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लाइट हाउस में फ्लैट लेकर 300 लोगों ने किराए पर दिया, 232...




धुर्वा पंचमुखी मंदिर के पीछे स्थित लाइट हाउस प्रोजेक्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत जिन लाभुकों को फ्लैट आवंटित किया गया था,उसमें से सैकड़ों लोगों ने स्वयं रहने के बजाय फ्लैट को किराये पर दे दिया। 300 से अधिक आवंटियों ने अपने फ्लैट को 5 से 7 हजार रुपए प्रति माह पर किराए पर दे दिया है। इसकी सूचना मिलने के बाद निगम ने जब जांच कराई तो 232 आवंटियों को चिन्हित किया गया, जिन्होंने अपने फ्लैट को किराए पर दे दिया है। इसके बाद निगम ने संबंधित लाभुकों को नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के अंदर उक्त फ्लैट में स्वयं रहने का साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा है। चिन्हित आवंटियों को फ्लैट में स्वयं रहने का प्रमाण देना होगा। ऐसा नहीं करने पर उनके फ्लैट का आवंटन रद कर दिया जाएगा। इसके बाद लाभुकों द्वारा जमा की गई राशि भी वापस नहीं की जाएगी। क्योंकि, फ्लैट आवंटन की शर्तों का उल्लंघन करने पर आवंटन रद करने के साथ राशि जब्त करने का प्रावधान है। निगम की इस कार्रवाई के बाद लाइट हाउस के फ्लैट आवंटियों में हड़कंप मच गया है। कई लोग आनन-फानन में फ्लैट में शिफ्ट करने लगे हैं। किरायेदार को फ्लैट खाली करने का दवाब बना रहे हैं। 1008 फ्लैट यहां तैयार किए गए हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत रांची के आनी मौजा में लाइट हाउस प्रोजेक्ट का निर्माण कराया गया था। रांची में करीब 5 एकड़ जमीन पर 131 करोड़ से 1008 फ्लैट को नई तकनीक के साथ तैयार किया गया है। 8 मंजिल वाले कुल 6 टावर बनाए गए हैं। एक फ्लैट की लागत 13.29 लाख रुपए है। इसमें 6.50 लाख रुपए केंद्र व राज्य सरकार ने सब्सिडी दी है। शेष 6.79 लाख लाभुकों ने बैंक से होम लोन लेकर दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के आवंटित सभी फ्लैटों की होगी जांच नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने सभी प्रोजेक्ट के फ्लैटों की जांच का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि योजना का दुरुपयोग, आवंटित फ्लैटों को अवैध रुप से किराए पर लगाना या किसी भी प्रकार के नियम उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में जांच जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। कई लोगों ने सादे कागज पर बेचने की डील की लाइट हाउस के फ्लैटों की अभी तक रजिस्ट्री नहीं हुई है। क्योंकि, जिस जमीन पर लाइट हाउस का निर्माण किया गया है उसका न तो खतियान है न मालगुजारी रसीद। जिला अवर निबंधक ने फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए निगम को कई बार पत्र लिखकर कागजात उपलब्ध कराने के लिए कहा,लेकिन कागजात नहीं मिले। इसके बाद निबंधन महानिरीक्षक को पत्र लिखकर फ्लैटों की रजिस्ट्री करने पर मार्गदर्शन मांगा गया,लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं आया। इस वजह से एक भी फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हुई। इसके बावजूद कई फ्लैट के लाभुकों ने सादे कागज पर ही अपने फ्लैट बेच दिए। हालांकि, इसकी कोई कानूनी वैधता नहीं है। लाइट हाउस में फ्लैट लेने वाले 300 से अधिक लोगों ने अपने फ्लैट को क्रिकेट एकेडमी के खिलाड़ियों को किराए पर दे दिया तो किसी ने वाहन चालकों को। किसी ने फ्लैट में किराने की दुकान खोल ली तो कोई अवैध धंधा करने वालों को फ्लैट देकर मोटा कमाई कर रहा है। इससे लाइट हाउस में रहने वाली 350 से अधिक परिवार परेशान हैं। वहां के निवासियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सभी तरह की गलत हरकत यहां होती है। किराये पर फ्लैट देने से ही ऐसी स्थिति हुई है।



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