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झारखंड

कांग्रेस प्रभारी का स्वागत, रैली में शामिल होने का आह्वान

गुमला|कांग्रेस के जिला प्रभारी शमशेर खान के गुमला आगमन पर नगर परिषद के उपाध्यक्ष सह वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश कुमार चीनी ने बुके देकर उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने आगामी 1 तारीख को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली कांग्रेस की महारैली पर चर्चा की। नेताओं ने गुमला के सभी कार्यकर्ताओं और आम लोगों से इस महारैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने और दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया। Source link

ताज़ा खबर

कन्नौज की 103 साल पुरानी कलावती गट्टा मिठाई, देशी घी, चीनी और...

Last Updated:October 26, 2026, 11:15 IST Kannauj Kalawati Gatta Sweet: कन्नौज की 103 साल पुरानी पारंपरिक मिठाई कलावती गट्टा अपनी खास पहचान बनाए हुए है. देशी घी, चीनी और इत्र से बनने वाली यह मिठाई देश-विदेश तक मशहूर है. इसे बनाने के लिए चीनी की चाशनी के साथ इसका मटेरियल तैयार किया जाता है. उस मटेरियल को ठंडा करके उसकी कुटाई और फिटाई होती है. फेंटने के दौरान इसमें इत्र ख़बरें फटाफट कन्नौजः कन्नौज अपनी इत्र की खुशबू के लिए दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन इसकी पहचान सिर्फ इत्र तक ही सीमित नहीं है. यहां की एक 103 साल पुरानी पारंपरिक मिठाई कलावती गट्टा अपनी खास पहचान बनाए हुए है, जिसे बेहद सफाई और देशी तरीके से तैयार किया जाता है. कन्नौज में करीब 103 साल से भी ज्यादा पुरानी इस परंपरागत मिठाई को कलावती गट्टा के नाम से जाना जाता है. इस गट्टे का उपयोग धार्मिक कार्यक्रमों और त्योहारों में भी किया जाता है. यह गट्टा बहुत ज्यादा स्वादिष्ट होता है और कन्नौज के अलावा उत्तर प्रदेश के कई जिलों तथा भारत के अन्य राज्यों में भी भेजा जाता है. ऐसे तैयार की जाती है कलावती गट्टा मिठाई इसे बनाने के लिए चीनी की चाशनी के साथ इसका मटेरियल तैयार किया जाता है. उस मटेरियल को ठंडा करके उसकी कुटाई और फिटाई होती है. फेंटने के दौरान इसमें इत्र और इलायची डाल दी जाती है, जिससे इसका स्वाद और बढ़ जाता है. इसे बनाने में देशी घी का भी इस्तेमाल किया जाता है, जिससे गट्टे में कई गुना ज्यादा स्वाद आ जाता है. इसके बाद मिश्रण को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट दिया जाता है. गट्टे का रूप और स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें ड्राई फ्रूट्स और गुलाब के फूल की पत्तियां भी लगाई जाती हैं. गट्टा कई प्रकार का होता है जैसे रोज फ्लेवर गट्टा, ड्राई फ्रूट्स गट्टा और भी कई क्वालिटी के गट्टे मिलते हैं. हर तरीके के गट्टे के रेट भी अलग-अलग हैं. मेहमानों का गट्टे से किया जाया है स्वागत गट्टा दुकानदार अभिषेक कुमार वैश्य ने बताया कि इस गट्टे में खुशबू के लिए गुलाब के इत्र का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे गट्टे का स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाते हैं. कन्नौज आए देश-विदेश के मेहमानों को गट्टा सप्रेम भेंट भी दिया जाता है. लोग अपने देशी और विदेशी मेहमानों का स्वागत भी गट्टे से करते हैं, इसीलिए इस गट्टे का नाम देश-विदेश में भी प्रचलित है और गट्टा तैयार होने के बाद इसकी नियमित सप्लाई की जाती है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh… और पढ़ें Location : Kannauj,Uttar Pradesh First Published : October 26, 2026, 11:15 IST Source link

झारखंड

Recipe: घर पर ऐसे बनाएं बंधागोभी के पकोड़े, एकदम कुरकुरा और चटपटा,...

