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कभी सड़कों पर मांगते थे भीख, अब स्कूलों में कर रहे पढ़ाई,...


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Firozabad News : कभी सड़कों पर भीख मांगने वाले बच्‍चें अब स्कूलों में पढ़ाई कर रहें है. उनके बीच शिक्षा की अलख शिकोहाबाद के रहने वाले आकाश राजा जगाई है. उन्‍होंने भीख मांगने वाले बच्चों को पढ़ाने की शुरुआत की थी. आज उनकी संस्था में 300 से ज्यादा बच्चे मुफ्त शिक्षा ले रहे हैं.

फिरोजाबाद: कहते हैं कि जिंदगी में कभी-कभी एक छोटा सा पल इंसान की पूरी सोच बदल देता है. शिकोहाबाद के रहने वाले आकाश राजा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. साल 2018 में एक दिन वह नारायण तिराहे के पास खाना खाने के लिए गया, वहां उन्होने एक छोटा सा मासूम बच्चा देखा,जो एक कार वाले से भीख मांग रहा था.

कार वाले ने बच्चे को भीख देने की बजाय धक्का देकर गिरा दिया. वो बच्चा जमीन पर गिर पड़ा.बस यहां सीन आकाश राजा के दिल में घर कर गया.उन्हे लगा कि ये बच्चे भीख मांगने के लिए पैदा नहीं हुए हैं, इन्हे भी पढ़ने लिखने का हक है.उसी दिन फैसला कर लिया कि अब इन बच्चों के हाथ में भीख का कटोरा नहीं बल्कि किताबें होगी.

दस बच्‍चों से की शुरूआत

लोकल 18 को जानकारी देते हुए आकाश राजा ने कहा कि उन्होने अपने सहयोगी आशीष यादव के साथ मिलकर रॉयल कॉष्णा नाम की एक संस्था खोली. शुरुआत में संयुक्त अस्पताल के पास एक छोटी सी कोचिंग खोली गई. उस समय वहां सिर्फ दस बच्चे पढ़ने आते थे. ये वो बच्चे थे जो दिन में सड़कों पर भीख मांगते थे या अपने माता पिता के साथ मजदूरी करते थे. शुरुआत में लोगों ने कहा कि ये ज्यादा दिन नहीं चलेगा लेकिन आकाश ने हार नहीं मानी. धीरे धीरे लोगों का भरोसा बढ़ा और संख्या बढ़ती चली गई. आज इस संस्था में तीन सौ से ज्यादा बच्चे फ्री शिक्षा ले रहे हैं. इस फाउंडेशन की तीन अलग-अलग शाखाएं चल रही हैं जहां गरीब और जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाया जा रहा है.

सैक़ड़ों बच्चों का संवर रहा भविष्य

संस्था के अध्यक्ष ने कहा कि यहां सिर्फ बच्चों को पढ़ाया ही नहीं जाता बल्कि उनके लिए कॉपी किताब से लेकर पढ़ाई के लिए अन्य चीजों की व्यवस्था भी की जाती है. ये सब काम अन्य़ लोगों के सहयोग से होता है.समाज के कई लोग आकर इन बच्चों की मदद भी करते हैं. वहीं उन्होने कहा कि इस संस्था में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य भी उज्जवल हो रहा है. उनके यहां पढे लिखे बच्चे दिल्ली पब्लिक जैसे स्कूल में पढ़ रहे हैं.आकाश की यह मुहिंम अब शहर में एक मिसाल बन गई है.



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