रांची20 घंटे पहले
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चारा घोटाला मामले में झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की अपील याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस अनुभा चौधरी की कोर्ट में लालू के वकील ने कहा कि लालू को फर्जी निकासी की जानकारी नहीं थी। उन्हें गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। उन्होंने ट्रेजरी से निकासी और वित्तीय दस्तावेजों के रखरखाव पर भी सवाल उठाया। कहा कि ट्रेजरी से खर्च का पूरा ब्योरा नहीं लिया गया।
ट्रेजरी नियमों के तहत प्रत्येक महीने के अंत में उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी), बिल और वाउचर महालेखाकार कार्यालय को भेजे जाने चाहिए थे। पर निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान संबंधित अवधि में पदस्थापित उपायुक्तों और महालेखाकार कार्यालय के अधिकारियों की भूमिका का मुद्दा भी उठाया गया। उन्होंने कहा कि राशि के हिसाब-किताब, ऑडिट और वित्तीय निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की थी, लेकिन उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया। अब 2 नवंबर को सुनवाई होगी।
इधर, आईआरसीटीसी केस में राहत… दिल्ली हाईकोर्ट ने ईडी से मांगा जवाब
लालू प्रसाद को आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने राऊज एवेन्यू कोर्ट द्वारा आरोप तय करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जस्टिस सचिन दत्ता की पीठ ने गुरुवार को यह आदेश दिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने लालू को 3 दिसंबर की अगली सुनवाई तक निचली अदालत से सुनवाई टालने की मांग करने की अनुमति दे दी है। यह पूरा मामला लालू के रेल मंत्री कार्यकाल के दौरान आईआरसीटीसी के होटलों के टेंडर आवंटन में हुई कथित धांधली का है।