Last Updated:October 26, 2026, 10:55 IST महंगी प्याज के कारण पकौड़े खाने का मन मार देते हैं? रांची की गृहिणी उषा ने इसका शानदार उपाय बताया है. आप घर पर ही बंधागोभी से एकदम कुरकुरे और चटपटे पकौड़े बना सकते हैं. चावल के आटे और मसालों के इस अनोखे मिश्रण से बने पकौड़े स्वाद में प्याज वाले पकौड़ों से कम नहीं लगते हैं. ख़बरें फटाफट रांचीः शाम के नाश्ते के लिए अक्सर चाय के साथ कुछ पकौड़ी हो जाए तो बात ही कुछ और है. लेकिन कई बार प्याज इतनी महंगी हो जाती है की पकौड़ी का आईडिया को छोड़ना पड़ता है. लेकिन आप बंधा गोभी का जबरदस्त पकोड़े तैयार कर सकते हैं और खाने में प्याज वाले से कम स्वादिष्ट नहीं लगता. बस दो-तीन बातों का आपको ध्यान रखना होगा. रांची की गृहिणी उषा बताती है, पकौड़ी बनाने के लिए सबसे पहले आपको चावल का आटा लेना पड़ेगा. अगर चावल का आटा नहीं है तो आप 4 घंटे के लिए चावल को पानी में फुला लीजिए और उसके बाद उसे पीस लीजिये और फिर इसमें आपको दो चम्मच आटा, दो चम्मच बेसन और आधा चम्मच सूजी डालना है. बस तीन स्टेप में करें तैयार इन सभी चीजों को आप अच्छे से मिला लीजिए और इसमें पीसा हुआ मसाला डाल दीजिए. पीसे हुए मसाले में हल्दी पाउडर, गोटा धनिया, गोलमिर्च, मिर्च, अदरक और लहसुन इन सब चीजों को रखना है. इसके बाद इस थोड़े से मसाले के पेस्ट को बैटर में डालकर बढ़िया से मिक्स कर लीजिए और स्वाद अनुसार नमक भी डाल दीजिए. अब आपने बंधागोभी को काट के रखा है छोटे-छोटे पीस में. उसको इसमें डालकर अच्छे से मिला लीजिए. कढ़ाई में जब तेल गर्म हो जाए तो थोड़े-थोड़े तेल में डालिए और गोल्डन ब्राउन होने तक इसको डीप फ्राई कीजिए और इसके बाद आपको बाहर निकाल लेना है. लीजिए बनकर तैयार है आपका क्रिस्पी पकोड़ा. यकीन मानिए, चावल के आटे से यह काफी क्रिस्पी होता है और तेल भी अधिक नहीं सोखेगा. About the Author Prashun Singh प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई. इसके बाद ETV Bharat (बिहार)… और पढ़ें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : October 26, 2026, 10:55 IST Source link

झारखंड

जमशेदपुर के टेल्को में बड़ी चोरी:रिटायर्ड टाटा मोटर्स कर्मचारी के क्वार्टर से...

जमशेदपुर टेल्को थाना क्षेत्र में चोरों ने बंद क्वार्टर को निशाना बनाया। चोरों ने रिटायर्ड टाटा मोटर्स कर्मचारी के घर से करीब 20 लाख रुपए के गहने और 15 हजार रुपए नकद चोरी कर लिए। घटना रोड नंबर-1 स्थित क्वार्टर नंबर के-2/6 की है। वारदात के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। क्वार्टर में टाटा मोटर्स के सेवानिवृत्त कर्मचारी शमशेर खान अपनी पत्नी, बेटी और नतनी के साथ रहते हैं। उनकी बेटी गुलमोहर स्कूल में शिक्षिका हैं। जानकारी के अनुसार, शनिवार को शमशेर खान का बेटा हैदराबाद से घर आया था। क्वार्टर में जगह कम होने के कारण परिवार के सभी सदस्य घर में ताला लगाकर मानगो स्थित अपने श्रीनाथ होम फ्लैट में रहने चले गए थे। रविवार रात परिवार के लोग वापस क्वार्टर पहुंचे। शमशेर खान ने मुख्य दरवाजे का ताला खोला और अंदर गए। वहां कमरे का सामान बिखरा पड़ा था। दूसरे कमरे में रखी अलमारी खुली हुई थी। उसमें रखा गहनों का बैग गायब था। इसके बाद परिवार के लोगों ने सामान की जांच की। जांच में पता चला कि चोर करीब 20 लाख रुपये के गहने और 15 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए हैं। घटना के बाद परिवार के लोग सकते में आ गए। पीछे की दीवार फांदकर परिसर में घुसे चोर शमशेर खान के अनुसार, चोर क्वार्टर के पीछे की दीवार फांदकर परिसर में दाखिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने पीछे के दरवाजे का ताला तोड़ा और घर के अंदर प्रवेश किया। चोरों ने कमरे में रखी अलमारी को खंगाला। वहां रखा गहनों का बैग और नकदी लेकर फरार हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद चोर पीछे के रास्ते से ही बाहर निकल गए। घटनास्थल पर दीवार पर हाथ और पैर के निशान मिलने की बात भी सामने आई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि चोर पीछे की दीवार के सहारे क्वार्टर में दाखिल हुए थे। परिवार के सदस्य शनिवार को घर बंद कर गए थे। इसी दौरान चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, चोरी किस समय हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच चोरी की सूचना मिलने के बाद टेल्को थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्वार्टर का निरीक्षण किया और घटनास्थल से जरूरी जानकारी जुटाई। अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे। साथ ही चोरों के आने और फरार होने के रास्ते की भी जांच की जा रही है। घटनास्थल पर मिले निशानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। फिलहाल चोरी गए गहनों की कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा 15 हजार रुपए नकद भी गायब हैं। बंद क्वार्टर को निशाना बनाकर की गई इस चोरी से क्षेत्र के लोगों में दहशत है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। Source link

शिक्षा

1250 स्टेशन मास्टर पदों पर भर्ती,कल से शुरू होंगे आवेदन:25 नवंबर तक...

रेलवे में 1250 स्टेशन मास्टर के पदों पर भर्ती निकली है, जिसके लिए कल से आवेदन शुरू होंगे। आवेदन करने की लास्ट डेट 25 नवंबर है। भर्ती को लेकर रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने रविवार को विज्ञापन जारी किया था। अभ्यर्थी स्टेशन मास्टर के पदों की भर्ती के लिए आरआरबी की वेबसाइट rrbapply.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। देशभर के आरआरबी को मिलाकर 1250 पद पहली बार इन पदों के लिए अलग केंद्रीकृत रोजगार अधिसूचना जारी की गई है। इससे पहले स्टेशन मास्टर के पद एनटीपीसी ग्रेजुएट भर्ती में शामिल होते थे।इस भर्ती के लिए आरआरबी अजमेर नोडल एजेंसी रहेगी। फिलहाल जारी सांकेतिक सूचना में देशभर के सभी आरआरबी को मिलाकर करीब 1,250 पद प्रस्तावित हैं। किस आरआरबी में कितने पद होंगे, इसकी जानकारी विस्तृत अधिसूचना में मिलेगी। इसमें शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और अन्य शर्तें भी स्पष्ट होंगी। इससे पहले 2019 में निकली थी भर्ती स्टेशन मास्टर का पद सातवें वेतन आयोग के पे-लेवल-6 के अंतर्गत आता है। साल 2019 में 6,865 पद थे, बाद की भर्तियों में संख्या 1,000 से कम रही। रेलवे ने 2019 में निकली एनटीपीसी संयुक्त भर्ती में स्टेशन मास्टर के 6,865 पद निकाले थे। इसके बाद 2024 और 2025 की भर्तियों में पदों की संख्या 1,000 से कम रही। इस बार करीब 1,250 पद प्रस्तावित हैं और स्टेशन मास्टर के लिए अलग अधिसूचना जारी की गई है। Source link

झारखंड

धनबाद में भतीजे का गला काटकर मर्डर:चाचा समेत 5 पर आरोप; जमीन...

धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर 32 वर्षीय दौलत राम महतो की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई। वारदात सोमवार सुबह निचितपुर जाने वाली सड़क पर हुई। मृतक घसकोडीह का रहने वाला था। हत्या की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों में मातम पसर गया। मृतक के भाई साहेब राम महतो ने अपने ही परिवार के पांच लोगों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। इनमें मृतक के चाचा त्रिवेनी प्रसाद महतो का नाम भी शामिल है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुबह बाजार जा रहे थे दौलत राम, रास्ते में हमला जानकारी के अनुसार, दौलत राम महतो सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे मोटरसाइकिल से फल खरीदने बाजार जा रहे थे। वह निचितपुर जाने वाली सड़क से गुजर रहे थे। इसी दौरान उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। आरोप है कि हमलावरों ने उनका गला काट दिया। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। परिजनों को जब हत्या की सूचना मिली तो घर में कोहराम मच गया। हालांकि, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कहां गए, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। चाचा समेत परिवार के पांच लोगों पर हत्या का आरोप मृतक के भाई साहेब राम महतो ने त्रिवेनी प्रसाद महतो, सूर्यकांत महतो, सचिन महतो, सरयू महतो और भगिया देवी पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। साहेब राम के अनुसार, परिवार के बीच जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। इस विवाद को लेकर कई बार तनाव की स्थिति बनी थी। आरोप है कि पहले भी जान से मारने की धमकी दी गई थी। परिजनों को आशंका है कि इसी पुरानी रंजिश के कारण दौलत राम की हत्या की गई। मुख्य आरोपी बताए जा रहे त्रिवेनी प्रसाद महतो के राजगंज कॉलेज में प्रोफेसर होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, हत्या में आरोपियों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है। मौके पर पहुंची पुलिस, आरोपियों की तलाश में जुटी घटना की सूचना मिलने के बाद बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, शुरुआती तौर पर मामला आपसी रंजिश और पुराने जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत से संबंधित अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। फिलहाल हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Source link

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दिवाली से पहले आई बुरी खबर, इन 10 लाख कार चालकों का...

Delhi Cars Entry Ban News: नवंबर की शुरुआत लाखों लोगों के लिए मुसीबत लेकर आने वाली है. खासतौर पर कार चालकों के लिए दिवाली से पहले आई ये बुरी खबर डरा रही है. नवंबर से जनवरी तक आने वाले 3 महीने काफी मुश्किल रहने वाले हैं. वजह है एनसीआर की गाड़ियों की दिल्ली में एंट्री न होना. आंकड़ों के मुताबिक करीब 10 लाख ऐसी गाड़ियां हैं जिन्हें अगले तीन महीने राजधानी में प्रवेश नहीं मिलेगा. ऐसे में रोजाना गाड़ी से दफ्तर जाने वालों को बड़ी मुसीबत झेलनी पड़ सकती है. बता दें कि दिल्ली सरकार ने राजधानी में 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक बीएस-6 उत्सर्जन मानकों से नीचे की उन गाड़ियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है जो दिल्ली के बाहर पंजीकृत हैं. सर्दियों के प्रदूषण नियंत्रण की इस योजना के लागू होने के बाद सिर्फ बीएस-6 या इससे ऊपर की गाड़ियां ही दिल्ली में एंट्री करेंगी. ऐसे में बीएस-4 या उससे नीचे की गाड़ियों के राजधानी में प्रवेश पर पाबंदी लग जाएगी. 10 लाख गाड़ियां होंगी प्रभावित द‍िल्‍ली में प्रदूषण न‍ियंत्रण के ल‍िए 1 नवंबर से व‍िंटर एक्‍शन प्‍लान लागू क‍िया जा रहा है. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक ट्रांसपोर्ट विभाग का अनुमान है कि 1 नवंबर से लागू हो रहे इस नियम के बाद गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की 10 लाख से अधिक गाड़ियां इससे प्रभावित होने वाली हैं. बता दें कि गुरुग्राम और फरीदाबाद में लगभग दो लाख वाहन बीएस-6 मानकों को पूरा नहीं करते. इनमें करीब 70 प्रतिशत बीएस-3 और बीएस-4 श्रेणी की गाड़ियां हैं. इन दोनों जिलों में लगभग 50 हजार कमर्शियल वाहन भी इसी श्रेणी में आते हैं. जबकि नोएडा और ग्रेटर नोएडा की बात करें तो यहां चार लाख से ज्यादा ऐसी गाड़ियां प्रभावित होने वाली हैं जिनमें आधे से ज्यादा बीएस-4 पेट्रोल कारें हैं. वहीं गाजियाबाद में भी करीब चार लाख वाहन इस प्रतिबंध के दायरे में आते हैं. दिल्ली के एंट्री पॉइंट्स पर सुरक्षा कड़ी1 नवंबर से लागू होने जा रहे इन नियमों को लेकर अभी से माहौल कड़ा होने लगा है. सुबह के घंटों में दिल्ली के एंट्री पॉइंट्स पर अब मंजर बदल चुका है. यहां स्वचालित नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे और एआई-संचालित कैमरे लगातार निगरानी कर रहे हैं. नंबर प्लेट स्कैन होते ही सिस्टम अलर्ट कर देता है. इसके अलावा ट्रांसपोर्ट विभाग के लगभग 300 कर्मी इन बॉर्डर्स पर तैनात कर दिए गए हैं. ये पुलिसकर्मी लगातार वहां से गुजर रही गाड़ियों की जांच कर रहे हैं. अभी समझा रहे पुलिसकर्मी बता दें कि बॉर्डर पर गाड़ियों को रोककर पुलिसकर्मी फिलहाल लोगों को बीएस-6 या उससे ऊपर की गाड़ी, या फिर सीएनजी और इलेक्ट्रिक कारें ही लाने की सलाह दे रहे हैं. इन सभी लोगों को बताया जा रहा है कि 1 नवंबर से उनकी गाड़ी की एंट्री दिल्ली में नहीं हो पाएगी. ऐसे में लोग भी यह सुनकर काफी परेशान हो रहे हैं. रोजाना दफ्तर जाने वालों की बढ़ी चिंता दिल्ली में लागू होने जा रहे इन नियमों के बाद से रोजाना दिल्ली नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के बीच सफर करने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है.कई लोग जो नियमित रूप से पड़ोसी शहरों से दिल्ली आते-जाते हैं अब वैकल्पिक व्यवस्था सोचने को मजबूर हैं. कुछ लोगों का कहना है कि वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की कोशिश कर रहे हैं. जबकि कुछ ने नई गाड़ी खरीदने की योजना बनाई है. बीएस-6 को ही एंट्री क्यों? दिल्ली में पेट्रोल-डीजल की बीएस-6 गाड़ियों को ही एंट्री दी गई है. ऐसा इसलिए किया गया है कि यह मानक देश के सबसे सख्त उत्सर्जन नियमों में से हैं. भारत ने 2000 में इंडिया-2000 से शुरुआत की थी, फिर बीएस-2, बीएस-3, बीएस-4 होते हुए बीएस-6 तक पहुंचा. इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि सर्दियों में वायु गुणवत्ता बिगड़ने की आशंका को देखते हुए यह कदम जरूरी है. बॉर्डर पर भौतिक अवरोध भी बढ़ाए गए हैं ताकि गैर-बीएस-6 वाहन आसानी से पार न कर सकें. यह फैसला दिल्ली की हवा को साफ रखने की कोशिश है लेकिन इससे हजारों परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो सकती है. कुछ लोग इसे पर्यावरण के लिए जरूरी मान रहे हैं तो कुछ व्यावहारिक दिक्कतों की बात कर रहे हैं. हालांकि नवंबर से जनवरी तक दिल्ली के बॉर्डर इन नियमों की सख्ती और लोगों की मजबूरी दोनों के गवाह बनने वाले हैं. Source link

