भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Author name: scsmdos@gmail.com

झारखंड

लाइट हाउस में फ्लैट लेकर 300 लोगों ने किराए पर दिया, 232...

धुर्वा पंचमुखी मंदिर के पीछे स्थित लाइट हाउस प्रोजेक्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत जिन लाभुकों को फ्लैट आवंटित किया गया था,उसमें से सैकड़ों लोगों ने स्वयं रहने के बजाय फ्लैट को किराये पर दे दिया। 300 से अधिक आवंटियों ने अपने फ्लैट को 5 से 7 हजार रुपए प्रति माह पर किराए पर दे दिया है। इसकी सूचना मिलने के बाद निगम ने जब जांच कराई तो 232 आवंटियों को चिन्हित किया गया, जिन्होंने अपने फ्लैट को किराए पर दे दिया है। इसके बाद निगम ने संबंधित लाभुकों को नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के अंदर उक्त फ्लैट में स्वयं रहने का साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा है। चिन्हित आवंटियों को फ्लैट में स्वयं रहने का प्रमाण देना होगा। ऐसा नहीं करने पर उनके फ्लैट का आवंटन रद कर दिया जाएगा। इसके बाद लाभुकों द्वारा जमा की गई राशि भी वापस नहीं की जाएगी। क्योंकि, फ्लैट आवंटन की शर्तों का उल्लंघन करने पर आवंटन रद करने के साथ राशि जब्त करने का प्रावधान है। निगम की इस कार्रवाई के बाद लाइट हाउस के फ्लैट आवंटियों में हड़कंप मच गया है। कई लोग आनन-फानन में फ्लैट में शिफ्ट करने लगे हैं। किरायेदार को फ्लैट खाली करने का दवाब बना रहे हैं। 1008 फ्लैट यहां तैयार किए गए हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत रांची के आनी मौजा में लाइट हाउस प्रोजेक्ट का निर्माण कराया गया था। रांची में करीब 5 एकड़ जमीन पर 131 करोड़ से 1008 फ्लैट को नई तकनीक के साथ तैयार किया गया है। 8 मंजिल वाले कुल 6 टावर बनाए गए हैं। एक फ्लैट की लागत 13.29 लाख रुपए है। इसमें 6.50 लाख रुपए केंद्र व राज्य सरकार ने सब्सिडी दी है। शेष 6.79 लाख लाभुकों ने बैंक से होम लोन लेकर दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के आवंटित सभी फ्लैटों की होगी जांच नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने सभी प्रोजेक्ट के फ्लैटों की जांच का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि योजना का दुरुपयोग, आवंटित फ्लैटों को अवैध रुप से किराए पर लगाना या किसी भी प्रकार के नियम उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में जांच जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। कई लोगों ने सादे कागज पर बेचने की डील की लाइट हाउस के फ्लैटों की अभी तक रजिस्ट्री नहीं हुई है। क्योंकि, जिस जमीन पर लाइट हाउस का निर्माण किया गया है उसका न तो खतियान है न मालगुजारी रसीद। जिला अवर निबंधक ने फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए निगम को कई बार पत्र लिखकर कागजात उपलब्ध कराने के लिए कहा,लेकिन कागजात नहीं मिले। इसके बाद निबंधन महानिरीक्षक को पत्र लिखकर फ्लैटों की रजिस्ट्री करने पर मार्गदर्शन मांगा गया,लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं आया। इस वजह से एक भी फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हुई। इसके बावजूद कई फ्लैट के लाभुकों ने सादे कागज पर ही अपने फ्लैट बेच दिए। हालांकि, इसकी कोई कानूनी वैधता नहीं है। लाइट हाउस में फ्लैट लेने वाले 300 से अधिक लोगों ने अपने फ्लैट को क्रिकेट एकेडमी के खिलाड़ियों को किराए पर दे दिया तो किसी ने वाहन चालकों को। किसी ने फ्लैट में किराने की दुकान खोल ली तो कोई अवैध धंधा करने वालों को फ्लैट देकर मोटा कमाई कर रहा है। इससे लाइट हाउस में रहने वाली 350 से अधिक परिवार परेशान हैं। वहां के निवासियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सभी तरह की गलत हरकत यहां होती है। किराये पर फ्लैट देने से ही ऐसी स्थिति हुई है। Source link

ताज़ा खबर

Highest Paying Jobs in India 2026: आईटी का दौर खत्म! इस सीक्रेट...

