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IPS Story: झारखंड के जामताड़ा में कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के पुलिस एनकाउंटर के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की हो रही है वह हैं जामताड़ा के एसपी IPS शंभू कुमार सिंह. पुलिस का दावा है कि आरोपी ने हिरासत से भागने और जवान की राइफल छीनने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई. आइए जानते हैं कि एसपी शंभू कुमार सिंह कौन हैं, कब आईपीएस बने, अब तक कहां-कहां तैनात रहे?
IPS Shambhu Kumar Singh, SP Ki kahani: आईपीएस शंभू कुमार सिंह की कहानी.
IPS Story: झारखंड के जामताड़ा में हुए पुलिस एनकाउंटर के बाद आईपीएस अधिकारी शंभू कुमार सिंह अचानक सुर्खियों में आ गए हैं. इस मुठभेड़ में झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की मौत हो गई.पुलिस का दावा है कि साहिबगंज जेल से धनबाद सेंट्रल जेल ले जाते समय उसने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की एक जवान की इंसास राइफल छीन ली और फायरिंग का प्रयास किया. इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया.इस पूरी घटना के बाद जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक (SP) शंभू कुमार सिंह का नाम लगातार चर्चा में है. ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि आखिर शंभू कुमार सिंह कौन हैं, कब आईपीएस बने, उनका अब तक का करियर कैसा रहा और उन्होंने किन-किन जिम्मेदार पदों पर काम किया है?
चर्चा में आए IPS शंभू कुमार सिंह
जामताड़ा के सुपायडीह गांव के पास रविवार रात करीब 10 बजे पुलिस और गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के बीच मुठभेड़ हुई. पुलिस के मुताबिक साहिबगंज से धनबाद जेल ले जाते समय पुलिस वाहन का टायर पंक्चर हो गया. इसी दौरान सुजीत सिन्हा ने मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की.पुलिस का कहना है कि उसने एक जवान की इंसास राइफल छीन ली और फायरिंग का प्रयास किया. इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें उसे गोली लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई.घटना के बाद जामताड़ा एसपी शंभू कुमार सिंह लगातार मौके पर मौजूद रहे. उन्होंने पूरी घटना की जानकारी मीडिया को दी और बताया कि मामले की जांच नियमानुसार की जा रही है.फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम के पहुंचने तक पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित रखा. करीब आठ घंटे बाद एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए.
कौन हैं IPS शंभू कुमार सिंह?
शंभू कुमार सिंह झारखंड कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं. वह 2016 बैच के झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. उन्होंने राज्य पुलिस सेवा (State Police Service) से पदोन्नति के जरिए भारतीय पुलिस सेवा में जगह बनाई. आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उन्हें 19 जुलाई 2023 को भारतीय पुलिस सेवा में शामिल किया गया.अपने शांत स्वभाव, प्रशासनिक क्षमता और कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रवैये के कारण उन्होंने कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई है.
स्पेशल ब्रांच में संभाली अहम जिम्मेदारियां
आईपीएस बनने के बाद शंभू कुमार सिंह को सबसे पहले झारखंड की स्पेशल ब्रांच में जिम्मेदारी मिली. वर्ष 2023 में वह रांची स्थित स्पेशल ब्रांच में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में तैनात रहे.वर्ष 2024 में भी उन्होंने इसी पद पर काम किया.इसके बाद उनका तबादला गुमला जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में किया गया जहां उन्होंने कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाली.
बोकारो में मिली बड़ी जिम्मेदारी
साल 2025 में उन्हें प्रमोशन के साथ बोकारो भेजा गया. यहां उन्हें कमांडेंट (CO), JAP-04, बोकारो की जिम्मेदारी दी गई. इसके साथ ही उन्हें SISF (State Industrial Security Force), बोकारो का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया.यह पद पे-लेवल-12 का है जो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की श्रेणी में आता है. बाद में कुछ समय के लिए वह फिर गुमला एसपी के पद पर भी रहे. इसके बाद दोबारा उन्हें पदोन्नति के साथ JAP-04 और SISF बोकारो की जिम्मेदारी दी गई.
अब जामताड़ा के एसपी
वर्तमान में शंभू कुमार सिंह जामताड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य कर रहे हैं. हाल ही में हुए गैंगस्टर सुजीत सिन्हा एनकाउंटर के बाद उनकी भूमिका सबसे ज्यादा चर्चा में है.घटना के बाद उन्होंने बताया कि गैंगस्टर को साहिबगंज से धनबाद सेंट्रल जेल ले जाया जा रहा था. पुलिस टीम की अगुवाई साहिबगंज के डीएसपी नितिन खंडेलवाल कर रहे थे. रास्ते में वाहन खराब होने के बाद आरोपी ने भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली. इसके बाद आत्मरक्षा और सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की.
कौन था गैंगस्टर सुजीत सिन्हा?
सुजीत सिन्हा झारखंड के सबसे चर्चित गैंगस्टरों में गिना जाता था. उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अवैध हथियार, संगठित अपराध और आर्म्स एक्ट सहित 50 से 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं.वह पहले कुख्यात गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव गिरोह से जुड़ा था. बाद में उसने अपना अलग गैंग बना लिया और झारखंड के कई जिलों में रंगदारी और अपराध का नेटवर्क खड़ा कर लिया. लंबे समय से वह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था.
जांच अभी जारी, आ सकती है और जानकारी
एनकाउंटर के बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी थी. एफएसएल टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी.इस घटना के बाद एक बार फिर आईपीएस शंभू कुमार सिंह का नाम पूरे झारखंड में चर्चा का विषय बन गया है. उनके अब तक के प्रशासनिक अनुभव और हालिया कार्रवाई ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया है.
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वर्तमान में न्यूज़18 हिंदी (Network18 Digital)में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पिछले 16 वर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इस दौरान प्रिंट, डिजिटल और टेलीविजन मीडिया में काम कर…
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