रांची: कई लोग ऐसे हैं, जो एस्ट्रोलॉजी की पढ़ाई करना चाहते हैं और ज्योतिष आचार्य बनने का उनका सपना है. ऐसे में रांची के जाने माने ज्योतिष आचार्य संतोष कुमार बताते हैं कि रांची यूनिवर्सिटी में इसकी बढ़िया पढ़ाई होती है. सबसे खास बात यह है कि यहां पर साल में केवल 10000 फीस लगती है, लेकिन सिर्फ पढ़ाई करके आप ज्योतिष आचार्य नहीं बन सकते हैं. आइये जानते हैं कैसे बन सकते हैं ज्योतिष आचार्य.
सिर्फ पढ़ाई से नहीं बन सकते ज्योतिष आचार्य
संतोष कुमार चौबे बताते हैं कि आप सोच रहे होंगे कि 2 साल की आप सिर्फ पढ़ाई कर लेकर ज्योतिष आचार्य बन जाएंगे, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है. इसके लिए सबसे पहले तो खुद में सात्विकता होनी चाहिए. आपका चरित्र ठीक होना चाहिए. क्योंकि, ज्योतिष सिर्फ पढ़ाई नहीं है, बल्कि ईश्वर का आशीर्वाद है. इसे आप नहीं बल्कि, इसके लिए ईश्वर आपको चुनते हैं.
आपका इंस्टीट्यूशन पावर अच्छा होना चाहिए. ताकि आप बढ़िया प्रिडिक्शन कर पाएं. पढ़ लिखकर खाली प्रेडिक्शन नहीं कर सकते हैं. भीतर की साधना, तप और सात्विकता इसमें मदद करती है. एक ग्रह दो व्यक्ति के कुंडली में एक ही राशि में एक ही नक्षत्र में बिल्कुल एक ही सिचुएशन में बैठा, लेकिन दोनों को एकदम अलग-अलग फल देगा, दोनों की पात्रता के अनुसार. ऐसे में अगर आप पढ़ाई के नजर से देखें, तो दोनों की प्रेडिक्शन एक हो जाएगी, पर ऐसा नहीं होता है.
खुद अध्ययन करना है जरूरी
ज्योतिष आचार्य संतोष बताते हैं कि इसमें आपको खुद से वेदों का अध्ययन करना जरूरी है. वह 2 साल की पढ़ाई में केवल एग्जाम पास करने के लिए कुछ चीज बताई जाएगी, पर उससे कुछ नहीं होने वाला है. उससे केवल आपको डिग्री मिलेगी. क्योंकि, आजकल हर क्षेत्र में डिग्री जरूरी होती है तो बस यह डिग्री तक है. लेकिन, आपको कम से कम 10 साल इस क्षेत्र को देना है गहराई से. इसके बाद धीरे-धीरे कुंडली देखने के बाद आपको अनुभव होगा, तभी जाकर आप एक आचार्य बन पाएंगे.
अगर आप यह सोच रहे हैं कि 2 साल की डिग्री लेकर और उसके बाद फिर वह खूब पैसे कमा लेंगे तो यह आपकी गलतफहमी है. इस क्षेत्र में गलत लोग भी हैं, लेकिन खराब नियत से अगर आप इस काम को करते हैं ताकि चलकर इसके दुष्परिणाम भी झेलने पड़ सकते हैं. इसीलिए कम से कम 10 साल पूरी ईमानदारी व गहराई से इस क्षेत्र को दीजिए तो निश्चिततौर पर आप एक बढ़िया ज्योतिष आचार्य बन पाएंगे.