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3, 7, 4, 5, 0… ये IPL में प्‍लेयर्स का स्‍कोर कार्ड...

Last Updated:April 29, 2026, 20:51 IST Kerala Exit Poll Latest News: केरल एग्जिट पोल्स के मुताबिक, इस राज्य में बीजेपी को सिंगल डिजिट या बेहद सीमित सीटें मिलने का अनुमान है. पोल ऑफ पोल्‍स में बीजेपी को केरल में 2 ही सीटें म‍िलने का अनुमान है. सभी अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़े देखें तो तस्वीर लगभग एक जैसी ही बनती दिख रही है. केरल के एग्‍ज‍िट पोल में क्‍या है बीजेपी का हाल? नई द‍िल्‍ली. एग्‍ज‍िट पोल में पश्‍च‍िम बंगाल में बीजेपी सरकार बनाती नजर आ रही है पर केरल में पार्टी की हालत अच्‍छी नहीं द‍िख रही है. पहली नजर में 3, 7, 4, 5, 0… जैसे आंकड़े आपको इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के किसी बल्लेबाज के स्कोरकार्ड जैसे लग सकते हैं लेकिन ये नंबर असल में एक राज्य के एग्जिट पोल में बीजेपी की संभावित सीटों का अनुमान हैं और तस्वीर पार्टी के लिए चौंकाने वाली है. केरल के पोल ऑफ पोल्‍स में बीजेपी गठबंधन को महज 2 सीटें दी गई हैं. एक्‍सेस माई इंड‍िया के सर्वे में बीजेपी गठबंधन को 0 से 3 सीटों के बीच रखा गया है. JVC के अनुमान के मुताबिक बीजेपी गठबंधन को 3 से 7 सीटें मिल सकती हैं, जबकि P-MARQ ने 1 से 4 सीटों की रेंज बताई है. Matrize के हिसाब से भी बीजेपी गठबंधन को 3 से 5 सीटों के बीच सिमटी दिख रही है. केरल में क्‍या है बीजेपी के ल‍िए सबसे चौंकाने वाला नतीजासबसे चौंकाने वाला अनुमान Peoples Pulse का है जहां बीजेपी गठबंधन को 0 से 3 सीटों तक सीमित बताया गया है. यानी लगभग हर एजेंसी का सर्वे इस ओर इशारा कर रहा है कि इस चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन उम्मीद से काफी कमजोर रह सकता है. क्‍या है जानकारों का माननाराजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर ये एग्जिट पोल सही साबित हुए तो यह बीजेपी के लिए बड़ा झटका होगा. खासकर तब जब पार्टी ने इस राज्य में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी और बड़े स्तर पर प्रचार अभियान चलाया था. हालांकि यह भी याद रखना होगा कि एग्जिट पोल हमेशा सटीक नहीं होते और कई बार असली नतीजे इन अनुमानों से बिल्कुल अलग निकल आते हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 29, 2026, 20:51 IST Source link

झारखंड

पलामू डीसी के कमरे में पहुंचा एक संदेश, कमरे से निकल सीढ़ियों...

Last Updated:April 29, 2026, 18:32 IST महिला की पीड़ा सुनकर डीसी ने तत्काल सदर अनुमंडल पदाधिकारी को मामले में उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसके साथ ही महिला को आश्वस्त करते हुए कहा, “अब आपको दोबारा यहां आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, आपका काम जल्द पूरा किया जाएगा.” उपायुक्त के इस मानवीय व्यवहार को देखकर वहां मौजूद लोग प्रशासन की इस संवेदनशील पहल की सराहना करने लगे. ख़बरें फटाफट पलामू: झारखंड के पलामू जिले में बुधवार को जब समाधान दिवस की शुरुआत हुई इसमें पहले दिन जन समाधान दिवस के दौरान एक ऐसा भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जिसने प्रशासनिक संवेदनशीलता की नई मिसाल पेश कर दी. कार्यक्रम के बीच डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत को सूचना मिली कि मेदिनीनगर की रहने वाली दिव्यांग महिला शीला कुमारी उनसे मिलने पहुंची हैं, लेकिन दोनों पैरों से असमर्थ होने के कारण समाहरणालय की सीढ़ियां चढ़ पाने में असहाय हैं. यह जानकारी मिलते ही डीसी ने बिना देर किए चल रहे जन समाधान कार्यक्रम को बीच में रोका और स्वयं नीचे सीढ़ियों तक पहुंच गए. सीढ़ियों पर बैठकर पलामू डीसी ने महिला की पूरी समस्या गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनी. शीला कुमारी ने बताया कि वह और उनके पति दोनों दिव्यांग हैं और तीनकोनिया गैरेज के पास एक साल से कपड़ों की दुकान लगाकर किसी तरह जीवनयापन कर रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व दुकान संचालन में बाधा डालते हैं, अभद्र व्यवहार करते हैं और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी भी देते हैं. जबकि वे नगर निगम की निर्धारित रसीद प्रतिदिन जमा करती हैं. महिला की पीड़ा सुनकर डीसी ने तत्काल सदर अनुमंडल पदाधिकारी को मामले में उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसके साथ ही महिला को आश्वस्त करते हुए कहा, “अब आपको दोबारा यहां आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, आपका काम जल्द पूरा किया जाएगा.” उपायुक्त के इस मानवीय व्यवहार को देखकर वहां मौजूद लोग प्रशासन की इस संवेदनशील पहल की सराहना करने लगे. जन समाधान दिवस में अक्सर लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं, लेकिन इस बार एक अधिकारी का खुद फरियादी तक पहुंचना चर्चा का विषय बन गया. उपायुक्त श्री शेखावत की यह पहल न सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारी का उदाहरण बनी, बल्कि यह संदेश भी दे गई कि संवेदनशील शासन वही है, जो जरूरतमंदों तक खुद पहुंचे. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 18:32 IST Source link

