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CBSE Glitches: Minister Pradhan Takes Responsibility

नई दिल्ली33 मिनट पहले कॉपी लिंक नई दिल्ली में CBSE मुख्यालय शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि छात्रों की समस्याओं का समय पर, पारदर्शी और छात्र हित में समाधान किया जाए। सिस्टम के अंदर या बाहर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी। इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के CBSE और केंद्र सरकार पर उठाए सवालों पर प्रधान ने कहा- यह पहली बार था जब CBSE ने इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया। माना कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इन्हें ठीक किया जाएगा और समाधान निकाला जाएगा। दरअसल, गुरुवार को प्रधान ने नई दिल्ली में CBSE मुख्यालय में हुई अधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग की। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार, CBSE चेयरपर्सन राहुल सिंह, IIT मद्रास और IIT कानपुर के डायरेक्टर, शिक्षा मंत्रालय, केंद्रीय विद्यालय संगठन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और CBSE के सीनियर अधिकारी शामिल हुए। प्रधान के सभी अधिकारियों को निर्देश CBSE पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता और पेमेंट सिस्टम की तकनीकी समीक्षा की जाए। CBSE की डिजिटल इवेल्यूशन और मॉनिटरिंग व्यवस्था मजबूत की जाए। छात्रों की समस्याओं का समय पर और पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाए। परीक्षा और पोस्ट-रिजल्ट सर्विस को ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट फ्रेंडली बनाया जाए। किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाए। एग्जाम से जुड़ी सर्विस ज्यादा आसान बनाएं। अधिकारी बोले- अबतक 11 लाख स्कैन आंसर सीट देखी गईं बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस साल लगभग 18 लाख छात्रों ने Class 12 की परीक्षा दी। इसके तहत करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और लगभग 40 करोड़ स्कैन पेज प्रोसेस किए गए। अब तक करीब चार लाख छात्र पोर्टल के जरिए लगभग 11 लाख स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं देख चुके हैं। शिक्षा मंत्री ने CBSE पोर्टल पर लॉगिन दिक्कतों, सर्वर पर ज्यादा लोड और पेमेंट से जुड़ी समस्याओं को लेकर IIT मद्रास के प्रोफेसरों और डिजिटल सिस्टम एक्सपर्ट्स की टेक्निकल टीम पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता, लॉगिन मैनेजमेंट और पेमेंट गेटवे सिस्टम की समीक्षा की जिम्मेदारी दी है। CBSE ने कहा- OSM प्रक्रिया सुरक्षित और मजबूत बैठक में CBSE ने कहा कि ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) डिजिटल इवेल्यूशन के लिए सेफ और मजबूत IT प्लेटफॉर्म पर आधारित है। इस सिस्टम का सिक्योरिटी ऑडिट कराया गया है और इसमें आंसर शीट की स्कैनिंग और प्रोसेसिंग के लिए कई लेयर की सेफ्टी और क्वालिटी चेक मौजूद हैं। राहुल गांधी ने Coempt Edutech पर सवाल खड़े किए 27 मई को राहुल गांधी ने CBSE एग्जाम के डिजिटल इवेल्यूशन का कॉन्ट्रैक्ट Coempt Edutech के पास होने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया है कि Coempt Edutech का पुराना नाम Globarena था और जिसका रिकॉर्ड विवादों से जुड़ा रहा है। इसलिए इस मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए। इसके लिए SIT गठन हो। राहुल गांधी ने X पर पोस्ट में पूछा था कि Coempt को यह कॉन्ट्रैक्ट किसके आदेश पर दिया गया और क्या कंपनी का बैकग्राउंड चेक किया गया था। अगर बैकग्राउंड चेक हुआ और फिर भी कॉन्ट्रैक्ट दिया गया, या जांच ही नहीं हुई, दोनों ही हालत में सरकार जिम्मेदार है। राहुल गांधी के COEMPT को लेकर 7 सवाल राहुल के सवाल पर प्रधान का जवाब राहुल के सवालों पर प्रधान ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार था जब CBSE ने इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया। माना कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इन्हें ठीक किया जाएगा और समाधान निकाला जाएगा। प्रधान ने यह भी कहा है कि लगातार मिल रहीं चुनावी हार के कारण राहुल गांधी निराश हैं। इसलिए टेक्निकल प्रोग्रेस का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने SIR का विरोध किया, EVM का विरोध किया और Digital India का भी विरोध किया। वह भारत की वैज्ञानिक प्रगति के साथ खड़े नजर नहीं आते। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि यह राजनीति करने का समय नहीं है। छात्रों पर मानसिक दबाव और नहीं बढ़ना चाहिए और सभी पक्षों से अपील की कि कोई भी बयान या व्यवहार छात्रों के तनाव को और न बढ़ाए। प्रधान के जवाब पर राहुल का पलटवार शिक्षा मंत्री के बयान पर राहुल गांधी ने कहा है मुझ पर हमला करने से शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाएगी। अगर प्रधानमंत्री वास्तव में छात्रों की चिंता करते, तो इतने छात्रों का भविष्य खतरे में डालने के लिए धर्मेंद्र प्रधान को पहले ही हटा दिया गया होता। ……………………… CBSE विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CBSE वेबसाइट पर कोई भी कर सकता है कॉपी चेक:19 साल के छात्र का दावा- मास्‍टर पासवर्ड कोई भी देख सकता है, पोर्टल पर सिक्‍योरिटी नहीं 19 साल के एक स्‍टूडेंट निसर्ग अधिकारी ने दावा किया है कि उसने CBSE की वेबसाइट आसानी से हैक कर ली। निसर्ग एक साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर है। निसर्ग के ब्लॉग को आंत्रप्रेन्योर डीडी दास ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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CBSE Glitches: Minister Pradhan Takes Responsibility

