यही वजह है कि इनकी महक रॉयल और परफेक्ट मानी जाती है. दुबई और सऊदी अरब के इत्र सिर्फ़ खुशबू नहीं, बल्कि शान और शख्सियत का प्रतीक समझे जाते हैं. इन्हें लगाने से इंसान भीड़ में अलग नज़र आता है और ताजगी के साथ एक रॉयल अहसास महसूस करता है. यही वजह है कि गल्फ कंट्री के इत्र हर तबके में पसंद किए जाते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : September 15, 2025, 22:26 IST Source link

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