व्यापार

छोटा निवेश, बड़ा मुनाफा…. घर पर अगरबत्ती बनाने का आसान तरीका, ऐसे...

Last Updated:November 27, 2025, 13:21 IST घर से छोटा-सा काम शुरू करना हो तो अगरबत्ती बनाना सबसे आसान और फायदेमंद काम माना जाता है. इसमें न ज्यादा निवेश लगता है और न बड़ा सेटअप चाहिए. मशीन लगते ही काम शुरू हो जाता है और इसकी मांग पूरे साल बनी रहती है. इसलिए लोग इसे भरोसेमंद घरेलू कमाई का तरीका मानते हैं. घर पर अगरबत्ती का बिजनेस आसानी से शुरू किया जा सकता है. इसकी मशीन की कीमत ज्यादा नहीं होती, बेसिक मॉडल 10–15 हजार रुपए में मिल जाता है. इसे चलाने के लिए न ज्यादा जगह चाहिए और न ही भारी बिजली खर्च. बस दो प्लग की सपोर्ट मिल जाए तो काम आराम से चल जाता है. मशीन की सेटिंग भी आसान रहती है, बस पाउडर सही डालना होता है और स्पीड को जरूरत के हिसाब से सेट कर देना होता है. अगर आपके पास रोज़ सिर्फ तीन से चार घंटे का समय भी है, तो यह काम आराम से किया जा सकता है. मशीन तेज़ी से चलती है, इसलिए कम समय में ज्यादा प्रोडक्शन हो जाता है. सुबह या शाम, जिसके पास थोड़ा खाली समय होता है, वह इस काम को आसानी से फिट कर सकता है. यही वजह है कि कई महिलाएं और युवा इसे पार्ट-टाइम के तौर पर अपनाते हैं. अगरबत्ती का पाउडर तैयार करना भी एकदम सीधी प्रक्रिया है. लकड़ी का बुरादा, खुशबू का मिश्रण और कोयला पाउडर बराबर मात्रा में मिलाया जाता है. फिर पानी डालकर हल्की-सी गीली मिट्टी जैसी लोई बना ली जाती है. अगर पानी ज्यादा हो जाए तो मशीन ठीक से नहीं चलती, इसलिए मिश्रण को थोड़ा सख्त रखना पड़ता है. अच्छी क्वालिटी का पाउडर अगरबत्ती को मजबूत बनाता है. Add News18 as Preferred Source on Google याद रखें कि ताजा बनी अगरबत्ती को तुरंत पैक नहीं किया जाता. इन्हें 4–6 घंटे किसी खुली और सूखी जगह पर फैलाकर रखना होता है. यदि धूप बहुत तेज़ हो, तो रंग उड़ सकता है, इसलिए हल्की धूप या छांव में सुखाना बेहतर है. जो लोग तेज़ प्रोडक्शन करते हैं, वे घर में एक छोटा-सा सुखाने वाला रैक भी बना लेते हैं. अच्छी तरह सूखना जरूरी है, वरना टूटने की संभावना रहती है. अगरबत्तियों की सुगंध ही उनकी पहचान होती है. सूखने के बाद इन्हें अलग ट्रे में रखकर खुशबू का स्प्रे किया जाता है. कुछ लोग इसमें गुलाब, चंदन, मोगरा या पारंपरिक फ्लोरल मिक्स का इस्तेमाल करते हैं. ध्यान रखें कि स्प्रे हल्का-सा हो, वरना अगरबत्तियां गीली पड़ जाती हैं. अच्छी खुशबू वाला प्रोडक्ट तुरंत ग्राहकों में लोकप्रिय बन जाता है. अगरबत्ती की पैकिंग जितनी साफ-सुथरी होगी, उतना भरोसा बढ़ेगा। छोटे 10–20 स्टिक वाले पैक ज्यादा चलते हैं. पैकिंग के दौरान टूटे हुए टुकड़े निकाल देना चाहिए, क्योंकि खरीदार पहली नज़र में पैक देखकर ही निर्णय लेता है. लोकल प्रिंट वाली सिंपल पॉलिथीन भी ठीक चल जाती है, बस उस पर खुशबू और मात्रा जरूर लिखें. यही छोटा-सा कदम बिक्री बढ़ा देता है. पूरे साल चलने वाली सुगंधों में चंदन, मोगरा, गुलाब और लवेंडर टॉप पर रहती हैं. त्योहारों के समय खास फ्रेगरेंस जैसे कस्तूरी और हवन-सुगंध ज्यादा चलने लगती हैं. दुकानदार अक्सर उन्हीं खुशबुओं की मांग करते हैं जिनकी बिक्री उनकी दुकानों पर तेज़ रहती है. अगर कोई नया व्यक्ति शुरुआत कर रहा है, तो इन 4–5 खुशबुओं से काम शुरू करना सबसे सुरक्षित रहता है. अगरबत्ती के काम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें निवेश बहुत कम लगता है. एक बार मशीन, पाउडर और पैकिंग का सेटअप हो जाए तो रोज़ का खर्च बहुत ही मामूली रहता है. लगातार डिमांड होने के कारण किसी भी मौसम में प्रोडक्शन बंद नहीं होता. इसी वजह से कई लोग इसे घर बैठे नियमित कमाई के तौर पर अपनाते हैं और महीने में अच्छा मुनाफा कमा लेते हैं. First Published : November 27, 2025, 13:21 IST Source link

