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Vaibhav Suryavanshi: IPL के बाद बेबी बॉस यानी वैभव सूर्यवंशी के लिए लगातार खुशियां ही मिल रही है. इंडिया ए टीम में चयन होने के बाद बीसीसीआई ने टी-20 टीम के साथ इंडियन टीम में चयन हुआ है. उन्होंने मात्र 15 साल 15 दिन में चयनित होकर क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा. समस्तीपुर के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद विश्व क्रिकेट में तहलका मचा दिया है. उनकी सफलता पर उनके चाचा ने कई राज खोले हैं. साथ ही नई खुशी के लिए बीसीसीआई का धन्यवाद कहा है.
समस्तीपुर: समस्तीपुर जिले के ताजपुर से निकलकर क्रिकेट के क्षेत्र में तेजी से पहचान बना रहे कम उम्र की खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. हाल ही में टीम इंडिया में उनके चयन की खबर सामने आने के बाद हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि आखिर वैभव के अंदर ऐसी कौन सी खास बात थी जिसने उन्हें भारतीय टीम तक पहुंचा दिया. इस सवाल का जवाब जानने के लिए लोकल 18 की टीम ने वैभव के छोटे चाचा राजीव सूर्यवंशी से खास बातचीत की. बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि बचपन से ही वैभव बाकी बच्चों से अलग थे. खेल के प्रति उनका जुनून, घंटों अभ्यास करने की आदत और खुद को हर दिन बेहतर बनाने की जिद ही उन्हें आज इस मुकाम तक लेकर आई है. परिवार को हमेशा विश्वास था कि एक दिन वह बड़ा नाम जरूर करेंगे.
चाचा ने कहा-भारतीय क्रिकेट बोर्ड का आभार
वैभव के छोटे चाचा राजीव सूर्यवंशी ने कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने जिस भरोसे के साथ उनके भतीजे को टीम में जगह दी है. उसके लिए पूरा परिवार आभारी है. उन्होंने कहा कि बोर्ड के चयनकर्ताओं ने वैभव के अंदर छिपे हुनर को पहचाना और उन्हें सही अवसर दिया. राजीव बताते हैं कि अगर वैभव ने आईपीएल में अपना दमदार प्रदर्शन नहीं किया होता तो शायद आज यह दिन देखने को नहीं मिलता. IPL में जिस तरह उन्होंने बड़े-बड़े गेंदबाजों के सामने बेखौफ बल्लेबाजी की. लगातार रन बनाए और अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया. उसी ने चयनकर्ताओं का ध्यान उनकी ओर खींचा. यही वह मंच था जिसने वैभव को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई.
वजह है आईपीएल का प्रदर्शन
राजीव सूर्यवंशी ने आगे कहा कि पिछले दो आईपीएल सीजन वैभव के करियर के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुए. उन्होंने कहा कि आईपीएल में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड और कई बड़े गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी ने साबित कर दिया कि वैभव बड़े मंच के खिलाड़ी हैं. उन्होंने कहा कि राजस्थान रॉयल्स भले खिताब नहीं जीत पाई हो, लेकिन पूरे सीजन में चर्चा सिर्फ वैभव की बल्लेबाजी की रही. यही वजह बनी कि भारतीय टीम प्रबंधन ने उनके खेल को गंभीरता से देखा और उन्हें टीम इंडिया में जगह देने का फैसला किया. आज समस्तीपुर ही नहीं, पूरा बिहार इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें