नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में इस वक्त अमेरिका-ईरान की शांति-वार्ता का हाई-वोल्टेज ड्रामा क्लाइमैक्स पर है. राष्ट्रपति ट्रंप ने आखिरी फैसला सुनाने से पहले गल्फ देशों के साथ इमरजेंसी मीटिंग भी बुला ली है. ठीक इसी अहम मोड़ पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत के दौरे पर हैं और मीडिया के साथ हर अपडेट्स साझा कर रहे हैं. हाल ही में CNN-News18 को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में रूबियो ने ईरान के हालातों पर खुलकर बात की. शांति-वार्ता के बीच भी वो ईरान को खरी-खोटी सुनाने से पीछे नहीं हटे. सिर्फ कूटनीति नहीं, रूबियो ने इस बातचीत के दौरान आम जनता की जेब से जुड़े मुद्दे, पेट्रोल-CNG का मुद्दा भी छेड़ा.
‘पेट्रोल-CNG के बढ़ते दामों का जिम्मेदार ईरान’
मार्को रूबियो ने इंटरव्यू की शुरुआत में ही बिना किसी लाग-लपेट के सीधे ईरान पर बड़ा हमला बोला दिया है. उन्होंने कहा, ‘दुनिया भर में तेल की कीमतें सिर्फ इसलिए बढ़ रही हैं क्योंकि ईरान ने पूरी तरह से गैरकानूनी और आपराधिक तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना कंट्रोल जमा रखा है’. रूबियो ने साफ-साफ कह दिया कि दुनिया भर में जो तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, उसकी असली जड़ कोई और नहीं बल्कि ईरान की दादागिरी है.
रूबियो ने कहा कि ईरान अब खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को खुलेआम धमका रहा है. ईरान की तरफ से ऐसी चेतावनी दी जा रही है कि जो भी जहाज उन्हें मांगा हुआ टैक्स नहीं देगा वो जहाज डुबा दिया जाएगा. अमेरिकी विदेश मंत्री ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का सबसे बड़ा उल्लंघन बताते हुए कहा कि ‘किसी भी कानून के तहत इसकी इजाजत बिल्कुल नहीं दी जा सकती’.
कैसे हल होगी पश्चिम एशिया की जंग?
जब रूबियो से पूछा गया कि क्या इस संकट को बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है, तो उन्होंने ईरान की अंदरूनी राजनीति का एक कड़वा सच सामने रखा. उन्होंने बहुत ही साफ शब्दों में कहा, ‘जहां तक बातचीत या नेगोशिएशन का सवाल हैbतो ईरान के साथ किसी समझौते पर पहुंचना कोई बच्चों का खेल नहीं है. ये एक ऐसा बिखरा हुआ और टूटा हुआ सिस्टम है जिसे वहां के कट्टरपंथी मौलवी चला रहे हैं’.
इसके बावजूद रूबियो ने यह भरोसा दिलाया कि अमेरिका आज भी युद्ध के बजाय शांति का रास्ता ही चुनना चाहता है. उन्होंने कहा कि ‘हमारी पहली प्राथमिकता यही रहेगी कि बातचीत के जरिए किसी शांतिपूर्ण नतीजे पर पहुंचा जा सके’.
ईरान-अमेरिका पीस डील की टेबल पर क्या चल रहा है?
इस इंटरव्यू का सबसे बड़ा हाईलाइट वो बयान रहा, जिसने तेहरान में चल रही सीक्रेट पीस डील की खबरों पर एक तरह से मुहर लगा दी. रूबियो ने कहा, ‘ईरान से सबसे बड़ा और असली खतरा उसके परमाणु कार्यक्रम से है. हम चाहते हैं कि इस गंभीर मुद्दे का समाधान बातचीत के टेबल पर ही निकले. हम इसके लिए लगातार कोशिश भी कर रहे हैं’.
रूबियो ने सस्पेंस खोलते हुए आगे कहा, ‘जिस वक्त मैं आपसे यह बात कर रहा हूं, ठीक इसी समय हमारे लोग ईरान के साथ इस बातचीत की टेबल पर बैठे हुए हैं और चर्चा का हिस्सा हैं’. उनके इस बयान से साफ है कि पाकिस्तान और कतर के जरिए जो शांति का मसौदा तेहरान भेजा गया है, उस पर इस वक्त आर-पार की बातचीत चल रही है.
ट्रंप की ईरान को आखिरी वॉर्निंग
इंटरव्यू के आखिर में मार्को रूबियो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से ईरान को एक बेहद सख्त और आखिरी अल्टीमेटम दे दिया. रूबियो ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप का नजरिया एकदम साफ और कड़क है ‘राष्ट्रपति ने साफ कर दिया है कि अब ये स्टेटस को (यानी जैसी स्थिति अभी चल रही है) किसी भी कीमत पर और ज्यादा दिनों तक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. चाहे रास्ता बातचीत का निकले या फिर कोई और सख्त कदम उठाना पड़े, हम इस समस्या को जड़ से खत्म करने जा रहे हैं. राष्ट्रपति इस बात को लेकर पूरी तरह कमिटेड हैं’.