झारखंड

पाकुड़ में 121 घंटे का हरि नाम संकीर्तन शुरू:शिव शीतला मंदिर में...

पाकुड़ शहर के शिव शीतला मंदिर में बुधवार से 121 घंटे का अखंड हरि नाम संकीर्तन शुरू हो गया है। विद्वान पुरोहितों द्वारा पूजा-पाठ, वैदिक मंत्रोच्चार और हवन पूजन के बाद इस धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ किया गया। इस संकीर्तन में पश्चिम बंगाल, बिहार और राज्य के कई जिलों से कीर्तन मंडलियां पहुंची हैं। अगले पांच दिनों तक हरि नाम संकीर्तन से पूरा शहर भक्तिमय रहेगा। हरि नाम संकीर्तन के साथ-साथ पांच दिनों तक रुद्राभिषेक का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें दुमका जिले के बासुकीनाथ से आए विद्वान पुरोहित शामिल होंगे। संकीर्तन के शुभारंभ पर बड़ी संख्या में भक्त और श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजकों को उम्मीद है कि अगले पांच दिनों तक शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में लोग हरि नाम संकीर्तन सुनने पहुंचेंगे। इस पांच दिवसीय धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन भंडारे की भी व्यवस्था की गई है, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पाकुड़ के शिव शीतला मंदिर में लगभग 100 वर्षों से हरि नाम संकीर्तन की परंपरा चली आ रही है। इस वर्ष भी यह अनुष्ठान उसी परंपरा के तहत शुरू किया गया है। आयोजन समिति का गठन पहले ही कर लिया गया था, जिसने संकीर्तन की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। संकीर्तन स्थल पर भगवान की प्रतिमा भी स्थापित की गई है, जिसकी पूजा-अर्चना पुरोहितों द्वारा की गई। Source link

