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Gopalganj Worker Death Case: बिहार के गोपालगंज जिले के श्रमिक सुनेश राम की अफ्रीका के अंगोला में संदिग्ध मौत हो गई है. एजेंट पर शव भारत लाने के लिए आठ लाख रुपये मांगने का आरोप है. परिजनों ने सांसद और डीएम से मदद की गुहार लगाई है ताकि शव स्वदेश आ सके.
गोपालगंज के सुनेश राम की अंगोला में संदिग्ध मौत हो गई है. एजेंट पर शव भारत लाने के लिए आठ लाख रुपये मांगने का आरोप है.
गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले के एक श्रमिक की अफ्रीकी देश अंगोला में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया. अब परिजन मृतक का पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए परेशान हैं. परिवार का आरोप है कि शव को भारत भेजने के लिए कंपनी के एजेंट की ओर से 8 लाख रुपये की मांग की जा रही है. परिजनों ने सांसद और जिलाधिकारी से मदद की गुहार लगाई है.
रोजगार की तलाश में अहमदाबाद गए थे सुनेश राम
मामला गोपालगंज नगर थाना क्षेत्र के भितभेरवा गांव के वार्ड नंबर 14 का है. यहां के रहने वाले 40 वर्षीय सुनेश राम करीब पांच महीने पहले रोजगार की तलाश में अहमदाबाद गए थे. मृतक के भाई राजेश राम ने बतलाया कि अहमदाबाद में उन्होंने टॉप इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड में एजेंट राजेश पटेल के माध्यम से वेल्डर के पद पर काम के लिए इंटरव्यू दिया था. परिजनों का कहना है कि कंपनी में करीब दो महीने काम करने के बाद सुनेश राम को रोजगार के सिलसिले में अंगोला भेज दिया गया.
अंगोला में बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत
मृतक श्रमिक की मां लाखपति देवी ने कहा कि अंगोला में रहने के दौरान सुनेश राम की तबीयत खराब हो गई. परिजनों का आरोप है कि उन्हें समुचित इलाज नहीं मिल सका और शुक्रवार को उनकी मौत हो गई. मौत के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी से नहीं हुई है. सुनेश की मौत की खबर मिलने के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों के सामने सबसे बड़ी चिंता अब उनका पार्थिव शरीर भारत वापस लाने की है.
शव भारत लाने के लिए 8 लाख रुपये मांगने का आरोप
मृतक के भाई राजेश राम का आरोप है कि सुनेश राम का पार्थिव शरीर अंगोला से भारत लाने के लिए कंपनी के एजेंट की ओर से 8 लाख रुपये की मांग की जा रही है. परिवार का कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इतनी बड़ी रकम जुटाना संभव नहीं है. परिजनों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप कर सुनेश राम का शव जल्द से जल्द भारत लाने में मदद करने की अपील की है.
दो बच्चों को पीछे छोड़ गए सुनेश
सुनेश राम अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गए हैं. उनकी 18 वर्षीय बेटी खुशबू कुमारी और 12 वर्षीय बेटा जिगर कुमार है. पिता की मौत के बाद दोनों बच्चों और परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है. परिजनों का कहना है कि वे अपने बेटे और पिता के अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर के भारत लौटने का इंतजार कर रहे हैं.
सांसद और डीएम से लगाई मदद की गुहार
मृतक के परिजनों ने गोपालगंज के सांसद डॉ.आलोक कुमार सुमन और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. परिवार ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि विदेश में फंसे पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए जरूरी मदद उपलब्ध कराई जाए. सांसद डॉ.आलोक कुमार सुमन ने कहा कि मामले में विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप करने के लिए पत्र लिखा जा चुका है. उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत सरकार और दूतावास की ओर से जल्द ही इस मामले में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. अब परिवार की नजर प्रशासन और सरकार की मदद पर टिकी है. ताकि सुनेश राम का पार्थिव शरीर जल्द उनके गांव पहुंच सके और परिवार अंतिम संस्कार कर सके.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …