भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Author name: scsmdos@gmail.com

झारखंड

दवा खाने के बाद भी नहीं जा रहा चोट का दर्ट, हल्दी-चूने...

X दवा खाने के बाद भी नहीं जा रहा चोट का दर्ट,हल्दी-चूने का इस लेप से मिलेगी राहत   दादी-नानी के पुराने घरेलू नुस्खों में हल्दी और चूने का लेप काफी लोकप्रिय है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. वीके पांडे के अनुसार, शरीर में चोट, सूजन या खून जमने से बने हरे निशानों पर यह लेप राहत पहुंचाने में मदद कर सकता है. इस लेप को तैयार करने के लिए थोड़ी-सी हल्दी और थोड़ा-सा चूना लें. इसमें पानी मिलाकर पतला पेस्ट तैयार कर लें. इसके बाद इस लेप को दर्द या सूजन वाली जगह पर हल्के हाथों से लगाएं. फिर उस हिस्से को किसी साफ कपड़े से ढक दें और करीब 24 घंटे तक लगा रहने दें. डॉ. पांडे बताते हैं कि हल्दी में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जबकि चूना भी सूजन कम करने में सहायक माना जाता है. दोनों का मिश्रण दर्द और सूजन में राहत देने में मदद कर सकता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

पलामू में ट्रक की टक्कर से सिक्योरिटी गार्ड की मौत:सरकारी नौकरी और...

पलामू में सदर थाना क्षेत्र के पोखराहा चौक के पास शनिवार को नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से स्कूटी सवार सिक्योरिटी गार्ड रामरेखा पासवान की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सरकारी नौकरी व मुआवजे की मांग को लेकर नेशनल हाईवे को पांच घंटे तक जाम रखा। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है। रामरेखा पासवान एक दवाखाने में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे और ड्यूटी पर जा रहे थे। यह हादसा सुबह हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोग और परिजन सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिजनों के लिए सरकारी नौकरी, बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भरण-पोषण के लिए मुआवजे की मांग की। वे उपायुक्त को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे। सड़क जाम की सूचना पर सदर अंचलाधिकारी जागो महतो और सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर डटे रहे। यह सड़क जाम सुबह 11 बजे से दोपहर 4 बजे तक, कुल पांच घंटे चला। काफी समझाने-बुझाने के बाद शाम 4 बजे जाम हटाया जा सका। रामरेखा पासवान अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके दो छोटे बच्चे हैं और माता-पिता काफी बुजुर्ग हैं। उनकी पत्नी के अनुसार, रामरेखा ने दो महीने तक चौकीदार की नौकरी की थी, लेकिन कुछ समय पहले उन्हें हटा दिया गया था। यह मामला फिलहाल कोर्ट में चल रहा है, जिसके कारण वे दवा दुकान में सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहे थे। अंचलाधिकारी जागो महतो ने बताया कि प्रभावित परिवार को राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में लिखित आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की देखभाल के लिए स्पॉन्सरशिप योजना के तहत आर्थिक सहायता, अंबेडकर आवास और सरकारी स्कूल में नामांकन दिलाकर उनकी पढ़ाई सुनिश्चित कराई जाएगी। तत्काल निजी तौर पर आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया है। सरकारी नौकरी की मांग के संबंध में अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि चूंकि चौकीदार की नौकरी का मामला कोर्ट में है, यदि उनकी पत्नी की जीत होती है तो उन्हें नौकरी भी दी जाएगी। Source link

झारखंड

लुगुबुरु जंगल में अवैध आरा मिलों पर छापा:5 ट्रैक्टर लकड़ी जब्त, 5...