शिक्षा

Union Bank 1865 Jobs Recruitment 2026

28 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 1865 पदों पर भर्ती की, बिहार में हवलदार इंस्ट्रक्टर के 122 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की। साथ में IIT भिलाई में नॉन टीचिंग के 47 पदों पर निकली ओपनिंग्स की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 1865 पदों पर भर्ती, आवेदन आज से शुरू यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अप्रेंटिस के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। बैंक ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रेंटिस के पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। फीस जमा करने की लास्ट डेट भी 19 मई तय की गई है। स्टेट वाइस वैकेंसी डिटेल्स : स्टेट का नाम पदों की संख्या उत्तर प्रदेश 335 आंध्र प्रदेश 303 महाराष्ट्र 196 तेलंगाना 164 कर्नाटक 131 मध्य प्रदेश 116 तमिलनाडु 95 बिहार 60 गुजरात 58 ओडिशा 58 पश्चिम बंगाल 56 दिल्ली (NCT) 48 केरल 39 झारखंड 34 राजस्थान 32 हरियाणा 30 असम 29 छत्तीसगढ़ 25 पंजाब 21 उत्तराखंड 10 चंडीगढ़ 6 गोवा 5 दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव 2 जम्मू और कश्मीर 2 सिक्किम 2 अंडमान और निकोबार द्वीप समूह 1 हिमाचल प्रदेश 1 लद्दाख 1 लक्षद्वीप 1 मेघालय 1 नागालैंड 1 पुदुचेरी 1 त्रिपुरा 1 कुल 1865 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ग्रेजुएशन की डिग्री। ग्रेजुएशन का रिजल्ट 1 अप्रैल 2026 या उससे पहले जारी हो जाना चाहिए। एज लिमिट : न्यूनतम : 20 साल अधिकतम : 28 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम लोकल लैंग्वेज टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम स्टाइपेंड : ग्रामीण या सेमी-अर्बन (अर्ध-शहरी) एरिया : 15,000 रुपए प्रतिमाह शहरी क्षेत्र में पोस्टिंग होने पर : 18,000 रुपए प्रतिमाह मेट्रो सिटी में पोस्टिंग होने पर : 20,000 रुपए प्रतिमाह फीस : कैटेगरी का नाम एग्जाम फीस इंटिमेशन फीस टोटल सामान्य/ओबीसी पुरुष 600 रुपए 200 रुपए 944 रुपए सामान्य/ओबीसी महिला 400 रुपए 200 रुपए 708 रुपए एससी/एसटी 0 200 रुपए 236 रुपए पीडब्ल्यूबीडी (PwBD) 0 200 रुपए 236 रुपए ट्रांसजेंडर 0 200 रुपए 236 रुपए जरूरी डॉक्यूमेंट्स : 10वीं की मार्कशीट 12वीं की मार्कशीट ग्रेजुएशन / डिग्री / डिप्लोमा उम्मीदवार का फोटो और सिग्नेचर जाति प्रमाण पत्र उम्मीदवार का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी आधार कार्ड एग्जाम पैटर्न : सब्जेक्ट टोटल क्वेश्चन टोटल मार्क्स जनरल/फायनेंशियल अवेयरनेस 25 25 जनरल इंग्लिश 25 25 क्वांटिटेटिव एंड रीजनिंग एप्टीट्यूड 25 25 कंप्यूटर नॉलेज 25 25 टोटल 100 100 ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट unionbankofindia.co.in पर जाएं। होम पेज पर भर्ती से संबंधित लिंक पर क्लिक करें। Click here for New Registration पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करें। अन्य जानकारी अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। फॉर्म का एक प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक बिहार में हवलदार इंस्ट्रक्टर के 122 पदों पर भर्ती, BPSSC ने बिहार पुलिस हवलदार इंस्ट्रक्टर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 मई 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। कैटेगरी वाइस वैकेंसी डिटेल्स : कैटेगरी का नाम पदों की संख्या सामान्य 48 एससी 19 एसटी 2 ओबीसी ईडब्ल्यूएस 12 ईबीसी 22 बीसी 15 बीसी – डब्ल्यू (पिछड़े वर्ग की महिलाएं) 4 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 40 साल बिहार सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट सैलरी : 25,500 – 81,100 रुपए प्रतिमाह फीस : सभी वर्ग के लिए : 100 रुपए एग्जाम पैटर्न : एग्जाम टाइप ऑब्जेक्टिव कुल प्रश्नों की संख्या 100 कुल अंक 100 (प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का) ड्यूरेशन 02 घंटे न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स 30% एग्जाम सिलेबस : लैंग्वेज: हिन्दी, अंग्रेजी। मैथ्स: बेसिक एरिदमेटिक सोशल साइंस : हिस्ट्री, जियोग्राफी, सिविक्स एंड इकोनॉमिक्स साइंस: फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी, बॉटनी जनरल नॉलेज: जनरल नॉलेज एंड करेंट अफेयर्स ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट btsc.bihar.gov.in पर जाएं। होमपेज पर दिए गए भर्ती विज्ञापन पर क्लिक करें। ई ऑनलाइन पर क्लिक करके फॉर्म भरें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फॉर्म भरकर फीस जमा करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. आईआईटी भिलाई में 47 पदों पर भर्ती, एज लिमिट 40 साल आईआईटी भिलाई में नॉन टीचिंग के 47 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या असिस्टेंट रजिस्ट्रार 2 जूनियर सुपरिटेंडेंट 4 जूनियर असिस्टेंट 15 टेक्निकल ऑफिसर 2 असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर 1 मेडिकल ऑफिसर 1 जूनियर टेक्निकल सुपरिटेंडेंट 3 जूनियर स्पोर्ट्स ऑफिसर 1 जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट 14 जूनियर मैकेनिक 4 कुल पदों की संख्या 47 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : असिस्टेंट रजिस्ट्रार : मास्टर डिग्री, 8 साल का अनुभव जूनियर सुपरिटेंडेंट : मास्टर डिग्री, 3 साल का अनुभव जूनियर असिस्टेंट : बैचलर डिग्री टेक्निकल ऑफिसर : एम टेक, एमई, 5 साल का एक्सपीरियंस असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर : बीटेक, एमई, 7 साल का एक्सपीरियंस मेडिकल ऑफिसर : एमबीबीएस, 3 साल का एक्सपीरियंस जूनियर टेक्निकल सुपरिटेंडेंट : बैचलर डिग्री जूनियर स्पोर्ट्स ऑफिसर : बीपीएड के साथ एक्सपीरियंस जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट : इंजीनियरिंग की डिग्री जूनियर मैकेनिक : इंजीनियरिंग की डिग्री के साथ एक्सपीरियंस एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 40 साल आयु में छूट नियमों के अनुसार दी जाएगी। फीस : सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस (समूह ए) : 1000 रुपए एससी,एसटी,पीडब्ल्यूडी (समूह ए) : 500 रुपए सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस (समूह बी, सी) : 500 रुपए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/दिव्यांग (समूह बी, सी) : 250 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम स्किल टेस्ट इंटरव्यू डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल टेस्ट सैलरी : पद के अनुसार, लेवल – 3 – लेवल – 10 के अनुसार एग्जाम सिलेबस : जनरल टॉपिक्स : जनरल नॉलेज रीजनिंग क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड इंग्लिश, हिंदी टेक्निकल टॉपिक्स : इंजीनियरिंग सब्जेक्ट आई, नेटवर्किंग मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल कॉन्सेप्ट्स कंप्यूटर नॉलेज ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट www.ibitf.co.in पर जाएं। अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन करके डिटेल्स दर्ज