नई दिल्ली (Highest Paying Jobs in India 2026). साल 2026 में भारत का जॉब मार्केट पूरी तरह से बदल चुका है. अगर आप सोच रहे हैं कि सिर्फ एआई (AI) और टेक फील्ड में ही सबसे ज्यादा पैसा मिल रहा है तो आप थोड़े गलत हैं. मार्केट में इस समय एक ऐसा छिपा हुआ सेक्टर है, जो सैलरी बढ़ाने के मामले में एआई से भी कहीं आगे निकल गया है. यहां नौकरी बदलने पर कर्मचारियों को 50 फीसदी तक का बंपर इंक्रीमेंट मिल रहा है. हाल ही में आई ‘माइकल पेज इंडिया सैलरी गाइड 2026’ की रिपोर्ट के मुताबिक, देश का जॉब मार्केट अब दो हिस्सों में बंट गया है. साधारण काम करने वाले लोगों के लिए सैलरी ग्रोथ थम सी गई है. लेकिन जिनके पास कोई खास या दुर्लभ हुनर है, उनके लिए कंपनियों के बीच जबरदस्त जंग छिड़ी हुई है. अगर आप कम समय में अमीर बनना चाहते हैं तो हाई पेइंग जॉब्स 2026 की जानकारी होना जरूरी है. जानिए इस साल सबसे ज्यादा पैसा किस सेक्टर में मिल रहा है. खत्म हुआ हर काम जानने वालों का जमाना कोरोना के बाद बाजार में जो उतार-चढ़ाव था, वह अब शांत हो चुका है. ज्यादातर सेक्टर्स में सालाना सैलरी हाइक अब 8% से 12% के बीच आकर सिमट गई है. इसका मतलब है कि अब उन लोगों के दिन लद गए हैं जो ‘हर काम थोड़ा-बहुत’ (Generalists) जानते थे. कंपनियों को अब ऐसे लोग चाहिए जो अपने काम के एकदम पक्के एक्सपर्ट हों. सुस्त हुई आईटी सेक्टर की रफ्तार मिडिल क्लास को अमीर बनाने वाला पारंपरिक आईटी (IT) सेक्टर इन दिनों कछुए की चाल चल रहा है. माइकल पेज की रिपोर्ट के मुताबिक, सामान्य सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और रिटेल सेक्टर में औसत सैलरी हाइक सिर्फ 6% से 10% के बीच ही रह गई है.. यानी अब कोडिंग का पुराना और रूटीन काम आपको रातों-रात अमीर नहीं बनाने वाला. एआई और डीप-टेक का 30% प्रीमियम अगर आपके पास एआई, मशीन लर्निंग, सेमीकंडक्टर या बैटरी टेक्नोलॉजी जैसी धांसू स्किल्स हैं तो आपकी चांदी है. भारत अब दुनिया का बैक-ऑफिस नहीं, बल्कि बड़ा इंजीनियरिंग हब बन रहा है. टैलेंट की भारी कमी के कारण कंपनियां इन डीप-टेक स्पेशलिस्ट्स को नौकरी बदलने पर 30% तक की एक्स्ट्रा हाइक खुशी-खुशी दे रही हैं. 50% हाइक वाला छिपा हुआ खजाना: कंस्ट्रक्शन में ESG 2026 का सबसे बड़ा सरप्राइज रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर से आया है. यहां ESG (एनवायरमेंटल, सोशल और गवर्नेंस) यानी सस्टेनेबिलिटी एक्सपर्ट्स की इतनी भारी डिमांड है कि उन्हें 35% से 50% तक की सैलरी हाइक मिल रही है. सेबी (SEBI) के सख्त नियमों के कारण हर बड़ी कंपनी को अब ग्रीन-बिल्डिंग आर्किटेक्ट और कार्बन ऑडिटर्स की जरूरत है, जिनकी फिलहाल मार्केट में भारी कमी है. हेल्थकेयर में छिपी क्रांति फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर भी इस बार आईटी से आगे निकल गया है. यहां औसतन 12% से 15% की ग्रोथ नजर आ रही है. इसकी वजह यह है कि दवाओं की खोज में अब जेनरेटिव एआई का इस्तेमाल किया जा रहा है. कंपनियां ऐसे डेटा साइंटिस्ट को मुंहमांगे दाम पर नौकरी दे रही हैं, जो मेडिकल साइंस की बेहतरीन समझ रखते हैं. इनकी डिमांड अचानक से बढ़ गई है. एक ही कंपनी में टिके रहने का नुकसान 2026 के जॉब मार्केट का एक कड़वा सच ‘लॉयल्टी टैक्स’ भी है. रिपोर्ट बताती है कि 30% से 50% की बड़ी जंप सिर्फ उन्हीं को मिल रही है जो नौकरी बदल रहे हैं. कंपनियां नया टैलेंट लाने के लिए तो खजाना खोल रही हैं, लेकिन पुराने कर्मचारियों को रोकने के लिए बजट कंजूसी से खर्च कर रही हैं. साफ है कि बाजार अब वफादारी को नहीं, बल्कि आपके हुनर को इनाम दे रहा है. Source link