बोकारो वन प्रमंडल ने अवैध लकड़ी तस्करी और बिना लाइसेंस संचालित आरा मिलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गोमिया प्रखंड के तुलबुल और ढेंढे क्षेत्र में छापेमारी कर एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया। इस दौरान भारी मात्रा में अवैध लकड़ी, आरा मशीनें और लकड़ी चीरने के उपकरण जब्त किए गए, जबकि पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। अभियान में सुरक्षा के लिए बोकारो पुलिस की टीम भी शामिल थी। वन विभाग को लगातार गुप्त सूचना मिल रही थी कि ऐतिहासिक लुगुबुरु पहाड़ के जंगलों से अवैध रूप से पेड़ों की कटाई कर लकड़ियों को तुलबुल और ढेंढे स्थित आरा मिलों में पहुंचाया जा रहा था। इन मिलों में लकड़ियों को चीरकर फर्नीचर और अन्य उत्पाद तैयार किए जाते थे, जिन्हें बाद में बाजार में बेचा जाता था। छापेमारी के दौरान वन अधिकारियों ने लकड़ी परिवहन से संबंधित ट्रांजिट परमिट और आरा मिल संचालन के वैध लाइसेंस की मांग की। हालांकि, मौके पर मौजूद संचालक और अन्य लोग कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद वन विभाग ने पांच ट्रैक्टर अवैध लकड़ी जब्त कर ली तथा मिलों में लगी मशीनों और उपकरणों को सील कर कब्जे में ले लिया। वन विभाग ने गिरफ्तार पांच आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम और झारखंड आरा मिल अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। यह अभियान वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) के नेतृत्व में चलाया गया। इसमें तेनुघाट, गोमिया और चास रेंज के वनकर्मियों के साथ रामगढ़ वन प्रमंडल के कुजू और मांडू रेंज की टीम तथा बोकारो पुलिस के 12 जवान शामिल थे। वन विभाग के अनुसार, लुगुबुरु क्षेत्र हाथियों का प्राकृतिक आवास है। अवैध कटाई से जंगलों को नुकसान पहुंच रहा था, जिससे मानव-हाथी संघर्ष का खतरा बढ़ रहा था। विभाग ने चेतावनी दी है कि वन संपदा और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। Source link

ताज़ा खबर

डेमोग्राफी चेंज कहां और कितना हुआ? अमित शाह ने मांगी जमीनी हकीकत...

होमताजा खबरदेश अमित शाह की सख्ती: बदलती डेमोग्राफी पर हर जिले की रिपोर्ट तैयार करने का आदेश Last Updated:June 13, 2026, 17:22 IST गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर देशभर में पिछले कुछ सालों में कई जगहों पर हुए जनसंख्या अनुपात बदलाव का आंकलन करने के लिए एक कमीशन बनाया गया है जिसकी बैठक आज गृह मंत्री के साथ हुई थी. ख़बरें फटाफट अमित शाह ने अधिकारियों को डेमोग्राफी चेंज पर स्पष्ट आदेश दिया है. (फाइल फोटो) नई दिल्ली. डेमोग्राफी चेंज यानि जनसंख्या अनुपात में बदलाव जिसकी जानकारी सरकार और अन्य एजेंसियों को समय समय पर मिल रही है उस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने डेमोग्राफी चेंज पर बनाए गए कमीशन के बैठक की अध्यक्षता की. गृह मंत्री अमित शाह ने कमीशन के सदस्यों को आदेश दिया कि सीमावर्ती इलाकों मेट्रो और इंडस्ट्रियल एरिया जो देशभर में हैं उनका दौरा कमीशन के सदस्य करें और एक रिपोर्ट बनाएं कि ऐसी जगहों पर पिछले कुछ सालों में जनसंख्या अनुपात में कितना बदलाव हुआ है. About the Author अमित पांडेयविशेष संवाददाता अमित पांडेय News 18 इंडिया से करीब डेढ़ दशक से जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के अपने इस करियर में उन्होंने क्राइम, कोर्ट, गृह मंत्रालय और संसद की गतिविधियों की रिपोर्टिंग की है. अभी स्पेशल करिस्पांडेट के तौर पर गृह…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi Source link

झारखंड

बेकार सुजनी से बनाया फैशनेबल कोट, Gen-Z के कपड़ों में लगाया मधुबनी...

