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झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने नई दिल्ली में आयोजित 16वीं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद की बैठक में केंद्र सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने रांची में एम्स की स्थापना, रिम्स-2 परियोजना के लिए 2000 करोड़ की केंद्रीय सहायता, नए मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी और स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार की जोरदार पैरवी की। डॉ. इरफान ने कहा कि झारखंड में फिलहाल केवल देवघर में एम्स है, जो राजधानी रांची से करीब 300 किलोमीटर दूर है। ऐसे में गंभीर मरीजों को समय पर सुपर स्पेशियलिटी इलाज नहीं मिल पाता। उन्होंने केंद्र से रांची में एम्स स्थापित करने की मांग की। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार 4100 करोड़ की लागत से रिम्स-2 परियोजना पर काम कर रही है, जिसके लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने केंद्र से 2000 करोड़ की वित्तीय सहायता देने का आग्रह किया।
आयुष, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और कैंसर पर भी जोर : उन्होंने झारखंड में आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की शीघ्र स्वीकृति, सभी सदर अस्पतालों में आईसीयू, सीसीयू और एचडीयू की स्थापना तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ममता वाहन उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय भुगतान में केंद्र से सहयोग का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना राज्य की प्राथमिकता है। इसके अलावा कैंसर मरीजों की बढ़ती संख्या का उल्लेख करते हुए आधुनिक मशीनों और अतिरिक्त वित्तीय सहायता की भी मांग की। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने चतरा, गढ़वा, गोड्डा, गुमला, पाकुड़, रामगढ़, सिमडेगा और साहिबगंज समेत अन्य जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग की। साथ ही राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों को 100 से बढ़ाकर 200 तथा पीजी सीटों को 250 तक करने का प्रस्ताव रखा, ताकि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर हो सके।
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