झारखंड

वज्रपात से दो की मौत, चार घायल:गिरिडीह के चंदौरी में हुई घटना,...

गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र के चंदौरी गांव में बुधवार शाम वज्रपात हुआ। सकरी नदी किनारे आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम अचानक मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए बेलवाना निवासी 30 वर्षीय आफताब अंसारी, चंदौरी निवासी 26 वर्षीय राजू तुरी, 12 वर्षीय नूनमनी कुमार, 24 वर्षीय अमन कुमार तुरी, चरना रविदास और चंदन कुमार सकरी नदी के किनारे एक पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान तेज आवाज के साथ वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में सभी छह लोग आ गए। वज्रपात इतना तीव्र था कि नूनमनी कुमार और अमन कुमार तुरी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। चंदौरी स्थित एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया आफताब अंसारी और राजू तुरी गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि चरना रविदास और चंदन कुमार को भी चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को चंदौरी स्थित एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया। निजी क्लीनिक में आफताब अंसारी और राजू तुरी का इलाज चल रहा है। मृतकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। Source link

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Exit Poll 2026 Results LIVE | एग्जिट पोल पश्चिम बंगाल 2026 |...

Exit Poll Results LIVE Updates: पश्चिम बंगाल के अलावा असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के एग्जिट पोल नतीजे भी आज ही जारी किए जा रहे हैं. इन पांचों राज्यों में वोटिंग प्रतिशत काफी ज्यादा रहा है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण के लिए आज 29 अप्रैल को वोट डाले गए. शाम 5 बजे तक राज्य में 90% से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई है, जो मतदाताओं के भारी उत्साह को दर्शाती है. चुनावी मैदान में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला है. चुनाव आयोग के कड़े निर्देशों के अनुसार, शाम 6:30 बजे तक किसी भी तरह के एग्जिट पोल पर पाबंदी है. इसके बाद ही सर्वे एजेंसियां अपने आंकड़े जारी कर सकेंगी. Tamil Nadu Exit Poll 2026 लाइव: तमिलनाडु में गठबंधनों की जंग से बदला चुनावी समीकरण तमिलनाडु चुनाव 2026 में मुकाबला अब पूरी तरह गठबंधनों पर टिक गया है. डीएमके के नेतृत्व वाला सेक्युलर प्रोग्रेसिव गठबंधन एम के स्टालिन के साथ मैदान में है. दूसरी तरफ एआईएडीएमके गठबंधन ई के पलानीस्वामी के नेतृत्व में चुनौती दे रहा है. इस बार विजय की तमिलगा वेत्री कषगम की एंट्री ने मुकाबले को और पेचीदा बना दिया है. राज्यभर में त्रिकोणीय और बहुकोणीय टक्कर चुनावी तस्वीर बदल सकती है. तमिलनाडु एग्जिट पोल 2026 लाइव: 10 हॉट सीटें जो तय करेंगी सत्ता की दिशा तमिलनाडु की कई हॉट सीटें ऐसी हैं जहां कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है. कोलाथुर में एम के स्टालिन की प्रतिष्ठा दांव पर है, तो एडप्पाडी सीट ई के पलानीस्वामी के लिए अहम है. कोयंबटूर साउथ में शहरी वोटर बड़ा फैक्टर बन सकते हैं. मदुरै सेंट्रल और सलेम में सीधी टक्कर का माहौल है. तिरुचिरापल्ली वेस्ट को स्विंग सीट माना जा रहा है. चेन्नई सेंट्रल क्षेत्र शहरी रुझान दिखाएगा. बोडिनायकनूर, तिरुप्पुर और कन्याकुमारी में बहुकोणीय मुकाबला चुनावी नतीजों की दिशा तय कर सकता है. असम एग्जिट पोल LIVE: 75 सीटों के आसपास मजबूत बढ़त असम विधानसभा चुनाव का एग्जिट पोल: आंकड़ों के मुताबिक करीब 75 सीटों का आंकड़ा आरामदायक जीत की ओर इशारा करता है. यह स्थिति सरकार को स्थिरता देती है और भविष्य में उपचुनाव या दल बदल जैसे झटकों को संभालने की क्षमता बढ़ाती