Last Updated:June 13, 2026, 08:16 IST Ranchi Gauri’s Innovative Fashion: रांची की गौरी ने मॉडर्न कपड़ों को ऐसा ट्रेडिशनल टच दिया है कि उनके बनाए कपड़े पूरे देश के साथ-साथ, कनाडा तक डिलीवर हो रहे हैं. वे सुजनी जैसी बेकार पड़ी चीजों से कोट बनाती हैं, शर्ट्स, क्रॉप टॉप वगैरह पर मधुबनी पेंटिंग करती हैं. उनका कलेक्शन युवाओं को खासतौर पर पसंद आ रहा है. ख़बरें फटाफट रांची. क्रिएटीविटी कई तरह की होती है पर जब बेकार मान ली गई चीजों का बेहतरीन इस्तेमाल कर लिया जाए तो ऐसी रचनात्मकता की बात ही कुछ और होती है. जैसे रांची की गौरी को ही लें. वे बच्चों को सुलाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सुजनी से इतने सुंदर कोट बनाती हैं कि जेन जी भी उनके फैन बन गए हैं. गौरी बताती है, बिहारी घरों में खासतौर पर बच्चों को सुलाने के लिए सुजनी हाथ से बनायी जाती है, जो बाद में बेकार हो जाती है. हमने बस उसी सुजनी से फैशनेबल कोट बनाया है और कई सारे टॉप बनाए हैं. इसके अलावा आजकल के युवाओं को ध्यान में रखते हुए क्रॉप टॉप, ट्रेंच कोट इन सारी चीजों पर हमने मधुबनी पेंटिंग की है. जिससे आजकल के युवाओं के फैशन में ट्रेडिशनल पेंटिंग का भी तड़का लग गया है. गौरी बताती हैं, हमारे साथ 40 आर्टिस्ट जुड़े हुए हैं, जो हैंड प्रिंटिंग का काम करते हैं. हमारे पास आपको ऐसे यूनिक कलेक्शन मिलेंगे जो शायद ही आपने कभी कहीं देखा होगा. आलम यह है कि कनाडा से ऑर्डर आते हैं और पैन इंडिया डिलीवरी होती है. घर से ही शुरू किया सफरराजधानी रांची के कांके की रहने वाली गौरी बताती हैं, मैंने अपने घर से ही यह काम शुरू किया. अब हमारा ऑफिशियल वेबसाइट व इंस्टाग्राम पेज सब कुछ है. क्योंकि, मधुबनी पेंटिंग हमारे कल्चर का हिस्सा है. ऐसे में दादी-नानी सबको देखते आ रही हूं बनाते हुए और बाजार में कई सारे मधुबनी पेंटिंग की साड़ी और सलवार सूट आपको नजर आ जाएंगे. लेकिन युवाओं को ध्यान में रखते हुए ऐसा कुछ टॉप और शर्ट मुझे नजर नहीं आ रहा था. तब मैंने सोचा क्यों ना आजकल के युवा को ध्यान में रखते हुए फैशनेबल कोट, ट्राउजर, कुर्ती, लॉन्ग कुर्ती, ट्रेंच कुर्ती ये सारी चीजें उतारूं और इन पर खूबसूरत पेंटिंग बनाई जाए. ऐसे में जितनी भी ऑफिसर वर्ग की महिलाएं या फिर जो सरकारी नौकरी करने वाली महिलाएं व कॉर्पोरेट वर्ल्ड में काम करती हैं उनके बीच यह कुर्तियां काफी हिट हो रही हैं. युवाओं के लिए क्रॉप टॉप और फैशनेबल लूज शर्टइसके अलावा हम युवाओं के लिए क्रॉप टॉप, क्रॉप शर्ट, लूज फिटिंग शर्ट ये सारी चीजें बनाते हैं. इनमें खूबसूरत मधुबनी पेंटिंग आर्ट देखने को मिलेगी. राम और सीता की जोड़ी देखने को मिलेगी. मछली और शादी की हो रही पवित्र रस्म और सिंदूर दान जैसी चीज आपको अपने शर्ट पर देखने को मिलेगी, जो आपको भीड़ से एकदम अलग यूनिक लुक देगी. यही कारण है कि एक बार जो हमसे सामान ले जाता है वह दोबारा हमारे पास ही लौट कर आता है. ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों जगह से हर दिन 15-20 ऑर्डर आराम से आ जाते हैं. एक टॉप की कीमत 3 से ₹5000 की रेंज में होती है. क्योंकि, इसे बनाने में बहुत मेहनत लगती है. एक-एक शर्ट में पेंटिंग करने में एक से दो दिन का वक्त लगता है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

गुमला में बाइक ने एक व्यक्ति को मारी टक्कर:सड़क क्रॉस करते वक्त...

