देवघर के कृषि विशेषज्ञ वकील यादव के अनुसार, बरसात का मौसम कुंदरी की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है. इसकी बुवाई बीज से नहीं, बल्कि पुरानी बेल की कटिंग या जड़ों से की जाती है. एक बार लगाने के बाद यह बेल 4 से 5 साल तक लगातार फल देती है. बलुई-दोमट मिट्टी, गोबर की खाद और मचान का सहारा बेहतर उत्पादन में मदद करते हैं. बड़े गमले या ग्रो बैग में भी इसकी खेती की जा सकती है. समय पर तुड़ाई और नीम के काढ़े का छिड़काव करने से अच्छी पैदावार मिलती है. अतिरिक्त उपज बेचकर किसान अच्छी कमाई भी कर सकते हैं.
