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Agri Tips: छतरपुर नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ डॉक्टर कमलेश अहिरवार लोकल 18 से कहा कि जिले में इस समय ज्यादातर किसान भाइयों के खेत खाली पड़े हैं. 40 पार चल रहा है. ऐसे में किसान भाइयों को अपने खेत में जुताई जरूर कर लेनी चाहिए. यह जुताई खरीफ फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी. किसान खेत की जुताई प्लाऊ से भी कर सकते हैं.कल्टीवेटर या हेरो से भी कर सकते हैं.
रवि सीजन की फसल कटने के बाद अगर आप खरीफ फसल में बेहतर पैदावार चाहते हैं, तो खेत की जुताई जरूर करें. कृषि एक्सपर्ट के मुताबिक गर्मियों में की गई जुताई से न सिर्फ मिट्टी की सेहत सुधरती है, बल्कि खरपतवारों और कीटों से भी राहत मिलती है. इससे पानी की बचत होती है. फसल का उत्पादन भी बेहतर होता है.
छतरपुर नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ डॉक्टर कमलेश अहिरवार लोकल 18 से कहा कि जिले में इस समय ज्यादातर किसान भाइयों के खेत खाली पड़े हैं. तापमान 40 पार चल रहा है. ऐसे में किसान भाइयों को अपने खेत में जुताई जरूर कर लेनी चाहिए. यह जुताई खरीफ फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी. किसान खेत की जुताई प्लाऊ से भी कर सकते हैं या कल्टीवेटर या हेरो से भी कर सकते हैं. किसान भाई कोशिश करें कि खेत की जुताई गहरी कराएं तभी उन्हें फायदा होगा नहीं तो जुताई में पैसा ही बर्बाद होगा. खेत की जुताई किसी भी यंत्र से करें. लेकिन गहरी जुताई होनी चाहिए.
गर्मी में जुताई के फायदे
डॉ कमलेश बताते हैं कि गर्मी में खेत की जुताई करने से मिट्टी के कीट पतंग खत्म हो जाते हैं. क्योंकि जुताई करने से नीचे की मिट्टी ऊपर आ जाती है.मिट्टी में दबे कीट के बच्चे, लार्वे, अंडे, प्यूपा होते हैं, वह सभी नीचे से ऊपर आ जाते हैं. बिना दवाई के धूप में नष्ट हो जाते हैं. हमें अलग से दवाई डालने की जरूरत ही नहीं होती है. इसके साथ ही बीमारी फैलाने वाले फंफूद, फंगस, वायरस, बैक्टीरिया वो भी सारे नष्ट हो जाएंगे.
खरपतवार खत्म हो जाते
डॉ कमलेश बताते हैं कि खेत में जो चारे का दाना डला हुआ है वह भी नष्ट हो जाएगा. खेत में उगने वाले सभी तरह के खरपतवार नष्ट हो जाते हैं.डॉ कमलेश बताते हैं कि खेत की जुताई न करने से मानसून की बारिश में खेत का पानी नदी नाले में बह जाता है. खेत का पानी बहने के साथ ही खेत के पोषक तत्व भी बह जाते हैं. वहीं जुताई के बाद खेत का सारा पानी जुताई के बाद खेत में ही रहता है. ऐसे में कुआं, ट्यूबवेल जैसे जलस्त्रोतों का जलस्तर भी बढ़ता है.
15 जून के पहले कर लें जुताई
डॉ कमलेश बताते हैं कि अगर गर्मियों में खेत की जुताई नहीं कर पाते हैं तो फिर मानसून की पहली बारिश में खेत का पानी बह जाता है. इस पानी के साथ में खेत के पोषक तत्व भी बह जाते हैं. इसलिए अभी भी के आखरी सप्ताह से लेकर 15 जून के पहले खेत की जुताई कर लेनी चाहिए.
प्लाऊ से करें जुताई
एक्सपर्ट के मुताबिक गर्मी में खेत की जुताई प्लाऊ से कराना चाहिए. यह गहरी जुताई करने में सक्षम होता है. खेत की मिट्टी को आधे से एक फीट पलट देता है. इसलिए पहली बारिश से पहले खेत की गहरी जुताई कर लेनी चाहिए. छतरपुर जिले में कस्टम हायरिंग सेंटर भी खोले गए हैं जहां से किसान भाई ये यंत्र किराए से ले सकते हैं.