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35 मिनट का सफर तो बस शुरुआत है, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के ये...


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Kanpur Lucknow Expressway: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को लोग अभी 35 मिनट के सफर के लिए याद कर रहे हैं, लेकिन इसकी असली ताकत इसके इंटरचेंज और एंट्री-एग्जिट पॉइंट हैं. यही इंटरचेंज आने वाले समय में कानपुर, लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, रायबरेली समेत पूरे मध्य उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल सकते हैं. बेहतर कनेक्टिविटी से सफर आसान होगा, उद्योगों और कारोबार को रफ्तार मिलेगी, किसानों को बड़े बाजारों तक पहुंचने में सुविधा होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

Kanpur Lucknow Expressway: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की चर्चा इन दिनों दोनों शहरों के बीच के सफर को महज 35 मिनट में समेटने को लेकर सबसे ज्यादा हो रही है. लेकिन इस महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे की असली ताकत सिर्फ इसकी रफ्तार नहीं है, बल्कि इसके रणनीतिक रूप से तैयार किए गए इंटरचेंज और एंट्री-एग्जिट पॉइंट हैं. यह एक्सप्रेसवे आने वाले समय में सिर्फ दो बड़े शहरों को ही नहीं जोड़ेगा, बल्कि कानपुर, लखनऊ, उन्नाव, हरदोई और रायबरेली समेत आसपास के कई जिलों की आर्थिक तस्वीर बदलने का दम रखता है. बेहतर सड़क संपर्क से जहां लोगों के समय की भारी बचत होगी, वहीं व्यापार, उद्योग और स्थानीय रोजगार को भी एक नई उड़ान मिलेगी.

यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड है. यानी कोई भी वाहन बीच रास्ते से एक्सप्रेसवे पर नहीं चढ़ सकेगा. वाहन केवल तय इंटरचेंज और एंट्री-एग्जिट पॉइंट से ही अंदर और बाहर जा सकेंगे. गंगा एक्सप्रेसवे की तरह यहां भी सुरक्षा के लिहाज से कहीं भी अनधिकृत कट नहीं दिए गए हैं. इससे सफर तेज होने के साथ-साथ सुरक्षित भी रहेगा.

इन इंटरचेंजों से मिलेगा सबसे बड़ा फायदा

  • कानपुर की ओर आजाद मार्ग इंटरचेंज एक्सप्रेसवे का प्रमुख प्रवेश द्वार होगा. यहां से एनएच-27, जाजमऊ, शुक्लागंज और शहर के कई हिस्सों के लोग सीधे एक्सप्रेसवे पर पहुंच सकेंगे.
  • उन्नाव में अमरसास-कोरारी इंटरचेंज सबसे अहम माना जा रहा है. यहां से रायबरेली, लालगंज, अचलगंज और उन्नाव के दक्षिणी इलाकों के लोग बिना शहर के ट्रैफिक में फंसे सीधे एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे. भविष्य में गंगा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों के लिए भी यही प्रमुख कनेक्टिंग पॉइंट बन सकता है.
  • वहीं बनी इंटरचेंज उन्नाव और हरदोई की ओर जाने वाले लोगों के लिए बड़ी सुविधा देगा. लखनऊ की तरफ खंडेदेव इंटरचेंज और मीरनपुर पिनवट-शहीद पथ इंटरचेंज के जरिए अमौसी एयरपोर्ट, आउटर रिंग रोड, एनएच-27, रायबरेली रोड, सुल्तानपुर रोड, आगरा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा.

इंटरचेंज के आसपास बढ़ेगा कारोबार
जानकारों का मानना है कि जिन जगहों पर इंटरचेंज बनाए गए हैं, वहां आने वाले समय में वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क, होटल, पेट्रोल पंप, ढाबे और दूसरे कारोबार तेजी से विकसित होंगे. इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे. किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी और उद्योगों की परिवहन लागत भी कम होगी.

सिर्फ दो शहरों की नहीं, पूरे मध्य यूपी की बदलेगी तस्वीर
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे अब केवल दो शहरों के बीच दूरी कम करने वाला रास्ता नहीं रहेगा. इसके इंटरचेंज पूरे मध्य उत्तर प्रदेश के विकास की नई कड़ी बन सकते हैं. कानपुर, लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, रायबरेली और आसपास के कई इलाकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा. बेहतर सड़क संपर्क से निवेश बढ़ेगा, उद्योगों को रफ्तार मिलेगी और लोगों का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा. यही वजह है कि विशेषज्ञ इसे उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक मान रहे हैं.

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Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें



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