Last Updated:
Ranchi Neelu Kohli TV Star: रांची में जन्मी नीलू कोहली ने 1984 दंगों में पिता को खोने के बाद मुंबई में संघर्ष कर टीवी और बॉलीवुड में नाम कमाया. आज वह अपने परिवार संग मुंबई में रहती हैं. जहां उनका खुद का घर है. हालांकि इतनी बड़ी स्टार होने के बाद भी रांची से उनका गहरा लगाव है. आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में.
रांची में जन्मी नीलू कोहली आज टेलीविजन और बॉलीवुड का एक जाना माना नाम है. उन्होंने बहुत ही दमदार सपोर्टिंग रोल किया है. एक से बढ़कर एक सीरियल भी किया है, जिसमें मुख्यतौर पर ‘शास्त्री सिस्टर्स’, ‘मधुबाला – एक इश्क एक जुनून’, ‘ना बोले तुम ना मैंने कुछ कहा’, ‘गीत – हुई सबसे पराई’, ‘भाभी’, ‘नामकरण’, ‘छोटी सरदारनी’ और कई टीवी शोज में लीड रोल्स प्ले किए हैं.
उन्होंने बताया कि यहां तक आना इतना आसान नहीं था. 1984 के दंगों में उन्होंने अपने पिताजी को खो दिया था. फिर मुंबई जाकर संघर्ष करना व इतने सारे रिजेक्शन झेलना इतना आसान नहीं था. उन्होंने बताया कि 1984 दंगेे के समय उनके पिताजी का सारा बिजनेस लूट गया, सब कुछ बर्बाद हो गया. जिस वजह से वह काफी बीमार हो गये और उसके बाद देहांत हो गया.
उसके बाद शुरू हुआ हमारा असली संघर्ष. मैंने अपनी सारी पढ़ाई पूरी करके मुंबई का रुख किया और वहां पर कई छोटे-मोटे ऑडिशन दिया, कई सारे रिजेक्शन मिले, लेकिन मैं भी मोटी चमड़ी की थी. सबसे बड़ी बात यह थी कि मेरे पास खोने के लिए कुछ था ही नहीं है. इसीलिए फिर डर किस बात का. ऐसे में हर दिन सुबह से रात तक सिर्फ और सिर्फ ऑडिशन जिसमें हर दिन से रिजेक्शन ही मिलते थे.
Add News18 as
Preferred Source on Google
आखिरकार टीवी सीरियल में मुझे एक बहुत ही छोटा सा रोल मिला, मैंने वह बहुत गंभीरता से किया और उसके बाद मुझे एक से बढ़कर एक सीरियल मिलते चले गए. मेरा मानना है की काम के प्रति ईमानदारी और डिसिप्लिन व लगन रहे तो फिर आपको काम की टेंशन नहीं लेना है. आपको काम मिलते चले जाएंगे. आज वह मुंबई में ही अपना आशियाना बना ली हैं और अपने पूरे परिवार के साथ यहीं पर रहती हैं.
साथ ही, आज भी रांची को बहुत मिस करती हैं. उनकी मां यहां के सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर थी. आज भी बीच-बीच में रांची आती हैं और अपने रिश्तेदारों से भी मिलती हैं. रांची दिल के काफी करीब है. यहां की हर गली हर सड़क मुझे याद है. आज भी कोई भी ओकेजन होता है या छोटा भी इवेंट होता है तो वह दौड़ी चली आती हैं. रांची में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, बस एक सही प्लेटफॉर्म मिल जाए.