झारखंड

बाबा बैद्यनाथ की नगरी में इंसानियत की मिसाल, भूखों का पेट भर...

देवघर: महंगाई के इस दौर में जहां 10 रुपये में एक पैकेट बिस्कुट खरीदना भी मुश्किल है. वहीं, बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में महज 10 रुपये में लोगों को भरपेट भोजन कराया जा रहा है, लेकिन इस पहल की सबसे खास बात सिर्फ सस्ता खाना नहीं, बल्कि इसके पीछे छिपी एक ऐसी सोच है, जो जरूरतमंदों की भूख मिटाने के साथ उनके आत्मसम्मान का भी ख्याल रखती है. आखिर कौन कर रहा है यह अनूठी पहल? कैसे महज 10 रुपये में लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है? और कैसे लोग अपने जन्मदिन, शादी और दूसरे मांगलिक अवसरों की खुशियां जरूरतमंदों के साथ बांट रहे हैं? देवघर के वीआईपी चौक के समीप चल रही यह पहल समाज को सेवा और इंसानियत का एक नया संदेश दे रही है. आइये जानते हैं इसके बारे में जानें क्या कहते हैं आयोजक देवघर के वीआईपी चौक के समीप चल रही इस पहल का उद्देश्य उन लोगों तक भोजन पहुंचाना है, जिनके लिए कई बार दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो जाता है. इस व्यवस्था के मुख्य आयोजक चंदन बरनवाल हैं, जो बिहार के जमुई के रहने वाले हैं. चंदन बरनवाल बताते हैं कि पिछले एक साल से यह कार्य कर रहे है. इस व्यवस्था में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक लोगों को 10 रुपये के टोकन पर भोजन दिया जाता है. उन्होंने बताया कि दिल्ली की एक संस्था के साथ मिलकर इस पहल को संचालित किया जा रहा है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यहां लोगों को मुफ्त भोजन देने के बजाय महज 10 रुपये का टोकन दिया जाता है, ताकि भोजन करने वाले किसी भी व्यक्ति को यह महसूस न हो कि वह किसी के सामने हाथ फैलाकर खाना मांग रहा है. छोटी-सी रकम लेकर भोजन करने की यह व्यवस्था जरूरतमंदों को सहायता देने के साथ उनके आत्मसम्मान को भी बनाए रखने की कोशिश है. जानें क्या कहते है राहगीर आज के समय में महंगाई के बीच कम आमदनी वाले लोगों के लिए खाने-पीने का खर्च उठाना भी बड़ी चुनौती बन जाता है. कोई मजदूरी करने शहर पहुंचता है, तो किसी को काम की तलाश में दिनभर बाहर रहना पड़ता है. वहीं, कई बार अचानक आई परेशानी के कारण भी लोगों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो जाता है. ऐसी परिस्थितियों में देवघर की यह पहल लोगों के लिए राहत का सहारा बन रही है. यहां आने वाले राहगीर छोटू श्याम कहते हैं कि आज के समय में 10 रुपये में एक पैकेट बिस्कुट तक मिलना मुश्किल है, लेकिन यहां गरीबों को महज 10 रुपये में भरपेट भोजन मिल रहा है. उनके मुताबिक, जरूरतमंदों के लिए इससे बड़ी राहत की बात क्या हो सकती है. भूखे व्यक्ति को भोजन मिल जाए, तो उसके लिए यह किसी अमृत से कम नहीं है. कई लोग भी करते है मदद इस पहल की एक और खास बात यह है कि इसमें लोगों को दूसरों की खुशियों में शामिल होने का अवसर भी दिया जा रहा है. आयोजक चंदन बरनवाल बताते हैं कि कई लोग अपने परिवार में बच्चे के जन्म, अन्नप्राशन, जन्मदिन, शादी या शादी की वर्षगांठ जैसे खास अवसरों पर भोजन का अनुदान करते हैं. लोग अपनी इच्छा और सामर्थ्य के अनुसार एक, दो या तीन दिनों के भोजन की व्यवस्था में योगदान देते हैं. इसके अलावा इच्छुक लोग भोजन सामग्री उपलब्ध कराकर भी इस सेवा का हिस्सा बन सकते हैं. यानी परिवार में खुशियों का अवसर हो, तो उन खुशियों को जरूरतमंदों के साथ बांटने का रास्ता भी यहां मिलता है. इससे किसी का खास दिन जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाने का माध्यम बन जाता है. Source link