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक नई दिल्ली में CBSE मुख्यालय शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि छात्रों की समस्याओं का समय पर, पारदर्शी और छात्र हित में समाधान किया जाए। सिस्टम के अंदर या बाहर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी। इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के CBSE और केंद्र सरकार पर उठाए सवालों पर प्रधान ने कहा- यह पहली बार था जब CBSE ने इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया। माना कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इन्हें ठीक किया जाएगा और समाधान निकाला जाएगा। दरअसल, गुरुवार को प्रधान ने नई दिल्ली में CBSE मुख्यालय में हुई अधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग की। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार, CBSE चेयरपर्सन राहुल सिंह, IIT मद्रास और IIT कानपुर के डायरेक्टर, शिक्षा मंत्रालय, केंद्रीय विद्यालय संगठन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और CBSE के सीनियर अधिकारी शामिल हुए। प्रधान के सभी अधिकारियों को निर्देश CBSE पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता और पेमेंट सिस्टम की तकनीकी समीक्षा की जाए। CBSE की डिजिटल इवेल्यूशन और मॉनिटरिंग व्यवस्था मजबूत की जाए। छात्रों की समस्याओं का समय पर और पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाए। परीक्षा और पोस्ट-रिजल्ट सर्विस को ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट फ्रेंडली बनाया जाए। किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाए। एग्जाम से जुड़ी सर्विस ज्यादा आसान बनाएं। अधिकारी बोले- अबतक 11 लाख स्कैन आंसर सीट देखी गईं बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस साल लगभग 18 लाख छात्रों ने Class 12 की परीक्षा दी। इसके तहत करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और लगभग 40 करोड़ स्कैन पेज प्रोसेस किए गए। अब तक करीब चार लाख छात्र पोर्टल के जरिए लगभग 11 लाख स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं देख चुके हैं। शिक्षा मंत्री ने CBSE पोर्टल पर लॉगिन दिक्कतों, सर्वर पर ज्यादा लोड और पेमेंट से जुड़ी समस्याओं को लेकर IIT मद्रास के प्रोफेसरों और डिजिटल सिस्टम एक्सपर्ट्स की टेक्निकल टीम पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता, लॉगिन मैनेजमेंट और पेमेंट गेटवे सिस्टम की समीक्षा की जिम्मेदारी दी है। राहुल गांधी ने Coempt Edutech पर सवाल खड़े किए 27 मई को राहुल गांधी ने CBSE एग्जाम के डिजिटल इवेल्यूशन का कॉन्ट्रैक्ट Coempt Edutech के पास होने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया है कि Coempt Edutech का पुराना नाम Globarena था और जिसका रिकॉर्ड विवादों से जुड़ा रहा है। इसलिए इस मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए। इसके लिए SIT गठन हो। राहुल गांधी ने X पर पोस्ट में पूछा था कि Coempt को यह कॉन्ट्रैक्ट किसके आदेश पर दिया गया और क्या कंपनी का बैकग्राउंड चेक किया गया था। अगर बैकग्राउंड चेक हुआ और फिर भी कॉन्ट्रैक्ट दिया गया, या जांच ही नहीं हुई, दोनों ही हालत में सरकार जिम्मेदार है। राहुल के सवाल पर प्रधान का जवाब राहुल के सवालों पर प्रधान ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार था जब CBSE ने इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया। माना कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इन्हें ठीक किया जाएगा और समाधान निकाला जाएगा। प्रधान ने यह भी कहा है कि लगातार मिल रहीं चुनावी हार के कारण राहुल गांधी निराश हैं। इसलिए टेक्निकल प्रोग्रेस का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने SIR का विरोध किया, EVM का विरोध किया और Digital India का भी विरोध किया। वह भारत की वैज्ञानिक प्रगति के साथ खड़े नजर नहीं आते। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि यह राजनीति करने का समय नहीं है। छात्रों पर मानसिक दबाव और नहीं बढ़ना चाहिए और सभी पक्षों से अपील की कि कोई भी बयान या व्यवहार छात्रों के तनाव को और न बढ़ाए। प्रधान के जवाब पर राहुल का पलटवार शिक्षा मंत्री के बयान पर राहुल गांधी ने कहा है मुझ पर हमला करने से शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाएगी। अगर प्रधानमंत्री वास्तव में छात्रों की चिंता करते, तो इतने छात्रों का भविष्य खतरे में डालने के लिए धर्मेंद्र प्रधान को पहले ही हटा दिया गया होता। CBSE ने कहा- OSM प्रक्रिया सुरक्षित और मजबूत बैठक में CBSE ने कहा कि ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) डिजिटल इवेल्यूशन के लिए सेफ और मजबूत IT प्लेटफॉर्म पर आधारित है। इस सिस्टम का सिक्योरिटी ऑडिट कराया गया है और इसमें आंसर शीट की स्कैनिंग और प्रोसेसिंग के लिए कई लेयर की सेफ्टी और क्वालिटी चेक मौजूद हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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SC Probe CBSE 3-Language Rule

Hindi News Career SC Probe CBSE 3 Language Rule | Student Pressure Hearing July 1, 2026 56 मिनट पहले कॉपी लिंक 27 मई को सुप्रीम कोर्ट ने CBSE 9वीं क्लास में थ्री-लैंग्वेज रूल पर अपनी सुनवाई में कहा कि थ्री-लैंग्वेज रूल लागू करने के फैसले पर जांच की जाएगी। साथ ही SC ने कहा कि ये देखना होगा कि CBSE के थ्री-लैंग्वेज रूल की वजह से छात्रों और संसाधनों पर बेमतलब का दबाव तो नहीं पड़ रहा। CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने कहा कि इस पॉलिसी को लागू करने में आने वाली जमीनी और व्यवस्थागत दिक्कतों को समझना होगा, खासकर तब जब शिक्षकों और किताबों दोनों की ही कमी है। CBSE और NCERT से जवाब मांगा कोर्ट ने थ्री लैंग्वेज रूल को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार, CBSE और नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग यानी NCERT को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। CBSE थ्री-लैंग्वेज रूल पर अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी। पहले 15 जून की तारीख तय की गई थी, लेकिन एडिशनल सॉलिसीटर जनरल ऐश्वर्या भाटी के अनुरोध पर इस जुलाई में रखा गया है। 22 मई को कुछ याचिकाकर्ताओं ने थ्री-लैंग्वेज रूल के इस सत्र से लागू करने के खिलाफ PIL दाखिल की थी। CBSE ने इस सत्र से 9वीं में थर्ड-लैंग्वेज रूल लागू किया CBSE ने कक्षा 9वीं लिए इसी सत्र से थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूला लागू करने का फैसला किया है। इसके लिए CBSE ने 15 मई को सर्कुलर जारी कर इसकी जानकारी दी थी। सर्कुलर के मुताबिक, ये कक्षा 9वीं के लिए 1 जुलाई से लागू होना है। इसके लिए नोटिफिकेशन 1 जुलाई से लागू होगा और स्टूडेंट्स को 31 मई तक तीसरी लैंग्वेज चुनने का समय दिया गया है। CBSE बोला- थर्ड-लैंग्वेज के लिए बोर्ड एग्जाम नहीं होगा 15 मई को जारी सर्कुलर में कहा गया था कि तीन भाषाओं में से कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी हैं। ये नियम नेशनल एजुकेशन पॉलिसी यानी NEP-2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन 2023 का हिस्सा है। हालांकि, CBSE ने यह भी स्पष्ट किया कि कक्षा 10 में थर्ड लैंग्वेज के लिए कोई बोर्ड एग्जाम नहीं होगी। बोर्ड ने सर्कुलर में कहा, ‘R3 (तीसरी भाषा) का पूरा मूल्यांकन स्कूल स्तर पर और आंतरिक रूप से किया जाएगा। छात्रों के प्रदर्शन को CBSE सर्टिफिकेट में दर्ज किया जाएगा।’ ‘थर्ड-लैंग्वेज में फेल तो 10वीं का सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा’ CJI ने पूछा कि क्या इस नीति के तहत कक्षा 10वीं में कोई परीक्षा देनी होगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि इसके लिए ‘आंतरिक मूल्यांकन’ होगा। रोहतगी ने कहा, ‘यह आपके फाइनल सर्टिफिकेट में दिखेगा। आपको साबित करना होगा कि आपने इसे पास किया है। जब तक आप इस पेपर में पास नहीं करेंगे, तब तक कक्षा 10वीं का सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा।’ CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। इनमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं। ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। CBSE ने 15 मई को एकेडमिक सेशन 2026-27 से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का सर्कुलर जारी किया था। इसका नोटिफिकेशन 1 जुलाई से लागू होगा और स्टूडेंट्स को 31 मई तक तीसरी लैंग्वेज चुनने का समय दिया गया है। जस्टिस जॉयमाल्या और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच करेगी सुनवाई सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने इस मामले में पेरेंट्स की तरफ से पक्ष रखा। जस्टिस जॉयमाल्या और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बैच इस पर सुनवाई करेगी। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनावई कर सकता है। इस फैसले से 9वीं, 10वीं वलास के लगभग 50 लाख बच्चे प्रभावित होंगे। याचिकाकर्ताओं का आरोप CBSE बात से पलटा याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ये फैसला CBSE के पहले के फैसले से बिल्कुल उलट है। सीबीएसई ने 9 अप्रैल को साफ कहा था कि तीसरी भाषा वाला नियम (R3) 9वीं क्लास के छात्रों पर 2029-30 सत्र तक लागू नहीं होगा। याचिका में CBSE और NCERT पर आरोप लगाया है कि ये मनमाना फैसला है। पेरेंट्स और टीचर्स का कहना है कि CBSE पहले खुद मान चुका है कि ट्रेंड टीचर्स और टेक्स्टबुक की कमी है, फिर भी स्कूलों पर इसे लागू करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छी और सार्थक शिक्षा का मतलब सिर्फ एक नया विषय थोप देना नहीं होता, खासकर तब जब उसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रेंड टीचर्स और पढ़ाने का सिस्टम ही मौजूद न हो। याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि यह सर्कुलर नई शिक्षा नीति 2020 की भावना के खिलाफ है। NEP में साफ कहा गया है कि किसी भी राज्य या छात्र पर कोई भाषा नहीं थोपी जाएगी। 9वीं, 10वीं क्लास के लिए थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी अनिवार्य 15 मई को जारी सर्कुलर में CBSE ने अपने सभी स्‍कूलों में कक्षा 9वीं और 10वीं में थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी अनिवार्य किया था। इसके तहत 9वीं और 10वीं के बच्‍चों को तीन भाषाओं की पढ़ाई करनी होगी। इनमें से 2 भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। CBSC का नोटिफिकेशन 1 जुलाई से लागू होगा। इस फैसले से 9वीं और 10वीं के मिलाकर लगभग 50 लाख बच्‍चे प्रभावित होंगे। साथ ही इस साल 10 वीं के बच्चों को तीसरी भाषा का पेपर नहीं देना होगा। स्‍कूल 30 जून तक थर्ड लैंग्‍वेज चुनेंगे थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी के तहत, एक भारतीय और एक विदेशी भाषा के साथ एक क्षेत्रीय भाषा पढ़ाई जानी है। CBSE ने स्‍पष्‍ट किया है कि स्‍कूल, छात्रों की पसंद के अनुसार थर्ड लैंग्‍वेज चुन सकते हैं। सभी स्‍कूलों को अपनी चुनी हुई लैंग्‍वेज की जानकारी 30 जून तक बोर्ड को देनी होगी। बोर्ड ने कहा कि लैंग्वेज को लेकर ये डिसीजन हाल ही में 2026-27 के लिए रिलीज किए गए NCERT सिलेबस को देखकर लिया गया है। इस सेशन की शुरुआत अप्रैल 2026 से हो चुकी है। लेकिन स्‍कूलों को 1 जुलाई से थर्ड लैंग्‍वेज की पढ़ाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। 10वीं में थर्ड लैंग्‍वेज का पेपर नहीं होगा CBSE ने साफ किया है कि इस साल 10वीं बोर्ड परीक्षा में

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RPSC APO Recruitment 2026 | Apply Online, Eligibility

आरपीएससी ने सहायक अभियोजन अधिकारी (गृह विभाग-अभियोजन) के 371 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 8 जून से 7 जुलाई तक किए जा सकेंगे। . इस भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 2 सितंबर को किया जाना प्रस्तावित है। आयु सीमा 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 21 वर्ष एवं अधिकतम 40 वर्ष से कम होनी चाहिए। आयोग द्वारा यह पद वर्ष 2024 में विज्ञापित किए गए थे। इसके बाद आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर की गई। इसके बाद इन पदों के लिए कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। इसलिए अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों का चयन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षा दो चरणों में प्रारम्भिक परीक्षा व मुख्य परीक्षा के रूप में ली जाएगी। यह रहेगा परीक्षा शुल्क सामान्य (अनारक्षित) और राजस्थान के क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक के लिए 600 रुपए। राजस्थान के नॉन क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांग के लिए 400 रुपए। ऐसे करें अप्लाई अभ्यर्थियों को आयोग की वेबसाइट https://rpsc.rajasthan.gov.in पर अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करना होगा या SSO पोर्टल https://sso.rajasthan.gov.in से लॉगिन करना होगा। इसके बाद सिटीजन एप (G2C) में रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) करना होगा। पहली बार OTR करने के लिए अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, लिंग, सेकेंडरी/समकक्ष परीक्षा, आधार कार्ड/पैन कार्ड/वोटर कार्ड/ड्राइविंग लाइसेंस में से किसी एक आई.डी. प्रूफ की डिटेल और डॉक्युमेंट अपलोड करना जरूरी है। लॉगिन कर सिटीजन एप में उपलब्ध रिक्रूटमेंट का चयन कर अपने OTR नंबर के आधार पर ऑनलाइन आवेदन करें। वन टाइम रजिस्ट्रेशन करने के बाद ओटीआर प्रोफाइल में किसी भी प्रकार का परिवर्तन किया जाना संभव नहीं होगा। ……….. पढें ये खबर भी…. RPSC ने RAS-2026 की वैकेंसी निकाली, नवंबर में होगा एग्जाम:जानिए- कब से शुरू होंगे आवेदन, कितने पदों पर होगी भर्ती राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के तहत 607 पदों के लिए भर्ती निकाली है। 29 नवंबर 2026 को एग्जाम होगा। राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद हैं। कैंडिडेट की आयु 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 21 साल और अधिकतम 40 साल होनी चाहिए। पूरी खबर पढें Source link

