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ई-रिक्शा की बैटरी में अगर चुपके से बम लगा दे तो डेटोनेटर बन सकता है BAT-BMS ऐप

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E-Rickshaw Battery Hacking App: ई-रिक्शा पर आज रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं. यही वजह है कि सुरक्षा विशेषज्ञ इस तरह की तकनीकों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की बात कहते हैं. अगर किसी बैटरी के साथ किसी तरह का विस्फोटक छुपा दिया जाए तो यह ऐप बिल्कुल बिल्कुल डेटोनेटर बन सकता है और लाखों जिंदगियां मुसीबत में पड़ सकती हैं.

ई-रिक्शा की बैटरी में अगर चुपके से बम लगा दे तो डेटोनेटर बन सकता है BAT-BMS ऐपZoom

ई-रिक्शा की बैटरी बंद करने वाले ऐप ने बढ़ाई चिंता. (प्रतीकात्मक तस्वीर- AI)

दिल्ली समेत कई शहरों में धड़ल्ले से चलने वाली ई-रिक्शा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली खबर आई है. पता चला है कि BAT-BMS नाम के एक मोबाइल ऐप की मदद से चलते हुए ई-रिक्शा को दूर से बंद किया जा सकता है. इस ऐप के जरिये ब्लूटूथ के जरिये आसपास मौजूद लिथियम बैटरी वाले ई-रिक्शा की बैटरी से कनेक्ट होकर उसे ऑन-ऑफ करने का विकल्प दिखाई देता है. कई ई-रिक्शा चालकों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों से चलते-चलते उनके ई-रिक्शा अचानक बंद हो रहे हैं.

कैसे काम करता है यह ऐप?

ये ऐप काम कैसे करती है और इसके जरिये कैसे चलता हुआ ई-रिक्शा रुक सकता है. इसे एक डेमो के जरिये समझ सकते हैं. यह एप्लीकेशन ओपन करके मोबाइल का ब्लूटूथ जब आप ऑन करेंगे तो आसपास जितने भी ई-रिक्शा होंगे उनकी बैटरी नंबर आपकी मोबाइल स्क्रीन पर दिख जाएगी. बिल्कुल वाईफाई की तरह. जैसे वाई-फाई ऑन करने पर आसपास के सारे नेटवर्क शो करते हैं, वैसे ही इसमें ई-रिक्शा की बैटरी दिखने लगती है. वैसे वाई-फाई में कनेक्ट करने पर आपको पासवर्ड डालना होता है लेकिन यह एप्लीकेशन ऐसी है कि इसमें किसी पासवर्ड या परमिशन की जरूरत नहीं है.

बताया जा रहा है कि जैसे ही मोबाइल में ब्लूटूथ ऑन किया जाता है, आसपास मौजूद सारी ई-रिक्शा की बैटरियां स्क्रीन पर दिखाई देने लगती हैं. इनमें से किसी एक बैटरी को चुनने पर उसकी चार्जिंग की स्थिति भी नजर आती है. आरोप है कि ई-रिक्शा बैटरी कनेक्ट होने के बाद उसे ऑन-ऑफ भी किया जा सकता है.

ई-रिक्शा चालकों का नया सिरदर्द!

दिल्ली के कालीबाड़ी मार्ग पर ई-रिक्शा चलाने वाले बंटी कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले उनका रिक्शा चलते-चलते अचानक बंद हो गया था. पहले उन्हें लगा कि बैटरी खराब हो गई है, लेकिन बाद में दूसरे ड्राइवरों से उन्हें BAT-BMS ऐप के बारे में पता चला. उन्होंने ऐप डाउनलोड कर बैटरी को दोबारा ऑन किया, जिसके बाद रिक्शा चल पड़ा. कई दूसरे चालकों का भी कहना है कि पिछले तीन-चार दिनों से उन्हें इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

अगर कोई बैटरी के साथ बम छिपा दे तो…

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल साइबर और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर खड़ा हो गया है. अगर कोई भी व्यक्ति बिना इजाजत किसी वाहन की बैटरी को कंट्रोल कर सकता है तो इसका दुरुपयोग कई तरह से किया जा सकता है. चलते ट्रैफिक में ई-रिक्शा अचानक बंद होने से सड़क हादसे हो सकते हैं. भीड़भाड़ वाले इलाकों में इससे अफरा-तफरी की स्थिति भी पैदा हो सकती है.

ई-रिक्शा पर आज रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं. यही वजह है कि सुरक्षा विशेषज्ञ इस तरह की तकनीकों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की बात कहते हैं. अगर किसी बैटरी के साथ किसी तरह का विस्फोटक छुपा दिया जाए तो यह ऐप बिल्कुल बिल्कुल डेटोनेटर बन सकता है और लाखों जिंदगियां मुसीबत में पड़ सकती हैं.

वाहन के किसी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के दुरुपयोग की यह आशंका सुरक्षा एजेंसियों के नई परेशानी का कारण बन सकती है. हालांकि फिलहाल ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है कि BAT-BMS ऐप का इस्तेमाल किसी विस्फोटक को डेटोनेट करने के लिए किया गया हो या यह ऐसा कर सकता हो. यह केवल एक संभावित सुरक्षा चिंता है, जिसकी तकनीकी और फोरेंसिक जांच जरूरी होगी.

ई-रिक्शा चालकों ने मांग की है कि BAT-BMS ऐप की तत्काल जांच कराई जाए. उनका कहना है कि अगर यह ऐप वास्तव में बिना इजाजत बैटरी को कंट्रोल कर सकता है तो इसे प्ले स्टोर से हटाया जाए और बैटरी बनाने वाली कंपनियों को अपने सिस्टम में मजबूत सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए जाएं.

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Saad Omar

साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें



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