झारखंड

सीआईडी ने रिम्स प्रबंधन से चार छात्रों के नामांकन पर जवाब मांगा

सीआईडी ने 24 जून को रिम्स में वर्ष 2025 में एमबीबीएस और बीडीएस में फर्जी प्रमाण पत्र मामले और टेंडर में हुई गड़बड़ी को लेकर छापेमारी की थी। अब इस मामले में सीआईडी ने रिम्स प्रबंधन से एमबीबीएस के तीन और बीडीएस के एक स्टूडेंट्स के संबंध में जवाब मांगा है। जिन स्टूडेंट्स के संबंध में सीआईडी की ओर से जवाब मांगा गया है उनमें 2025 में एमबीबीएस में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स काजल कुमारी, आशीष कुमार, पप्पू कुमार और बीडीएस में एडमिशन लेने वाली छात्रा ओली विश्वकर्मा शामिल है। इन छात्रों के जाति व विकलांगता प्रमाण पत्र जांच के लिए संबंधित जिलों को भेजे गए हैं। सफाई व्यवस्था के टेंडर मामले में भी मांगा जवाब सीआईडी ने रिम्स प्रबंधन से मुख्य अस्पताल भवन, सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, हॉस्टल व ट्रामा सेंटर में सैनिटेशन, हाउसकीपिंग और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के लिए हुए टेंडर से जुड़े सभी कागजात व प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी मांगी है। क्योंकि इस मामले में यह आरोप लगा है कि वर्ष 2025 में हुए टेंडर मामले में तकनीकी व वित्तीय रूप से अयोग्य होने के बाद भी उत्तर प्रदेश की तीन कंपनियों को पात्र घोषित किया गया। जिस समय यह टेंडर हुआ ‌उस दौरान रिम्स के तत्कालीन निदेशक डॉ. राजकुमार थे। रिम्स में सीआईडी की छापेमारी के बाद डॉ. राजकुमार ने इस्तीफा दे दिया था। मामले में भी सीआईडी गहनता से जांच कर रही है। मामले में गड़बड़ी निकलती है तो सीआइडी में केस दर्ज हो सकता है। Source link

झारखंड

फुटपाथ दुकानदारों ने घेरा नगर निगम, प्रदर्शन कर मांगा अधिकार

रांची नगर निगम की ओर से पूरे शहर में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ फुटपाथ दुकानदारों का आक्रोश अब सड़क पर आ गया। मंगलवार को सैकड़ों फुटपाथ दुकानदारों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक होते हुए निगम कार्यालय तक मार्च किया। दुकानदारों ने निगम कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन करने के बाद लोकभवन के सामने धरना दिया। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा के राज्य सचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि गरीबों की रोजी-रोटी पर बुलडोजर चलाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम स्ट्रीट वेंडर्स कानून और न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी कर रहा है। एटक के महासचिव अशोक यादव ने कहा कि यह लड़ाई केवल रोजगार की नहीं, बल्कि पथ विक्रेताओं के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की भी है। चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं रुकी तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा। मौके पर विकास वर्मा, संदीप वर्मा, संतोष रजक, मनोज महतो सहित सैकड़ों फुटपाथ दुकानदार शामिल हैं। फुटपाथ दुकानदारों की ने रखी प्रमुख मांगें फुटपाथ दुकानदारों के प्रदर्शन से रातू रोड व रेडियम रोड में जाम फुटपाथ दुकानदारों के प्रदर्शन की वजह से सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक पूरे शहर की ट्रैफिक अस्त-व्यस्त हो गई। लोकभवन से कचहरी चौक, कचहरी रोड, अल्बर्ट एक्का चौक से मेन रोड,सर्कुलर रोड में अचानक वाहनों का दवाब बढ़ गया आैर जाम लग गया। इसका असर दूसरे रूट पर भी पड़ा। रातू रोड फ्लाईआेवर, रेडियम रोड, कोर्ट कंपाउंड रोड सहित अन्य रूट पर वाहन रेंगते रहे। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस भी हांफते दिखी। Source link

ताज़ा खबर

बाल झड़ने से हैं परेशान? डॉक्टर ने बताए कारण और असरदार इलाज...

आज के दौर में बाल झड़ना केवल बढ़ती उम्र की समस्या नहीं रह गया है. बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव, पोषण की कमी और प्रदूषण के कारण कम उम्र के लोग भी हेयर फॉल से परेशान हैं. इस समस्या को लेकर होम्योपैथिक फिजिशियन डॉ. रिद्धी पांडे ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि सही कारण की पहचान कर होम्योपैथी के साथ आधुनिक एडवांस उपचार अपनाने से कई मामलों में अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं. हर 10 में से एक व्यक्ति बाल झड़ने की समस्या से परेशान होम्योपैथिक फिजिशियन डॉ. रिद्धी पांडे ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि वर्तमान समय में बाल झड़ने की समस्या बेहद आम हो चुकी है. उन्होंने कि बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता मानसिक तनाव, अनियमित खानपान और पर्यावरणीय बदलावों का सीधा असर बालों की सेहत पर पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि उनके पास आने वाले मरीजों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की होती है, जो अत्यधिक हेयर फॉल या बाल पतले होने की शिकायत लेकर पहुंचते हैं. महिलाओं में पोषण की कमी भी बड़ी वजह डॉ. पांडे ने बताया कि महिलाओं में आयरन और हीमोग्लोबिन की कमी के कारण बाल झड़ने की समस्या अधिक देखने को मिलती है. कई बार लोग पर्याप्त भोजन करने के बावजूद शरीर में पोषक तत्वों का सही तरीके से अवशोषण नहीं हो पाता, जिससे बाल कमजोर होने लगते हैं, ऐसे मामलों में केवल बाहरी उपचार ही नहीं, बल्कि शरीर के भीतर की कमी को दूर करना भी जरूरी होता है. होम्योपैथी के साथ एडवांस ट्रीटमेंट का सहारा उन्होंने बताया कि होम्योपैथी में बालों की समस्या के लिए कई प्रभावी दवाएं उपलब्ध हैं. हालांकि जिन मरीजों के सिर में बालों के बीच गैप बनने लगे हों या वे जल्दी परिणाम चाहते हों, उनके लिए केवल दवा पर्याप्त नहीं होती, ऐसे मामलों में होम्योपैथिक उपचार के साथ एडवांस तकनीकों का भी उपयोग किया जाता है, ताकि बेहतर और अपेक्षाकृत तेज परिणाम मिल सकें. माइक्रोनीडलिंग और ग्रोथ फैक्टर थेरेपी से बढ़ सकता है फायदा डॉ. रिद्धी पांडे ने बताया कि जिन मरीजों में बाल काफी कम हो चुके होते हैं, उनके लिए माइक्रोनीडलिंग जैसी तकनीक अपनाई जाती है. इस प्रक्रिया के दौरान मरीज के अपने रक्त से प्राप्त प्लेटलेट्स और ग्रोथ फैक्टर्स का उपयोग किया जाता है. उन्होंने कहा कि इससे त्वचा में कोलेजन और प्रोटीन बनने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलता है, जिससे नए बालों की ग्रोथ और पुराने बालों की मजबूती में मदद मिल सकती है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया पारंपरिक सर्जिकल हेयर ट्रांसप्लांट जैसी नहीं होती, बल्कि माइक्रोनीडलिंग के जरिए त्वचा की ऊपरी परत तक काम किया जाता है. पतले बालों के लिए ओजोन थेरेपी भी विकल्प डॉक्टर ने बताया कि जिन मरीजों में बाल झड़ने के साथ-साथ बाल बेहद पतले हो गए हों, खासकर टेलोजन एफ्लुवियम जैसी स्थिति में, वहां ओजोन सेशन का उपयोग किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इससे बालों की थिकनेस बेहतर करने में मदद मिलती है और स्कैल्प की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलता है. 3 से 4 महीने में 6 सेशन की जरूरत डॉ. पांडे ने बताया कि बालों से जुड़े एडवांस उपचारों में धैर्य रखना बेहद जरूरी है. सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम के लिए 3 से 4 महीने के भीतर कम से कम 6 सेशन लेने की सलाह दी जाती है. उन्होंने कहा कि मरीज के अपने रक्त से प्राप्त ग्रोथ फैक्टर्स का उपयोग प्रभावी माना जाता है और कई मामलों में इससे सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं. Source link

झारखंड

आज 8 जिलों में बारिश व आंधी-बिजली का अलर्ट:बंगाल की खाड़ी के...

बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव वाले क्षेत्र का असर झारखंड पर दिखने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आजरांची सहित खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा जिले में भारी बारिश हो सकती है। वहीं 16 जुलाई को रांची, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा में मौसम बदलेगा। 17 जुलाई को गुमला, सिमडेगा, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा और रांची के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान वज्रपात की भी आशंका है, जिसे देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। मंगलवार को रांची में हल्की बारिश हुई, जबकि बहरागोड़ा में 22 मिमी और जमशेदपुर में 4.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसी दिन रांची का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री, जमशेदपुर का 32.4 डिग्री, मेदिनीनगर का 35.4 डिग्री और बोकारो का 32.1 डिग्री सेल्सियस रहा। 41% कम बारिश, कुछ जिलों में उमस बढ़ेगी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 1 जून से 14 जुलाई 2026 तक राज्य में सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस अवधि में सामान्यतः 326 मिमी वर्षा होती है, लेकिन अब तक केवल 193.2 मिमी ही रिकॉर्ड की गई है। रांची में भी 22 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जहां सामान्य 336.3 मिमी के मुकाबले 263.8 मिमी वर्षा हुई है। जिन क्षेत्रों में बारिश कम होगी, वहां गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है। पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा और कोडरमा में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इन जिलों में दोपहर के समय उमस अधिक महसूस होगी, हालांकि शाम तक मौसम बदलने से राहत मिलने की संभावना है। कहीं सुहावना मौसम, तो कहीं आंधी-बिजली बारिश के प्रभाव से रांची, सिमडेगा, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम और नेतरहाट क्षेत्र में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और सुहावना रहेगा। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने और ठंडी हवाएं चलने से लोगों को राहत मिलेगी। वहीं पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, खूंटी, बोकारो, दुमका और पाकुड़ में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है। पिछले 24 घंटे में साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, पश्चिमी और पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, पलामू, गिरिडीह और गुमला में अच्छी बारिश दर्ज हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, खराब मौसम में सुरक्षित स्थान पर रहने और स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। Source link

झारखंड

टेरर फंडिंग: माओवादी चंदन के खिलाफ एनआईए की तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट

झारखंड और बिहार में नक्सलियों के आर्थिक तंत्र को ध्वस्त करने में जुटी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। टेरर फंडिंग और माओवादी संगठनों को पुनर्जीवित करने के मामले में एनआईए ने रांची स्थित विशेष अदालत में छठे आरोपी, माओवादी चंदन कुमार के विरुद्ध तीसरा पूरक आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। मूल रूप से बिहार के जहानाबाद जिले का रहने वाला चंदन कुमार प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के मगध जोन को फिर से सक्रिय करने और ठेकेदारों से जबरन भारी-भरकम लेवी वसूलने के सिंडिकेट में मुख्य भूमिका निभा रहा था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में एनआईए पांच आरोपितों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। माओवादी चंदन कुमार कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। एनआईए की रांची स्थित विशेष अदालत ने उसे फरार घोषित कर दिया था और अक्टूबर 2023 में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। लगातार पीछा कर रही एनआईए की टीम ने आखिरकार जनवरी 2026 में उसे महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा। जांच में यह भी सामने आया है कि वह अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए अलग-अलग जेलों में बंद खूंखार नक्सलियों और उनके मददगार ओवर ग्राउंड वर्कर्स से भी संपर्क साधने की बड़ी योजना पर काम कर रहा था। इस पूरे नेक्सस को लेकर एनआईए की तफ्तीश अभी जारी है। एनआईए ने इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए दिसंबर 2021 में रांची शाखा में (कांड संख्या आरसी-05/2021/एनआइए/आ रएनसी) मामला दर्ज किया था। एनआईए की जांच में यह खुलासा हुआ कि चंदन कुमार मगध क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों को तेज करने के लिए फंड जुटा रहा था। वह हिंसा के रास्ते संगठन की विचारधारा को फैलाने के लिए पुराने और निष्क्रिय हो चुके कैडरों को दोबारा नक्सली संगठन में शामिल होने के लिए उकसा रहा था। जांच में पाया गया कि विकास कार्यों से जुड़े ठेकेदारों से डरा-धमका कर भारी मात्रा में फंड (लेवी) इकट्ठा किया गया। एनआईए ने इस मामले की शुरुआती प्राथमिकी में ही माओवादियों के शीर्ष चेहरों को नामजद किया था। इनमें 25 लाख रुपए का इनामी माओवादी और स्पेशल एरिया कमेटी (सैक) सदस्य प्रद्युमन शर्मा, सक्रिय सशस्त्र दस्ता सदस्य योगेंद्र रविदास, नागेंद्र गिरी, माओवादियों का मुख्य हथियार सप्लायर अभिनव उर्फ गौरव उर्फ बिट्टू और धनंजय पासवान शामिल हैं। चंदन कुमार इस केस में छठा चार्जशीटेड आरोपी बना है। Source link

ताज़ा खबर

Aaj Ka Mausam | Today Weather News: 60 घंटे में मानसून फिर...