झारखंड

कोडरमा में दुकान की छत काटकर चोरी:सीडी कॉलोनी में वारदात, गल्ले से...

कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र की सीडी कॉलोनी में चोरों ने एक दुकान को निशाना बनाया। चोर दुकान की छत काटकर अंदर घुसे। इसके बाद गल्ले से नकदी और सिगरेट लेकर फरार हो गए। चोरी की घटना बीती रात की बताई जा रही है। सोमवार सुबह दुकान संचालक मनोज कुमार दुकान खोलने पहुंचे। अंदर का नजारा देखकर उन्हें चोरी का पता चला। उन्होंने देखा कि पैसों का गल्ला अपनी जगह से हटाकर दूसरी जगह रखा गया था। गल्ले की जांच करने पर उसमें रखी नकदी गायब मिली। इसके बाद उन्होंने दुकान की जांच की। इस दौरान दुकान के पीछे की ओर लगा टीन का अल्बेस्टर कटा हुआ मिला। इससे आशंका जताई गई कि चोर छत काटकर दुकान में दाखिल हुए थे। चोरों ने दुकान से करीब 5 हजार रुपए नकद और लगभग 5 हजार रुपए की सिगरेट चोरी कर ली। चोरी गए सामान और नकदी की कुल कीमत करीब 10 हजार रुपए बताई गई है। घटना के बाद दुकानदार ने तिलैया थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। नकदी और सिगरेट ही ले गए चोर दुकान संचालक मनोज कुमार के अनुसार, दुकान में अन्य कीमती सामान भी रखे हुए थे। हालांकि, चोरों ने उन सामानों को हाथ तक नहीं लगाया। वे केवल गल्ले से नकदी और सिगरेट लेकर फरार हो गए। इस बात से दुकानदार को संदेह है कि वारदात में किसी नशेड़ी युवक का हाथ हो सकता है। हालांकि, चोरी किसने की और इसमें कितने लोग शामिल थे, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। दुकान की छत काटकर अंदर प्रवेश करने के बाद चोरों ने गल्ले को निशाना बनाया। इसके बाद सिगरेट लेकर निकल गए। सोमवार सुबह चोरी की जानकारी मिलने के बाद इलाके में चर्चा शुरू हो गई। दुकानदार ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों की पहचान करने की मांग की है। स्थानीय स्तर पर भी घटना को लेकर लोगों में चिंता है। दुकान में पहले भी चोरी की वारदात हो चुकी है। ऐसे में इस घटना ने दुकानदार की परेशानी बढ़ा दी है। फिलहाल चोरी की घटना को लेकर पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे चोरी की सूचना मिलने के बाद तिलैया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुकान का निरीक्षण किया और घटनास्थल से जानकारी जुटाई। अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात के समय दुकान के आसपास कौन-कौन मौजूद था। साथ ही चोरों के आने और भागने के रास्ते की जानकारी भी जुटाई जा रही है। दुकानदार के अनुसार, करीब एक साल पहले भी इसी दुकान में चोरी हुई थी। उस समय पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब दोबारा चोरी होने से दुकानदार की चिंता बढ़ गई है। पुलिस पुरानी घटना और वर्तमान वारदात के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर सकती है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चोरों की पहचान करने में जुटी है। Source link

