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टेररिज्म पर सेलेक्टिव रुख बंद हो, जीरो टॉलरेंस का दिखावा ना करे दुनिया: जयशंकर

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S Jaishankar Speech: आतंकवाद को अपनी विदेश नीति का हथियार बनाने वाले मुल्कों को भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच से एक बार फिर बेनकाब किया है. एस जयशंकर ने बिना नाम लिए पाकिस्तान और उसके पैरोकारों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि आतंक को किसी भी देश की नीति को आगे बढ़ाने का जरिया बनाना कतई स्वीकार्य नहीं है.

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टेररिज्म पर सेलेक्टिव रुख बंद हो, जीरो टॉलरेंस का दिखावा ना करे दुनिया: जयशंकरZoom

जयशंकर ने आतंकवाद को शांति के लिए घातक खतरा करार दिया है.

S Jaishankar Speech: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 25 अक्टूबर को कहा कि आतंकवाद का इस्तेमाल ‘किसी देश की नीतियों को आगे बढ़ाने के साधन’ के रूप में करना पूरी तरह अस्वीकार्य है तथा इसे कभी उचित नहीं ठहराया जा सकता और न ही इसके पक्ष में कोई तर्क दिया जा सकता है. जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद का खतरा इसलिए बना हुआ है, क्योंकि ‘सभी देश इसे बिल्कुल न बर्दाश्त करने की नीति वास्तव में नहीं अपनाते हैं.’ उन्होंने दिल्ली के एक कार्यक्रम में किसी देश का नाम लिए बगैर कहा कि इतिहास में आतंकवाद से जुड़े कई सबक मिलने के बावजूद ‘कुछ देश अब भी राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देते हैं.’

चिन्मय मिशन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने शांति के महत्व पर जोर दिया, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया के विभिन्न हिस्सों में संघर्ष हो रहे हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा, “आइए, शांति की अविभाज्यता पर विचार करें. कहीं भी युद्ध होना, हर जगह शांति के लिए खतरा है.” उन्होंने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत जब यह कहता है कि संवाद और कूटनीति ही एकमात्र समाधान हैं, तो वह वैश्विक भावना को व्यक्त करता है.

जयशंकर ने कहा, “आतंकवाद शांति के लिए एक और घातक खतरा है. आतंकवाद का इस्तेमाल किसी देश की नीतियों और उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के साधन के रूप में करना पूरी तरह अस्वीकार्य है. इसे कभी उचित नहीं ठहराया जा सकता और न ही इसके पक्ष में कोई तर्क दिया जा सकता है. इसके बावजूद आतंकवाद जारी है, क्योंकि सभी देश इसे बिल्कुल न बर्दाश्त करने का रुख वास्तव में नहीं अपनाते. इतिहास में इतने सबक मिलने के बावजूद कुछ देश अब भी राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देते हैं.” उन्होंने कहा कि इसलिए दुनिया को इस साझा खतरे के प्रति अधिक सजग होना चाहिए और आतंकवाद के सभी रूपों से मुकाबला करने के लिए अधिक दृढ़ संकल्प के साथ एकजुट होना चाहिए.

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राकेश रंजन कुमार

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…

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