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Commonwealth Games 2030: Yogasan to be Included

Hindi News Career Commonwealth Games 2030: Yogasan To Be Included | Randhir Singh Dies 9 मिनट पहले कॉपी लिंक 1. भारत में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम शुरू 26 मई को भारत में देश का पहला ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) शुरू किया। इस बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की कुल कैपिसिटी 3.37 गीगावाट/घंटे है। ये रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने गुजरात में कच्छ सीमा पर खवड़ा में शुरू की है। BESS सिस्टम के बाद बैटरियों में सौर या पवन ऊर्जा से बनी बिजली को स्टोर की जरूरत पड़ने पर किसी भी शहर को सप्लाई दी जा सकती है। ये BESS सिस्टम 10 महीने में शुरू किया गया है। इस सिस्टम से पूरे एक शहर जैसे गोवा, इंदौर,चंडीगढ़ में बिजली दी जा सकती है। BESS सिस्टम स्टोरेज 1.2 करोड़ एलईडी बल्ब 10 घंटे तक लगातार जलाकर रख सकता है। भारत इतने बड़े रिन्यूएबल एनर्जी स्टोरेज में चीन के बाद दुनिया का दूसरा देश होगा। चीन ने इनर मंगोलिया और शिनजियांग प्रांतों में दुनिया के सबसे बड़े बैटरी प्रोजेक्ट्स लगाए हैं। चीन के छगन हाडा प्रोजेक्ट की क्षमता 4 हजार मेगा वॉट घंटा है। ये बैटरियां माइनस 35 डिग्री सेल्सियस में भी बिना रुके काम करती हैं। बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS); BESS ऐसी टेक्नोलॉजी है, जिसमें बिजली को रिचार्जेबल बैटरियों में स्टोरेज किया जाता है, ताकि जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके। यूटिलिटी लेवल की BESS परियोजनाओं में मुख्य रूप से लिथियम-आयन बैटरियों, पावर कन्वर्जन सिस्टम और ऊर्जा प्रबंधन तकनीकों का उपयोग किया जाता है। चीन को छोड़कर पूरी दुनिया में एक ही जगह पर बना ये सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट है। 2. सरकार कोल इंडिया में अपनी 2% हिस्सेदारी बेचेगी 27 मई को केंद्र सरकार ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए कोल इंडिया में अपनी 2% तक हिस्सेदारी बेचेगी। OFS के जरिए ये हिस्सेदारी 412 रुपए प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर बेची जाएगी। कोल इंडिया 2% हिस्सेदारी यानी लगभग 12.32 करोड़ शेयर 412 रुपए प्रति शेयर के भाव पर बेचने से लगभग 5,000 करोड़ रुपए सरकार को मिलेंगे। OFS में ‘ग्रीन शू’ ऑप्शन भी रखा गया है, पहले सरकार 1% शेयर बेचेगी, फिर और 1% शेयर की बिक्री की जाएगी। कोल इंडिया में इंवेस्टर्स 27 मई से बोली लगाना शुरू कर चुके हैं, नॉन रिटेल इंवेस्टर्स के लिए ये 29 मई को खुलेगी। सरकार का ऑफर फॉर सेल के जरिए कोल इंडिया के शेयर बेचने का उद्देश्य शेयर से आने वाले फंड से विनिवेश के लक्ष्य पूरे करना है। सरकार हर साल अपने बजट में विनिवेश के जरिए कमाई का एक लक्ष्य तय करती है। भारत सरकार के पास कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) में 63.13% हिस्सेदारी है। कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Lt.) भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के पूर्ण स्वामित्व वाली एक प्रमुख ‘महारत्न’ क्षेत्र कंपनी है, जिसका हेडक्वाटर कोलकाता, पश्चिम बंगाल है। ये दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वामित्व वाली कोयला उत्पादक कंपनी है और भारत के कुल कोयला उत्पादन में इसका लगभग 82% योगदान है। निधन 3. शूटर रणधीर सिंह का निधन 27 मई को भारत को एशियाई खेलों में शूटिंग में पहला गोल्ड दिलाने वाले रणधीर सिंह का निधन हो गया। वे 79 साल के थे। रणधीर 1968 से 1984 तक पांच बार के ओलंपियन रहे। 1978 में रणधीर ने एशियाई खेलों में ट्रैप शूटिंग में गोल्ड मेडल जीता था। 1979 में रणधीर को शूटिंग में एक्सिलेंस के लिए अर्जुन अवॉर्ड दिया गया था। रणधीर 1987 से 2012 तक भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) के जनरल सेक्रेटरी रहे। रणधीर 1991 से 2015 तक ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अध्यक्ष रहे। 2004 में रणधीर को उनकी सेवाओं के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया। रणधीर 2024 में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के प्रेसिडेंट बनने वाले पहले भारतीय बने। रणधीर 2001 से 2014 तक इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी के मेंबर रहे। 4. एक्टर रमाकांत दायमा का निधन 26 मई को टीवी और फिल्म एक्टर रमाकांत दायमा का निधन हो गया। वे 69 साल के थे। रमाकांत ने साल 2006 में संजय दत्त स्टारर फिल्म तथास्तु से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। बतौर एक्टर रमाकांत दायमा को सबसे ज्यादा लोकप्रियता प्रतीक गांधी स्टारर वेब सीरीज स्कैम 1992 से मिली थी। फिल्मों और टीवी में रहा लंबा सफर रमाकांत दायमा ने अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाए। इसके अलावा वे अक्षय कुमार की फिल्म ‘राम सेतु’, सिद्धार्थ मल्होत्रा की ‘ब्रदर्स’ में भी नजर आए थे। रमाकांत दायमा ने शाहरुख खान अभिनीत सुपरहिट फिल्म ‘चक दे इंडिया’ में काम किया था। स्पोर्ट्स 5. कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में ‘योगासन’ को शामिल किया जाएगा 27 मई को केंद्रीय खेल मंत्रालय के मुताबिक कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में ‘योगासन’ को शामिल किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने वर्ल्ड योगासन चैम्पियनशिप 2026 के शुभारंभ के दौरान अहमदाबाद में योगासन को शामिल करने की बात कही है। ये चैंपियनशिप कई सारी कैटेगरी में खेली जाएंगी, जिसमें ट्रेडिशनल योग, आर्टिस्टिक (कलात्मक) योग, परफॉर्मेंस योगा और टीम कॉम्पिटिशन शामिल हैं। इसके साथ ही भारत कुछ और स्वदेशी खेलों कबडडी, खो खो, मलखंब को भी कॉमनवेल्थ में शामिल करने पर भी विचार कर रहा है। इसके साथ ही पहली वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप 4 से 8 जून तक अहमदाबाद में आयोजित की जाएगी, जिसमें 75 से ज्यादा देशों और 500 से ज्यादा एथलीट हिस्सा लेंगे। जिसमें एथलीट इंटरनेशनल लेवल पर नियमों के साथ जूनियर, युवा और स्पेशल कैटेगरी में हिस्सा लेंगे। भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा। 6. एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में दो भारतीयों ने गोल्ड जीते 26 मई को वियतनाम में चल रही एशियाई अंडर-23 कुश्ती चैंपियनशिप में दो फ्रीस्टाइल रेसलर कुमार, मोहित और चंद्रमोहन ने गोल्ड मेडल जीते। भारत ने कई सारी अलग-अलग कैटेगरी में मेडल जीतकर फ्रीस्टाइल में अब तक 6 मेडल जीत लिए हैं। कुमार मोहित ने 65 किलोग्राम कैटेगरी में और चंद्रमोहन ने 79 किलोग्राम कैटेगरी में में गोल्ड जीते। मोहित ने किर्गिस्तान के ओस्कोनबाई ए. अब्दिसमातोव को 12-4 से हराया अयर चंद्रमोहन ने कजाकिस्तान के येरखान अबिल को हराया। अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2026 वियतनाम के दा नांग (Da Nang) शहर में 23 मई 2026 से शुरू हुई है और 31 मई 2026 तक चलेगी।

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Hindi News National CBSE Exam Digital Evaluation Row | Rahul Gandhi Questions COEMPT Contract नई दिल्ली32 मिनट पहले कॉपी लिंक राहुल ने कहा कि कंपनी का नाम बदल गया, लेकिन नीयत और फितरत वही रही। राहुल गांधी ने सेंट्रल बॉर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) के 12वीं के रिजल्ट में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि CBSE ने जिस COEMPT कंपनी को एग्जाम के डिजिटल इवैल्यूएशन का ठेका दिया है, उसका पहले ग्लोबारिना नाम था। कंपनी तेलंगाना में साल 2019 में विवादों में रही थी। राहुल ने सवाल किया कि COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया। कौन-कौन से नियम और प्रक्रियाएं दरकिनार करके इस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। COEMPT पहले ग्लोबारिना नाम से विवादों में घिर चुकी थी, यह बात CBSE को क्यों नहीं पता चली? COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध हैं। CBSE ने राहुल के आरोपों को खारिज किया है। CBSE मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि COEMPT एडूटेक को कॉन्ट्रैक्ट देने में सभी जनरल फाइनल्स रूल्स और तय प्रक्रियाओं का पालन किया गया। आरोप गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। CBSE बोला- चयन प्रक्रिया के बाद COEMPT को ठेका दिया CBSE का कहना है कि बोर्ड परीक्षा 2026 की कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन के लिए 28 अगस्त 2025 को सरकारी पोर्टल पर आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद तय प्रक्रिया पूरी होने पर COEMPT कंपनी को यह ठेका दिया गया। हर चौथे छात्र ने स्कैन कॉपी मांगी सीबीएसई 12वीं में ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम को लेकर छात्रों की असाधारण प्रतिक्रिया सामने आई है। 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए हर चौथे छात्र ने इसे लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। बोर्ड के मुताबिक, परीक्षा में बैठे 17,68,962 छात्रों में से 4,04,319 यानी 22.85% ने उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी मांगी है। इन छात्रों ने कुल 11,31,961 आंसरशीट मांगी हैं। इनमें से 8,98,214 आंसरशीट मंगलवार शाम तक छात्रों को भेजी जा चुकी थीं। पिछले साल के मुकाबले ये 4 गुना ज्यादा हैं। देश के किसी भी बोर्ड के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। बोर्ड की वेबसाइट पर तकनीकी गड़बड़ी के चलते अब भी कुछ आवेदन अटके हुए हैं। इनके उचित पेमेंट सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। बोर्ड ने बताया कि स्कैन आंसर शीट से जुड़े पेंडिंग आवेदन 27 मई तक पूर कर लिए जाएंगे। 29 मई से पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। अधिकारी ने कहा कि जिस समय अंतिम आंसरशीट जारी होगी, उसके दो दिन बाद तक पुनर्मूल्यांकन के आवेदन का विंडो खुला रहेगा। बोर्ड ने कहा कि जिन छात्रों को अपनी आंसरशीट को लेकर शिकायत है, वे अंकों के सत्यापन या प्रति सवाल पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। 2025 में 2 लाख 82 हजार आंसरशीट मांगी 2025 में 1,31,000 छात्रों ने अपनी 2,82,000 आंसरशीट मांगी थी। इनमें से 50 हजार छात्रों ने मिले अंक से असंतुष्ट होने पर पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। इनमें से 31 हजार छात्रों के अंक बढ़ गए और करीब एक से डेढ़ हजार छात्रों के अंक कम हो गए। 18 हजार छात्रों के अंकों में कोई फेरबदल नहीं हुआ। हालांकि, नंबर कम होने पर घटाए नहीं जाते, बल्कि यथावत रहते हैं। इस बार 12वीं परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन ऑन स्क्रीन किया गया, इसके लिए सभी आंशरशीट स्कैन की गई थी। ……………… CBSE विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CBSE वेबसाइट पर कोई भी कर सकता है कॉपी चेक:19 साल के छात्र का दावा- मास्‍टर पासवर्ड कोई भी देख सकता है, पोर्टल पर सिक्‍योरिटी नहीं 19 साल के एक स्‍टूडेंट निसर्ग अधिकारी ने दावा किया है कि उसने CBSE की वेबसाइट आसानी से हैक कर ली। निसर्ग एक साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर है। निसर्ग के ब्लॉग को आंत्रप्रेन्योर डीडी दास ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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Hindi News National CBSE Exam Digital Evaluation Row | Rahul Gandhi Questions COEMPT Contract नई दिल्ली30 मिनट पहले कॉपी लिंक राहुल ने कहा कि कंपनी का नाम बदल गया, लेकिन नीयत और फितरत वही रही। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सेंट्रल बॉर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) के एग्जाम के रिजल्ट में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि CBSE ने जिस COEMPT कंपनी को एग्जाम के डिजिटल इवेल्यूशन का ठेका दिया है, उसके पहले नाम ग्लोबारिना था। कंपनी तेलंगाना में साल 2019 में विवादों में रही थी। राहुल ने सवाल किया कि COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया। कौन-कौन से नियम और प्रक्रियाएं दरकिनार करके इस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। COEMPT पहले ग्लोबारिना नाम से विवादों में घिर चुकी थी, यह बात CBSE को क्यों नहीं पता चली? COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध हैं। वहीं, CBSE ने राहुल के आरोपों को खारिज किया है। CBSE मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि COEMPT एडूटेक को कॉन्ट्रैक्ट देने में सभी जनरल फाइनल्स रूल्स और तय प्रक्रियाओं का पालन किया गया। CBSE आरोप गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। CBSE बोला- चयन प्रक्रिया के बाद COEMPT को ठेका दिया CBSE का कहना है कि बोर्ड परीक्षा 2026 की कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन के लिए 28 अगस्त 2025 को सरकारी पोर्टल पर आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद तय प्रक्रिया पूरी होने पर COEMPT कंपनी को यह ठेका दिया गया। हर चौथे छात्र ने स्कैन कॉपी मांगी, किसी भी बोर्ड में ऐसा पहली बार सीबीएसई 12वीं में ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम को लेकर छात्रों की असाधारण प्रतिक्रिया सामनेे आई है। 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए हर चौथे छात्र ने इसे लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। बोर्ड के मुताबिक, परीक्षा में बैठे 17,68,962 छात्रों में से 4,04,319 यानी 22.85% ने उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी मांगी है। इन छात्रों ने कुल 11,31,961 आंसरशीट मांगी हैं। इनमें से 8,98,214 आंसरशीट मंगलवार शाम तक छात्रों को भेजी जा चुकी थीं। पिछले साल के मुकाबले ये 4 गुना ज्यादा हैं। देश के किसी भी बोर्ड के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। बोर्ड की वेबसाइट पर तकनीकी गड़बड़ी के चलते अब भी कुछ आवेदन अटके हुए हैं। इनके उचित पेमेंट सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। बोर्ड ने बताया कि स्कैन आंसर शीट से जुड़े पेंडिंग आवेदन 27 मई तक पूर कर लिए जाएंगे। 29 मई से पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। अधिकारी ने कहा कि जिस समय अंतिम आंसरशीट जारी होगी, उसके दो दिन बाद तक पुनर्मूल्यांकन के आवेदन का विंडो खुला रहेगा। बोर्ड ने कहा कि जिन छात्रों को अपनी आंसरशीट को लेकर शिकायत है, वे अंकों के सत्यापन या प्रति सवाल पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। 2025 में 2 लाख 82 हजार आंसरशीट मांगी 2025 में 1,31,000 छात्रों ने अपनी 2,82,000आंसरशीट मांगी थी। इनमें से 50 हजार छात्रों ने मिले अंक से असंतुष्ट होने पर पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। इनमें से 31 हजार छात्रों के अंक बढ़ गए और करीब एक से डेढ़ हजार छात्रों के अंक कम हो गए। 18 हजार छात्रों के अंकों में कोई फेरबदल नहीं हुआ। हालांकि, नंबर कम होने पर घटाए नहीं जाते, बल्कि यथावत रहते हैं। इस बार 12वीं परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन ऑन स्क्रीन किया गया, इसके लिए सभी आंशरशीट स्कैन की गई थी। ……………… CBSE विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CBSE वेबसाइट पर कोई भी कर सकता है कॉपी चेक:19 साल के छात्र का दावा- मास्‍टर पासवर्ड कोई भी देख सकता है, पोर्टल पर सिक्‍योरिटी नहीं 19 साल के एक स्‍टूडेंट निसर्ग अधिकारी ने दावा किया है कि उसने CBSE की वेबसाइट आसानी से हैक कर ली। निसर्ग एक साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर है। निसर्ग के ब्लॉग को आंत्रप्रेन्योर डीडी दास ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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UKSSSC Recruitment 90 Posts | Govt Jobs Today Latest Update

30 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी UPSC ने 194 पदों पर निकाली भर्ती, राजस्थान में 121 टीचर की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 जून से शुरू होगी। साथ में JKSSB ने 130 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. उत्तराखंड में 90 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 1 जून से आवेदन शुरू उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने 90 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : एज लिमिट : न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 42 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। फीस : जनरल, ओबीसी : 300 रुपए एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस : 150 रुपए पीएच कैंडिडेट्स : 150 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम सैलरी : असिस्टेंट एग्रीकल्चर ऑफिसर क्लास – 1, डेवलपमेंट ब्रांच : 44,900 – 1,42,400 रुपए प्रतिमाह असिस्टेंट एग्रीकल्चर ऑफिसर क्लास – 3 : 25,500 – 81,100 रुपए प्रतिमाह फॉडर असिस्टेंट ग्रुप – 3 : 25,500 – 81,100 रुपए प्रतिमाह क्वालिफाइंग मार्क्स : जनरल, ओबीसी : 45% एससी, एसटी : 35% एग्जाम पैटर्न : ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट sssc.uk.gov.in पर जाएं। होमपेज पर ऑनलाइन आवेदन लिंक पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन करके पर्सनल डिटेल्स दर्ज करें। फोटो और सिग्नेचर अपलोड करके फीस जमा करें। फॉर्म डाउनलोड करें। इसका एक प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक सरकारी नौकरी की ये खबरें भी पढ़ें राजस्थान में 3951 पदों पर निकली भर्ती; पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 1265 वैकेंसी, गुजरात मेट्रो में 383 ओपनिंग्स आज की सरकारी नौकरी में जानकारी राजस्थान में 3951 पदों पर निकली भर्ती, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 1265 नौकरी की। साथ में गुजरात मेट्रो में 383 वैकेंसी की जिसकी लास्ट डेट 28 मई तय की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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RPSC RAS 2026 Recruitment | Application Process & Vacancy Details

