भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई…:जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक समेत...




मनोज तिवारी की पोड़ैयाहाट से गिरफ्तारी, घर से मिले 5 लाख
जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी मामले में सीआईडी और पुलिस की कार्रवाई बुधवार को भी जारी रही। सीआईडी ने केस दर्ज कर पांच लोगों को गिरफ्तार ​कर लिया। इनमें जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, परीक्षा आयोजित कराने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी और दो कर्मचारी मो. उस्मान व मो. एबाद शामिल हैं। इन सभी को ​जेल भेज दिया गया है। इनमें मनोज की गिरफ्तारी गोड्‌डा जिले के पोड़ैयाहाट से हुई। वह वहां किराए के मकान में छिपा था। तलाशी के दौरान उसके घर से पांच लाख रुपए भी बरामद हुए। जानिए…किस पर क्या हैं आरोप
1. श्वेता गुप्ता(उप परीक्षा नियंत्रक, जेपीएससी): टीडीपीएल के साथ साठगांठ करने, बिना टेंडर के काम सौंपने की फाइल आगे बढ़ाने, प्रश्नपत्र, ओएमआर शीट की कस्टडी व निगरानी में लापरवाही बरतने का आरोप।
2. रामवीर सिंह (निदेशक, टीडीपीएल) : यूपी में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में दागी ट्रैक रिकॉर्ड होने के बावजूद जेपीएससी का टेंडर हासिल किया। आयोग के किन-किन अधिकारियों से इनका सीधा संबंध था।
3. मनोज कुमार तिवारी (मार्केटिंग मैनेजर, टीडीपीएल) : परीक्षा एजेंसी का शीर्ष अधिकारी रहते हुए कैसे खुद फर्जी तरीके से परीक्षा में बैठा, अपनी ओएमआर शीट में हेरफेर कर जेएसएससी सीजीएल, जेपीएससी की एसीएफ, एमआरओ जैसी चार प्रमुख परीक्षाओं में पास हुए।
4. मो. उस्मान (कर्मचारी, टीडीपीएल): ओएमआर शीट स्कैनिंग, डेटा प्रोसेसिंग और ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग के दौरान सर्वर और डेटाबेस में छेड़छाड़ करने का आरोप।
5. मो. एबाद (कर्मचारी, टीडीपीएल) : प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग, ओएमआर शीट्स के भौतिक रखरखाव और वांछित अभ्यर्थियों के ओएमआर में हेरफेर करने में सहयोग का आरोप।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top