Today Weather News: मानसून की चाल कई राज्यों में धीमी हो गई. लोग एक बार फिर आसमान की ओर देख रहे हैं. बादल तो दिख रहे हैं लेकिन कई राज्यों में बारिश नहीं हो रही है. इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने मौसम को लेकर नया अलर्ट जारी किा है. IMD के अनुसार अगले 60 घंटे देश के कई राज्यों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं. बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनने जा रहे संभावित लो प्रेशर एरिया की वजह से मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने वाला है. इसका असर केवल बारिश तक सीमित नहीं रहेगा. कई राज्यों में तेज आंधी, वज्रपात, अचानक बाढ़, जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं. जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मानसून का यही फेज सबसे ज्यादा असर दिखा सकता है. ऐसे में जिन इलाकों में पिछले कुछ दिनों से गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी, वहां मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है. हालांकि राहत वाली बारिश कई जगह मुश्किलें भी साथ लाएगी. खासकर नदियों के किनारे बसे इलाके, पहाड़ी क्षेत्र और शहरी जलभराव वाले शहरों में प्रशासन और लोगों दोनों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होगी. मौसम विभाग के अनुसार 22 राज्यों में अलग-अलग स्तर की भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा. वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में 17 जुलाई से भारी बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है. दूसरी ओर, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे उत्तर-पश्चिमी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बहुत ज्यादा बारिश की उम्मीद नहीं है, लेकिन मौसम में अचानक बदलाव और तेज हवाएं लोगों को चौंका सकती हैं. बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश के कारण बाढ़ और जलभराव का खतरा भी बढ़ने वाला है. ऐसे में मौसम विभाग लगातार स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है. ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में सबसे ज्यादा खतरा माना जा रहा है. (PTI) देशभर के मौसम की तस्वीर देखें तो साफ है कि मानसून का अगला भारी तबाही लाने वाला है. जहां एक ओर पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर में मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी, वहीं पश्चिम और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाली मौसमी प्रणाली अगले कुछ दिनों में पूरे मानसून के ट्रैक को प्रभावित करेगी. IMD के अनुसार 15 से 20 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ समेत 22 राज्यों में कहीं भारी तो कहीं बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है. कुछ इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है. दिल्ली-NCR में बादल लेकिन बारिश का इंतजार जारी दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी दिखाई दे रही है. मौसम विभाग के मुताबिक 15 से 19 जुलाई तक आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना नहीं है. 15 जुलाई को अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. 16 जुलाई को भी मौसम लगभग ऐसा ही रहेगा. 17 से 19 जुलाई के बीच बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन बारिश के आसार बेहद कम हैं. ऐसे में राजधानी में लोगों को गर्मी और उमस से अभी पूरी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का डबल अलर्ट उत्तर प्रदेश में मौसम तेजी से करवट लेने वाला है. IMD ने पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, हरदोई, शाहजहांपुर, बाराबंकी, लखनऊ, रायबरेली, कानपुर, इटावा, जालौन, बांदा, आगरा, औरैया और हमीरपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है. प्रयागराज और आसपास के इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान. (PTI) बिहार के सीमांचल में मूसलाधार बारिश, कई जिलों में बाढ़ का खतरा बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो रहा है. मौसम विभाग ने अररिया और किशनगंज में अत्यधिक बारिश की चेतावनी जारी की है. इसके अलावा समस्तीपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा, भागलपुर, बांका और बेगूसराय समेत कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है. लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. हालांकि पटना, गया और नालंदा में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है. पश्चिम बंगाल में बंगाल की खाड़ी का असर, कई जिलों में भारी बारिश पश्चिम बंगाल में मानसून सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाला है. अलीपुर मौसम केंद्र ने कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. राज्य के कई हिस्सों में येलो वॉर्निंग लागू है. 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बना रहेगा. राजस्थान में फिलहाल कमजोर रहेगा मानसून, लेकिन धूलभरी आंधी करेगी परेशान राजस्थान में फिलहाल दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना नहीं है. हालांकि बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है. 16 और 17 जुलाई को उदयपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में भी हल्की वर्षा के आसार हैं. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे

झारखंड

झारखंड में आज मौसम का डबल अटैक! रांची, धनबाद… 13 जिलों में...

रांची: झारखंड में मानसून सक्रिय बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार आज झारखंड के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवा चलने की अलर्ट जारी है. पूर्वी, दक्षिणी और मध्य झारखंड के जिलों में बारिश की गतिविधियां अधिक रहने का अनुमान है, जबकि उत्तर-पश्चिमी जिलों में उमस और अपेक्षाकृत अधिक तापमान दर्ज किया जा सकता है. आज रांची, धनबाद और पाकुड़ समेत 13 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.  वहीं, पलामू, गढ़वा, लातेहार में तापमान 33 डिग्री से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. ऐसे में लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है. झारखंड के इन जिलों में होगी बारिश  आज रांची, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, रामगढ़, धनबाद, गिरिडीह, दुमका, पाकुड़ और साहिबगंज में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है. कई स्थानों पर बादल छाए रहने और रुक-रुक कर वर्षा होने का अनुमान है. झारखंड में आईएमडी का बारिश का अलर्ट झारखंड के इन जिलों में तापमान रहेगा अधिक आज झारखंड में जहां बारिश कम होगी, वहां गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है. ऐसे में पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा और कोडरमा में अधिकतम तापमान लगभग 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. इन जिलों में दोपहर के समय उमस अधिक महसूस हो सकती है, हालांकि शाम तक मौसम बदलने की संभावना बनी रहेगी. ऐसे में लोगों को गर्मी से राहत भी मिल सकती है. जानें आज कहां रहेगा सबसे सुहावना मौसम बारिश के कारण रांची, सिमडेगा, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम और नेतरहाट क्षेत्र में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और सुहावना रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से कम रह सकता है और बीच-बीच में ठंडी हवाएं चलने से लोगों को राहत मिलेगी। झारखंड के इन जिलों में आंधी और बिजली गिरने का खतरा झारखंड में आज मौसम विभाग ने पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, खूंटी, बोकारो, दुमका और पाकुड़ सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की आशंका जताई है. ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है. कल झारखंड के इन जिलों में हुई बारिश झारखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, पलामू, गिरिडीह और गुमला सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई. वहीं, कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी रिकॉर्ड हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस से राहत मिली. आज आईएमडी की लोगों के लिए सलाह आज झारखंड के जिन जिलों में गरज-चमक और बारिश की संभावना है, वहां अनावश्यक यात्रा से बचें. खेतों या खुले स्थानों में काम करने वाले लोग मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं. वाहन चलाते समय तेज बारिश और कम दृश्यता को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतें. मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है. साथ ही लोगों से सावधान रहने की बात कही है. Source link