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के तहत 607 पदों के लिए भर्ती निकाली है। . राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद हैं। कैंडिडेट की आयु 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 21 साल और अधिकतम 40 साल होनी चाहिए। 4 जून से आवेदन कैंडिडेट 4 जून से 3 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे। कैंडिडेट का सिलेक्शन पहले प्री-परीक्षा और फिर मेन एग्जाम और इंटरव्यू से होगा। प्री-एग्जाम में वस्तुनिष्ट (ऑब्जेक्टिव) प्रश्न होंगे। वहीं मेन एग्जाम में वर्णनात्मक (डिस्क्रिप्टिव) प्रश्न होंगे। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सिलेबस जनवरी में किया था जारी परीक्षाओं का सिलेबस आयोग की वेबसाइट पर 9 जनवरी 2026 को जारी किया गया था। सिलेबस के आधार पर ही प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा होगी। परीक्षा की तारीख और स्थान के संबंध में बाद में सूचना दी जाएगी। राज्य सेवाएं (192 पद) क्र. सं. सेवा का नाम पदों की संख्या 1 राजस्थान प्रशासनिक सेवा 57 2 राजस्थान पुलिस सेवा 26 3 राजस्थान लेखा सेवा 36 4 राजस्थान सहकारी सेवा 06 5 राजस्थान नियोजन सेवा 03 6 राजस्थान कारागार सेवा 05 7 राजस्थान उद्योग सेवा 12 8 राजस्थान राज्य बीमा सेवा 11 9 राजस्थान वाणिज्यिक कर सेवा 0 10 राजस्थान खाद्य एवं नागरिक रसद सेवा 01 11 राजस्थान पर्यटन सेवा 06 12 राजस्थान परिवहन सेवा 10 13 राजस्थान समेकित बाल विकास सेवा 01 14 राजस्थान देवस्थान सेवा 01 15 राजस्थान ग्रामीण विकास सेवा 06 16 राजस्थान महिला विकास सेवा 04 17 राजस्थान श्रम कल्याण सेवा 02 18 राजस्थान आबकारी (सामान्य शाखा) सेवा 01 19 राजस्थान आबकारी (Preventive Force) सेवा 0 20 राजस्थान अल्पसंख्यक मामलात सेवा 02 21 राजस्थान राज्य कृषि विपणन सेवा (विपणन अधिकारी) 02 अधीनस्थ सेवाएं (415 पद) क्र. सं. सेवा का नाम पदों की संख्या 1 राजस्थान देवस्थान अधीनस्थ सेवा (NSA) 06 2 राजस्थान देवस्थान अधीनस्थ सेवा (SA) 0 3 राजस्थान सहकारिता अधीनस्थ सेवा (NSA) 109 4 राजस्थान सहकारिता अधीनस्थ सेवा (SA) 04 5 राजस्थान तहसीलदार सेवा (NSA) 136 6 राजस्थान तहसीलदार सेवा (SA) 12 7 राजस्थान आबकारी अधीनस्थ सेवा (NSA) 11 8 राजस्थान आबकारी अधीनस्थ सेवा (SA) 08 9 राजस्थान नियोजन अधीनस्थ सेवा 20 10 राजस्थान उद्योग अधीनस्थ सेवा 05 11 राजस्थान वाणिज्यिक कर अधीनस्थ सेवा (NSA) 0 12 राजस्थान वाणिज्यिक कर अधीनस्थ सेवा (SA) 0 13 राजस्थान खाद्य एवं नागरिक रसद अधीनस्थ सेवा (NSA) 17 14 राजस्थान खाद्य एवं नागरिक रसद अधीनस्थ सेवा (SA) 02 15 राजस्थान समेकित बाल विकास अधीनस्थ सेवा (NSA) 08 16 राजस्थान समेकित बाल विकास अधीनस्थ सेवा (SA) 06 17 राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधीनस्थ सेवा (परिवीक्षा एवं कारागृह कल्याण अधिकारी) (NSA) 02 18 राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधीनस्थ सेवा (परिवीक्षा एवं कारागृह कल्याण अधिकारी) (SA) 01 19 राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधीनस्थ सेवा (सामाजिक सुरक्षा अधिकारी) (NSA) 20 20 राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधीनस्थ सेवा (सामाजिक सुरक्षा अधिकारी) (SA) 02 21 राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधीनस्थ सेवा (परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी) (NSA) 05 22 राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधीनस्थ सेवा (जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी) (SA) 0 23 राजस्थान श्रम कल्याण अधीनस्थ सेवा (NSA) 34 24 राजस्थान श्रम कल्याण अधीनस्थ सेवा (SA) 01 25 राजस्थान अल्पसंख्यक मामलात अधीनस्थ सेवा (Programme Officer) 0 26 राजस्थान अधीनस्थ सेवा ‘राज्य कृषि विपणन विभाग अनुभाग’ (कनिष्ठ विपणन अधिकारी) 06 17 अप्रैल को RAS-2024 को जारी हुआ था रिजल्ट 17 अप्रैल को आयोग ने आरएएस-2024 का रिजल्ट जारी किया था। इससे पहले राज्य सरकार ने जनवरी में एक लाख भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया था। इसमें जानकारी दी गई थी कि आरएएस भर्ती 2026 करीब 500 पदों पर होगी। इस भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा के लिए 3 मई की तारीख प्रस्तावित की थी, लेकिन वैकेंसी नहीं निकली। यह रहेगा परीक्षा शुल्क सामान्य (अनारक्षित) और राजस्थान के क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक के लिए 600 रुपए। राजस्थान के नॉन क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांग के लिए 400 रुपए। ऐसे करें अप्लाई अभ्यर्थियों को आयोग की वेबसाइट https://rpsc.rajasthan.gov.in पर अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करना होगा या SSO पोर्टल https://sso.rajasthan.gov.in से लॉगिन करना होगा। इसके बाद सिटीजन एप (G2C) में रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) करना होगा। पहली बार OTR करने के लिए अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, लिंग, सेकेंडरी/समकक्ष परीक्षा, आधार कार्ड/पैन कार्ड/वोटर कार्ड/ड्राइविंग लाइसेंस में से किसी एक आई.डी. प्रूफ की डिटेल और डॉक्युमेंट अपलोड करना जरूरी है। लॉगिन कर सिटीजन एप में उपलब्ध रिक्रूटमेंट का चयन कर अपने OTR नंबर के आधार पर ऑनलाइन आवेदन करें। वन टाइम रजिस्ट्रेशन करने के बाद ओटीआर प्रोफाइल में किसी भी प्रकार का परिवर्तन किया जाना संभव नहीं होगा। —– यह खबर भी पढ़िए… RAS में आधा नंबर से टॉपर बने दिनेश विश्नोई:9वें स्थान पर रहे भूपेन्द्र के इन्टरव्यू में सबसे ज्यादा नंबर; पहले प्रयास में 23 साल की शालू सिलेक्ट राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा-2024 का रिजल्ट आरपीएससी ने जारी कर दिया। वैकेंसी निकालने से लेकर फाइनल रिजल्ट तक के सफर में इस बार महज 1 साल 7 महीने और 17 दिन का ही समय लगा। पढ़ें पूरी खबर… Source link

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India 6th in World Stock Market; Neelam Meena Appointed Chief Election Officer

