Last Updated:
पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखने वाले हमीम मंडल से पूछताछ के बाद कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. दावा है कि आरोपी हमीम पाकिस्तान, अमेरिका, ब्रिटेन और मेक्सिको में मौजूद कई संदिग्ध लोगों के संपर्क में था. जांच में राना, सी9उजैर और आबिद जट जैसे नाम सामने आए हैं. पुलिस को मोबाइल फोन से विदेशी हैंडलर्स के साथ हुई चैट भी मिली है. जानिए कौन हैं ये लोग और हमीम मंडल केस में एसटीएफ ने क्या-क्या दावे किए हैं.
पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने आतंकी हमीम मंडल कर गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. (एआई इमेज)
CM Suvendu Assassinate Trap & Jantar Mantar violence: पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संबंध रखने वाले संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. एसटीएफ का कहना है कि हमीम मंडल सोशल मीडिया और व्हाट्स एप के जरिए विदेश में बैठे कई लोगों के संपर्क में था. पुलिस ने इस मामले में दर्ज एफआईआर में पाकिस्तान, अमेरिका, ब्रिटेन और मेक्सिको से जुड़े कुछ मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट का भी जिक्र किया है.
एसटीएफ ने हमीम मंडल को दो दिन पहले पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले से गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में था और दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान हिंसा फैलाने की साजिश में भी शामिल था. एफआईआर के मुताबिक, जांच के दौरान हमीम के मोबाइल फोन से कई चैट और कॉन्टैक्ट मिले हैं. पुलिस का दावा है कि वह छह अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट और व्हाट्सएप नंबर के जरिए विदेशी हैंडलर्स से बात करता था.
- एसटीएफ के अनुसार, इनमें पाकिस्तान के कंट्री कोड +92 वाले दो नंबर राना और सी9उजैर के नाम से सेव कर रखा था. वहीं +1 कंट्री कोड वाला अमेरिकी नंबर का इस्तेमाल आबिद जट नाम का शख्स कर रहा था. इसके अलावा ब्रिटेन और मेक्सिको के नंबर भी जांच के दायरे में हैं, जिन्हें ‘हामिद’ नाम से इस्तेमाल किया जा रहा था.
- जांच एजेंसी ने एक X अकाउंट का भी जिक्र किया है. एसटीएफ का आरोप है कि यह अकाउंट पाकिस्तान से ऑपरेट किया जा रहा था और हमीम इसी के जरिए भी संपर्क में था. एफआईआर में पुलिस ने दावा किया है कि हमीम मंडल और उसके साथी भारत में जासूसी का नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे.
- आरोप है कि इस नेटवर्क का मकसद स्थानीय युवाओं की भर्ती करना, हथियारों का इंतजाम करना, अहम सरकारी ठिकानों और वीआईपी लोगों की जानकारी जुटाना और दूसरी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देना था. पुलिस का कहना है कि इन गतिविधियों से देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को खतरा हो सकता था.
- इस मामले में हमीम की कथित गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार को भी झारखंड से गिरफ्तार किया गया है. एसटीएफ का आरोप है कि दोनों ने मिलकर एक राज्य मंत्री उमेश राय के बेटे के अपहरण और फिरौती की साजिश भी बनाई थी. इसके अलावा, एफआईआर में इनसे जुड़े कई अन्य चौंकाने वाले खुलासे भी किए गए हैं.
सुवेंदु को हनी ट्रैप में फंसाकर हत्या की थी साजिश
पुलिस का दावा है कि अर्पिता सरकार को हनी ट्रैप के जरिए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के दफ्तर में सेंध लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी. इसके बाद उनकी हत्या को अंजाम देने की साजिश थी. जांच एजेंसी का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर्स और शाहजाद भट्टी गैंग के इशारों पर काम कर रहा था. एसटीएफ का यह भी दावा है कि हमीम मंडल सोशल मीडिया के जरिए आतंकियों से संपर्क में आया. हमीम और अर्पिता की मुलाकात करीब चार साल पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी और तभी से दोनों एक-दूसरे के संपर्क में थे.
About the Author
Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
और पढ़ें