NEET पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन कर दिया है. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा है कि उनकी पार्टी झारखंड के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी सभी जायज मांगों का समर्थन करती है.
अभिजीत दिपके ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत की है. उन्होंने लिखा, ‘झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों से बात हुई. CJP झारखंड के सभी छात्रों के साथ खड़ी है और उनकी मांगों का समर्थन करती है.’
पांचवें दिन भी जारी रहा छात्रों का आंदोलन
उधर राजधानी रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा. 29 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने रविवार शाम मशाल जुलूस निकाला और अल्बर्ट एक्का चौक तक मार्च किया.
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने ‘JPSC की CBI जांच कराओ’, ‘स्टूडेंट्स यूनिटी जिंदाबाद’ और ‘हेमंत सोरेन जवाब दो’ जैसे नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों ने युवाओं का सरकारी भर्ती प्रक्रिया से भरोसा खत्म कर दिया है.
क्या हैं छात्रों के आरोप?
छात्रों का आरोप है कि 14वीं JPSC संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा, JSSC-CGL परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं. उनका दावा है कि इस बार OMR शीट तक लीक होने के आरोप सामने आए हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि पहले भी कई मामलों में जांच के आदेश दिए गए, लेकिन किसी भी दोषी पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
एक अभ्यर्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने CID जांच के निर्देश जरूर दिए हैं, लेकिन छात्रों का उस जांच पर भरोसा नहीं है. उनका आरोप है कि पहले भी JSSC-CGL पेपर लीक मामले में जांच का कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया था.
CBI-ED जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांग है कि 19 अप्रैल को आयोजित 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द किया जाए और पिछले सात वर्षों में JPSC एवं JSSC द्वारा कराई गई सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से निष्पक्ष जांच कराई जाए.
इसके अलावा छात्र OMR शीट में ‘Not Attempted’ (उत्तर नहीं दिया) का पांचवां विकल्प जोड़ने की भी मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित होनी चाहिए, ताकि मेहनत करने वाले युवाओं को न्याय मिल सके.
सरकार को दी विधानसभा घेराव की चेतावनी
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा. उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की लड़ाई है.
इस बीच CJP के समर्थन के बाद आंदोलन को नया राजनीतिक और राष्ट्रीय ध्यान मिलने की संभावना जताई जा रही है. अब निगाहें राज्य सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं.