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तेलंगाना शिफ्ट होंगे कांग्रेस के सभी 16 विधायक! झारखंड राज्यसभा चुनाव में...


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Jharkhand Rajya Sabha Chunav: झारखंड की दो सीटों पर होने जा रहे राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल बेहद तेज हो गई है. उद्योगपति परिमल नाथवानी की निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर एंट्री और बीजेपी नेता गौरव वल्लभ की सक्रियता ने सत्तारूढ़ ‘इंडिया’ गठबंधन की धड़कनें बढ़ा दी हैं. सूत्रों की खबर के मुताबिक, कांग्रेस अपने सभी विधायकों को एकजुट रखने के लिए उन्हें तेलंगाना ले जाने की योजना बना रही है.

झारखंड राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का खतरा, कांग्रेस MLA जाएंगे तेलंगाना !Zoom

झारखंड राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा कदम, 16 विधायकों को तेलंगाना भेजने की तैयारी

रांची. झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के बीच कांग्रेस अपने सभी 16 विधायकों को तेलंगाना भेजने की तैयारी में जुट गई है. सूत्रों के अनुसार राज्यसभा चुनाव के लिए 18 जून को होने वाले मतदान तक कांग्रेस विधायक तेलंगाना में रह सकते हैं. हालांकि पार्टी की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. दरअसल, राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही है. सूत्रों का कहना है कि पार्टी अपने सभी 16 विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रही है. इसी कड़ी में उन्हें तेलंगाना भेजने की तैयारी की जा रही है.

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम संभावित क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए उठाया जा रहा है. कयास लगाए जा रहे हैं कि सभी कांग्रेसी विधायक वोटिंग वाले दिन यानी 18 जून तक तेलंगाना के एक रिसॉर्ट में ही रहेंगे. दरअसल, झारखंड की राजनीति में इस बाड़ेबंदी की सुगबुगाहट ने यह साफ कर दिया है कि विपक्षी खेमा क्रॉस वोटिंग की प्रबल संभावनाओं से बुरी तरह डरा हुआ है.

विधानसभा की दलीय स्थिति और आंकड़ों का गणित

बता दें कि झारखंड विधानसभा में वर्तमान में ‘इंडिया’ गठबंधन के पास कुल 56 सदस्यों का एक भारी-भरकम बहुमत है. इस सत्तारूढ़ गठबंधन में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के चार और भाकपा (माले) लिबरेशन के दो सदस्य शामिल हैं. दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पास केवल 24 विधायक हैं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 21 सदस्य और लोजपा (रामविलास), आजसू (AJSU) और जदयू (JDU) के एक-एक विधायक शामिल हैं. इसके अतिरिक्त सदन में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का भी एक विधायक मौजूद है. इस संख्या बल के हिसाब से दोनों सीटें ‘इंडिया’ गठबंधन के खाते में जानी तय लग रही हैं, लेकिन परिमल नाथवानी के लिए भाजपा समर्थित 9 विधायकों के साथ एनडीए के 12 विधायकों के प्रस्तावक बनने की खबरों ने कांग्रेस को रक्षात्मक रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है.

महामहागठबंधन की बैठक और एकजुटता का दावा

राज्यसभा चुनाव में संभावित फूट की खबरों के बीच रविवार को रांची में ‘इंडिया’ गठबंधन के बड़े नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद ने गठबंधन में किसी भी तरह के मतभेद से साफ इनकार किया. उन्होंने दावा किया कि हमारा महागठबंधन पूरी तरह से एक है और दोनों प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित की जाएगी. ‘इंडिया’ गठबंधन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि दोनों उम्मीदवार भारी मतों से चुनाव जीतेंगे. कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव, मंत्री संजय यादव, मंत्री सुदिव्य सोनू, झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य और विनोद पांडे ने संयुक्त रूप से मीडिया को बताया कि गठबंधन के भीतर बेहतर समन्वय है और दोनों उम्मीदवार तय समय पर एकजुटता के साथ आगे बढ़ेंगे.

कांग्रेस नेता बोले- 56 विधायक हमारे पास, क्रॉस वोटिंग नहीं

इस बीच कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने INDIA गठबंधन की एकजुटता का दावा किया है. उन्होंने कहा कि सीएम हेमंत सोरेन ने सभी को एकजुट रहने का मूल मंत्र दिया है. हमारे पास संख्या बल है कि हम दोनों सीट जीतेंगे. 56 आंकड़ा चाहिए और हमारे पास 56 विधायक हैं. झामुमो और कांग्रेस के संबंध पर पहले उठे सवालों पर उन्होंने कहा, थोड़ा बहुत आपस में होता है। हमारी एक ही मंशा है कि सांप्रदायिक ताकतों को कैसे रोका जाए. हमारे गठबंधन का लक्ष्य एक है. क्रॉस वोटिंग पर प्रदीप यादव ने दो टूक कहा, पूर्व में क्रॉस वोटिंग हुई है, पर इस बार 0.1% भी ऐसे आसार नहीं हैं, हमलोग एकजुट हैं. भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, पॉलिटकल  टूर की जरूरत नहीं पड़ेगी. अगर भाजपा हाथ-पैर मारेगी तो हमें घेराबंदी करनी होगी. भाजपा को उम्मीदवार नहीं देना चाहिए, क्योंकि उसके पास संख्या बल नहीं है.

दोनों प्रत्याशियों का आज होगा नामांकन

गठबंधन के फैसलों के मुताबिक ‘इंडिया’ गठबंधन के दोनों प्रत्याशियों का नामांकन आज होने जा रहा है. इसमें झामुमो (JMM) की तरफ से पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम पर्चा दाखिल करेंगे, तो वहीं कांग्रेस की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के करीबी माने जाने वाले प्रणव झा मुख्य चुनावी रण में उतर रहे हैं. हालांकि नेताओं के बयानों में एकजुटता दिख रही है, लेकिन कांग्रेस आलाकमान को डर है कि नाथवानी की मजबूत पकड़ और चुनावी मैनेजमेंट के आगे उसके विधायकों का मन बदल सकता है. यही वजह है कि नामांकन की प्रक्रिया पूरी होते ही कांग्रेस नेतृत्व विधायकों को चार्टर्ड प्लेन से तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद भेजने की तैयारी है.

दूसरी सीट पर बनी हुई है दिलचस्पी

हालांकि, महागठबंधन के नेता दोनों उम्मीदवारों की जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन चुनावी गणित और संभावित क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने दूसरी सीट को दिलचस्प बना दिया है. इसी वजह से सभी दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटे हुए हैं. अब निगाहें आज को होने वाले नामांकन और उसके बाद की राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हैं. मतदान 18 जून को होगा, जिसके बाद यह साफ हो जाएगा कि चुनावी रणनीतियों का असर कितना पड़ा और किस दल का गणित सबसे सटीक साबित हुआ.



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