है. इससे शासन में निरंतरता और नीति लागू करने में तेजी देखने को मिल सकती है. असम एग्जिट पोल अपडेट LIVE: 64 सीट पार करते ही बहुमत तय, सरकार बनना लगभग तय असम विधानसभा में 64 सीट का आंकड़ा स्पष्ट बहुमत की सीमा माना जाता है. जो भी दल या गठबंधन इस आंकड़े को पार करेगा, वह बिना बाहरी समर्थन के सरकार बना सकेगा. साल 2021 में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यह आंकड़ा आसानी से पार किया था. एग्जिट पोल 2026 LIVE: क्या आपको एग्जिट पोल्स पर भरोसा करना चाहिए? एग्जिट पोल्स को अंतिम नतीजा नहीं, बल्कि एक ‘संकेत’ (Signal) के तौर पर देखना चाहिए. ये ट्रेंड समझने और हवा का रुख पहचानने के लिए तो अच्छे हैं, लेकिन इन्हें 100% सटीक मान लेना सही नहीं है. असली तस्वीर तो 4 मई, 2026 को ही साफ होगी, जब ईवीएम (EVM) के पिटारे खुलेंगे. तब तक ये आंकड़े सिर्फ एक चर्चा और विश्लेषण का आधार मात्र हैं. Exit Poll 2026 Results LIVE: आखिर क्यों फेल हो जाते हैं बड़े-बड़े एग्जिट पोल्स? इतनी मेहनत और गणित के बावजूद एग्जिट पोल्स कई बार पूरी तरह गलत साबित होते हैं. इसके पीछे 5 बड़े कारण हैं: साइलेंट वोटर: अगर कोई खास वर्ग अपनी पसंद छुपा ले, तो पूरा कैलकुलेशन बिगड़ जाता है. झूठे जवाब: कई बार वोटर दबाव में या डर के मारे गलत जानकारी दे देता है. सैंपल एरर: अगर सैंपल में हर वर्ग का सही प्रतिनिधित्व नहीं है, तो नतीजा गलत आएगा. टर्नआउट का अनुमान: सर्वे इस आधार पर होता है कि कितने लोग वोट देने आएंगे, लेकिन एक्चुअल टर्नआउट कम-ज्यादा होने पर गणित फेल हो जाता है. गठबंधन और लोकल फैक्टर: भारत जैसे विविधता वाले देश में गठबंधन और स्थानीय प्रत्याशियों का प्रभाव नेशनल लेवल के डेटा को मात दे देता है. Exit Poll Results 2026 LIVE: एजेंसियां अलग-अलग नतीजे क्यों दिखाती हैं? अक्सर देखा जाता है कि एक चैनल किसी पार्टी की जीत दिखा रहा है, तो दूसरा कड़े मुकाबले की बात करता है. इसके पीछे कई कारण हैं: सैंपलिंग में अंतर: कोई एजेंसी शहरी इलाकों पर ज्यादा फोकस करती है, तो कोई ग्रामीण बेल्ट पर. सवाल पूछने का तरीका: अगर सवाल पूछने का ढंग थोड़ा भी अलग हो, तो वोटर का जवाब बदल सकता है. नो-रिस्पॉन्स का इलाज: बहुत से लोग यह नहीं बताते कि उन्होंने किसे वोट दिया. एजेंसियां अपनी समझ के हिसाब से इन ‘साइलेंट वोटर्स’ का अनुमान लगाती हैं. वेटिंग फॉर्मूला: डेटा को एडजस्ट करने का हर एजेंसी का अपना सीक्रेट फॉर्मूला होता है. Exit Poll 2026 Results LIVE: डेटा की वेटिंग और वोटों से सीटों का पेचीदा गणित ग्राउंड से जो डेटा आता है, उसे वैसा का वैसा नहीं दिखाया जाता. इस ‘रॉ डेटा’ पर स्टैटिस्टिकल वेटिंग (Statistical Weighting) अप्लाई की जाती है. मान लीजिए किसी इलाके में महिलाओं ने कम जवाब दिए, तो उनके डेटा को आनुपातिक रूप से बढ़ा दिया जाता है ताकि बैलेंस बना रहे. सबसे कठिन काम है वोटों को सीटों में बदलना. भारत में ‘फर्स्ट पास्ट द पोस्ट’ सिस्टम है. इसका मतलब है कि अगर किसी पार्टी का वोट शेयर सिर्फ 1-2% भी ऊपर-नीचे होता है, तो सीटों की संख्या में भारी अंतर आ सकता है. यहीं पर अलग-अलग एजेंसियों के दावों में अंतर दिखने लगता है क्योंकि हर एजेंसी का कैलकुलेशन मॉडल अलग होता है. Exit Poll 2026 LIVE: भारत में एग्जिट पोल का प्रोसेस, जमीन पर क्या होता है? एग्जिट पोल करने वाली एजेंसियां जैसे एक्सिस माई इंडिया, सी-वोटर या CSDS-लोकनीति एक खास पैटर्न फॉलो करती हैं. यह प्रक्रिया कुछ स्टेप्स में पूरी होती है: निर्वाचन क्षेत्रों और पोलिंग बूथों का चुनाव: देश के हर बूथ पर जाकर सर्वे करना नामुमकिन है. इसलिए, एजेंसियां एक ‘रिप्रेजेंटेटिव सैंपल’ चुनती हैं. इसमें इलाके के पुराने वोटिंग पैटर्न, जातिगत समीकरण और डेमोग्राफिक फैलाव को ध्यान में रखा जाता है. ग्राउंड फील्ड सर्वे: वोटिंग के दिन सर्वे करने

