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Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार और एकनाथ शिंदे की मुलाकात को लेकर उठे सवालों पर अब डिप्टी सीएम शिंदे ने सफाई दी है. न्यूज18 से खास बातचीत में शिंदे ने कहा कि पवार वरिष्ठ नेता हैं और महाराष्ट्र की परंपरा के मुताबिक उन्होंने उनका सम्मान किया. उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोधी दुश्मन नहीं होते. उनके इस बयान से महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं जरूर शुरू हो गई हैं.
शरद पवार की एकनाथ शिंदे संग मुलाकात से अटकलों का बाजार गर्म
महाराष्ट्र की सियासत में पिछले दिनों हुई शरद पवार और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मुलाकात ने कई सवाल खड़े कर दिए थे. बंद कमरे में हुई इस मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई थी. अब शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रमुख और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने इस मुलाकात को लेकर पूरी तस्वीर साफ की है. न्यूज18 को दिए एक खास इंटरव्यू में शिंदे ने बताया कि शरद पवार से उनकी मुलाकात अचानक हुई थी और इसमें कोई राजनीतिक संदेश नहीं था.
शिंदे ने बताई मुलाकात की वजह
एकनाथ शिंदे ने कहा, ‘शरद पवार एक वरिष्ठ नेता हैं. वह महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को लेकर बैठक में आए थे. किसी ने मुझे बताया कि वह चैंबर में बैठे हैं, इसलिए मैं उनसे मिलने चला गया. हमारी परंपरा रही है कि हम अपने वरिष्ठ नेताओं और बुजुर्गों का सम्मान करते हैं.’ उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करना महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा है.
उद्धव गुट पर भी साधा निशाना
शरद पवार और शिंदे की मुलाकात को लेकर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने नाराजगी जताई थी. उन्होंने कहा था कि पवार जैसे वरिष्ठ नेता का शिंदे के कार्यालय में जाकर मिलना उनकी छवि को प्रभावित करता है. इस पर शिंदे ने विधानसभा में भी कहा था कि ‘राजनीतिक विरोधी दुश्मन नहीं होते.’
‘2019 में जनता के साथ हुआ था धोखा’
शिवसेना के एनडीए के साथ रिश्तों और 2022 में हुए सत्ता परिवर्तन पर शिंदे ने कहा कि उनकी लड़ाई सत्ता के लिए नहीं बल्कि विचारधारा के लिए थी. उन्होंने कहा, ‘2022 में हम मंत्री थे. हमने किसी की सत्ता नहीं छीनी. हमने अपने पद और सत्ता छोड़ी. हमारे साथ 40 विधायक आए. चुनाव में 60 विधायक जीतकर आए.’
शिंदे ने 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना और बीजेपी के गठबंधन टूटने को लेकर उद्धव ठाकरे गुट पर निशाना साधा.