झारखंड

पाकुड़ जिला में लक्खी पूजा मनाई गई:शरद पूर्णिमा पर बंगाली पुरोहितों ने...

पाकुड़ जिलेभर में रविवार रात शरद पूर्णिमा के अवसर पर लक्खी पूजा श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस दौरान विभिन्न पूजा पंडालों और मंदिरों में मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। बंगाली पुरोहितों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा संपन्न कराई। आरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच खीर का महाप्रसाद वितरित किया गया। मां लक्ष्मी का आशीर्वाद लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा स्थलों पर पहुंचे। कई महिलाओं ने व्रत रखा और घरों में विशेष पकवान बनाए। जिला मुख्यालय के सिंह वाहिनी मंदिर, सरस्वती पुस्तकालय दुर्गा पूजा पंडाल, तांतीपाड़ा, राजापाड़ा, कालिकापुर और रेलवे कॉलोनी में भी धूमधाम से लक्खी पूजा का आयोजन किया गया। लोगों ने अपने-अपने घरों में भी मां लक्ष्मी की पूजा की। जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी पूजा को लेकर उत्साह देखने को मिला। शाम से ही पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। पूजा-अर्चना और आरती के दौरान माहौल भक्तिमय बना रहा। चंद्रमा की रोशनी में रखी गई खीर, सुबह किया गया सेवन पंडित भुवनेश्वर ओझा ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर लक्खी पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी उल्लू पर सवार होकर पृथ्वी पर आती हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं। इस पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा, कमला पूर्णिमा, रास पूर्णिमा और कौमुदी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। लक्खी पूजा बंगाली समुदाय की पुरानी परंपरा है। अब अन्य हिंदू समुदायों के लोग भी इसे श्रद्धा के साथ मनाते हैं। शरद पूर्णिमा की रात घरों में खीर बनाई गई। इसे चंद्रमा की रोशनी में खुले आसमान के नीचे रखा गया। सोमवार सुबह लोगों ने खीर का सेवन किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस रात चंद्रमा से अमृत की वर्षा होती है। चांदनी में रखी खीर अमृत के समान हो जाती है। सुबह इसके सेवन से स्वास्थ्य लाभ मिलता है। इसी मान्यता के चलते लोगों ने परंपरा के अनुसार खीर तैयार की और पूजा के बाद उसका सेवन किया। कई परिवारों में रातभर खीर को चांदनी में रखा गया। हिरणपुर और अमड़ापाड़ा में आज लगेगा मेला लक्खी पूजा के अवसर पर जिले में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इस दौरान आरएसएस की ओर से शरद पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। इसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भाग लिया। उत्सव के दौरान शरद पूर्णिमा के धार्मिक महत्व और परंपराओं को लेकर उत्साह देखने को मिला। वहीं, सोमवार को हिरणपुर प्रखंड के लोटस टेंपल और अमड़ापाड़ा में लक्खी पूजा के अवसर पर मेले का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ विदेशी भक्तों के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है। मेले को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। पूजा और मेले के माध्यम से क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। जिले में शरद पूर्णिमा के अवसर पर मंदिरों, पूजा पंडालों और घरों में हुई पूजा-अर्चना से भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां लक्ष्मी से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। Source link

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