Hindi News Career India 6th In World Stock Market; Neelam Meena Appointed Chief Election Officer 38 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. क्वाड देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क पर MoU साइन किया 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक खत्म हुई। बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल हुए। अमेरिका की ओर से मार्को रूबियो, जापान से तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पेनी वोंग मौजूद रहे। भारत और अमेरिका ने क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ सप्लाई सिक्योरिटी के लिए एक MoU साइन किया। ये MoU भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने में मदद करेगा। क्वाड देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क शुरू करने को मंजूरी दी। इसके साथ ही खनन, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए मिलकर निवेश और सहयोग करने पर मंजूरी दी। क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक में एनर्जी सिक्योरिटी बढ़ाने के लिए भी पहल की है, जिसके तहत फ्यूल सिक्योरिटी फोरम और रीजनल एनर्जी सिक्योरिटी को आगे बढ़ाया जाएगा। हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री निगरानी बढ़ाने के लिए क्वाड देश सैटेलाइट डेटा साझा करेंगे, जिससे तस्करी, अवैध मछली पकड़ने और आपदा राहत में मदद मिलेगी। क्वाड देशों ने फिजी में ‘पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर’ प्रोजेक्ट शुरू करने का फैसला भी किया है, जिसके तहत पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और रीजनल कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही क्वाड देशों ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े संकट पर भी बात की। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 2. ताइवान दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर मार्केट बना 25 मई को ब्लूमबर्ग की जारी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को पीछे छोड़ ताइवान दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर मार्केट बन गया है। ताइवान का कुल मार्केट कैप 4.95 ट्रिलियन हुआ, जबकि भारत का मार्केट कैप 4.92 ट्रिलियन है। ताइवान के शेयर मार्केट में आए इस उछाल का मुख्य कारण ताइवानी सेमीकंडक्टर और एआई (AI) इंडस्ट्री की बढ़ती मांग है। ताइवान के मार्केट में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह चिप निर्माता कंपनी Taiwan Semiconductor Manufacturing Company यानी TSMC रही है। कंपनी के शेयर इस साल करीब 49 प्रतिशत बढ़े हैं। भारत अब ग्लोबल शेयर मार्केट रैंकिंग में छठे नंबर पर आ गया है। दुनिया के सबसे बड़े शेयर मार्केट अमेरिका, चीन, जापान और हांगकांग के हैं। शेयर मार्केट रैंकिंग के मामले में ताइवान भारत से आगे है, लेकिन अर्थव्यवस्था के आकार में भारत अब भी काफी बड़ा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमान के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था करीब 4.15 ट्रिलियन डॉलर की है और यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। वहीं, ताइवान का ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट यानी, GDP करीब 977 अरब डॉलर है। 3. भारत और कनाडा ने ‘CEPA 2030’ लक्ष्य तय किया 25 मई को भारत और कनाडा ने साल 2026 के आखिर तक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) पूरा करने का लक्ष्य तय किया। कनाडा के पीएम मार्क कॉर्नी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बीच ओटावा में हुई बैठक में इस बात की जानकारी दी। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, CEPA का उद्देश्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $50 बिलियन (लगभग 4 लाख करोड़ रुपए) तक करना है। कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने इस समझौते को दोनों देशों के लिए ‘गेम चेंजर’ बताया है। ये MoU सर्विस, इंवेस्टमेंट और ह्यूमन रिसोर्स से संबंधित है। इसके साथ ही दोनों देश एनर्जी, एग्रीकल्चर और हायर एजुकेशन जैसे सेक्टर्स में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। इस MoU से भारतीय निर्यातकों को कनाडा के बाजार में बेहतर पहुंच मिल सकेगी। ये CEPA भारत की ‘एक्ट वेस्ट’ और कनाडा की ‘इंडो-पैसिफिक’ रणनीति का हिस्सा है। इस MoU के पूरा होने पर फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल और IT प्रोफेशनल्स को फायदा मिलेगा। भारत और कनाडा के बीच व्यापार वार्ता की अगली बैठक जुलाई 2026 में ओटावा में आयोजित की जाएगी। अपॉइंटमेंट (APPOINTMENT) 4. नीलम मीणा चीफ इलेक्शन ऑफिसर अपॉइंट हुईं 26 मई को 1998 बैच की IAS नीलम मीणा ने पश्चिम बंगाल की नई चीफ इलेक्शन ऑफिसर (CEO) का पद संभाला। IAS नीलम की नियुक्ति पूर्व CEO मनोज कुमार अग्रवाल को राज्य का मुख्य सचिव बनाए जाने के बाद की गई है। नीलम हुगली जिले की मजिस्ट्रेट भी रह चुकी हैं। साथ ही सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण (SJDA) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी रहीं। नीलम पश्चिम बंगाल सरकार के युवा सेवा और पर्यावरण विभाग में वरिष्ठ पदों पर रह चुकी हैं। इसके साथ ही नीलम चाय बोर्ड और ग्रामीण विकास मंत्रालय में भी काम कर चुकी हैं। फरवरी 2024 में नीलम पश्चिम बंगाल के कंज्यूमर डिपार्टमेंट की सेक्रेटरी बनाई गई थीं और अब तक वे इस पद पर थीं। इससे साथ ही नीलम कई सारे डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल सेक्रेटरी, डायरेक्टर, सेक्रेटरी, डिप्टी चेयरमैन, प्राइवेट सेक्रेटरी, जिला कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट, जॉइंट सेक्रेटरी, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर समेत कई पदों पर काम कर चुकी हैं। नीलम कई डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल सेक्रेटरी, डायरेक्टर और डिप्टी चेयरमैन रह चुकी हैं। मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 5. बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह पर FWICE ने बैन लगाया 25 मई को बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह पर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने बैन लगाया। ये बैन अचानक फिल्म छोड़ने की वजह से लगाया गया है। एक्टर-डायरेक्टर फरहान अख्तर ने रणवीर सिंह के अचानक फिल्म ‘डॉन 3’ से बाहर होने की शिकायत FWICE में की थी। फरहान ने अपनी शिकायत में कहा कि फिल्म का प्री प्रोडक्शन शुरू हो गया था, इसके बाद रणवीर ने फिल्म छोड़ दी। इससे फिल्म मेकर्स को 45 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। FWICE के मुताबिक, फेडरेशन के अध्यक्ष वीएन तिवारी नेरणवीर से इस मामले में तीन बार बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने रिस्पोंस नहीं दिया। इसके बाद FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव (उनके साथ काम न करने का निर्देश) जारी कर दिया है। फरहान ने साल 2023 में फिल्म डॉन-3 की घोषणा एक्टर रणवीर सिंह के साथ की थी। 2006 में आई शाहरुख स्टारर डॉन और 2011 में आई डॉन-2 के बाद ये इस फ्रेंचाइजी की ये तीसरी फिल्म थी। फेडरेशन

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