गुमला जिले के भरनो थाना क्षेत्र अंतर्गत भरनो स्कूल चौक स्थित सर्विस रोड पर शनिवार को एक तेज रफ्तार बाइक ने सड़क पार कर रहे व्यक्ति को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक चालक सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में एक व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर किया गया है। घायलों की पहचान भरनो स्कूल चौक निवासी ठेला संचालक मोहन साहू (45), बाइक चालक खटको गांव निवासी रोपना उरांव (19) और बाइक सवार इसी गांव के महावीर उरांव (18) के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद मोहन साहू की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रिम्स रांची भेजा गया, जबकि रोपना उरांव और महावीर उरांव को सदर अस्पताल गुमला रेफर किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोहन साहू दुकान से प्याज खरीदकर अपने घर की ओर सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान सिसई की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मोहन साहू सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक चालक रोपना उरांव और पीछे बैठे महावीर उरांव भी बाइक समेत सड़क पर गिरकर घायल हो गए। दुर्घटनाग्रस्त बाइक कुछ दूर तक घिसटते हुए गई और एक कार से भी टकरा गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल घायलों की मदद की और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर भरनो पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। ग्रामीणों और पुलिस के सहयोग से तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरनो पहुंचाया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने स्कूल चौक और आसपास के क्षेत्रों में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाने तथा सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। Source link

झारखंड

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ पहुंचे देवघर:बाबा बैद्यनाथ मंदिर में की पूजा,...

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ शनिवार को देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। उनके आगमन को लेकर मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें बाबा मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कराया गया। मंत्री संजय सेठ ने श्रद्धापूर्वक जलार्पण एवं पूजा कर देश और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए संजय सेठ ने कहा कि वे बाबा बैद्यनाथ के दरबार में आशीर्वाद लेने आए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने बाबा भोलेनाथ से विशेष आशीर्वाद मांगा। उनकी प्रार्थना रही कि देश मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर बने। देश ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की रक्षा राज्य मंत्री ने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में देश ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। संजय सेठ ने बताया कि दुनिया के कई हिस्सों, विशेषकर मध्य-पूर्व के देशों में प्रतिकूल परिस्थितियां होने के बावजूद भारत आर्थिक, सामाजिक और सामरिक क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गरीबों, महिलाओं और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। करोड़ों परिवारों को शौचालय, आवास, गैस कनेक्शन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिला है। महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर भी सरकार लगातार कार्य कर रही है। मंदिर में पूजा के बाद संजय सेठ भाजपा कार्यालय भी पहुंचे। वहां उन्होंने फलदार पौधों का रोपण किया और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत एवं सम्मान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। Source link

ताज़ा खबर

400 साल पुरानी शाही बावड़ी, जिसमें छिपा है इंजीनियरिंग का अनोखा चमत्कार;...