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पलामू में बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या:घर से बुलाकर ले गए थे...

पलामू जिले के पिपराटांड़ थाना क्षेत्र के करमा गांव में एक 60 वर्षीय वृद्ध की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान राजमुनि पाठक के रूप में हुई है। बुधवार सुबह उनका खून से लथपथ शव घर से कुछ दूरी पर खेत में बरामद हुआ। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 8:30 बजे दो अज्ञात लोग राजमुनि पाठक के घर पहुंचे। उन्होंने पाठक को घर से बाहर बुलाया और अपने साथ ले गए। घर से कुछ दूर आगे ले जाकर आरोपियों ने उनके सिर में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय घर में केवल राजमुनि पाठक की पत्नी मौजूद थीं। शुरुआत में उन्हें लगा कि पहचान वाले लोग राजमुनि को ले गए हैं और वे बातचीत के बाद लौट आएंगे। जब राजमुनि रात भर नहीं लौटे, तो बुधवार सुबह उनकी पत्नी ने खेत में शव देखकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पिपराटांड़ थाना प्रभारी निलेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरू की। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर अनुसंधान कर रही है। परिजनों ने पुलिस को बताया है कि राजमुनि पाठक का किसी के साथ जमीन विवाद चल रहा था। पुलिस इस जमीन विवाद के पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर जमा हो गए थे। Source link

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घर के पीछे खाली पड़ी जमीन को बना दिया, ‘न्यूट्रीशन गार्डन’, अब...

Last Updated:April 29, 2026, 16:28 IST Jamshedpur News: जमशेदपुर के पास हालुदबानी गांव में महिलाओं ने अपने घर के पीछे पड़े खाली एरिया का ऐसा इस्तेमाल किया है कि अब पूरा घर जैविक तरीके से उगी शुद्ध सब्जियां खा रहा है. इस काम में एक संस्था ने उनकी मदद की और बैकयार्ड न्यूट्रीशन गार्डन बन गया. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. झारखंड के गांवों की पहचान अब सिर्फ सादगी और परंपरा तक सीमित नहीं रही, बल्कि यहां की महिलाएं अब अपने हुनर और समझदारी से एक नई मिसाल कायम कर रही हैं. जमशेदपुर के पास स्थित हालुदबानी गांव इसका जीता-जागता उदाहरण बनकर उभरा है, जहां की महिलाएं आज शहर की महिलाओं से भी एक कदम आगे सोच रही हैं. घर के पीछे की जमीन का गजब इस्तेमालइस गांव में कुल 35 घर हैं और हर घर के पीछे थोड़ी-बहुत खाली जमीन मौजूद है. पहले ये जगह यूं ही खाली पड़ी रहती थी, लेकिन अब यही जमीन गांव की ताकत बन चुकी है. यहां की महिलाओं ने मिलकर इन खाली जगहों को ‘बैकयार्ड किचन न्यूट्रिशन गार्डन’ में बदल दिया है. इस पहल के पीछे TMILL संस्था का बड़ा योगदान है, जिसने गांव की महिलाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई. परिवार का स्वास्थ्य हो रहा बेहतरअब हालुदबानी गांव के हर घर के पीछे एक छोटा-सा हरा-भरा बगीचा नजर आता है. इन गार्डन में भिंडी, बैंगन, मिर्च, टमाटर, फूलगोभी, नेनुआ और बरबटी जैसी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली सब्जियां उगाई जा रही हैं. खास बात यह है कि ये सब्जियां पूरी तरह से ताजा और जैविक हैं, जिससे परिवार का स्वास्थ्य भी बेहतर हो रहा है. गुजरने वाले, जरूर रुककर देखते हैंगांव की एक महिला, चंचल किस्कू, बताती हैं कि पहले उन्हें सब्जियों के लिए बाजार जाना पड़ता था, लेकिन अब उनके घर के पीछे ही सब कुछ उपलब्ध है. इससे समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है. इतना ही नहीं, जब कभी राहगीर इस रास्ते से गुजरते हैं और इन हरे-भरे बगीचों को देखते हैं, तो रुककर तारीफ करते हैं. कई बार लोग सब्जियां मांगकर भी ले जाते हैं, जिसे महिलाएं खुशी-खुशी बांट देती हैं. यह पहल सिर्फ सब्जियां उगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बना रही है. अब उन्हें यह समझ आ गया है कि छोटी-सी जगह का सही उपयोग करके भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है. छोटी जगह का बड़ा इस्तेमालहालुदबानी गांव आज एक प्रेरणा बन चुका है. यहां की महिलाएं यह संदेश दे रही हैं कि अगर सोच सकारात्मक हो और मेहनत सच्ची, तो किसी भी संसाधन का सही उपयोग कर जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है. उन्होंने साबित कर दिया है कि गांव की महिलाएं अब सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपने परिवार और समाज के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभा रही हैं. सच में, यह झारखंड का एक अनोखा गांव है, जहां हर घर के पीछे सिर्फ एक बगीचा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और उम्मीद की हरियाली खिल रही है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 16:26 IST Source link

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पटना सोना चांदी रेट दिसंबर 2024: जानें आज के ताजा दाम और...

पटना : बिहार की राजधानी पटना में दिसंबर माह की शुरुआत के साथ ही सोने की कीमतों में तेजी का दौर जारी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता और निवेशकों के सुरक्षित निवेश की ओर रुझान ने गोल्ड रेट को मजबूती दी है. 24 कैरेट सोना लगातार बढ़त के साथ नए उच्च स्तर की ओर बढ़ रहा है. कल के मुकाबले आज इसमें 600 रूपये की बढ़ोतरी देखने को मिली है. दूसरी ओर, नवंबर के आखिरी दिनों में चांदी में रिकॉर्डतोड़ उछाल देखने को मिला था, लेकिन पिछले दो दिनों से इसमें स्थिरता है. इंडस्ट्रियल डिमांड सामान्य रहने और निवेशकों की खरीद में थोड़ी नरमी आने से चांदी में उतार-चढ़ाव सीमित देखा जा रहा है. कुल मिलाकर, सोना मजबूती से ऊपर जा रहा है. जबकि चांदी स्थिर है, लेकिन कभी भी लंबी छलांग लगा सकती है. जानें आगे कैसे रहेंगी कीमतें पटना के ज्वेलर्स का मानना है कि दिसंबर की शुरुआत में बाजार में हल्की स्थिरता देखने को मिल सकती है, लेकिन वैश्विक संकेतों के आधार पर कीमतें फिर से ऊपर जा सकती हैं. साल के अंत में आम तौर पर सोने-चांदी की खरीद बढ़ती हैं. इससे स्थानीय बाजारों में भी तेजी की संभावना बनी रहती है. फिलहाल, तेजी को देखते हुए निवेशक सोच-समझकर खरीदारी करें. अगर कीमतें स्थिर होती हैं तो दिसंबर के मध्य में खरीदारी करना सही समय हो सकता है. जानें क्या है लेटेस्ट रेट आज पटना के ज्वेलरी बाजार में 24 कैरेट सोने का दाम 1,29,600 रूपये से बढ़कर 1,30,200 रूपये प्रति 10 ग्राम है. अगर जीएसटी जोड़ दिया जाए तो इसकी कीमत 1,34,106 रूपये प्रति 10 ग्राम हो जाती है. बिना जीएसटी जोड़े 22 कैरेट सोना 120,500 रूपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना 98,400 रूपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है. चांदी के दाम में बनी स्थिरता पटना के ज्वेलरी बाजार में एक किलो चांदी की बिक्री 1,77,000 रूपये प्रति किलो है. इस तरह, एक किलो हॉल मार्क वाले चांदी के आभूषणों बिक्री 1,75,000 रूपये प्रति किलो हो रही है. अगर जीएसटी जोड़ दिया जाए, तो इसकी कीमत 1,80,250 रूपये हो जाती है. जानें आभूषणों का एक्सचेंज रेट 22 कैरेट वाले सोने के पुराने आभूषणों का एक्सचेंज रेट 117,500 रूपये है. जबकि 18 कैरेट सोने के पुराने आभूषण 95,400 रूपये में एक्सचेंज हो रहे हैं. वहीं, चांदी में हॉलमार्क आभूषणों का एक्सचेंज रेट 170 रूपये प्रति ग्राम है. जबकि बिना हॉलमार्क वाले आभूषणों का एक्सचेंज रेट 166 रूपये प्रति ग्राम है. Source link

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