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मोटे अनाज की खेती पर झारखंड सरकार देगी ₹15,000 तक प्रोत्साहन


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झारखंड में कम बारिश से किसानों की परेशानी बढ़ गई है. सरकार ने राहत के लिए मिलेट मिशन योजना शुरू की है. इसके तहत मोटे अनाज की खेती पर प्रति एकड़ 3,000 रुपये मिलेंगे. किसान अधिकतम 5 एकड़ के लिए 15,000 रुपये पा सकते हैं. आवेदन की अंतिम तिथि 30 अगस्त है.

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पलामूः बरसात के मौसम में पलामू जिले समेत झारखंड राज्य भर में इस वर्ष सामान्य से काफी कम बारिश होने के कारण किसानों के सामने खरीफ फसल की खेती को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. जहां में अब तक करीब 65 प्रतिशत कम बारिश होने की बात सामने आ रही है. पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण कई किसान धान की रोपनी नहीं कर पाए हैं, जबकि कई किसानों के खेत अभी भी खाली पड़े है. ऐसे में किसानों के लिए कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती बेहतर विकल्प बन सकती है.

मिलेट मिशन से किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन
जिला कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार ने लोकल18 को बताया कि कम बारिश की स्थिति में किसानों को दलहन और तिलहन के साथ मोटे अनाज की खेती की ओर बढ़ने की सलाह दी जा रही है. इसी उद्देश्य से झारखंड सरकार की ओर से झारखंड राज्य मिलेट मिशन योजना के तहत किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. योजना के तहत ज्वार, बाजरा और मड़ुआ जैसे मोटे अनाज की खेती करने वाले किसानों को आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा.

प्रति एकड़ तीन हजार रुपये की सहायता
आगे कहा कि मोटे अनाज की खेती करने वाले किसानों को फसल की उपज से होने वाली आमदनी तो मिलेगी ही, इसके साथ सरकार की ओर से प्रति एकड़ 3 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी.किसान अधिकतम 5 एकड़ तक इस योजना का लाभ ले सकते हैं.यानी पात्र किसान अधिकतम 15 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकते हैं. जिससे उन्हे खेती में लाभ ले साथ अन्य लाभ भी मिलेगा.

खेती के साथ कराना होगा निबंधन
आगे कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पोर्टल पर अपना निबंधन कराना होगा. जिसके लिए वो प्रज्ञा केंद्र में जाकर निबंधन करा सकते है. किसानों के लिए खेती करने के साथ समय पर निबंधन कराना जरूरी है. इस योजना के तहत निबंधन कराने की अंतिम तिथि 30 अगस्त निर्धारित की गई है. ऐसे में इच्छुक किसान समय सीमा समाप्त होने से पहले खेती और निबंधन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं.

प्रज्ञा केंद्र में ले सकते हैं मदद
उन्होंने कहा कि निबंधन या योजना से जुड़ी जानकारी लेने में परेशानी होने पर किसान अपने नजदीकी प्रज्ञा केंद्र पहुंच सकते हैं. वहां एटीएम और बीटीएम की मदद से योजना के तहत आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई जा सकती है. किसानों को सलाह दी जा रही है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए जल्द से जल्द निबंधन करा लें. ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अगस्त तक है.

कम बारिश में खेती का बेहतर विकल्प
उन्होंने कहा कि पलामू में बारिश की कमी के कारण इस खरीफ मौसम में धान की खेती प्रभावित हुई है. ऐसे में ज्वार, बाजरा और मड़ुआ जैसी फसलों की खेती किसानों के लिए महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है. कम पानी में भी इन फसलों की खेती की संभावना होने के साथ सरकार की प्रोत्साहन राशि किसानों की लागत और जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है. वर्तमान परिस्थितियों में मिलेट मिशन पलामू के किसानों के लिए खेती को नई दिशा देने का बेहतर अवसर साबित हो सकता है.

About the Author

Prashun Singh

प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.

इसके बाद ETV Bharat (बिहार)…

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