भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिले का हेसल बॉक्साइट डंपिंग यार्ड शुरू होने के समय से ही विभिन्न कारणों को लेकर विवादों में रहा है। वर्तमान में डंपिंग यार्ड के आसपास तथा लोहरदगा-चंदवा मुख्य मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों बॉक्साइट लदे ट्रकों की लंबी कतारें लगने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। इसके अलावा मुख्य समस्या अब ट्रकों से आवागमन से सड़कों में बड़े बड़े गड्ढे बनने से आवागमन में होने लगी है। खास करके चंदवा लोहरदगा के बीच बड़की चांपी के निकट सड़क की स्थिति बस से बत्तर हो गई है। सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने के कारण खासकर इस दिनों बारिश के बाद सड़कों पर जमने वाले जलजमाव से अधिक परेशानी हो रही है। खास करके स्कूली छात्र-छात्राओं को अधिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। सड़कों पर गड्ढे बनने के कारण दुर्घटनाएं भी बढ़ने लगी है। इसके अलावा सड़क की जर्जर हालत और अधिक वाहनों का आवागमन के कारण सड़क पर घंटों तक जाम की स्थिति बनी रहने से आम लोगों, छोटे व्यवसायियों, विद्यार्थियों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डंपिंग यार्ड में ट्रकों के प्रवेश और निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहनों की लंबी लाइन मुख्य सड़क तक पहुंच जाती है। कई बार ट्रक सड़क के दोनों किनारों पर खड़े रहते हैं, जिससे अन्य वाहनों के लिए रास्ता संकरा हो जाता है और जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। सुबह और शाम के समय यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों एवं राहगीरों का आरोप है कि लगातार भारी वाहनों के परिचालन से सड़क पर धूल उड़ती रहती है, जिससे आसपास के गांवों के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। कई बार एंबुलेंस, स्कूल बस और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि डंपिंग यार्ड के संचालन के दौरान यातायात प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है। उनका मानना है कि यदि ट्रकों के लिए अलग पार्किंग स्थल, निर्धारित समय पर परिचालन और सुव्यवस्थित प्रवेश-निकासी की व्यवस्था की जाए तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि लोहरदगा–चंदवा मुख्य मार्ग पर यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही डंपिंग यार्ड के संचालन की नियमित निगरानी, ट्रकों के आवागमन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तथा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
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