Last Updated:June 13, 2026, 16:16 IST Royal Stepwell of Golconda Fort: हैदराबाद के ऐतिहासिक गोलकोंडा किले में स्थित शाही बावड़ी आज भी अपनी अनूठी बनावट और रहस्यमयी इतिहास के कारण पर्यटकों को आकर्षित करती है. यह किले की सबसे बड़ी पानी की बावड़ी मानी जाती है, जो कुतुबशाही शासनकाल की उन्नत जल प्रबंधन प्रणाली का बेहतरीन उदाहरण है. इतिहासकारों के अनुसार बावली के बीच कभी एक सुंदर फव्वारा हुआ करता था, जिसके आसपास शासक बैठकर प्राकृतिक वातावरण और पानी की फुहारों का आनंद लेते थे. यह बावड़ी केवल सौंदर्य का केंद्र नहीं थी, बल्कि पूरे किले तक पानी पहुंचाने का प्रमुख स्रोत भी थी. ख़बरें फटाफट हैदराबाद. इतिहास के पन्नों को समेटे भाग्यनगर यानी हैदराबाद का ऐतिहासिक गोलकोंडा किला आज भी अपने भीतर कई ऐसे रहस्य और अचंभे छुपाए हुए हैं, जिन्हें देखकर लोग दंग रह जाते हैं. स्थापत्य कला और बेहतरीन इंजीनियरिंग के तालमेल का ऐसा ही एक उदाहरण इस किले के भीतर स्थित शाही बावड़ी है, जो पर्यटकों के लिए हमेशा से चर्चा का विषय रही है. यह बावड़ी न सिर्फ इस दुर्ग की सबसे बड़ी पानी की बावड़ी है बल्कि यह कुतुबशाही दौर के शाही वैभव और उनकी उन्नत जल प्रबंधन प्रणाली की जीती-जागती गवाही भी देती है. इतिहासकारों और स्थानीय जानकारों के मुताबिक, इस विशाल बावड़ी की गहराई बहुत ज्यादा है. प्राचीन काल में इस पूरी बावड़ी के ठीक बीचों-बीच एक बेहद खूबसूरत और कलात्मक फव्वारा हुआ करता था. किले के सुल्तान और राजा अक्सर इसके सामने बने ऊंचे सुरक्षित स्थानों पर बैठकर ठंडी हवाओं के साथ इस फव्वारे के नयनाभिराम दृश्यों और पानी की फुहारों का आनंद लिया करते थे. मनोरंजन और खूबसूरती से अलग, इस बावड़ी का मुख्य काम बेहद रणनीतिक और जरूरी था. सलीके से बनाई गई प्राचीन सीढ़ियां आज भी सुरक्षित हैं पुराने समय में इस गहरी बावड़ी से ही प्राचीन स्वदेशी तकनीकों का उपयोग करके पूरे गोलकोंडा किले के भीतर पानी की निर्बाध सप्लाई की जाती थी. दुर्ग की अत्यधिक ऊंचाई पर होने के बावजूद इस अनूठी व्यवस्था से महल के कोने-कोने तक पानी पहुंचता था. वर्तमान में इस बावड़ी की बनावट को देखा जाए, तो इसके एक तरफ नीचे पानी तक उतरने के लिए बेहद सलीके से बनाई गई प्राचीन सीढ़ियां आज भी सुरक्षित हैं. चूंकि इसकी गहराई काफी ज्यादा है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से यह जगह संवेदनशील मानी जाती है. पर्यटकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है यह कदम पुरातत्व विभाग ने इसी वजह से आम पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस गहरी बावड़ी के चारों तरफ एक मजबूत सुरक्षा दीवार का निर्माण करा दिया है. इस दीवार के बनने से यहां आने वाले लोग और बच्चे बिना किसी खतरे के इस ऐतिहासिक और बेजोड़ धरोहर को करीब से निहार सकते हैं. गोलकोंडा किला घूमने आने वाले हर मुसाफिर के लिए यह बावड़ी अतीत के किसी सुनहरे सफर जैसी महसूस होती है. About the Author deep ranjan दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Hyderabad,Telangana Source link

झारखंड

जिस महुआ से बनता है एल्कोहल, उसी से शुगर-फ्री कुकीज-चॉकलेट बना रहीं...

Last Updated:June 13, 2026, 09:03 IST Mahua Chocolate & Cookies: रांची की सलोनी और उनकी टीम महुआ से कुकीज, चॉकलेट और सिरप जैसे बहुत से हेल्दी आइटम बना रही हैं. इन कुकीज और चॉकलेट की खासियत यह है कि ये बेहद कम कैलोरी में तैयार होती हैं और शुगर न के बराबर होती है. इससे डायबिटीज पेशेंट्स, कैलोरी कांशस लोग बिना गिल्ट इनका सेवन कर सकते हैं. ख़बरें फटाफट रांची. खूंटी के जंगलों में खासतौर पर महुआ का पेड़ बहुत पाया जाता है. महुआ झारखंड में विशेष पर शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होता है. लेकिन गांव की महिलाएं इससे चॉकलेट और बिस्किट बना रही हैं, जो खाने में काफी स्वादिष्ट हैं. इनमें कैलोरी की मात्रा न के बराबर होती है और शुगर भी नहीं होती. इसीलिए ये डायबिटीज के पेशेंट के लिए भी अच्छे माने जाते हैं. साथ ही इनमें प्रोटीन और दूसरे जरूरी विटामिन का भंडार भी होता है. सारे प्रोडक्ट को दिखाते हुए सलोनी बताती हैं, खूंटी के जंगलों से खासतौर पर हम महिलाओं द्वारा यह चुनकर मंगवाते हैं. पहले ये महिलाएं इसी की शराब बनाती थी और बेचती थी. लेकिन इससे ना उनको अधिक मुनाफा होता था और यह समाज के लिए भी सही नहीं था. ऐसे में हमने महुआ में एक्सपेरिमेंट किया और आज चॉकलेट से लेकर कुकीज तक इससे बनवा रहे हैं. खाने में भी लगते हैं बहुत टेस्टीसलोनी बताती हैं, आप एक बार खाकर देखिए, आप नहीं बोल पाएंगे कि महुआ का है, खाने में तो बड़े ब्रांड के चॉकलेट को टक्कर देता है, डायबिटीज पेशेंट चाहे जितना खा लें. क्योंकि, इसमें कैलोरी 5 से 10 है, इससे अधिक नहीं. हमने इस पर रिसर्च भी की है. हमारे पास इसकी कैंडी, अचार व सिरप तक मिलेगा. मतलब आपको केक में कोई अलग फ्लेवर खाना है, तो आप इसके सिरप का इस्तेमाल कर सकते हैं. शुद्धता और सफाई का खास ध्यान रखते हैंशराब बनाने वाली चीज से महिलाओं द्वारा इतनी सारी चीज बनवाने का काम कर रहे हैं. इससे लगभग 300 महिलाओं को भी रोजगार और इनकम दोनों मिल रहा है. हमारा अपना क्लस्टर है, जहां से हम ये सारी चीजें लेकर आते हैं, महिलाएं अपने हाथों से ये सारी चीजें तैयार करती हैं. जिसमें शुद्धता और सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है. क्या होती है कीमतअगर आपको इनकी कुकीज लेनी है, तो इसकी कीमत ₹50-100 की रेंज में होती है. वहीं, चॉकलेट भी इसकी रेंज में है. यानी 50 से 100 के अंदर आपको कैंडी से लेकर चॉकलेट हर एक चीज देखने को मिल जाएगी. अगर सिरप लेनी है, तो 200-250 रुपये कीमत होती है. आप अपने बजट और जरूरत के मुताबिक खरीदारी कर सकते हैं. महुआ से ऐसे आइटम बनाना इनोवेटिव तो है ही साथ ही कैलोरी कांशस और शुगर पेशेंट्स के लिए किसी वरदान जैसा है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

रामगढ़ में गैस रिसाव से चार युवकों की मौत:बंद खदान में उत्खनन...

रामगढ़ जिले के गिद्दी-रामगढ़ सीमावर्ती वन क्षेत्र में एक बंद खदान में गैस रिसाव से चार लोगों की मौत हो गई। यह घटना तब हुई, जब ये लोग खदान के भीतर उत्खनन कार्य कर रहे थे। मृतकों की पहचान आशीष रजवार (25), किशोर रवानी (35), देवा कुमार बेदिया (25) और डब्लू बेदिया (30) के रूप में हुई है। घटना के वक्त सबसे पहले एक युवक गैस रिसाव की चपेट में आया और वहीं बेहोश होकर गिर गया। एक बचाने में तीन भी आए चपेट में उसके बाकी तीन साथी उसे बचाने के लिए खदान में उतरे तो वो भी जहरीली गैस की चपेट में आकर वहीं गिर। उनके एक अन्य साथी ने गांव वालों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे। चारों युवकों को तत्काल पुलिस की मदद से अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर ने इनमें से दो को अस्पताल पहुंचने पर मृत बताया। वहीं अन्य दो ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी किए गए तैनात घटना के बाद, पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। मृतकों के परिजन भी वहां पहुंच गए हैं। चारों शवों का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक व्यक्ति को बचाने के प्रयास में बाकी तीन लोग भी गैस रिसाव की चपेट में आ गए। उनका कहना है कि इस क्षेत्र की बंद खदानों में गैस रिसाव की समस्या गंभीर है। Source link

Scroll to Top