झारखंड

दो करोड़ की साइबर ठगी में जमशेदपुर का राजदीप सीबीआई की हिरासत...

चंडीगढ़ के रिटायर्ड बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हुई दो करोड़ रुपए की साइबर ठगी मामले में सीबीआई मंगलवार को जमशेदपुर पहुंची। चंडीगढ़ सीबीआई की टीम ने झारखंड सीबीआई के सहयोग से गोलमुरी के टुईलाडूंगरी सरस्वती नगर में छापेमारी कर राजदीप सिंह को हिरासत में लिया। उससे गोलमुरी थाना में पूछताछ की जा रही है। सीबीआई के अनुसार, ठगी में इस्तेमाल किया गया सिम राजदीप सिंह उर्फ अर्जुन सिंह के नाम पर जारी था। इसी आधार पर जांच टीम उसके घर पहुंची। राजदीप ने जांच टीम को अपना आधार कार्ड, कोटक महिंद्रा बैंक की पासबुक और अन्य दस्तावेज सौंपे हैं। सीबीआई इन दस्तावेजों और उसकी भूमिका की जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधियों ने चंडीगढ़ निवासी रिटायर्ड कार्यपालक अभियंता सुखमिंदर सिंह के खाते से रिटायरमेंट की राशि दो करोड़ रुपए नौ बार में निकाली। इसके बाद रकम को 60 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। सीबीआई टीम के सदस्य कर्मदीप सिंह ने बताया कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जसबीर के घर भी पहुंची टीम, बाद में बताई गलतफहमी : कार्रवाई के दौरान सीबीआई की दूसरी टीम टुईलाडूंगरी निवासी जसबीर सिंह के घर भी पहुंची। टीम ने वहां पूछताछ और जांच की। हालांकि, बाद में सीबीआई अधिकारियों ने इसे गलतफहमी बताया। जसबीर की इस मामले में कोई भूमिका है या नहीं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। राजदीप के माता-पिता ने बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल कर उसे मामले में फंसाया गया है। मां बलजीत कौर ने कहा कि सीबीआई जब घर पहुंची, तब राजदीप घर में सो रहा था। अगर उसने कुछ गलत किया होता तो वह घर से भाग जाता। उन्होंने बताया कि राजदीप पहले जोमैटो में डिलीवरी का काम करता था और पिछले दो महीने से ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा है। परिवार का दावा है कि किसी ने उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी सिम निकलवाया है। राजदीप के पिता पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि वह पिछले एक साल से ठेले पर घूम-घूमकर आइसक्रीम बेचकर परिवार चला रहे हैं। “अगर बेटे ने करोड़ों रु. का घपला किया होता तो आज भी हम टूटे-फूटे किराए के मकान में नहीं रह रहे होते।” उन्होंने जांच में बेटे की बेगुनाही सामने आने की उम्मीद जताई। Source link

Scroll to Top