- Hindi News
- Local
- Jharkhand
- Ranchi
- The Condition Of Harmu, Albert Ekka, Sahajanand Chowk… They Had Gone To Improve It, But They Ruined Whatever Was There And Left.
रांची18 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

राजधानी रांची को संवारने के लिए दशकों से योजनाएं बन रही हैं। सड़क चौड़ीकरण, फुट ओवरब्रिज और फ्लाईओवर बनाने की योजना तैयार करने पर अब तक करीब 50 करोड़ रुपए खर्च हो गए। लेकिन, अधूरी प्लानिंग की वजह से लोगों को इसका फायदा नहीं मिला।
इसका ताजा उदाहरण हैं हरमू बाईपास रोड के तीन प्रमुख चौराहे। नगर विकास विभाग की एजेंसी जुडको द्वारा करीब 14 करोड़ की लागत से सहजानंद चौक, हरमू चौक और अरगोड़ा चौक का सौंदर्यीकरण कराने की योजना बनाई गई।

सहजानंद चौक के गोलंबर का आकार 8 मीटर से बढ़ाकर 24 मीटर करने का काम शुरू कर दिया गया था। मापी करने के बाद गोलंबर के चारों ओर गार्डवाल ढालने के लिए घेराबंदी कर दी गई। लेकिन स्थानीय लोगों ने ट्रैफिक जाम होने की शिकायत की। इस पर डीसी ने एसडीओ और ट्रैफिक एसपी से स्थल की जांच कराई। जांच के बाद तत्काल निर्माण पर रोक लगा दी गई। पिछले एक माह से सहजानंद चौक को चारों ओर से घेरकर छोड़ दिया गया है। इससे चौक के पास ट्रैफिक मूवमेंट धीमा हो गया है। अफसरों की अधूरी योजना से बिगड़ी चौराहों की सूरत अब सवाल पूछ रही है कि जब संवारना नहीं था तो अधूरा काम करके क्यों छोड़ दिया।
प्लानिंग में खामियों से सौंदर्यीकरण अधूरा : सेवानिवृत्त अभियंता एस. कुमार ने बताया कि शहर के सौंदर्यीकरण की जो भी योजनाएं बन रही हैं, उनमें लोगों की सहभागिता नहीं है। जुडको ऊपर के अफसरों के निर्देश पर करोड़ों की योजना बनाता है। पैसे भी खर्च कर दिए जाते हैं, लेकिन जब धरातल पर काम होता है तो प्रभावित लोग विरोध करते हैं। अगर लोगों की जरूरत का आकलन कर काम किया जाए तो कारगर होगा।
करोड़ से हरमू चौक का सौदर्यीकरण होगा।
अल्बर्ट एक्का चौक को बिगाड़ने पर खर्च कर दिए 4 करोड़ रु.
मेन रोड स्थित अल्बर्ट एक्का चौक के ऊपर चारों ओर फुट ओवरब्रिज का निर्माण किया जाना था। 22 करोड़ की योजना बनाई गई। लोगों से सलाह लिए बिना चौक को पुराने स्थल से करीब पांच फीट दूर शिफ्ट किया गया। पिलर का काम शुरू कर दिया गया था। इसके बाद सांसद- विधायक सहित कई संगठन विरोध में उतर गए। क्योंकि, फुट ओवरब्रिज बनने से यहां जाम की स्थिति बनती और धार्मिक आयोजनों पर भी असर पड़ता। इसके बाद काम तो बंद हो गया, पर करीब 4 करोड़ रुपए खर्च हो गए।
अरगोड़ा चौक पर गोलंबर का आकार बढ़ा तो जाम लगना तय
अरगोड़ा चौक का सौंदर्यीकरण भी करीब 4.26 करोड़ रुपए से किया जाना है। अरगोड़ा चौक के गोलंबर की चौड़ाई को 8 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर किया जाएगा। इस चौक पर पहले से ही विवाद है। पूर्व में नामकरण को लेकर उभरे विवाद के बाद निषेधाज्ञा भी लग चुकी है। यहां भी चौक के चारों ओर जमीन की जरूरत पड़ेगी। अगर जमीन नहीं मिली तो इस चौराहे का सौंदर्यीकरण भी अधर में पड़ सकता है। क्योंकि, गोलंबर की चौड़ाई बढ़ने से यहां ट्रैफिक जाम की समस्या होगी।
हरमू चौक के किनारे 25 पेड़ों को किया ठूंठ, अभी से लोगों का विरोध
हरमू चौक के सौंदर्यीकरण के लिए चौक के बाईं ओर सड़क के किनारे लगाए गए वर्षों पुराने 25 पेड़ों को ठूंठ कर दिया गया है। जुडको ने पेड़ों को छांटकर दूसरे स्थान पर ट्रांसप्लांट कराने का दावा किया है, लेकिन टहनियां कटने के बाद हरमू चौक पूरी तरह वीरान लग रहा है। ऐसे में ये पेड़ कितने दिन जिंदा रहेंगे, यह कहना मुश्किल है। स्थानीय लोग इसका लगातार विरोध कर रहे हैं। अब विकास कार्य के खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी दे चुके हैं।
