![]()
धनबाद जिले के पश्चिमी टुंडी क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। मनियाडीह थाना क्षेत्र के मनियाडीह गांव में हाथियों के झुंड ने जमकर तबाही मचाई। अचानक गांव में हाथियों के प्रवेश से ग्रामीणों में अफरा-तफरी और भय का माहौल बन गया। लोग घरों से बाहर निकलकर शोर मचाने लगे, जिसके बाद हाथियों का झुंड कुछ देर उत्पात मचाने के बाद वापस पहाड़ की ओर लौट गया। घटना के बाद से ग्रामीणों में लगातार डर बना हुआ है। दीवार तोड़ी, फसल रौंदी, पेड़ों को पहुंचाया नुकसान ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड गांव में घुसते ही राजेंद्र अग्रवाल की चहारदीवारी को तोड़ दिया। इसके बाद खेतों में लगी फसलों को रौंद दिया और कई पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया। अचानक हुए इस हमले से ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते हाथियों को नहीं भगाया जाता, तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। गांव में लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोगों की चिंता बढ़ गई है। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से बढ़ रही परेशानी ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। इसी अंधेरे का फायदा उठाकर हाथी गांव में प्रवेश कर जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उनका कहना है कि यदि रात में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, तो हाथियों की आवाजाही को कुछ हद तक रोका जा सकता है। वन विभाग पर लापरवाही का आरोप ग्रामीणों ने वन विभाग पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पिछले कई महीनों से टुंडी पहाड़ पर हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है, लेकिन उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने या स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की निगरानी बढ़ाने और प्रभावित गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। साथ ही बिजली विभाग से रात के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की है। लगातार हो रही घटनाओं के कारण ग्रामीण रातभर जागकर अपने घरों और खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं।
Source link