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NEET UG 2026 Ranchi Topper: रांची के ज्ञानेंद्र गर्व ने नीट यूजी परीक्षा में 676 रैंक हासिल की है. उनकी इस सफलता के पीछे दो साल की कड़ी मेहनत, फिक्स रूटीन और स्मार्ट स्ट्रेटजी रही. उन्होंने बताया कि दो साल तक वे बाहरी दुनिया से बिलकुल कट गए थे और दिन-रात केवल पढ़ाई पर फोकस करते थे.
रांची. झारखंड की राजधानी रांची के ज्ञानेंद्र गर्व ने नीट यूजी रिजल्ट में 676 रैंक लाकर सफलता हासिल की है. उन्होंने बताया कि यहां तक पहुंचना इतना आसान नहीं था. 2 साल तक सुबह से रात तक इतना फिक्स रूटीन, कड़ी मेहनत और स्मार्ट स्ट्रेटजी थी कि बाहरी दुनिया क्या होती है, यह पता ही नहीं था. सिर्फ अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया. आखिरकार सफलता मिल ही गई.
2 साल तक कट गए थे बाहरी दुनिया से
ज्ञानेंद्र बताते हैं, 2 साल तक किसी पार्टी या किसी फंक्शन में कहीं नहीं गया. बिना एक दिन भी ब्रेक लिए मैंने हर दिन कोचिंग क्लास की है. क्योंकि कंसिस्टेंसी बहुत जरूरी होती है. खासतौर पर मैंने प्रैक्टिस पर अधिक जोर दिया है. सुबह 6:00 बजे उठ जाना, स्कूल जाना, आकर कोचिंग जाना और फिर 4 से 5 घंटे सेल्फ स्टडी करना. 2 साल तक मेरा बस यही रूटीन रहा.
त्यागना पड़ा सब कुछ
ज्ञानेंद्र बताते हैं, 2 साल तक मैंने सब कुछ त्याग दिया था. दोस्तों के साथ घूमना-फिरना, सब कुछ. क्योंकि सिर्फ एक ही लक्ष्य था कि अपने सिलेबस को कैसे पूरा करें. रिवीजन पर रिवीजन, प्रैक्टिस पर प्रैक्टिस, इन्हीं चीजों पर ध्यान था. इसके अलावा और कुछ नहीं. ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में सिर्फ एनसीईआरटी पर अधिक फोकस किया. फिजिक्स और बायोलॉजी में एनसीईआरटी के साथ कोचिंग के नोट्स मिलते हैं, उन पर फोकस किया.
सबसे जरूरी होती है टीचर्स की बात मानना, वे जो नोट्स देते हैं, वे जो बातें बताते हैं, उनको धरातल पर उतारना. मैंने वही किया. ऐसा नहीं कि कुछ स्पेशल था, बस वे जो बताते थे, उसको हर दिन मन लगाकर फॉलो किया. ईमानदारी से अपने टाइम टेबल को फॉलो किया. एग्जाम के पहले मैंने करीब 100 से अधिक मॉक टेस्ट दिए थे.
मॉक टेस्ट है बहुत जरूरी
इस एग्जाम में मॉक टेस्ट बहुत जरूरी है. मैंने 100 से अधिक मॉक टेस्ट दिए हैं. हर मॉक टेस्ट के बाद देखा कि गलती कहां पर हो रही है, कौन सा टॉपिक छूट रहा है, यह टॉपिक क्यों नहीं बन रहा है. फिर वापस जाकर उसका रिवीजन किया. इस प्रक्रिया को मैंने बार-बार दोहराया और यही मेरे लिए मील का पत्थर साबित हुआ. अगर आप ईमानदारी से अपने लक्ष्य के प्रति लगे रहते हैं, तो आपको सफलता जरूर मिलेगी. बस आपके अंदर थोड़ा धैर्य होना चाहिए.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें