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’12 साल में भारत का दोगुना विकास हुआ’, पीएम मोदी ने फ्रांस...

होमताजा खबरदेश ’12 साल में भारत का दोगुना विकास हुआ’, PM मोदी ने फ्रांस की धरती से भरी हुंकार Last Updated:June 18, 2026, 23:01 IST PM Modi Speech Today: पेरिस में पीएम मोदी ने भारतीय कम्युनिटी को संबोधित करते हुए नए भारत की अद्भुत ताकत का एहसास कराया. उन्होंने सरकार के 12 साल पूरे होने पर देश की बेमिसाल आर्थिक और डिजिटल प्रगति के आंकड़े रखे. पीएम ने बताया कि भारत अब दुनिया का एक सबसे भरोसेमंद पार्टनर बन चुका है. स्पेस से लेकर डीप टेक और ग्रीन एनर्जी तक देश अब ग्लोबल लीडर बनने की ओर अग्रसर है. पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते पीएम नरेंद्र मोदी. नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस की राजधानी में भारतीय कम्युनिटी को संबोधित किया. उन्होंने अपने भाषण में नए भारत की बदलती तस्वीर को पूरी दुनिया के सामने मजबूती से रखा. पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान उनकी सरकार के शानदार 12 वर्ष भी पूरे हो चुके हैं. इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने भारत की तेज आर्थिक तरक्की और सोशल ट्रांसफॉर्मेशन के बड़े आंकड़े पेश किए. उन्होंने बताया कि देश में पिछले 12 सालों में विकास की स्पीड कई गुना बढ़ गई है. भारत आज सिर्फ अपनी आर्थिक प्रोग्रेस की कहानी नहीं लिख रहा है. देश का हर नागरिक अब डिजिटल और आधुनिक सुविधाओं से पूरी तरह सशक्त हो रहा है. पीएम ने फ्रांस के साथ भारत के मजबूत होते स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप पर भी विस्तार से बात की. उन्होंने प्रवासी भारतीयों को नए विकसित भारत के संकल्प से जुड़ने का सीधा आह्वान किया. पेरिस शहर को पूरी दुनिया में लाइट्स और रंगों के शहर के रूप में जाना जाता है. यहां आर्ट और नए आइडियाज के साथ इनोवेशन की बेहतरीन प्रेरणा मिलती है. पीएम मोदी ने कहा कि इस खूबसूरत शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए लोग और भी भव्य बनाते हैं. पेरिस में आयोजित इस खास कार्यक्रम में भारत का हर कोना साफ तौर पर दिखाई दे रहा था. वहां कोई तमिल था तो कोई पंजाबी और कोई गुजराती था. वहां मराठी और बंगाली संस्कृति का प्रतिनिधित्व भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा था. पीएम मोदी ने कहा कि जब वह 14 जून को नीस पहुंचे थे तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इसके बाद पेरिस का यह कार्यक्रम भारत कनेक्ट्स के रूप में सामने आया है. फ्रांस में रहने वाले प्रवासियों ने भारत और फ्रांस के रिश्तों को एक नई मजबूती दी है. यह जुड़ाव दोनों देशों की स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की बहुत बड़ी ताकत बन रहा है. पीएम मोदी ने इस आत्मीय स्वागत के लिए सभी प्रवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया. पीएम मोदी ने अपने भाषण में देश के बेमिसाल आर्थिक विकास के आंकड़े दुनिया के सामने रखे. उन्होंने कहा कि निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है. यह भारत के महान लोकतंत्र की ही शक्ति है जिसने एक सामान्य पृष्ठभूमि के व्यक्ति को इस पद तक पहुंचाया. पिछले 12 साल का यह कालखंड 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य का गवाह बना है. इस दौरान भारत का जीडीपी दो गुना हो चुका है. देश में एयरपोर्ट की संख्या भी पहले के मुकाबले दोगुनी हो गई है. यूनिवर्सिटीज की संख्या में भी दो गुने की बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है. हाईवे कंस्ट्रक्शन की स्पीड अब तीन गुना तेजी से आगे बढ़ रही है. शहरों में मेट्रो नेटवर्क का दायरा भी चार गुना तक बड़ा हो चुका है. ये सभी आंकड़े साफ दिखाते हैं कि भारत में काम किस बड़े स्केल पर हो रहा है. 1. मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट के क्षेत्र में भारत ने कौन सा नया रिकॉर्ड बनाया है? ग्लोबल मार्केट में भारत की धमक अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो चुकी है. पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत का एक्सपोर्ट करीब 35 गुना बढ़ गया है. इसके साथ ही मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत ने एक अभूतपूर्व क्रांति देखी है. देश में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में 100 गुना की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसी प्रगति के कारण आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरर बन गया है. इसी तेज गति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती मेजर इकोनॉमी है. भारत की यह सफलता केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित नहीं है. यह सफलता हर भारतीय के जीवन को बेहतर बना रही है. भारत की यह कहानी सिर्फ आर्थिक प्रगति की नहीं बल्कि एक बहुत बड़े सामाजिक बदलाव की भी है. पिछले 12 वर्षों में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी के जाल से बाहर निकले हैं. इस प्रगति का सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी ईमानदारी से पहुंच रहा है. पीएम मोदी ने एक दिलचस्प तुलना करते हुए कहा कि फ्रांस में कुल जितने घर हैं उससे भी अधिक पक्के घर भारत में जरूरतमंदों के लिए बनाए गए हैं. आज देश के हर गरीब परिवार के पास अपना खुद का बैंक अकाउंट मौजूद है. फाइनेंशियल इंक्लूजन अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रहा है बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन का बड़ा अभियान बन चुका है. इन 12 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि 140 करोड़ भारतीयों के भीतर जगा आत्मविश्वास है. आज भारत का युवा और किसान नई संभावनाओं के साथ बड़े सपने देख रहा है. 2. गांव-गांव इंटरनेट, क्यूआर कोड और ड्रोन से खेती एक समय था जब भारत के दूर दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना बेहद मुश्किल माना जाता था. आज उन्हीं गांवों में बिजली के साथ हाई स्पीड इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया पहुंच चुकी है. एक क्लिक पर कहीं भी और कभी भी बैंकिंग सेवाएं आसानी से उपलब्ध हैं. आज मोबाइल फोन देश के सामान्य नागरिकों को अनेक सरकारी सुविधाओं से सीधे कनेक्ट कर रहा है. हमारे किसान और मछुआरे और महिलाएं अब टेक्नोलॉजी के माध्यम से पूरी तरह सशक्त हो रहे हैं. देश में करोड़ों नागरिकों के लिए यूनिक [डिजिटल पहचान पत्र] बनाए गए हैं. इसके अलावा करीब 90 करोड़ भारतीयों की यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी भी बनाई जा चुकी है. इससे मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित और

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Last Updated:June 18, 2026, 20:11 IST Jharkhand Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा चुनाव में एनडीए समर्थित परिमल नथवानी को 28 वोट मिले. जबकि एनडीए के पास मात्र 24 मत थे. वहीं कांग्रेस के प्रणव झा को 28 मत रहते हुए भी मात्र 19 वोट मिले. महागठबंधन के 3 वोट रद्द किए गए. वहीं क्रॉस वोटिंग से गठबंधन में दरार के संकेत मिलने शुरु हो गए हैं. जानिए इस चुनाव में महागठबंधन के साथ किसने खेला किया? ख़बरें फटाफट झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ महागठबंधन के साथी ने ही खेला कर दिया. काबला रांची: एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने झारखंड की सत्ता पर काबिज महागठबंधन को आखिर कैसे पटखनी दी? झारखंड के इस राज्यसभा चुनाव परिणाम ने अचानक वहां की सियासत को बेहद गर्म कर दिया है. हर कोई यही सोच रहा है कि प्रचंड बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को हार का मुंह क्यों देखना पड़ा? आइए इस पूरी रिपोर्ट में समझते हैं वोटों का वह गणित जिसने कांग्रेस की रणनीति को पूरी तरह फेल कर दिया. इस चुनाव में एनडीए समर्थित नथवानी को पूरे 28 मत मिले. जबकि कांग्रेस के प्रणव झा को महज 19 मतों से ही संतोष करना पड़ा. जबकि महागठबंधन के पाले से पड़े 3 वोट अमान्य घोषित कर दिए गए. आखिर वो कौन से विधायक थे, जिन्होंने पाला बदला?परिमल नथवानी इससे पहले भी दो बार राज्यसभा का चुनाव जीत चुके हैं. एक बार दक्षिण भारत (आंध्र प्रदेश) से और एक बार झारखंड से. गुरुवार को हुए इस कांटे के मुकाबले में नथवानी ने एक बार फिर खुद को राजनीति का माहिर खिलाड़ी साबित कर दिया. झारखंड विधानसभा की मौजूदा स्थिति को देखें तो 81 सदस्यीय सदन में महागठबंधन के पास 56 विधायकों का भारी बहुमत था. जबकि एनडीए के पास केवल 24 विधायक थे. यानी एनडीए जीत के जरूरी जादुई आंकड़े (28 वोट) से 4 मत दूर था. इसके बावजूद नथवानी को 28 वोट मिल गए. अब सवाल उठ रहा है कि महागठबंधन के वो विधायक कौन हैं, जिन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को वोट नहीं दिया और एनडीए का साथ दिया? विधानसभा का संख्या बल और सीटों का गणित81 सदस्यों वाली झारखंड विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट सीधे जीतने के लिए प्रथम वरीयता के 28 वोटों का जादुई आंकड़ा आवश्यक था. सत्ताधारी महागठबंधन के पास कुल 56 विधायक थे. जिनमें झामुमो यानी JMM के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा माले के 2 विधायक शामिल हैं. भारी बहुमत होने के कारण झामुमो ने अपने प्रत्याशी बैद्यनाथ राम को 30 वोट दिलाकर पहली सीट पर शानदार जीत दर्ज करा दी. पहली सीट निकालने के बाद भी महागठबंधन के पास कांग्रेस के प्रणव झा के लिए पूरे 26 वोट बचने चाहिए थे. झामुमो के बचे हुए 4 वोट और कांग्रेस(16), राजद(4) माले(2) के वोट मिलाकर. लेकिन प्रणव झा को सिर्फ 19 वोट मिले. जबकि एनडीए के 24 वोटों के साथ मिलकर परिमल नथवानी 28 वोटों के साथ राज्यसभा पहुंच गए. जेएमएम, राजद या भाकपा माले…किसने किया खेला?चुनाव परिणाम सामने आने के बाद झारखंड के कांग्रेस प्रभारी राजू ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने सीधे झामुमो की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इस चुनाव परिणाम का गठबंधन पर भी असर पड़ सकता है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हमारे गठबंधन के साथियों ने कांग्रेस को वोट नहीं दिया है. दूसरी तरफ राजद ने अपनी तरफ से सफाई देते हुए दावा किया है कि उनके सभी 4 विधायक एकजुट थे. उन्होंने पूरी वफादारी से प्रणव झा को ही वोट दिया था. राजद का कहना है कि गड़बड़ी कहां हुई. यह अब बड़ी जांच का विषय है. किन विधायकों के मत हुए रद्द और कहां फंसा पेंच?संख्या बल रहने के बाद भी कांग्रेस की यह हार साफ संकेत दे रही है कि महागठबंधन के कुनबे में बड़ी सेंधमारी हुई है. बीजेपी अपनी पर्दे के पीछे की रणनीति में पूरी तरह सफल रही है. अगर हम आंकड़ों को समझें तो झामुमो के प्रत्याशी बैद्यनाथ राम ने 30 मत प्राप्त किए. झामुमो के बचे हुए 4 विधायकों ने अगर कांग्रेस को वोट किया होता तो कांग्रेस की अपनी 16 सीटों को मिलाकर यह संख्या 20 होती. लेकिन प्रणव झा को केवल 19 वोट मिले. इसका मतलब या तो झामुमो के उन बचे हुए 4 विधायकों में से 3 के मत रद्द हो गए और सिर्फ 1 मत कांग्रेस को मिला. या फिर कांग्रेस के अपने ही खेमे में क्रॉस-वोटिंग हुई. अगर बात राजद और भाकपा माले के 6 विधायकों की करें और उन्हें कांग्रेस के 16 वोटों में जोड़ा जाए तो यह संख्या 22 होती है. लेकिन वोटिंग में मात्र 19 मत मिलना यह साफ करता है कि विधायकों ने या तो जानबूझकर अपने वोट रद्द कराए या फिर एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग कर दी. अब इसे एनडीए की रणनीति कहें या महागठबंधन के भीतर का खेला? लेकिन कांग्रेस इस बार संख्या बल के इस सियासी चक्रव्यूह में बुरी तरह फंस गई है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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यूएस कॉन्सुलेट जनरल का सीएमपीडीआई दौरा, संभावनाओं पर की विस्तार से चर्चा

रांची | यूएस कॉन्सुलेट जनरल-कोलकाता की कॉन्सुल जनरल कैथी गाइल्स-डियाज ने रांची स्थित सीएमपीडीआई का दौरा कर संस्थान के साथ सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। उनके साथ राजनीति व आर्थिक मामलों के कॉन्सुल ब्राफस कालुंड और पब्लिक इंगेजमेंट स्पेशलिस्ट सुचरिता भट्टाचार्जी भी मौजूद रहीं। बैठक में खनिज अन्वेषण, माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स, सरफेस व अंडरग्राउंड कोल गैसीफिकेशन तथा रिमोट सेंसिंग जैसे क्षेत्रों में संयुक्त कार्य के अवसरों पर बातचीत हुई। सीएमपीडीआई के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक चौधरी शिवराज सिंह ने संस्थान की प्रोफाइल और विशेषज्ञता पर प्रस्तुति देते हुए कहा कि ऑपरेशनल दक्षता व सस्टेनेबिलिटी बढ़ाने के लिए एआई/एमएल आधारित डिजिटल माइनिंग, रिसोर्स एस्टीमेशन और अन्वेषण समाधानों को आगे बढ़ाने पर जोर है। Source link

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मुहर्रम की पहली तारीख पर कुल्हाड़ी शाह बाबा की दरगाह में चादरपोशी

सिटी रिपोर्टर | रांची मुहर्रम की पहली तारीख पर हजरत कुल्हाड़ी शाह बाबा की दरगाह व कर्बला परिसर में बुधवार को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। असर की नमाज के बाद दरगाह कमेटी के महासचिव अकिलुर्रहमान की देखरेख में दरगाह व कर्बला को चंदन, गुलाब जल और इत्र से गुस्ल दिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। अकिलुर्रहमान ने कहा कि मुहर्रम का महीना इंसानियत, सब्र, कुर्बानी और हक की राह पर डटे रहने का पैगाम देता है। कार्यक्रम की शुरुआत मदरसा इस्लामी मरकज के बच्चों द्वारा तिलावते कुरान से हुई, जिसके बाद फातिहा और दुआ की गई। इमाम बख्श अखाड़ा के संरक्षक मोहम्मद सईद व प्रमुख खलीफा मोहम्मद महजूद की ओर से दरगाह पर पहली चादर पेश की गई। इसके बाद देर रात तक चादरपोशी और दुआओं का सिलसिला जारी रहा। मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोगों ने भी दरगाह पर हाजिरी दी। मौके पर मोहम्मद तौहीद, आफताब आलम, डॉ. एम. हसनैन, मोहम्मद इस्लाम, कारी अयूब रिजवी सहित कई लोग उपस्थित थे। Source link

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CA Topper List | CA Topper Story | सोजत के यश बलाई...

Last Updated:June 18, 2026, 22:00 IST CA Success Story : सोजत के यश बलाई ने ICAI की सीए परीक्षा 2026 ग्रुप 2 में सफलता पाई. इस मौके पर पूरे कस्बे में खुशी का माहौल है. यश ने 10 से 12 घंटे पढ़ाई और धैर्य को सफलता का मंत्र बताया है. यश बलाई की इस सफलता की नींव उनकी स्कूली शिक्षा के दौरान ही मजबूत हो गई थी. उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई सोजत से ही पूरी की, जहां उन्होंने वाणिज्य संकाय में 93 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था. ख़बरें फटाफट पाली. विश्व पटल पर अपनी आलीशान और सुगंधित मेहंदी के लिए मशहूर सोजत नगरी के नाम आज एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है. इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा गुरुवार को घोषित किए गए सीए परीक्षा 2026 के ग्रुप-2 के अंतिम नतीजों में सोजत के होनहार युवा यश बलाई ने सफलता का परचम लहराया है. यश के सीए बनते ही पूरे कस्बे में खुशी की लहर दौड़ गई है और उनके मुख्य बाजार स्थित निवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. सोजत के मुख्य बाजार स्थित हिमावतों के बास निवासी यश बलाई एक बेहद साधारण और मेहनती परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता सुरेश बलाई सोजत की प्रसिद्ध मेहंदी का व्यवसाय करते हैं, जबकि उनकी माताजी एक कुशल गृहिणी हैं. एक छोटे से कस्बे से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल सीए परीक्षा को पास करना यश के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है. यश ने बताया कि उनका शुरू से ही अकाउंट्स की दुनिया में जाने और चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का सपना था, जिसे उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से साकार कर दिखाया है. सोजत से की पढ़ाई, 12वीं में मिले थे 93 प्रतिशत अंकयश बलाई की इस सफलता की नींव उनकी स्कूली शिक्षा के दौरान ही मजबूत हो गई थी. उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई सोजत से ही पूरी की, जहां उन्होंने वाणिज्य संकाय में 93 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था. अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए यश ने कहा कि स्कूल के दिनों में शिक्षकों से मिले सही मार्गदर्शन और निरंतर प्रेरणा ने उनके हौसले को कभी डगमगाने नहीं दिया. यश के CA यश बनने का सक्सेस मंत्रसफलता के लिए 10 से 12 घंटे की नियमित पढ़ाई और धैर्य जरूरी है. अपनी इस लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा के अनुभव साझा करते हुए नए-नवेले चार्टर्ड अकाउंटेंट यश बलाई ने भविष्य के विद्यार्थियों को सफलता का मूलमंत्र दिया. उन्होंने बताया कि सीए बनने के लिए उन्होंने रोजाना नियमित रूप से 10 से 12 घंटे तक पढ़ाई की. यश ने कहा कि सीए बनने की पूरी प्रक्रिया में लगभग पांच साल का लंबा समय लगता है. इस दौरान कई उतार-चढ़ाव आते हैं, इसलिए इस सफर में धैर्य रखना सबसे ज्यादा जरूरी है. यदि आप बिना हिम्मत हारे लगातार प्रयास करते हैं, तो सफलता निश्चित रूप से आपके कदम चूमती है. About the Author Anand Pandey आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Pali,Pali,Rajasthan Source link

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तेजस्‍वी दे गए दगा या हेमंत सोरेन से म‍िला धोखा, क्‍या इंड‍िया...

Last Updated:June 18, 2026, 21:09 IST झारखंड राज्‍य सभा चुनाव के नतीजे कई संकेत दे रहे हैं. वे बता रहे हैं क‍ि राजद का या तो अपने व‍िधायकों पर कंट्रोल नहीं है, या फ‍िर कांग्रेस पर भरोसा नहीं. वे बता रहे हैं क‍ि हेमंत सोरेन भी राहुल गांधी को भाव नहीं दे रहे हैं. लेकिन क्‍या झारखंड मुक्‍त‍ि मोर्चा एनडीए को मैसेज दे रही है? झारखंड राज्‍यसभा चुनाव का मैसेज बड़ा क्‍ल‍ियर है. झारखंड राज्‍यसभा चुनाव के नतीजे आए और इंड‍िया अलायंस में एक और टूट की बातें होने लगीं, लेकिन क्‍यों? वहां तो कांग्रेस के सबसे मजबूत कंधे थे. वो हेमंत सोरेन थे, जिनके साथ कांग्रेस का बहुत खास कनेक्‍शन है. वो तेजस्‍वी यादव थे, जो राहुल गांधी को भाई की तरह मानते हैं. भाकपा माले वाले भी अक्‍सर साथ खड़े नजर आते हैं. तो ऐसा हुआ क्‍या? कहानी साफ है, कांग्रेस को लगा था क‍ि इंड‍िया अलायंस के पास वोट पूरे हैं. उनके भाई हर समय साथ देंगे, लेकिन यहां तो खेल ही पलट गया. दूसरों का तो छोड़‍िए, अपने भी साथ छोड़ गए. इसकी झुंझलाहट झारखंड कांग्रेस प्रभारी के बयानों से साफ झलकती है. कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के राजू ने कहा, आरजेडी और माले के व‍िधायकों ने हमारे साथ धोखा कर द‍िया. उन्‍होंने हमारे कैंड‍िडेट को वोट नहीं द‍िया. कांग्रेस के सभी 16 वोट सुरक्षित रहे, JMM ने 4 वोट दिए और कांग्रेस को कुल 20 वोट मिले. यह स्थिति इसलिए बनी क्योंकि निर्दलीय उम्मीदवार ने पैसे का इस्तेमाल किया. हमारे गठबंधन के साथी ही साथ नहीं रहे. अगर इंड‍िया अलायंस के सभी सहयोगी पूरी मजबूती के साथ साथ खड़े रहते, तो परिणाम अलग हो सकता था. न‍िश्चि‍त तौर पर अलायंस पर भी इसका असर होगा. कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने भी प्रणव झा की हार के लिए आरजेडी और माले को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि महागठबंधन की मजबूती का दावा करने वाले सहयोगी दलों को अपने रुख को स्पष्ट करना चाहिए. यह बयान इंड‍िया अलायंस में दरार की ओर इशारा है. राजद-माले के पास तो स‍िर्फ 6 वोट तो 8 कम क्‍यों हुए? झारखंड विधानसभा का गण‍ित देखें तो 81 सीटों वाले सदन में राजद के पास 4 और भाकपा-माले के 2 पास विधायक हैं. कुल मिलाकर इन दोनों के 6 वोट ही बनते हैं, लेकिन कांग्रेस कैंड‍िडेट को 8 वोट कम म‍िले. यहीं पर झारखंड मुक्‍त‍ि मोर्चा का नाम आता है. झामुमो ने अपने कैंड‍िडेट के ल‍िए 28 नहीं, पूरे 30 वोट स‍िक्‍योर कर ल‍िए. यानी दो वोट यहां से कम हो गए. नतीजा कांग्रेस का कैंड‍िडेट हार गया. अगर राजद के सभी व‍िधायक वोट द‍िए भी होते तो भी प्रणव झा के ल‍िए जीतना आसान नहीं था. हेमंत सोरेन एनडीए को दे रहे स‍िग्‍नल? सियासी गलियारों में कानाफूसी है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा किसी भी वक्त एनडीए का दामन थाम सकती है. राज्यसभा चुनाव नतीजों से इसे और बल म‍िलता है. सवाल है कि जब इंडिया गठबंधन के पास 56 का आंकड़ा था, तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को क्यों डूबने दिया? फैक्ट यह है कि जीत के लिए 28 वोट चाहिए थे, लेकिन सोरेन ने अपने उम्मीदवार बैजनाथ राम के लिए 31 वोट सुरक्षित कर लिए. झामुमो ने जरूरत से तीन वोट ज्‍यादा लिए, जबकि कांग्रेस सिर्फ 19 वोटों पर सिमट गई. यह चाल कांग्रेस को सीधा मैसेज है कि झारखंड में बॉस सिर्फ झामुमो है और किसी की धौंस बर्दाश्त नहीं होगी. झारखंड की स‍ियासत को समझने वाले कह रहे क‍ि इसके पीछे सोरेन की गहरी रणनीति है. वो अपने विधायकों को एकजुट रखकर एनडीए को संदेश दे रहे हैं कि उनके किले में कोई सेंध नहीं लगा सकता. अपने प्रत्याशी को एक्स्ट्रा वोट दिलाकर और कांग्रेस की लुटिया डुबोकर, सोरेन ने बड़ी चालाकी से दोनों तरफ रास्ते खुले रखे हैं. राजनीति में कोई सगा नहीं होता. आगे कुछ भी संभव है… About the Author Gyanendra Mishra Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

Practice for World Yoga Day, rehearsal on 18-19

रांची16 घंटे पहले कॉपी लिंक रांची | जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सामान्य योग प्रोटोकॉल अभ्यास आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम व्यवहार न्यायालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल, 40 कोर्ट्स बिल्डिंग में होगा। इसके तहत 18 और 19 जून को सुबह 7 से 8 बजे तक रिह Source link

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हाईकोर्ट का आदेश:दोनों शिक्षिकाओं को 30 दिनों के अंदर नियुक्त करें

झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को डोरंडा गर्ल्स मिडिल स्कूल की दो शिक्षिकाओं की नियुक्ति से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद नियुक्ति को वैध ठहराते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा उनकी नियुक्ति अस्वीकृत करने के आदेश को निरस्त कर दिया है। अदालत ने राज्य सरकार को 30 दिनों के अंदर नियुक्ति की औपचारिक स्वीकृति जारी करने और योगदान की तिथि से वेतन का भुगतान करने का निर्देश दिया है। अदालत ने प्रार्थी शुचिता शर्मा और अर्चना कुमारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए माना कि डोरंडा गर्ल्स मिडिल स्कूल एक भाषाई अल्पसंख्यक विद्यालय है। अदालत ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसके नियमों को बदला नहीं जा सकता। Source link

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CA Final Result 2026 | CA From Rajasthan | उदयपुर के सन्तव्य...

Last Updated:June 18, 2026, 20:39 IST CA Final Result 2026 : आईसीएआई की ओर से घोषित मई 2026 सीए फाइनल परीक्षा के परिणाम ने उदयपुर के विद्यार्थियों के लिए जश्न का मौका दिया है. इस बार शहर के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया अध्याय लिखा है. उदयपुर शाखा से परीक्षा में शामिल हुए 405 विद्यार्थियों में से 79 ने सीए फाइनल परीक्षा उत्तीर्ण की है. इनमें 29 विद्यार्थियों ने दोनों ग्रुप एक साथ पास किए हैं. शाखा की मेरिट सूची में सन्तव्य व्यास ने 390 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया. खास बात यह रही कि उन्होंने यह उपलब्धि अपने पहले ही प्रयास में हासिल की. दूसरे स्थान पर मनन देवपुरा और तीसरे स्थान पर प्रणव बनोड़िया रहे. सन्तव्य के पिता गगन व्यास साड़ी और लहंगे के व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि उनकी माता सरकारी विद्यालय में शिक्षिका हैं. परिणाम जारी होने के बाद सफल विद्यार्थियों और उनके परिवारों में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला. उदयपुर. द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की ओर से मई 2026 में आयोजित सीए फाइनल परीक्षा का परिणाम गुरुवार को घोषित कर दिया गया. रिजल्ट जारी होने के साथ ही उदयपुर के विद्यार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई. इस बार उदयपुर शाखा के विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया रिकॉर्ड बनाया है. ICAI उदयपुर शाखा के अध्यक्ष सीए चिराग धर्मावत ने बताया कि मई 2026 में आयोजित सीए फाइनल परीक्षा में उदयपुर से कुल 405 विद्यार्थी शामिल हुए थे. इनमें से 79 विद्यार्थियों ने परीक्षा में सफलता हासिल की है. सफल विद्यार्थियों में 29 छात्रों ने दोनों ग्रुप एक साथ पास किए हैं. वहीं 11 विद्यार्थियों ने प्रथम ग्रुप और 23 विद्यार्थियों ने द्वितीय ग्रुप की परीक्षा उत्तीर्ण की है. परीक्षा में हासिल किए 390 अंकउदयपुर शाखा की मेरिट सूची में सन्तव्य व्यास ने पहला स्थान हासिल किया है. उन्होंने कुल 390 अंक प्राप्त कर शहर में टॉप किया. दूसरे स्थान पर मनन देवपुरा रहे, जबकि प्रणव बनोड़िया ने तीसरा स्थान हासिल किया. इसके अलावा कनिष्क अग्रवाल चौथे और आयुषी जोशी पांचवें स्थान पर रहीं. सभी सफल विद्यार्थियों को शाखा पदाधिकारियों और शिक्षकों ने शुभकामनाएं दी हैं. पहले प्रयास में हासिल की सफलताटॉपर सन्तव्य व्यास के लिए यह सफलता खास रही, क्योंकि उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में सीए फाइनल परीक्षा पास करते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया. सन्तव्य ने बताया कि उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासन और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया. परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने निर्धारित लक्ष्य बनाकर पढ़ाई की, जिससे उन्हें सफलता मिली. पिता करते हैं ये व्यवसायसन्तव्य के पिता गगन व्यास साड़ी और लहंगे के व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि उनकी माता डॉ. हेमलता आमेटा सरकारी विद्यालय में शिक्षिका हैं. परिवार ने उनकी पढ़ाई के दौरान हर कदम पर सहयोग किया. सन्तव्य ने अपनी स्कूली शिक्षा शिडलिंग स्कूल से पूरी की है. उन्होंने 10वीं कक्षा में 90 प्रतिशत और 12वीं कक्षा में 96.04 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे. शुरू से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सन्तव्य ने अब सीए फाइनल में भी अपनी प्रतिभा साबित की है. दूसरे स्थान वाले ने भी पहली ही बार में मारी बाजीदूसरे स्थान पर रहे मनन देवपुरा की सफलता भी प्रेरणादायक रही. मनन ने भी पहले ही प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण की है. उन्होंने अपनी तैयारी मुख्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से की. मनन का कहना है कि परिवार के सहयोग और निरंतर मेहनत ने उन्हें यह उपलब्धि दिलाई. परिणाम घोषित होने के बाद विद्यार्थियों और उनके परिजनों में उत्साह का माहौल रहा. About the Author Anand Pandey आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Udaipur,Rajasthan Source link

झारखंड

राज्यसभा में फिर चमके परिमल नाथवानी, चौथी बार पहुंचे संसद; जानिए कौन...

Last Updated:June 18, 2026, 20:30 IST झारखंड की राजनीति में परिमल नाथवानी की पहचान ऐसे नेता के रूप में बन गई है, जो किसी बड़े राजनीतिक दल के सदस्य नहीं होने के बावजूद चुनाव जीतने में सफल रहे हैं. उन्हें अलग-अलग दलों के नेताओं और विधायकों का समर्थन मिलता रहा है. यही वजह है कि उनकी जीत को सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं है. ख़बरें फटाफट परिमल नाथवानी रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा उद्योगपति और नेता परिमल नाथवानी की रही. वो निर्दलीय उम्मीदवार थे. लेकिन उन्हें बीजेपी का सपोर्ट था. नाथवानी ने कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हराकर चौथी बार राज्यसभा पहुंचने का रिकॉर्ड बनाया है. उनकी जीत ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है. 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में जीत के लिए 28 वोट जरूरी थे. परिमल नाथवानी को 28 वैध वोट मिले. जबकि कांग्रेस के प्रणव झा को सिर्फ 20 वोट मिल सके. चुनाव में क्रॉस वोटिंग भी चर्चा का विषय रही. बताया जा रहा है कि राजद और भाकपा (माले) के कुछ विधायकों ने भी नाथवानी के पक्ष में मतदान किया. कौन हैं परिमल नाथवानी?परिमल नाथवानी मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं. वे देश के जाने-माने उद्योगपति और कॉरपोरेट जगत की बड़ी हस्ती माने जाते हैं. कारोबार के साथ-साथ उन्होंने राजनीति में भी मजबूत पहचान बनाई है. झारखंड और आंध्र प्रदेश में विकास कामो को लेकर उनका नाम अक्सर चर्चा में रहा है. कब-कब जीते राज्यसभा चुनाव? पहला कार्यकाल (2008-2014): नाथवानी का झारखंड से जुड़ाव नया नहीं है. उन्होंने पहली बार साल 2008 में झारखंड से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा चुनाव जीता था. उस समय भी उन्हें अलग-अलग दलों के विधायकों का समर्थन मिला था. क्रॉस वोटिंग के जरिए उन्हें 21 वोट मिले. उन्होंने यूपीए समर्थित उम्मीदवार को हराया था. दूसरा कार्यकाल (2014-2020): साल 2014 में नाथवानी ने एक बार फिर झारखंड से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की. लगातार दूसरी बार राज्यसभा पहुंचे. इस चुनाव में भी उन्हें अलग-अलग दलों के विधायकों का समर्थन मिला. तीसरा कार्यकाल (2020-2026): जून 2020 में परिमल नाथवानी आंध्र प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए. वह वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार थे. इस तरह उन्होंने पहली बार झारखंड के बाहर किसी दूसरे राज्य का प्रतिनिधित्व किया. चौथा कार्यकाल 2026: अब उन्होंने फिर झारखंड से वापसी की है और चौथी बार राज्यसभा सदस्य बने हैं. इस तरह परिमल नाथवानी अब तक चार बार राज्यसभा चुनाव जीत चुके हैं. इनमें से तीन बार झारखंड और एक बार आंध्र प्रदेश से चुने गए हैं. झारखंड से यह उनकी तीसरी जीत है. क्या है नाथवानी की ताकत?राजनीतिक जानकारों का कहना है कि नाथवानी की सबसे बड़ी ताकत उनकी सभी दलों के नेताओं से अच्छी रिश्तेदारी है. वर्षों से उन्होंने झारखंड में अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ संपर्क बनाए रखा है. यही कारण है कि उन्हें कई बार पार्टी लाइन से हटकर भी समर्थन मिलता रहा है. काम की चर्चाराज्यसभा में अपने पिछले कार्यकालों के दौरान नाथवानी ने विकास, सड़क, बिजली, आदिवासी कल्याण और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे उठाए. उन्होंने सांसद निधि से कई विकास कार्य भी कराए. गांवों में सड़क, सामुदायिक भवन और अन्य परियोजनाओं पर भी काम कराया गया. कैसा सेट किया समीकरण?इस चुनाव से पहले उनकी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात भी चर्चा में रही थी. बाद में उन्हें एनडीए का समर्थन मिला और वे चुनाव जीतने में सफल रहे. अपनी जीत के बाद परिमल नाथवानी ने कहा कि यह उनका चौथा राज्यसभा कार्यकाल है और झारखंड से तीसरी जीत है. उन्होंने कहा कि उनकी संसदीय यात्रा की शुरुआत इसी राज्य से हुई थी और यहां के लोगों से उनका विशेष लगाव है. About the Author Manish Kumar मनीष कुमार इस समय न्यूज18 हिंदी में बिहार, झारखंड और दिल्ली की टीम को लीड कर रहे हैं. इन राज्यों की बड़ी खबरों से लेकर खास फीचर स्टोरी तक, उनकी नजर हर अहम मुद्दे पर रहती है. उनका मुख्य उद्देश्य है कि हर जरूरी ख…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Ranchi,Jharkhand Source link

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