रांची22 घंटे पहले
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झारखंड में मानसून सक्रिय: गुमला में सबसे ज्यादा 71.4 मिमी बारिश, तीन जिलों में लू का अलर्ट
झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हुआ है, लेकिन मौसम के दो रंग दिख रहे हैं। राज्य के कुछ क्षेत्रों में बुधवार को बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा गुमला के रायडीह में 71.4 मिमी बारिश हुई, तो रांची में 15 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 30 जून तक राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई गई है, जिसके लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, पलामू, गढ़वा व चतरा में कहीं-कहीं लू (Heatwave) चलने की संभावना जताई गई है।
सामान्य से 58% कम बरसे बदरा, साहिबगंज में सबसे खराब स्थिति
मानसून की रफ्तार बढ़ी है, लेकिन अभी भी पूरे राज्य में बारिश नहीं हो रही है। राज्य में 24 जून तक सामान्य बारिश 132.2 मिमी होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक सिर्फ 55.6 मिमी बारिश ही हुई है, यानी 58 प्रतिशत कम।
साहिबगंज: यहाँ सबसे खराब स्थिति है, जहाँ अभी तक 160 मिमी के मुकाबले सिर्फ 3.2 मिमी बारिश हुई है (सामान्य से 98% कम)।
रांची: यहाँ सामान्य से 13% कम बारिश हुई है। यहाँ 137.4 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, मगर 119.6 मिमी ही दर्ज की गई।
राष्ट्रीय-अंतरराज्यीय मौसम अपडेट
1. अरुणाचल में बहकर आया मलबा: 20 घर तबाह, 3 लापता, मदद को पहुंची वायुसेना
ईटानगर: पिछले 24 घंटे में 72.8 मिमी बारिश होने से अरुणाचल प्रदेश में हालात बिगड़ गए हैं। कीई पन्योर जिले में बाढ़ के साथ आए मलबे में 18 मकान बह गए। 5 लोग लापता हैं तो 17 घायल हैं। पुलिस के मुताबिक, भारी बारिश के चलते कीई पन्योर, क्रा दादी, कुरुंग कुमे जिले राजधानी से कट गए हैं। मदद के लिए वायुसेना को भेजा गया है। बाढ़ के प्रकोप से सब तबाह हो गया है।
2. मप्र पहुंचा मानसून; दिल्ली पहुंचने में एक हफ्ता लगेगा
अनिरुद्ध शर्मा (नई दिल्ली): आखिर 9 दिन की देरी के बाद मानसून ने बुधवार को गुजरात व मध्य प्रदेश में एंट्री कर ली। पिछले अलनीनो वर्ष यानी 2023 में भी मप्र में 24 जून को इसने दस्तक दी थी और अगले ही दिन पूरे प्रदेश में छा गया था। इस बार 3-4 दिन लग सकते हैं। फिलहाल, यह समूचे महाराष्ट्र को कवर करके आगे निकल गया है। इसके साथ ही बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड के कुछ जिलों में इसने दस्तक दे दी है। इसकी उत्तरी सीमा रेखा अब सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज व मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिन में मानसून पूर्वी यूपी में दस्तक देगा। रविवार से यह रफ्तार पकड़ेगा, जिससे अगले पांच दिन पूरे देश में झमाझम बारिश होने की संभावना है।
विशेषज्ञों की राय और सलाह
“धान की सीधी बुआई करें किसान”— डॉ. डीएन सिंह, कृषि वैज्ञानिक “मानसून की बेरुखी से इस बार किसान काफी प्रभावित होंगे। ऐसे में जहां सिंचाई की व्यवस्था नहीं है, वहां किसानों को गेहूं की तरह सीधे धान की बुआई करने की जरूरत है; क्योंकि इसमें पानी की कम जरूरत पड़ती है। इसके अलावा, किसान अन्य विकल्प जैसे मक्का, अरहर, ज्वार, बाजरा, मडुआ, उड़द सहित अन्य फसलें लगा सकते हैं।”

“जुलाई में अच्छी बारिश होने की उम्मीद”— अभिषेक आनंद, मौसम वैज्ञानिक “बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवातीय क्षेत्र और राजस्थान से पश्चिम बंगाल तक फैला मानसून का टर्फ झारखंड में नमी ला रहा है। इस वजह से कुछ क्षेत्रों में बारिश हो रही है। मानसून अब राज्य के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय हो चुका है और अगले 2-3 दिनों में इसके और मजबूत होने की संभावना है। जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी बारिश की संभावना लग रही है।”

